एसबीआई कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर जताया विरोध ऑल इंडिया स्ट्राइक के आह्वान पर बैंकिंग कामकाज रहा बंद, पांच दिवसीय कार्यप्रणाली सहित चार प्रमुख मांगों को लेकर उठाई आवाज अनूपपूर/अमरकंटक - देशभर के बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के संयुक्त संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 11 सितंबर 2026 को आयोजित ऑल इंडिया बैंक स्ट्राइक के तहत अमरकंटक स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। कर्मचारियों ने शाखा कार्यालय में तालाबंदी कर बैंक का कामकाज बंद रखा तथा बैंक द्वार पर जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार एवं वित्त मंत्रालय से उनकी लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। इस दौरान शाखा के बाहर बैंक कर्मचारी यूनियनों की मांगों से संबंधित पोस्टर भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, केंद्र सरकार की एकतरफा एवं भेदभावपूर्ण पीएलआई (PLI) योजना को वापस लेकर उसके क्रियान्वयन को स्थगित रखने, यूनियनों के साथ द्विपक्षीय चर्चा के माध्यम से योजना में संशोधन करने तथा लंबित मुद्दों का निराकरण करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। लिखित आश्वासन पर अमल नहीं होने का आरोप बैंक कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की ओर से कर्मचारी यूनियनों के साथ पूर्व में विभिन्न मांगों को लेकर लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उस पर अपेक्षित रूप से अमल नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार मांगों की ओर ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद समाधान नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन सांकेतिक हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। कर्मचारियों ने बैंक शाखाओं में स्टाफ की भारी कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि पर्याप्त संख्या में नई भर्ती नहीं होने से वर्तमान कर्मचारियों पर कार्य का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। बैंकिंग व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए रिक्त पदों पर पर्याप्त भर्ती किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही कर्मचारियों ने बैंकों में पांच दिवस कार्य प्रणाली लागू करने की मांग दोहराई। 27 से 29 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी कर्मचारियों ने कहा कि यदि केंद्र सरकार एवं वित्त मंत्रालय द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और पूर्व में दिए गए आश्वासन पर अमल नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों के अनुसार आगामी 27, 28 एवं 29 सितंबर को तीन दिवसीय बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। मांगों का निराकरण नहीं होने की स्थिति में आगे भी हड़ताल एवं आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई। शाखा प्रबंधक सहित कर्मचारी रहे शामिल एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक गौरव उपाध्याय, वीरेंद्र सिंह कुशवाहा, हरि किशन सोनी, राजकुमार गोरे सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर बैंक द्वार पर नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार से बैंकिंग क्षेत्र की लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
एसबीआई कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर जताया विरोध ऑल इंडिया स्ट्राइक के आह्वान पर बैंकिंग कामकाज रहा बंद, पांच दिवसीय कार्यप्रणाली सहित चार प्रमुख मांगों को लेकर उठाई आवाज अनूपपूर/अमरकंटक - देशभर के बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के संयुक्त संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 11 सितंबर 2026 को आयोजित ऑल इंडिया बैंक स्ट्राइक के तहत अमरकंटक स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। कर्मचारियों ने शाखा कार्यालय में तालाबंदी कर बैंक का कामकाज बंद रखा तथा बैंक द्वार पर जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार एवं वित्त मंत्रालय से उनकी लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। इस दौरान शाखा के बाहर बैंक कर्मचारी यूनियनों की मांगों से संबंधित पोस्टर भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, केंद्र सरकार की एकतरफा एवं भेदभावपूर्ण पीएलआई (PLI) योजना को वापस लेकर उसके क्रियान्वयन को स्थगित रखने, यूनियनों के साथ द्विपक्षीय चर्चा के माध्यम से योजना में संशोधन करने तथा लंबित मुद्दों का निराकरण करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। लिखित आश्वासन पर अमल नहीं होने का आरोप बैंक कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की ओर से कर्मचारी यूनियनों के साथ पूर्व में विभिन्न मांगों को लेकर लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उस पर अपेक्षित रूप से अमल नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार मांगों की ओर ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद समाधान नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन सांकेतिक हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। कर्मचारियों ने बैंक शाखाओं में स्टाफ की भारी कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि पर्याप्त संख्या में नई भर्ती नहीं होने से वर्तमान कर्मचारियों पर कार्य का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। बैंकिंग व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए रिक्त पदों पर पर्याप्त भर्ती किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही कर्मचारियों ने बैंकों में पांच दिवस कार्य प्रणाली लागू करने की मांग दोहराई। 27 से 29 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी कर्मचारियों ने कहा कि यदि केंद्र सरकार एवं वित्त मंत्रालय द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और पूर्व में दिए गए आश्वासन पर अमल नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों के अनुसार आगामी 27, 28 एवं 29 सितंबर को तीन दिवसीय बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। मांगों का निराकरण नहीं होने की स्थिति में आगे भी हड़ताल एवं आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई। शाखा प्रबंधक सहित कर्मचारी रहे शामिल एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक गौरव उपाध्याय, वीरेंद्र सिंह कुशवाहा, हरि किशन सोनी, राजकुमार गोरे सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर बैंक द्वार पर नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार से बैंकिंग क्षेत्र की लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
- एसबीआई कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर जताया विरोध ऑल इंडिया स्ट्राइक के आह्वान पर बैंकिंग कामकाज रहा बंद, पांच दिवसीय कार्यप्रणाली सहित चार प्रमुख मांगों को लेकर उठाई आवाज अनूपपूर/अमरकंटक - देशभर के बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के संयुक्त संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 11 सितंबर 2026 को आयोजित ऑल इंडिया बैंक स्ट्राइक के तहत अमरकंटक स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। कर्मचारियों ने शाखा कार्यालय में तालाबंदी कर बैंक का कामकाज बंद रखा तथा बैंक द्वार पर जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार एवं वित्त मंत्रालय से उनकी लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। इस दौरान शाखा के बाहर बैंक कर्मचारी यूनियनों की मांगों से संबंधित पोस्टर भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, केंद्र सरकार की एकतरफा एवं भेदभावपूर्ण पीएलआई (PLI) योजना को वापस लेकर उसके क्रियान्वयन को स्थगित रखने, यूनियनों के साथ द्विपक्षीय चर्चा के माध्यम से योजना में संशोधन करने तथा लंबित मुद्दों का निराकरण करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। लिखित आश्वासन पर अमल नहीं होने का आरोप बैंक कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की ओर से कर्मचारी यूनियनों के साथ पूर्व में विभिन्न मांगों को लेकर लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उस पर अपेक्षित रूप से अमल नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार मांगों की ओर ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद समाधान नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन सांकेतिक हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। कर्मचारियों ने बैंक शाखाओं में स्टाफ की भारी कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि पर्याप्त संख्या में नई भर्ती नहीं होने से वर्तमान कर्मचारियों पर कार्य का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। बैंकिंग व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए रिक्त पदों पर पर्याप्त भर्ती किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही कर्मचारियों ने बैंकों में पांच दिवस कार्य प्रणाली लागू करने की मांग दोहराई। 27 से 29 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी कर्मचारियों ने कहा कि यदि केंद्र सरकार एवं वित्त मंत्रालय द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और पूर्व में दिए गए आश्वासन पर अमल नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों के अनुसार आगामी 27, 28 एवं 29 सितंबर को तीन दिवसीय बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। मांगों का निराकरण नहीं होने की स्थिति में आगे भी हड़ताल एवं आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई। शाखा प्रबंधक सहित कर्मचारी रहे शामिल एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक गौरव उपाध्याय, वीरेंद्र सिंह कुशवाहा, हरि किशन सोनी, राजकुमार गोरे सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर बैंक द्वार पर नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार से बैंकिंग क्षेत्र की लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।1
- Post by Bhailal1
- ऑटो चालकों के लिए यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, यातायात नियमों एवं यात्रियों की सुरक्षा के प्रति किया जागरूक शहडोल, 12 सितंबर 2026 पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में आज दिनांक 12 सितंबर 2026 को यातायात थाना परिसर में ऑटो चालकों के लिए यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ऑटो संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ऑटो चालक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ऑटो चालकों को यातायात नियमों, यात्रियों की सुरक्षा एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में विस्तार से जागरूक किया गया। यातायात पुलिस द्वारा निर्देशित किया गया कि - सभी ऑटो चालक थाना यातायात में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराकर थाना यातायात द्वारा जारी ऑटो क्रमांक प्राप्त करेंगे। शहरी एवं ग्रामीण ऑटो के लिए पृथक-पृथक मोनो जारी किया जावेगा। ऑटो चालकों हेतु पहचान पत्र जारी किया जाएगा। थाना यातायात में ऑटो का पंजीयन अनिवार्य है, अन्यथा वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही शहर में निर्धारित स्थानों पर ऑटो पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। ऑटो चालकों को निर्देशित किया गया कि ऑटो के सभी आवश्यक दस्तावेज़ पूर्ण एवं वैध रखें तथा यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित नियमों के अनुरूप वाहन संचालित करने एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई। ऑटो चालकों को यह भी निर्देश दिए गए कि किसी संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित पुलिस अधिकारी अथवा थाना को सूचना दें, जिससे समय रहते आवश्यक पुलिस कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम के दौरान ऑटो चालकों द्वारा दस्तावेज़ संबंधी समस्याओं से अवगत कराने पर यातायात पुलिस द्वारा बताया गया कि उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टर एवं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी से चर्चा कर आवश्यकतानुसार शिविर आयोजित कराने का प्रयास किया जाएगा। अंत में यातायात पुलिस द्वारा ऑटो संघ एवं चालकों से यातायात नियमों का पालन करते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की गई।3
- सड़क बनाने के लिए2
- ऑटो चालकों के लिए यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, यातायात नियमों एवं यात्रियों की सुरक्षा के प्रति किया जागरूक1
- शहडोल: ऑटो चालकों के लिए यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, यात्रियों की सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक शहडोल: दिनांक 12 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में यातायात थाना परिसर में ऑटो चालकों के लिए यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ऑटो संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ऑटो चालक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य बिंदु एवं निर्देश: अनिवार्य पंजीयन और पहचान पत्र: कार्यक्रम के दौरान ऑटो चालकों को थाना यातायात में अनिवार्य रूप से पंजीयन करवाकर थाना यातायात द्वारा जारी ऑटो क्रमांक प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। शहरी एवं ग्रामीण ऑटो के लिए पृथक-पृथक मोनो जारी किया जाएगा और ऑटो चालकों हेतु पहचान पत्र भी जारी किया जाएगा। थाना यातायात में ऑटो का पंजीयन अनिवार्य है, अन्यथा की स्थिति में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पार्किंग और दस्तावेज: शहर में निर्धारित स्थानों पर ऑटो पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। सभी ऑटो चालकों को निर्देशित किया गया कि वे ऑटो के सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण एवं वैध रखें तथा यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। यात्रियों की सुरक्षा और सहयोग: यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित नियमों के अनुरूप वाहन चलाने एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई। सुरक्षा एवं संदिग्ध गतिविधियों की सूचना: ऑटो चालकों को यह भी निर्देश दिए गए कि किसी संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित पुलिस अधिकारी अथवा थाने को सूचना दें, जिससे समय रहते आवश्यक पुलिस कार्रवाई की जा सके। समस्याओं का निराकरण: ऑटो चालकों द्वारा दस्तावेज संबंधी समस्याओं से अवगत कराने पर यातायात पुलिस द्वारा आश्वस्त किया गया कि उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टर एवं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी से चर्चा कर आवश्यकतानुसार शिविर आयोजित कराने का प्रयास किया जाएगा। अंत में, यातायात पुलिस द्वारा ऑटो संघ एवं चालकों से यातायात नियमों का पालन करते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की विशेष अपील की गई।1
- शिक्षा के सफ़र में खतरे में जिंदगी, शंभूनाथ विश्वविद्यालय के 52 सीटर बस में 100-100 छात्र... कोई सीट के लिए जूझ रहा है तो कोई बस के गेट पर लटककर सफर करने को मजबूर1
- पशु तस्करों एवं अवैध पशु परिवहन के विरुद्ध कोतमा पुलिस द्वारा की गई कारवाही 03 पिकअप वाहनों से 21 नग मवेशी बरामद,कुल ₹40.50 लाख का माल-मशरूका जप्त अनूपपूर/ कोतमा : - दिनांक 10.09.2026 को थाना प्रभारी कोतमा को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि तीन पिकअप वाहन जिनमें मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर एवं क्रूरतापूर्वक बांधकर कटने हेतु छत्तीसगढ़ से केवाई रपटा मार्ग कोतमा होते हुए ले जाया जा रहा है। सूचना से पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को अवगत कराया गया। उनके निर्देशन पर पर थाना प्रभारी कोतमा द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया ।थाना कोतमा पुलिस टीम द्वारा केवाई रपटा पुलिया के पास नाकाबंदी की गई।नाकाबंदी के दौरान कुछ समय बाद तीन पिकअप वाहन तेज गति से आते दिखाई दिए। दूर से ही वाहन चालकों द्वारा पुलिस की नाकाबंदी देखकर पुलिस द्वारा रुकने का संकेत देने पर चालकों ने वाहन को थोड़ी दूर पर खड़े करकर तीनों वाहन चालक वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।मौके पर पुलिस टीम द्वारा तीनों पिकअप वाहनों की जांच पड़ताल की गई । एक पिकअप में 07 मवेशी, दूसरी पिकअप में 07मवेशी, तथा तीसरी पिकअप में 07 मवेशी पाए गए। कुल 21 मवेशी जिनमें 13 नग भैंस (पड़ा) एवं 8 नग भैंसी सभी मवेशियों को रस्सियों से बांधकर अत्यंत क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरा गया था तथा उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था भी नहीं थी। जप्त माल-मशरूका पुलिस द्वारा कुल 21 नग मवेशी एवं एक पिकअप क्रमांक MP65ZG2280,दूसरी पिकअप बिना नो. एवं तीसरी पिकअप MP65Z4094 कुल 3 वाहन जप्त किए गए। जप्त माल-मशरूका की कुल अनुमानित कीमत ₹40,50,000/- है। जप्त सामग्री| अनुमानित कीमत 03 पिकअप वाहन| ₹30,00,000/- 21 मवेशी| ₹10,50,000/- कुल| ₹40,50,000/-। प्रकरण में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा मध्य प्रदेश कृषि पशु परिरक्षण अधिनियमकी की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर फरार वाहन चालकों एवं पशु तस्करों की तलाश की जा रही है तथा मामले की विवेचना जारी है। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका उक्त कार्यवाही पुलिस अधीक्षक अनूपपुर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) कोतमा के मार्गदर्शन में की गई। कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतमा रत्नांबर शुक्ल , लाल जी श्रीवास्तव ,प्रधान आरक्षक संजीव त्रिपाठी ,प्रधान आरक्षक ऋषि पासी ,एवं चालक आरक्षक अनिल मरावी की सराहनीय भूमिका रही।1