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पन्ना जिले के सिमरिया अंतर्गत मड़वा घाट में सभी क्षेत्रवासियों, किसान भाइयों और युवाओं ने मिलकर धान की रोपाई कर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया है। यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि वर्षों से अधूरे पड़े मड़वा घाट निर्माण कार्य के खिलाफ किया गया है। इस प्रदर्शन के माध्यम से मांग की गई है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिल सके। विरोध दर्ज करा रहे लोगों का स्पष्ट कहना है कि जनता की इस आवाज़ को अब और अधिक अनसुना नहीं किया जा सकता।
Sitaram rai
पन्ना जिले के सिमरिया अंतर्गत मड़वा घाट में सभी क्षेत्रवासियों, किसान भाइयों और युवाओं ने मिलकर धान की रोपाई कर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया है। यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि वर्षों से अधूरे पड़े मड़वा घाट निर्माण कार्य के खिलाफ किया गया है। इस प्रदर्शन के माध्यम से मांग की गई है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिल सके। विरोध दर्ज करा रहे लोगों का स्पष्ट कहना है कि जनता की इस आवाज़ को अब और अधिक अनसुना नहीं किया जा सकता।
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- पन्ना जिले की बहुप्रतीक्षित मड़वा घाटी सड़क निर्माण की मांग को लेकर समाजसेवी नीरज बड़ागाँव सैकड़ों क्षेत्रवासियों के साथ मड़वा घाटी पहुँचे। वहां उन्होंने सड़क निर्माण में हो रही देरी के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन करते हुए प्रतीकात्मक रूप से सड़क पर धान की रोपाई की और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताया। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने बेहद आक्रोशित होकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण कार्य को तत्काल शुरू कराने की मांग करते हुए “विधायक मुर्दाबाद”, “सांसद मुर्दाबाद”, “ठेकेदार मुर्दाबाद” तथा “जिम्मेदार अधिकारियों मुर्दाबाद” के नारे लगाए। इस अवसर पर समाजसेवी नीरज बड़ागाँव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यह निर्माण कार्य वर्षों से क्यों बंद पड़ा है, ठेकेदार को किसका संरक्षण प्राप्त है, और विधायक व सांसद इस मुद्दे पर मौन क्यों हैं? उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र की जनता को इन कारणों का जवाब मिलना ही चाहिए। वर्षों से अधूरे पड़े इस मार्ग के कारण क्षेत्र के किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को करीब 60 से 80 किलोमीटर तक की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उनके समय, धन और ईंधन की बर्बादी हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि मड़वा घाटी सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।2
- पन्ना जिले के अजयगढ़ में हाई स्कूल परीक्षा में प्रदेश स्तर पर चौथा स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली मेधावी छात्रा प्रियंका यादव को शिवलाल अग्रवाल एंड कंपनी द्वारा सम्मानित किया गया है। शासकीय पीएम श्री कन्या शाला अजयगढ़ की छात्रा प्रियंका ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा में 500 में से 496 अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में चौथा स्थान हासिल किया था। विद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में मेधावी छात्रा प्रियंका यादव को 5100 रुपये का चेक, शील्ड, कॉपी, किताबें और स्कूल बैग भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिला उपाध्यक्ष शीलू श्रीवास्तव, नवागत खंड शिक्षा अधिकारी, विद्यालय के प्राचार्य, पार्षद, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। समारोह के दौरान वक्ताओं ने प्रियंका की इस बड़ी सफलता को अन्य विद्यार्थियों के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया। इस गरिमामयी कार्यक्रम का संचालन शिक्षक नीलेश गुप्ता ने किया, जबकि कार्यक्रम के अंत में शिवलाल प्रकाशन के प्रतिनिधि ओमवीर ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- मध्य प्रदेश में वन विभाग की इस मनमानी और दमनकारी कार्रवाई पर सीधा सवाल उठाया गया है कि आखिर विभाग को ये अधिकार किसने दिए हैं। वन विभाग द्वारा जंगल से मुरम, पत्थर या रेत ढोने के नाम पर, या फिर झूठा पीओआर (POR) दर्ज कर आम लोगों के 10 लाख रुपये के कीमती ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया जाता है। इसके बाद पीड़ित परिवारों के वाहन कोर्ट के चक्कर लगाते-लगाते और पेशी पर पेशी भुगतते हुए खड़े-खड़े ही नष्ट हो जाते हैं। इस पूरी व्यवस्था में दोषी अधिकारियों का कुछ नहीं बिगड़ता, जबकि आम लोग पूरी तरह बर्बाद होकर भिखारी बन जाते हैं।1
- सतना में हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से तो राहत दी है, लेकिन इसके साथ ही शहर के 'ओवर स्मार्ट सिटी' होने के दावों की भी पोल खोल दी है। मौसम विभाग ने पहले ही बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई थी। बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में नालियां ओवरफ्लो हो गईं और सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया, जिससे आम नागरिकों, दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आक्रोश है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए स्मार्ट सिटी के दावे पहली ही तेज बारिश में धराशायी हो गए हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया और यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस बदहाली पर एन.डी. न्यूज़ चैनल सतना ने सीधा सवाल उठाया है कि जब पहली ही बारिश में शहर की सड़कें तालाब बन जाएं, तो आखिर 'स्मार्ट सिटी' का सपना कब पूरा होगा?2
- सतना के अमरपाटन में रामनगर रोड चौराहे पर संदीपनी विद्यालय के सामने छात्र-छात्राओं और नवयुवकों ने सोनम वांगचुक को अपना समर्थन देने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के संबंध में तहसीलदार आर डी साकेत को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और नवयुवक मौजूद रहे।1
- सतना में एक तरफ जहां पुलिस नशा मुक्ति अभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ स्टेशन रोड पर 11:44 बजे दुकान खोलकर शराब बेची जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम का लोकेशन और टाइम के साथ वीडियो भी सामने आया है। बताया गया है कि शहर की सभी दुकानों में 11:30 के बाद शराब बेची जाती है और इस दौरान ग्राहकों से महंगी दरें वसूली जाती हैं। आरोप है कि आबकारी विभाग और शराब ठेकेदार मिलकर लोगों को नशा बांट रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए अब देखना होगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही यह गंभीर सवाल भी उठाया गया है कि क्या इसी तरह से नशा मुक्ति अभियान सफल होगा।1
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुनौर-सकरिया मार्ग पर ककरहटी पेट्रोल पंप के पास सोमवार सुबह एक अनियंत्रित ट्राले ने सरस्वती ज्ञान विद्या मंदिर विद्यालय की बस को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बस में सवार करीब 30 छात्र-छात्राओं में से 10 बच्चे घायल हो गए हैं। सभी घायल बच्चों को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया है। घायलों में से एक बच्चे के हाथ में दो स्थानों पर गंभीर चोट आई है। घटना के समय विद्यालय की बस गुनौर से छात्रों को लेकर वापस ककरहटी लौट रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद ट्राला चालक शराब के नशे में धुत था और ठीक से बात करने की स्थिति में भी नहीं था। हालांकि, चालक के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि पुलिस या चिकित्सीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय नागरिकों और विद्यालय प्रबंधन ने ककरहटी पुलिस चौकी पहुंचकर लिखित आवेदन दिया है और पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त लहजे में मांग की है कि स्कूल के समय यानी सुबह 6 बजे से 9 बजे तक भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू की जाए और गति सीमा का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।4
- पन्ना जिले के सिमरिया अंतर्गत मड़वा घाट में सभी क्षेत्रवासियों, किसान भाइयों और युवाओं ने मिलकर धान की रोपाई कर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया है। यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि वर्षों से अधूरे पड़े मड़वा घाट निर्माण कार्य के खिलाफ किया गया है। इस प्रदर्शन के माध्यम से मांग की गई है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिल सके। विरोध दर्ज करा रहे लोगों का स्पष्ट कहना है कि जनता की इस आवाज़ को अब और अधिक अनसुना नहीं किया जा सकता।1