मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुनौर-सकरिया मार्ग पर ककरहटी पेट्रोल पंप के पास सोमवार सुबह एक अनियंत्रित ट्राले ने सरस्वती ज्ञान विद्या मंदिर विद्यालय की बस को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बस में सवार करीब 30 छात्र-छात्राओं में से 10 बच्चे घायल हो गए हैं। सभी घायल बच्चों को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया है। घायलों में से एक बच्चे के हाथ में दो स्थानों पर गंभीर चोट आई है। घटना के समय विद्यालय की बस गुनौर से छात्रों को लेकर वापस ककरहटी लौट रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद ट्राला चालक शराब के नशे में धुत था और ठीक से बात करने की स्थिति में भी नहीं था। हालांकि, चालक के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि पुलिस या चिकित्सीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय नागरिकों और विद्यालय प्रबंधन ने ककरहटी पुलिस चौकी पहुंचकर लिखित आवेदन दिया है और पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त लहजे में मांग की है कि स्कूल के समय यानी सुबह 6 बजे से 9 बजे तक भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू की जाए और गति सीमा का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुनौर-सकरिया मार्ग पर ककरहटी पेट्रोल पंप के पास सोमवार सुबह एक अनियंत्रित ट्राले ने सरस्वती ज्ञान विद्या मंदिर विद्यालय की बस को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बस में सवार करीब 30 छात्र-छात्राओं में से 10 बच्चे घायल हो गए हैं। सभी घायल बच्चों को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया
है। घायलों में से एक बच्चे के हाथ में दो स्थानों पर गंभीर चोट आई है। घटना के समय विद्यालय की बस गुनौर से छात्रों को लेकर वापस ककरहटी लौट रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद ट्राला चालक शराब के नशे में धुत था और ठीक से बात करने की स्थिति में भी नहीं था।
हालांकि, चालक के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि पुलिस या चिकित्सीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय नागरिकों और विद्यालय प्रबंधन ने ककरहटी पुलिस चौकी पहुंचकर लिखित आवेदन दिया है और पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में भारी वाहनों
की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त लहजे में मांग की है कि स्कूल के समय यानी सुबह 6 बजे से 9 बजे तक भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू की जाए और गति सीमा का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
- पन्ना के गढ़ीपड़रिया ग्राम पंचायत अंतर्गत घुसरहा मोहल्ले में जल निगम की लापरवाही के कारण इस वर्ष भारी जलभराव की गंभीर आशंका पैदा हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम ने पुल के ऊपर बिछाई गई पाइपलाइन को ढंकने के लिए लगभग एक फीट ऊंची कंक्रीट की दीवार बना दी है। इस दीवार के खड़े होने से पुल की जल निकासी क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, बृंदाबन बांध के ओवरफ्लो होने पर हर साल पानी इस पुल के ऊपर से होकर बहता है और कई बार लोगों के घरों तक पहुंच जाता है। अब पुल की ऊंचाई पर अतिरिक्त कंक्रीट डाल दिए जाने से पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इससे न केवल घुसरहा मोहल्ले के मकानों में, बल्कि समीप स्थित स्कूल परिसर में भी पानी घुसने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे बारिश के दिनों में जनजीवन प्रभावित होने और बच्चों की पढ़ाई बाधित होने की चिंता सता रही है। इस संकट को देखते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि अधिकारी मौके का निरीक्षण कर पुल पर बनाई गई इस कंक्रीट संरचना की तकनीकी जांच करवाएं और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि बरसात के मौसम में किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि को रोका जा सके।2
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुनौर-सकरिया मार्ग पर ककरहटी पेट्रोल पंप के पास सोमवार सुबह एक अनियंत्रित ट्राले ने सरस्वती ज्ञान विद्या मंदिर विद्यालय की बस को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बस में सवार करीब 30 छात्र-छात्राओं में से 10 बच्चे घायल हो गए हैं। सभी घायल बच्चों को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया है। घायलों में से एक बच्चे के हाथ में दो स्थानों पर गंभीर चोट आई है। घटना के समय विद्यालय की बस गुनौर से छात्रों को लेकर वापस ककरहटी लौट रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद ट्राला चालक शराब के नशे में धुत था और ठीक से बात करने की स्थिति में भी नहीं था। हालांकि, चालक के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि पुलिस या चिकित्सीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय नागरिकों और विद्यालय प्रबंधन ने ककरहटी पुलिस चौकी पहुंचकर लिखित आवेदन दिया है और पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त लहजे में मांग की है कि स्कूल के समय यानी सुबह 6 बजे से 9 बजे तक भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू की जाए और गति सीमा का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।4
- पन्ना के श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर सरकार सप्तनिधि धाम मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा एवं गुरुपूर्णिमा महोत्सव के पाँचवें दिन अग्रमलूक पीठाधीश्वर पूज्य श्री राजेंद्र दास जी महाराज ने भक्तों को श्री जुगल किशोर सरकार की सेवा का आध्यात्मिक महत्व समझाया। पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह द्वारा आयोजित इस दिव्य महोत्सव में देशभर और विशेष रूप से श्रीधाम वृंदावन से 150 से अधिक संत-महात्मा पधारे हैं। श्रद्धालु यहाँ गौरीलाल कुंज के परम पूज्य किशोर दास जी महाराज के सान्निध्य में प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का अमृतमय रसपान कर रहे हैं। अपने प्रवचन के दौरान पूज्य राजेंद्र दास जी महाराज ने कहा कि श्री जुगल किशोर सरकार की सेवा की दो प्रमुख विधियाँ हैं—राग और भोग। राग का तात्पर्य समाज गायन, संकीर्तन, भजन और मधुर पदों के गायन से है जिससे ठाकुर जी प्रसन्न होते हैं, जबकि भोग का अर्थ भगवान को प्रतिदिन प्रेम, श्रद्धा और शुद्ध भाव से 56 भोग, मिष्ठान्न, पकवान, फल, मेवा और अन्य सात्विक व्यंजन अर्पित करना है। उन्होंने पन्नावासियों को याद दिलाया कि श्री जुगल किशोर सरकार ब्रज के ठाकुर हैं, इसलिए उनकी सेवा ब्रज की परंपरा के अनुरूप वर्षभर नियमित रूप से भोग, आरती, समाज गायन और संकीर्तन के माध्यम से निरंतर चलती रहनी चाहिए। पूज्य महाराज ने इस वर्ष गुरुपूर्णिमा महोत्सव के माध्यम से शुरू हुई इस दिव्य परंपरा को प्रत्येक वर्ष निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के प्रयासों की सराहना की, जिनके कारण वृंदावन के संत इतनी बड़ी संख्या में पन्ना पहुंचे हैं। उन्होंने पन्ना में वर्ष में कम से कम एक बार ऐसा आयोजन कराने का सुझाव दिया ताकि संतों के समाज गायन और संकीर्तन से जुगल किशोर सरकार प्रसन्न रहें। महोत्सव के दौरान वृंदावन से पधारे संतों द्वारा पारंपरिक समाज गायन की प्रस्तुति भी दी गई जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया। इस गरिमामयी अवसर पर चतुःसंप्रदाय अध्यक्ष, विरक्त वैष्णव परिषद श्रीधाम वृंदावन परम पूज्य श्री श्री 108 महंत सनत कुमार दास जी महाराज, श्री जुगल किशोर सरकार को प्रकट करने वाले पूज्य हिम्मत दास जी महाराज की 15वीं पीढ़ी के परम पूज्य गोस्वामी जी (किशोर बांसी धाम, वृंदावन), हीतानंद शर्मा (सह क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख), बृजकांत जी (प्रांत प्रचारक, महाकौशल प्रांत), उमेश जी (प्रांत बौद्धिक प्रमुख, महाकौशल प्रांत) सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहे।4
- पन्ना जिले के अमानगंज स्थित शासकीय महाविद्यालय में भारी अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं, जिससे छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस अव्यवस्था को लेकर सीधे तौर पर यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर बच्चों के भविष्य के साथ किए जा रहे इस खिलवाड़ और महाविद्यालय की भारी अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार कौन है?1
- सतना जिले के उचेहरा में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रसिद्ध शिक्षाविद और वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के समर्थन में स्थानीय युवाओं और छात्रों ने एक भव्य 'युवा क्रांति मशाल रैली' निकाली। यह मशाल रैली बरहा/रपटा तिराहे से शुरू होकर उचेहरा बाजार का भ्रमण करते हुए संकट मोचन हॉस्पिटल पहुँची और अंत में बस स्टैंड स्थित गांधी स्मारक पर जाकर समाप्त हुई। दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले तीन सप्ताह से सोनम वांगचुक शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त लापरवाही और तानाशाही के विरोध में शांतिपूर्ण अनशन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं का आरोप है कि इतने दिनों के कड़े संघर्ष के बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से कोई भी सकारात्मक प्रतिक्रिया या समाधान नहीं मिला है और प्रशासन पूरी तरह मौन साधे बैठा है। प्रशासन के इसी रवैये और अन्याय के खिलाफ उचेहरा के युवा एकजुट हुए। रैली में शामिल छात्रों ने 'शिक्षा बचाओ-भविष्य बचाओ' और 'शिक्षा पर तानाशाही नहीं चलेगी' के नारों से पूरे वातावरण को गुंजायमान कर दिया। छात्रों ने कड़ा संदेश दिया कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने को पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी कीमत पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। कार्यक्रम के अंत में बेहद अल्प सूचना पर एकजुट होने के लिए छात्र शक्ति का आभार जताया गया और इसे युवाओं की जागरूकता का बड़ा प्रमाण बताया गया।1
- उचेहरा में NEET पेपर लीक के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों और युवाओं ने मशाल जुलूस निकाला। यह मशाल जुलूस सोनम वांगचुंग के समर्थन में भी निकाला गया। प्रदर्शनकारियों का यह जुलूस रपटा तिराहा से प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग होते हुए बस स्टैंड स्थित महात्मा गांधी स्मारक पहुंचा और वहां राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।1
- मध्यप्रदेश की राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी द्वारा ब्राह्मण एवं राजपूत (ठाकुर) समाज के संबंध में दिए गए सार्वजनिक बयान पर स्पष्टीकरण की मांग को लेकर सामाजिक संगठनों का गुस्सा भड़क उठा है। इसी सिलसिले में विभिन्न सामाजिक संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल सतना पहुंचा। सवर्ण अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन (म.प्र.) के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अजय तिवारी के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यमंत्री से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संवाद करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर उन्हें मंत्री निवास तक जाने की अनुमति नहीं दी। मार्ग में रोके जाने के बाद, प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों के माध्यम से राज्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय ब्राह्मण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय त्रिपाठी, अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव अवधेश उर्मिलिया, और श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष भरत सिंह परिहार के साथ-साथ पन्ना, सतना, रीवा, कटनी और अन्य जिलों के कई पदाधिकारी शामिल थे। संगठनों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने 19 जुलाई 2026 को ही जिला एवं पुलिस प्रशासन को लिखित सूचना देकर यह साफ कर दिया था कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का प्रदर्शन, घेराव या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ना नहीं है, बल्कि वे केवल सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए तथ्यात्मक संवाद करना चाहते हैं। ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अजय तिवारी ने कहा कि किसी भी समाज पर बिना पर्याप्त आधार के सार्वजनिक आरोप लगाने से व्यापक सामाजिक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने राज्यमंत्री को अपने बयान पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने के लिए 15 दिन का समय दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में ऐसा नहीं किया गया, तो संगठन पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से ज्ञापन, संवाद और विरोध कार्यक्रम आयोजित करेगा। वहीं, अखिल भारतीय ब्राह्मण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय त्रिपाठी ने कहा कि किसी व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर पूरे समाज को कटघरे में खड़ा करना ठीक नहीं है। इस मौके पर पन्ना से भूपेंद्र सिंह परमार, अखिल भार्गव, आलोक खरे, धीरेन्द्र खरे, गंगाप्रसाद शर्मा, सुरेंद्र खरे, अंकित पाठक, सतीश शर्मा, कमल सिंह राजपूत, मनीष पाठक और शिवेंद्र मिश्रा सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- उचेहरा में छात्रों ने सोमवार को सोनम वांगचुक के समर्थन में एक शांतिपूर्ण मशाल जुलूस निकाला और वर्तमान शिक्षा नीति व लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करने और पेपर लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस मशाल जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा दीपक प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। कार्यक्रम के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल मुस्तैद रहा। वहीं, छात्रों के इस प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ एवं युवा नेता भी इस मशाल जुलूस में शामिल हुए।1