बार-बार बिजली कटौती से आबसर के ग्रामीण परेशान, छापर विद्युत कार्यालय पर प्रदर्शन अघोषित कटौती से गर्मी में बढ़ी परेशानी, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज प्रभावित; अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन छापर। ग्राम आबसर में बार-बार हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार को छापर स्थित विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बिजली कटौती पर नाराजगी जताते हुए विद्युत आपूर्ति नियमित करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि विशेषकर रात के समय बार-बार बिजली गुल होने से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। भीषण गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आमजन का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण घरेलू कार्य प्रभावित होने के साथ बच्चों की पढ़ाई में भी परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर गांव में नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी कटौती के कारण ग्रामीणों में रोष है। यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन को और तेज करने को मजबूर होंगे। लोड डिस्पैच सेंटर से नियंत्रित होती है आपूर्ति ग्रामीणों की शिकायत पर विद्युत विभाग के सहायक अभियंता ने बताया कि बिजली आपूर्ति एवं कटौती को नियंत्रित करने की व्यवस्था लोड डिस्पैच सेंटर, जयपुर से की जाती है। स्थानीय स्तर पर विभाग द्वारा जानबूझकर बिजली कटौती नहीं की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या एवं मांग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान सूर्यकांत सेन, गोपाल स्वामी, सुरेन्द्र सेन, श्याम दर्जी, राजकुमार सिंवर, संजय अठवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बार-बार बिजली कटौती से आबसर के ग्रामीण परेशान, छापर विद्युत कार्यालय पर प्रदर्शन अघोषित कटौती से गर्मी में बढ़ी परेशानी, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज प्रभावित; अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन छापर। ग्राम आबसर में बार-बार हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार को छापर स्थित विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बिजली कटौती पर नाराजगी जताते हुए विद्युत आपूर्ति नियमित करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि विशेषकर रात के समय बार-बार बिजली गुल होने से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही
है। भीषण गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आमजन का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण घरेलू कार्य प्रभावित होने के साथ बच्चों की पढ़ाई में भी परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर गांव में नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी कटौती के कारण ग्रामीणों में रोष है। यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण
आंदोलन को और तेज करने को मजबूर होंगे। लोड डिस्पैच सेंटर से नियंत्रित होती है आपूर्ति ग्रामीणों की शिकायत पर विद्युत विभाग के सहायक अभियंता ने बताया कि बिजली आपूर्ति एवं कटौती को नियंत्रित करने की व्यवस्था लोड डिस्पैच सेंटर, जयपुर से की जाती है। स्थानीय स्तर पर विभाग द्वारा जानबूझकर बिजली कटौती नहीं की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या एवं मांग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान सूर्यकांत सेन, गोपाल स्वामी, सुरेन्द्र सेन, श्याम दर्जी, राजकुमार सिंवर, संजय अठवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
- बार-बार बिजली कटौती से आबसर के ग्रामीण परेशान, छापर विद्युत कार्यालय पर प्रदर्शन अघोषित कटौती से गर्मी में बढ़ी परेशानी, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज प्रभावित; अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन छापर। ग्राम आबसर में बार-बार हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार को छापर स्थित विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बिजली कटौती पर नाराजगी जताते हुए विद्युत आपूर्ति नियमित करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि विशेषकर रात के समय बार-बार बिजली गुल होने से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। भीषण गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आमजन का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण घरेलू कार्य प्रभावित होने के साथ बच्चों की पढ़ाई में भी परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर गांव में नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी कटौती के कारण ग्रामीणों में रोष है। यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन को और तेज करने को मजबूर होंगे। लोड डिस्पैच सेंटर से नियंत्रित होती है आपूर्ति ग्रामीणों की शिकायत पर विद्युत विभाग के सहायक अभियंता ने बताया कि बिजली आपूर्ति एवं कटौती को नियंत्रित करने की व्यवस्था लोड डिस्पैच सेंटर, जयपुर से की जाती है। स्थानीय स्तर पर विभाग द्वारा जानबूझकर बिजली कटौती नहीं की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या एवं मांग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान सूर्यकांत सेन, गोपाल स्वामी, सुरेन्द्र सेन, श्याम दर्जी, राजकुमार सिंवर, संजय अठवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।3
- निर्दलीय प्रत्याशी महेश रामचंद्रका ने लगाए दबाव और धमकाने के आरोप प्रेस नोट जारी कर बोले—भाजपा टिकट का आश्वासन मिलने के बाद बदला फैसला, नामांकन वापस लेने के लिए बनाया गया दबाव कुचामन सिटी। नगरपरिषद चुनाव को लेकर कुचामन सिटी में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वार्ड संख्या 27 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे महेश रामचंद्रका ने गुरुवार को प्रेस नोट जारी कर भाजपा के कुछ पदाधिकारियों एवं नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रामचंद्रका ने दावा किया है कि उन्हें पहले भाजपा की ओर से टिकट दिए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में उनका टिकट काटकर किसी अन्य व्यक्ति को पार्टी प्रत्याशी बना दिया गया। इसके बाद जब उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया तो उन पर नामांकन वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। रामचंद्रका ने अपने प्रेस नोट में आरोप लगाया कि निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला करने के बाद से ही उन्हें लगातार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि परिस्थितियां इतनी गंभीर हो गईं कि उन्हें कुछ समय के लिए अपना घर तक छोड़ना पड़ा। उनका आरोप है कि इस दौरान पुलिस कई बार उनके घर पहुंची और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई। दो दिनों में छह बार पुलिस पहुंचने का दावा महेश रामचंद्रका ने प्रेस नोट में दावा किया कि पिछले दो दिनों के दौरान पुलिस करीब छह बार उनके घर पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के बार-बार घर पहुंचने से परिवार के लोगों में भी चिंता का माहौल बना रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके एक मित्र तथा डीडवाना में रहने वाले एक रिश्तेदार के घर भी पुलिस भेजी गई। रामचंद्रका का आरोप है कि इन घटनाओं का उद्देश्य उन पर दबाव बनाकर चुनाव मैदान से हटाना और नामांकन वापस करवाना था। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं और वार्डवासियों के समर्थन के चलते चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर धमकाने का आरोप प्रेस नोट में रामचंद्रका ने पल्लव राय नामक व्यक्ति पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उक्त व्यक्ति द्वारा अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए उन्हें धमकाया गया। रामचंद्रका ने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव से पीछे हटने के लिए अलग-अलग माध्यमों से दबाव का सामना करना पड़ा। वहीं, उन्होंने भाजपा प्रत्याशी रवि गट्टाणी पर भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा उपखंड अधिकारी के समक्ष शिकायत देकर रामचंद्रका का नामांकन निरस्त करवाने का प्रयास किया गया। रामचंद्रका ने इसे चुनाव लड़ने के अपने अधिकार को प्रभावित करने का प्रयास बताया है। बोले—चुनाव लड़ना हर नागरिक का अधिकार महेश रामचंद्रका ने अपने प्रेस नोट में कहा कि भारत में प्रत्येक नागरिक को लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से चुनाव लड़ने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इस अधिकार को प्रभावित करने और उन्हें चुनाव मैदान से हटाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें वार्डवासियों का समर्थन नहीं मिलता तो वे शायद इतने दबाव के बीच चुनाव मैदान में टिक नहीं पाते, लेकिन जनता के सहयोग और समर्थन ने उन्हें मजबूती दी है। रामचंद्रका ने कहा कि वे वार्ड के मतदाताओं के बीच लगातार संपर्क में हैं और जनता के मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ रहे हैं। विकास और समस्याओं के समाधान का किया दावा निर्दलीय प्रत्याशी ने अपने बयान में कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि वार्ड की मूलभूत समस्याओं का समाधान करवाना और विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनती है तो वे वार्ड के विकास, साफ-सफाई, सड़क, नाली, बिजली-पानी सहित आमजन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाएंगे। उन्होंने अपने बयान में कहा, "सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। जनता के सहयोग से चुनाव लड़ रहा हूं और जीतकर वार्ड के विकास तथा आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करूंगा।" आरोपों की पुष्टि संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया से होगी गौरतलब है कि महेश रामचंद्रका की ओर से जारी प्रेस नोट में भाजपा के कुछ पदाधिकारियों एवं नेताओं पर दबाव बनाने, धमकाने और नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी है। वहीं, जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से भी समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। नगरपरिषद चुनाव के बीच वार्ड संख्या 27 से जुड़े इन आरोपों ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अब देखना होगा कि आरोपों को लेकर संबंधित पक्ष क्या प्रतिक्रिया देते हैं और चुनावी मैदान में इसका असर किस तरह दिखाई देता है।4
- Rahul Gandhi का ये वीडियो क्यों हुआ वायरल? | देखिए पूरा वीडियो आदिवासी छात्र आश्रम शालाओं और सरकारी हॉस्टलों की बदहाल स्थिति, सुरक्षा में खामियां, साफ-सफाई व मेडिकल सुविधाओं के अभाव का दर्द बयां करते दिखे। छात्रों ने बताया कि वे नासिक के ईदगाह मैदान में 12 दिनों से अधिक समय से धरने और भूख हड़ताल पर बैठे थे, लेकिन प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली। छात्रों की समस्याएं सुनने के बाद राहुल गांधी ने कहा: "शिक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं है, यह देश के हर छात्र का अधिकार है। वंचित समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और अनुकूल माहौल मिलना चाहिए। सिस्टम द्वारा इनकी अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती।" लड़ाई में साथ देने का भरोसा: राहुल गांधी ने आंदोलनकारी छात्रों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनकी मांगों के समर्थन में खड़ी है और वे खुद प्रदेश के विभिन्न आदिवासी छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा करवाएंगे।1
- वार्ड संख्या 28 में बदले चुनावी समीकरण, निर्दलीय दीनबंधु शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी अनुराग शर्मा को समर्थन देने की घोषणा की; नाम वापसी से पहले सियासी हलचल चूरू नगर परिषद चुनाव के बीच वार्ड संख्या 28 में बुधवार को चुनावी समीकरण में बदलाव देखने को मिला। निर्दलीय प्रत्याशी दीनबंधु शर्मा ने चुनाव मैदान से अपनी दावेदारी वापस लेते हुए भाजपा प्रत्याशी अनुराग शर्मा को समर्थन देने की घोषणा की। दीनबंधु शर्मा के इस निर्णय के बाद वार्ड में चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं। समर्थन की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि वार्ड के हित, विकास और क्षेत्र में आपसी एकता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चुनाव मैदान से हटकर अनुराग शर्मा के समर्थन का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग और एकजुटता के जरिए वार्ड से जुड़े मुद्दों पर काम किया जा सकता है।1
- ट्रंप या नितिन याहू भी आ जाए तो मेरा बाल भी बांका नहीं कर सकते ट्रंप या नितिन याहू भी आ जाए तो मेरा बाल भी बांका नहीं कर सकते1
- मंडावा: साजिश रचकर मेरी टिकट काटी गई-शर्मा, वार्ड 7 से निर्दलीय प्रत्याशी साजिश रचकर मेरी टिकट काटी गई-शर्मा मंडावा। वार्ड 7 भाजपा से टिकट मिलने पर मेरे लिए चुनाव लड़ रहे संदीप शर्मा ने होटल सिंहासन में प्रेस वार्ता की। संदीप शर्मा ने कहा कि मैं पिछले 15 साल से वार्ड में लगातार काम कर रहा था वार्ड विकास के लिए दिन रात काम किया। सड़क, पानी, बिजली की सुविधा उपलब्ध करवाई, हर घर के आगे सड़क नाली बनाकर सब के सुख-दुख में साथ खड़ा रहा। शर्मा ने कहा कि इस बार टिकट वितरण में बीजेपी पार्टी ने मेरा टिकट काट दिया, क्या कारण रहा यह मुझे नहीं पता लेकिन अब जो वार्ड 7 में चुनाव हो रहा है वह 10 वर्ष व 20 दिन के बीच हो रहा है, क्योंकि मेरे प्रतिद्वंदी मेरे सामने 10 साल पहले कांग्रेस से चुनाव लड़े थे, तथा 2015 में टिकट नही मिली तो वार्ड 6 से भाजपा से चुनाव लड़ा और हार थे, अब भारतीय में तैयारी कर रहे थे और लॉटरी में वार्ड ओबीसी महिला आने पर वार्ड नंबर 7 से दावेदारी जताकर टिकट ले आए। मेरा 10 साल का कार्यकाल रहा और अब जो सर्वे हुआ उसमें ग्राउंड रिपोर्ट मेरी खराब बताकर मेरी टिकट काट दी गई, अब वार्ड 7 से में निर्दलीय चुनाव वार्ड के लोगों की सहमति से ही लड़ रहा हूं, सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं होता। शर्मा ने कहा की साजिश रचकर मेरी टिकट काटी गई जिन्होंने मेरे खिलाफ साजिशें रची उनको परिणाम भुगतना पड़ेगा और 14 सितंबर को पता चलेगा वार्ड की जनता किसके साथ है।1
- खेत में चारा काटने गए रूपनगढ़ में किसान को लगा करंट, मौत खेत में चारा काटने गए रूपनगढ़ के किसान को लगा करंट, मौत विद्युत पोल की तान के संपर्क में आने से हुआ हादसा, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने किया मृत घोषित रूपनगढ़ (अजमेर)। रूपनगढ़ उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में खेत में चारा काटने गए किसान की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन गंभीर हालत में किसान को उपचार के लिए रूपनगढ़ राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार बनेवड़ा की ढाणी निवासी किशोर सिंह शेखावत खेत में चारा काटने के लिए गए थे। इसी दौरान खेत में लगे विद्युत पोल की तान के संपर्क में आने से उन्हें करंट लग गया। करंट लगने से किशोर सिंह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए रूपनगढ़ CHC लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने किसान की जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर रूपनगढ़ थाना पुलिस भी चिकित्सालय पहुंची और घटना की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस द्वारा मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। हादसे के बाद मृतक के परिवार और गांव में शोक का माहौल है।1
- खाटू श्याम जी से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी पिकअप पलटी, 18 घायल 1 की मौत जिजोट के पास वैगनर कार से भिड़ंत के बाद हुआ बड़ा हादसा, 14 घायलों को सीकर किया रेफर, 4 कुचामन भेजे कुचामन सिटी। खाटू श्याम जी के दर्शन कर कुचामन लौट रहे श्रद्धालुओं का सफर जिजोट गांव के पास हुए सड़क हादसे से दर्दनाक हो गया। श्रद्धालुओं से भरी पिकअप की सामने से आ रही वैगनर कार से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के बाद पिकअप में सवार श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में पिकअप सवार 18 श्रद्धालु घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त पिकअप में फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकालने में मदद की। इसके बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। 14 घायलों को सीकर किया रेफर प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल 14 श्रद्धालुओं को बेहतर उपचार के लिए सीकर रेफर कर दिया। वहीं 1 की मृत्यु ओर 4 घायलों को उपचार के लिए कुचामन भेजा गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिजन भी अस्पताल पहुंचने लगे। घायलों के स्वास्थ्य को लेकर परिजनों में चिंता का माहौल रहा। 31 अगस्त को खाटू श्याम जी के लिए निकला था संघ जानकारी के अनुसार हादसे का शिकार हुए श्रद्धालु कुचामन सिटी के शाहजी की कोठी और पारीक कॉलोनी क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं का संघ 31 अगस्त को खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए रवाना हुआ था। संघ में शामिल श्रद्धालुओं ने खाटू श्याम जी के दर्शन किए और इसके बाद सभी वापस कुचामन लौट रहे थे। दर्शन के बाद खुशी-खुशी घर लौट रहे श्रद्धालुओं को जिजोट के पास अचानक हुए हादसे ने झकझोर दिया। पिकअप और वैगनर कार की भिड़ंत के बाद पिकअप सड़क पर पलट गई, जिससे उसमें सवार कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर जुटी भीड़ दुर्घटना के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। पिकअप के पलटने से सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। बाद में दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने की कार्रवाई की गई। परिवारों में मचा हड़कंप हादसे की खबर कुचामन पहुंचते ही घायल श्रद्धालुओं के परिजनों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में परिजन घायलों की जानकारी लेने अस्पताल पहुंचे। सीकर रेफर किए गए घायलों के परिजन भी उनके साथ सीकर रवाना हुए। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वैगनर कार और पिकअप की टक्कर के बाद पिकअप पलटने से हादसा हुआ। दुर्घटना किस कारण और किस परिस्थिति में हुई, इसकी पुलिस जांच के बाद ही पूरी जानकारी सामने आ सकेगी। खाटू श्याम जी के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ हुए इस हादसे के बाद कुचामन क्षेत्र में भी चिंता का माहौल है।3