कोटवा में जनगणना की तैयारी तेज, बीडीओ ने पर्यवेक्षकों को दिए सख्त निर्देश लोकल पब्लिक न्यूज़/पूर्वी चंपारण कोटवा: प्रखंड मुख्यालय स्थित शिवधर अनूठा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सभागार में गुरुवार को बीडीओ चिरंजीव पांडेय की अध्यक्षता में आगामी जनगणना को लेकर सभी पर्यवेक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना कार्य की तैयारियों, क्षेत्रवार जिम्मेदारियों तथा समयबद्ध तरीके से कार्य निष्पादन पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए बीडीओ ने कहा कि जनगणना देश का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर विभिन्न सरकारी योजनाओं की रूपरेखा तय की जाती है। उन्होंने सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रगणकों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें और कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि घर-घर जाकर सही एवं तथ्यात्मक जानकारी एकत्र करना सभी कर्मियों की जिम्मेदारी है और किसी भी परिवार या व्यक्ति का विवरण छूटना नहीं चाहिए। साथ ही निर्धारित प्रपत्रों को सावधानीपूर्वक भरने तथा ऑनलाइन प्रविष्टि में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। बैठक में जनगणना प्रखंड तकनीकी टीम के विकास कुमार वर्मा और सुरेंद्र सिंह ने पर्यवेक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश, दस्तावेज, प्रशिक्षण प्रक्रिया और कार्य की समय-सीमा के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में आने वाली किसी भी समस्या की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को दी जाए। सभी पर्यवेक्षकों को मैप व सीमांकन सूची उपलब्ध कराई गई तथा अपने अधीन कार्यरत प्रगणकों की उपस्थिति और कार्य प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करने को कहा गया, ताकि जनगणना कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।
कोटवा में जनगणना की तैयारी तेज, बीडीओ ने पर्यवेक्षकों को दिए सख्त निर्देश लोकल पब्लिक न्यूज़/पूर्वी चंपारण कोटवा: प्रखंड मुख्यालय स्थित शिवधर अनूठा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सभागार में गुरुवार को बीडीओ चिरंजीव पांडेय की अध्यक्षता में आगामी जनगणना को लेकर सभी पर्यवेक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना कार्य की तैयारियों, क्षेत्रवार जिम्मेदारियों तथा समयबद्ध तरीके से कार्य निष्पादन पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए बीडीओ ने कहा कि जनगणना देश का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर विभिन्न सरकारी योजनाओं की रूपरेखा तय की जाती है। उन्होंने सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रगणकों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें और कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि घर-घर जाकर सही एवं तथ्यात्मक जानकारी एकत्र करना सभी कर्मियों की जिम्मेदारी है और किसी भी परिवार या व्यक्ति का विवरण छूटना नहीं चाहिए। साथ ही निर्धारित प्रपत्रों को सावधानीपूर्वक भरने तथा ऑनलाइन प्रविष्टि में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। बैठक में जनगणना प्रखंड तकनीकी टीम के विकास कुमार वर्मा और सुरेंद्र सिंह ने पर्यवेक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश, दस्तावेज, प्रशिक्षण प्रक्रिया और कार्य की समय-सीमा के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में आने वाली किसी भी समस्या की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को दी जाए। सभी पर्यवेक्षकों को मैप व सीमांकन सूची उपलब्ध कराई गई तथा अपने अधीन कार्यरत प्रगणकों की उपस्थिति और कार्य प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करने को कहा गया, ताकि जनगणना कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।
- लोकल पब्लिक न्यूज़/पूर्वी चंपारण कोटवा: प्रखंड मुख्यालय स्थित शिवधर अनूठा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सभागार में गुरुवार को बीडीओ चिरंजीव पांडेय की अध्यक्षता में आगामी जनगणना को लेकर सभी पर्यवेक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना कार्य की तैयारियों, क्षेत्रवार जिम्मेदारियों तथा समयबद्ध तरीके से कार्य निष्पादन पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए बीडीओ ने कहा कि जनगणना देश का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर विभिन्न सरकारी योजनाओं की रूपरेखा तय की जाती है। उन्होंने सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रगणकों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें और कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि घर-घर जाकर सही एवं तथ्यात्मक जानकारी एकत्र करना सभी कर्मियों की जिम्मेदारी है और किसी भी परिवार या व्यक्ति का विवरण छूटना नहीं चाहिए। साथ ही निर्धारित प्रपत्रों को सावधानीपूर्वक भरने तथा ऑनलाइन प्रविष्टि में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। बैठक में जनगणना प्रखंड तकनीकी टीम के विकास कुमार वर्मा और सुरेंद्र सिंह ने पर्यवेक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश, दस्तावेज, प्रशिक्षण प्रक्रिया और कार्य की समय-सीमा के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में आने वाली किसी भी समस्या की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को दी जाए। सभी पर्यवेक्षकों को मैप व सीमांकन सूची उपलब्ध कराई गई तथा अपने अधीन कार्यरत प्रगणकों की उपस्थिति और कार्य प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करने को कहा गया, ताकि जनगणना कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।1
- बीती रात आई तेज आंधी और बारिश ने इलाके में भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं के कारण सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे और बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। कई जगहों पर पेड़ और खंभे घरों के ऊपर गिरने से लोगों को नुकसान भी हुआ है। रिपोर्ट: तस्वीरों में जो उजड़ा हुआ घर आप देख रहे हैं, वह पिपरा थाना क्षेत्र के चिन्तामणपुर गांव निवासी संतोष कश्यप का है, जहां आंधी के कारण भारी नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी ओर मेहसी प्रखंड कार्यालय के समीप बिजली विभाग की टीम तेजी से मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। बिजली कर्मी अपने सभी आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर मौजूद हैं और गिरे हुए पेड़ों को काटकर हटाया जा रहा है। साथ ही टूटे हुए बिजली के खंभों को हटाकर नए खंभे लगाए जा रहे हैं और तारों को फिर से जोड़ा जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके। फिलहाल बिजली विभाग की टीम युद्ध स्तर पर काम कर रही है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इलाके में बिजली बहाल कर दी जाएगी और लोगों को राहत मिलेगी।1
- Post by Talk On Chair1
- पकड़ीदयाल चौक से भारतीय स्टेट बैंक जाने वाली सड़क में बैंक के पास पानी लगने से ग्राहक एवं शहर के लोगों सहित विद्यालय के बच्चों को आने-जाने में हो रही कठिनाई। *--नगर पंचायत के विकास का यह पानी का लगना खोल रहा विकास का पोल।* (रवि कुमार भार्गव संपादक सिरहा टाइम्स ) सिरहाकोठी 30 अप्रैल 2026 सिरहाकोठी:-पकड़ीदयाल गोलंबर से पश्चिम की ओर भारतीय स्टेट बैंक के तरफ जाने वाली सड़क में स्टेट बैंक के द्वारा के सामने पानी की जमावड़ा लगने से शहर के लोगों से एवं बैंक के ग्राहकों सहित गोदावरी संस्थान के बच्चों शिक्षकों को आने-जाने में एवं वहां के स्थानीय निवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर बराबर पानी का जमावड़ा होना नगर पंचायत के विकास के पोल को खोल रही है। गोदावरी विद्या संस्थान के डायरेक्टर मंडल के सदस्य ने बताया कि हमने वार्ड पार्षद महोदय से इस संबंध में अनुरोध किया था किंतु आज तक इस पर किसी प्रकार की ध्यान केंद्रित नहीं किया गया जिससे बच्चों शिक्षकों एवं बैंक के ग्राहकों तथा यहां के निवासियों को काफी कठिनाइयों का संघर्ष करना पड़ रहा है। अजीब विडंबना है जहां पर एक से एक व्यावसायिक लोग भरे पड़े हैं जहां पर शिक्षण संस्थान है जहां पर बैंकिंग संस्था है ठीक बैंक के द्वार पर इस तरह का नारकीय व्यवस्था होना सरकार के उसे महत्वाकांक्षी योजना को मुंह चिढ़ाते नजर आ रही है जिसका नाम विकास है। कागज में नगर विकास का इतना प्रचार प्रसार विकास का किया जा रहा है किंतु इस सड़क पर ध्यान केंद्रित नहीं करना उनके सारे विकास के कार्यों का पोल खोल रही है।1
- बुधवार की देर शाम सुगौली क्षेत्र में आयी आंधी-तूफान और बारिश से हुई क्षति,मक्का फसल और आम के पेड़ों पर पड़ा भारी असर। कृषि विभाग जुटा क्षति के आकलन में।1
- गया में बवाल: बालू माफिया के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पुलिस से हिंसक झड़प1
- हाल में हुई बारिश से किसानों में खुशी की लहर है। इसी मौके का फायदा उठाने के लिए किसानों को सलाह है कि हरी खाद का उपयोग एवं रासायनिक उर्वरक का संतुलित उपयोग करना है। आधुनिक समय में यही दोहरी रणनीति खेत और किसान दोनों की समृद्धि की गारंटी है। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि सिर्फ रासायनिक खाद या सिर्फ जैविक खाद से नहीं, बल्कि दोनों के वैज्ञानिक मेल से ही खेत की सेहत और किसान की जेब मजबूत होगी। "अभी हुई बारिश से खेत में नमी है। यह हरी खाद वाली फसलें जैसे मूंग, उड़द, ढैंचा की बुवाई का सुनहरा मौका है। इसे खेत में मिलाकर उर्वरा शक्ति बढ़ाएं और आगामी खरीफ में नाइट्रोजन वाले उर्वरक 20% तक कम करके भी सफल उत्पादन लें, डॉ. सिंह ने चेताया कि लगातार रासायनिक खाद डालने से मिट्टी सख्त हो रही है और जैविक कार्बन में कमी आ रही है। वहीं, सिर्फ हरी खाद से फसल की पूरी पोषण जरूरत पूरी नहीं हो सकती। "समाधान है - पहले हरी खाद से मिट्टी बनाओ, फिर जरूरत भर उर्वरक डालो।" *हरी खाद: मिट्टी की रीढ़* फसल उत्पादन वैज्ञानिक डॉ. हर्षा बी. आर. ने कहा कि खरीफ से पहले ढैंचा, सनई, मूंग या लोबिया को 40-45 दिन उगाकर खेत में जोत देना हरी खाद कहलाता है। इससे खेत में राइजोबियम बैक्टीरिया 1 एकड़ में 25-30 किलो यूरिया के बराबर नाइट्रोजन जोड़ते हैं। साथ ही 4-5 टन जैविक पदार्थ मिलने से मिट्टी भुरभुरी होती है। पानी की बचत के साथ मिट्टी की जलधारण क्षमता 30% बढ़ती है, जिससे 1-2 सिंचाई कम लगती है। डॉ. सिंह ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर NPK डालें। हरी खाद नाइट्रोजन देती है, लेकिन फास्फोरस, पोटाश, जिंक व सल्फर की कमी उर्वरक से पूरी करनी पड़ती है। संतुलित रासायनिक उर्वरक से फसल में कीट एवं रोगों के प्रकोप में भी कमी आती है। हरी खाद से यूरिया बचेगा, संतुलित डोज से बाकी खाद की बर्बादी रुकेगी। उपज 20-25% ज्यादा जीवित मिट्टी एवं पूरा पोषण के साथ बंपर पैदावार। मिट्टी की सेहत सुधरती है मृदा का pH मान संतुलित होगा, केंचुए व मित्र जीवाणुओं की संख्या बढ़ेगी। गुणवत्ता बेहतर दाने का वजन, चमक व भंडारण क्षमता बढ़ेगी। हरी खाद मिट्टी की जान है, उर्वरक तुरंत का टॉनिक। दोनों मिलेंगे तो खेत सोना उगलेगा और किसान की समृद्धि पक्की होगी इस अवसर पर केंद्र के श्याम कुमार भार्गव, इकबाल कुमार, किसान सलाहकार केशव कुमार एवं प्रगतिशील किसान मोहन सिंह, शौकत अली, महेंद्र सिंह सहित दर्जनों किसान उपस्थित थे।3
- लोकल पब्लिक न्यूज़/पूर्वी चंपारण कोटवा: अचानक बदले मौसम के मिजाज और तेज आंधी-तूफान ने कोटवा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। बुधवार की संध्या आए भीषण आंधी-पानी के कारण कई जगह फूस के घर उखड़ गए, जबकि मक्के की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा। कररिया पंचायत के जागीर कररिया वार्ड नंबर-1 में आंधी के दौरान एक विशाल बरगद-पीपल का पेड़ उखड़कर दो लोगों के पक्के मकानों पर गिर गया। इस हादसे में बीरबल राय और महंथ राय के आवासीय घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ के गिरने से दोनों घरों के बीच का हिस्सा धंस गया, साथ ही दीवारों और छत में दरारें पड़ गईं, जिससे मकान को भारी नुकसान हुआ है। घटना के वक्त घर के अंदर मौजूद लोग बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार पेड़ काफी पुराना और विशाल था, जो तेज हवा के कारण जड़ से उखड़कर घरों पर गिर पड़ा। इस संबंध में अंचलाधिकारी (सीओ) विन्देश्वरी प्रसाद सिंह ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया गया है। पीड़ितों से आवेदन मिलने के बाद सरकारी सहायता राशि प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का आकलन किया जा रहा है, ताकि नुकसान झेल रहे लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।1