Shuru
Apke Nagar Ki App…
Sohan Lal Rathor
- Sohan Lal Rathorबैतूल, बैतूल, मध्य प्रदेशजय श्री राम1 hr ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by Sohan Lal Rathor3
- बैतूल कोतवाली क्षेत्र के खेड़ीसावलीगढ़ ग्राम और आसपास के गाँवों में हाल ही में चोरी की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। बीती रात, श्रद्धा भक्ति के केंद्र परतवाड़ा मार्ग पर स्थित मां काली के दरबार में अज्ञात चोरों ने ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने मंदिर के गेट पर लगे ताले तोड़े, गर्भ गृह में प्रवेश किया, और माता की प्रतिमा के सिंगार के आभूषणों के साथ-साथ आलमारी के गेट तोड़कर नगदी भी चुरा ली। मंदिर से जुड़े धनंजय पाल ने बताया कि मां काली के इस मंदिर में पहले भी चोरी हो चुकी है, लेकिन अब तक चोरों का पता नहीं चल सका है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एक सप्ताह पूर्व भी कई किसानों के खेतों से केवल वायर काट कर चोरी कर लिए गए थे। इन लगातार हो रही चोरी की घटनाओं और शिकायतों के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में आक्रोश और भय व्याप्त है।1
- एक बेहद अनोखा कछुआ देखा गया है, जिसकी पीठ पर सितारे जैसे निशान बने हुए हैं।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर बैतूल जिले की ताप्ती नगरी मुलताई में प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल पहुँचे। उन्होंने माँ ताप्ती के विधि-विधान से दर्शन-पूजन किए, जिसमें अभिषेक और चुनरी अर्पित करना शामिल था। इस दौरान प्रभारी मंत्री महाआरती में शामिल हुए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए कामना की। माँ ताप्ती की महाआरती में जन अभियान परिषद के डॉ. मोहन नागर, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पवार और नगर पालिका अध्यक्ष नीतू परमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। इस धार्मिक आयोजन के कारण ताप्ती घाट पर भक्तिमय माहौल बना रहा। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि गंगा दशहरा के पावन पर्व पर पूरे प्रदेश में “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण, जल स्रोतों की साफ-सफाई और उनके संवर्धन के लिए आगे आने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने लोगों से नदियों और तालाबों को स्वच्छ रखने का संकल्प लेने की अपील भी की।1
- बैतूल जिले के विकासखंड में स्थित ग्राम पंचायत धुडिया में 40 लाख रुपये की लागत से बन रहा अमृत सरोवर तालाब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। ग्रामीणों ने इस निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिले के अधिकारियों से शिकायत की है। ग्रामीणों ने पहले विकासखंड के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) और जनपद पंचायत सीईओ से शिकायत की थी। इसके बाद उन्होंने बैतूल जिले में जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर और जिला जनपद पंचायत सीईओ के समक्ष भी अपनी बात रखी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि निर्माण एजेंसी द्वारा कार्यस्थल पर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, और सबसे गंभीर आरोप यह है कि जांच अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। अमृत सरोवर योजना के मुख्य नियमों के अनुसार, तालाब की जल धारण क्षमता उच्च होनी चाहिए, निर्माण कार्य में स्थानीय ग्रामीण और पंचायती राज संस्थाओं की भागीदारी को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। साथ ही, तालाब के चारों ओर पक्के घाट, सीढ़ियां बनाकर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाता है और इसका उपयोग सिंचाई तथा वैज्ञानिक मछली पालन जैसे आर्थिक उद्देश्यों के लिए भी होता है। निर्माण में स्थानीय काली मिट्टी, मोरम, बजरी, पत्थर की पिचिंग, सीमेंट-कंक्रीट और ईंटें जैसी प्रमुख सामग्री का उपयोग होता है, वहीं मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए बरगद, पीपल, नीम और बांस के पौधे लगाए जाते हैं। ग्रामीणों की शिकायत से स्पष्ट होता है कि कार्यस्थल पर इन सभी नियमों और सामग्री के उपयोग संबंधी प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है।2
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे "जल गंगा संवर्धन अभियान" के तहत, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की भैंसदेही समिति ने शुक्रवार 16 मई 2025 को विकासखण्ड भैंसदेही, जिला बैतूल में एक वृहद साफ-सफाई कार्यक्रम आयोजित किया। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन के तहत आयोजित यह कार्यक्रम स्थानीय पूर्णा नदी पर केंद्रित था, जिसके साथ अन्य जल स्रोतों को भी स्वच्छ करने का प्रयास किया गया। इस अभियान की शुरुआत नदी, तालाब, कुएं, हैंडपंप और अन्य पेयजल स्रोतों के पूजन से हुई, जिसमें समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जल देवता का आह्वान किया। इसके बाद व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत नदी तटों, नालों, तालाबों और सार्वजनिक पेयजल स्रोतों के आसपास फैले कचरे, प्लास्टिक और जलकुंभी को हटाया गया। कुओं और हैंडपंपों के चबूतरों की भी विशेष सफाई की गई। "सुरक्षित जल - समृद्ध कल" के संदेश के साथ गंगा कलश यात्रा भी कार्यक्रम का हिस्सा थी। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद की नगर विकास प्रस्फुटन समिति और प्रस्फुटन समिति के स्वयंसेवकों के अलावा स्थानीय ग्रामीण, स्कूली छात्र और जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। समिति ने उपस्थित सभी लोगों को जल की एक-एक बूंद बचाने, जल स्रोतों को प्रदूषण से मुक्त रखने और वर्षा जल संचयन के महत्व के लिए प्रेरित किया। समिति के अध्यक्ष ने बताया कि "जल गंगा संवर्धन अभियान" का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं, बावड़ी, तालाब, नदी और नालों को पुनर्जीवित करना तथा आमजन में जल संरक्षण के प्रति चेतना जागृत करना है। यह अभियान 16 मई से पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है, और इसके समापन पर सभी प्रतिभागियों ने जल स्रोतों को स्वच्छ रखने तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित करने का संकल्प लिया।2
- डोलरिया, नर्मदापुरम के अंतर्गत आने वाली मिसरोद ग्राम पंचायत में डोलरिया विद्युत विभाग द्वारा एक विशेष संपर्क अभियान कैम्प का आयोजन किया गया। इस कैम्प का मुख्य उद्देश्य बिजली से संबंधित उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करना और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाना था। अभियान के दौरान कुल 50 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 30 आवेदनों का निराकरण तत्काल मौके पर ही कर दिया गया, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली की समस्याओं से तुरंत राहत मिली। डोलरिया विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रभारी शुभम सुहाने ने प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कैम्प में विद्युत विभाग के कई ऑपरेटर और कर्मचारी भी मौजूद रहे, जिनमें राजेश बाबू, सेवकराम कुशरे, गोपाल चौधरी, अंकित राजपूत, रामकुमार गौर, अजय साध, भूपेन्द्र राठोर, अनिल यादव, अनिकेत राजपूत और सुरेंद्र साहू शामिल थे। ग्राम पंचायत मिसरोद के सरपंच, सचिव और बड़ी संख्या में उपभोक्ता भी इस कैम्प में उपस्थित रहे। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि शेष बचे आवेदनों की जांच जारी है और उन पर भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।1
- खेडिसावलीगढ़ से मिली रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए, ग्रामीणों ने सोपा के सहायक यंत्री को एक ज्ञापन सौंपा।1