स्कूल बस की टक्कर से पिता की मौत, मासूम बेटी गंभीर घायल, अस्पताल में जुटे परिजन सागवाड़ा में दर्दनाक हादसा: स्कूल बस की टक्कर से पिता की मौत, मासूम बेटी गंभीर घायल राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। आसपुर रोड पर पुराने चुंगी नाके के पास एक निजी स्कूल बस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी 7 वर्षीय मासूम बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कटारवाड़ा निवासी अशोक पुत्र शंकर मईडा (उम्र लगभग 38 वर्ष) अपनी बेटी निधि (7 वर्ष) के साथ बाइक लेकर चुंगी नाके के पास खड़े थे। इसी दौरान आसपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार निजी स्कूल बस ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि अशोक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बेटी निधि गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची को तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर प्रशिक्षु पुलिस उप अधीक्षक पारसमल और पुलिस उप अधीक्षक रूप सिंह राठौड़ पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को उठाकर राजकीय चिकित्सालय सागवाड़ा की मोर्चरी में रखवाया। इधर, मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि वे चाहते थे कि समाज के लोग इकट्ठा होने तक शव को मौके से न हटाया जाए, लेकिन पुलिस के एक कर्मचारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए जबरन शव को वहां से हटवा दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
स्कूल बस की टक्कर से पिता की मौत, मासूम बेटी गंभीर घायल, अस्पताल में जुटे परिजन सागवाड़ा में दर्दनाक हादसा: स्कूल बस की टक्कर से पिता की मौत, मासूम बेटी गंभीर घायल राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। आसपुर रोड पर पुराने चुंगी नाके के पास एक निजी स्कूल बस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी 7 वर्षीय मासूम बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कटारवाड़ा निवासी अशोक पुत्र शंकर मईडा (उम्र लगभग 38 वर्ष) अपनी बेटी निधि (7 वर्ष) के साथ बाइक लेकर चुंगी नाके के पास खड़े थे। इसी दौरान आसपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार निजी स्कूल बस ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि अशोक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बेटी निधि गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची को तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर प्रशिक्षु पुलिस उप अधीक्षक पारसमल और पुलिस उप अधीक्षक रूप सिंह राठौड़ पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को उठाकर राजकीय चिकित्सालय सागवाड़ा की मोर्चरी में रखवाया। इधर, मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि वे चाहते थे कि समाज के लोग इकट्ठा होने तक शव को मौके से न हटाया जाए, लेकिन पुलिस के एक कर्मचारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए जबरन शव को वहां से हटवा दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
- संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जीतो), श्री जैन नवयुवक मण्डल एवं जैन सोशल ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को डूंगरपुर में विश्व नवकार महामंत्र दिवस का भव्य आयोजन किया गया। भगवान श्री नेमिनाथ जी मंदिर परिसर स्थित पुण्य प्रवचन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद नवयुवक मण्डल के अध्यक्ष शैलेश मेहता ने स्वागत उद्बोधन दिया। जैन सोशल ग्रुप के अध्यक्ष सिद्धार्थ मेहता ने मंत्र की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य सामूहिक जप के माध्यम से विश्व में अहिंसा और सकारात्मकता का संदेश फैलाना है। वैश्विक स्तर पर 122 देशों में गूंजा मंत्र :- जीतो के संयोजक नीरव जैन ने बताया कि वर्ष 2025 की सफलता के बाद इस वर्ष भी 122 से अधिक देशों में वन नेशन, वन मंत्र, वन वाइब्रेशन के संकल्प के साथ यह दिवस मनाया गया। दुनिया भर में 6000 से अधिक स्थानों पर सामूहिक जाप और रथ यात्राओं के माध्यम से विश्व शांति की प्रार्थना की गई। इसी कड़ी में डूंगरपुर के नेमिनाथ मंदिर में 800 श्रद्धालुओं ने एक स्वर में मंत्रोच्चार किया, वहीं शहर के वरदान, बोस्टन, गुरुकुल, एसडी सहित विभिन्न सरकारी विद्यालयों के लगभग 15,000 बच्चों ने सामूहिक रूप से नवकार मंत्र का जाप कर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। विशेष आग्रह पर मॉडर्न स्कूल में स्वच्छता सदस्यों ने भी इस पुनीत कार्य में भागीदारी निभाई। अशांति के युग में शांति का मार्ग है नवकार: आचार्य मृदुरत्न सागर जी :- महोत्सव में सानिध्य प्रदान कर रहे मुनि पवित्र रत्न सागर जी महाराज सा. ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युद्ध की आग में जलते विश्व को केवल नवकार मंत्र ही शांति की ओर ले जा सकता है। वहीं, वागड़ विभूषण आचार्य देवश्री मृदुरत्न सागर जी महाराज सा. ने मंत्र की शक्ति का वर्णन करते हुए कहा कि नवकार महामंत्र पापों का नाश करने वाला सबसे शक्तिशाली माध्यम है। उन्होंने बताया कि नौ लाख बार मंत्र जप से नरक गति का निवारण होता है और पूर्ण श्रद्धा से किया गया जप साधक को मोक्ष की प्राप्ति कराता है। कार्यक्रम के अंत में सुनील जैन और पंकज नवकार ने आभार व्यक्त किया, जबकि जैन सोशल ग्रुप के सचिव नरेश जैन गुजरात ने बताया कि ग्रुप द्वारा सभी भक्तों को प्रभावना वितरित की गई।1
- महावीर इंटरनेशनल गढ़ी परतापुर द्वारा रैयाना निवासी देहदान घोषणा करने वाली दंपत्ति विनोद पंचाल और उनकी धर्म पत्नी अनीता पंचाल को देहदान घोषणा परिचय पत्र भेंट कर बहुमान किया गया। महावीर इंटरनेशनल गढ़ी परतापुर के संरक्षक अजीत कोठिया इंटरनेशनल डायरेक्टर नॉलेज शेयरिंग एवं ई चौपाल ने इस अवसर पर पंचाल दंपत्ति की देहदान की घोषणा को सभी के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरक बताते हुए सभी लोगों से इस पावन कार्य में सहयोग करने आग्रह किया। देहदान सबसे बड़ा दान है जिसके माध्यम से मेडिकल कॉलेज के माध्यम से योग्यतम चिकित्सक सृजन में सहयोग मिलता है जिससे गंभीर रोगों से पीड़ित कई रोगियों को नव जीवन देने का मार्ग प्रशस्त होता है। इस अवसर पर विनोद पंचाल ने कहा की इस नश्वर शरीर का उपयोग मरणोपरांत देहदान से बेहतर ओर कुछ भी नहीं हो सकता। हम दोनो पति पत्नी मरणोपरांत देहदान की घोषणा कर अति प्रसन्न है।3
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (कुशलगढ़,, कानून के रखवाले हो या साधु संत सबके लिए गो माता , तो,माता है, गो भक्तो का कारवा अब नहीं रुकेगा,नहीं झुकेगा,ये संकल्प,सभी देशवासियों का है राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में इन दिनों गो माता के भक्तों ने अब पुरी तरह कमर कस ली है चाहे पदो पर बैठे पदाधिकारी हो या कानून के रखवाले या हो साधु संत सभी आवाम ने अबकी बार एक संकल्प के साथ गो माता को राष्ट माता का दर्जा दिलाने,गो हत्या पुर्ण रुप से बंद हो का बिडा अब रफ्तार पकड़ रहा है 27अप्रेल को कुशलगढ़ , सज्जनगढ़ सहित पुरे प्रदेश व देश में 5000हजार से अधिक तहसिलो उपखंडो पर गो माता के सम्मान में प्रधानमंत्री को एक प्रार्थना पत्र देकर गो माता को सम्मान दिलाने में कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं4
- प्रतापगढ़ से बड़ी खबर हथुनिया थाने में तैनात सहायक उप-निरीक्षक (ASI) रघुवीर सिंह को किया गया निलंबित! पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य की बड़ी कार्रवाई तस्करों से मिलीभगत और अवैध लेन-देन के गंभीर आरोप जिले में चल रहे एंटी-स्मगलिंग अभियान के बीच बड़ा एक्शन SP बी. आदित्य का साफ संदेश तस्करों से सांठगांठ करने वाले पुलिसकर्मी बख्शे नहीं जाएंगे” वहीं हथुनिया थाना प्रभारी उदयवीर सिंह का बयान मामले की जांच जारी डिप्टी स्तर पर हो रही है जांच इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में पुलिस महकमे में बढ़ी सतर्कता1
- Post by Parmeshvar redash1
- झाडोल पुलिस की सख्त कार्रवाई: 2 साल से फरार स्थाई वारंटी चोरी के मामले में गिरफ्तार1
- आंतरी रेंज के जंगलों में बेकाबू हुई आग, हवाओं ने बढ़ाई तपिश, तमाशबीन बना विभाग संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले की आंतरी वन रेंज के अंतर्गत आने वाले भासोर, पुनाली और मांडव के पहाड़ी जंगलों में पिछले कुछ समय से भीषण आग ने तांडव मचा रखा है। सैकड़ों हेक्टेयर में फैली बेशकीमती वन संपदा धू-धू कर जल रही है, जिससे न केवल पर्यावरण को भारी क्षति पहुँच रही है, बल्कि वन्यजीवों के अस्तित्व पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी का दौर अभी शुरू भी नहीं हुआ है, ऐसे में असमय भड़की इस आग ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और जानकारों का मानना है कि यह प्राकृतिक आग नहीं, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय कुछ असामाजिक तत्वों की सोची-समझती साजिश या लापरवाही का नतीजा है। वन्यजीवों के आशियाने पर संकट :- विदित रहे कि इन सघन जंगलों में पैंथर, नीलगाय, जंगली सूअर, सेही, भेड़िये और राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित कई दुर्लभ प्रजातियों का वास है। वर्तमान में आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जो रात के अंधेरे में पहाड़ियों पर और भी भयानक और डरावनी प्रतीत होती हैं। तेज हवाओं के झोंके आग की लपटों में घी का काम कर रहे हैं, जिससे आग तेजी से नए इलाकों को अपनी चपेट में ले रही है। आग के कारण कई छोटे वन्यजीव और रेंगने वाले जीव काल के ग्रास बन चुके हैं, वहीं, बड़े जानवर जान बचाने के लिए रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ गया है। प्रशासनिक सख्ती की दरकार :- आग की भयावहता को देखते हुए क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और वन विभाग को न केवल आग बुझाने के संसाधनों में तेजी लानी चाहिए, बल्कि उन असामाजिक तत्वों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए जो निजी स्वार्थ या शरारतवश जंगलों को आग के हवाले कर रहे हैं। यदि समय रहते इन पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो डूंगरपुर की यह हरी-भरी वन संपदा और वन्यजीव केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे।1
- कुशलगढ़ नगर में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सीवरेज परियोजना गंभीर सवालों में है। टंकी चौक क्षेत्र में बार-बार जाम हो रही लाइन से आमजन व श्रद्धालु गंदे पानी से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे प्रशासन व नगर पालिका की लापरवाही उजागर हो रही है। हिरण नदी के पास स्थित सोमनाथ मंदिर, राम मंदिर व बोहरा समाज के कब्रिस्तान तक जाने वाला मार्ग पिछले एक वर्ष से प्रभावित है। पुलिया पर सीवरेज बहना आम हो गया है, जबकि ठेकेदार के कर्मचारी केवल औपचारिकता निभा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार पाइपलाइन का लेवल व क्षमता सही नहीं होने से समस्या बनी हुई है। गंदा पानी सड़कों पर भरने से आवागमन बाधित होता है और श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हो रही है। गंभीर स्थिति तब बनती है जब दूषित पानी हिरण नदी में मिलकर बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है। नगरवासियों ने 40 करोड़ से अधिक की लागत वाली इस परियोजना को फेल बताते हुए जिला कलेक्टर व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ठेकेदार पर कार्रवाई, तकनीकी जांच व जवाबदेही तय करने की मांग की है।1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी की क़लम से,,, (गो भक्तो के जज्बे को प्रणाम, कहीं हस्ताक्षर अभियान तो कहीं महिलाओं ने अपने हाथों में उकेरी मैहंदी,तो यज्ञ हवन अनुष्ठान व भजनों के माध्यम से गो सम्मान का हो रहा आव्हान इन दिनों गो माता के सम्मान में देश ही नहीं बल्कि गांव ढाणी मजरों कस्बों शहरों में गो माता को सम्मान दिलाने के आव्हान को जबरजस्त कामयाबी हासिल होती दिखाई देती नजर आ रही है गो भक्तो का कारवा इस बात का गवाह बनता जा रहा है इस बार केंद्र सरकार को गो माता को राष्ट माता व गो हत्या को पुरी तरह बंद कर कानून बना कर माता को इंसाफ दिलाने में कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं वर्षों से गो हत्या पुर्ण रुप से बंद हो चुकी गाय हमारी माता है गो माता के शरीर के अंग अंग में 33कोटी देवी देवताओं का निवास है हमारे वैदो पुराणों ग्रंथों में भी गाय माता को माता का दर्जा दिया गया है लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि वर्षों से गो माता की आए दिन हत्याएं होती है बुचड़ खानों में बड़ी बै रहमी से गो माता को काटा जाता है पर इस हेतु कोई ठोस कदम नहीं उठाता इसलिए गो हत्या जैसा जघन्य अपराध कर गो हत्यारे धर्म को नष्ट कर अपनी तिजोरियां भरने में लगे हुए हैं इस बार संतों सनातनियों,गो भक्तो पुरुषों, महिलाओं बच्चों ने ठान लिया है कि इस बार गो माता को सम्मान दिलाने के लिए गांव ढाणी से शहर तक इस मुहिम में जुड़ते जा रहे हैं हम आपको बतादे की राजस्थान के डुंगरपुर में, गो भक्तो ने दिनांक 12अप्रेल को विशाल कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा जिसमें कुल 5000हजार महिलाएं कलश यात्रा में भाग लेगी, वहीं सभी महिलाएं गो संकल्प पत्र भी भरेगी वहीं जगह जगह महिलाएं यज्ञ हवन अनुष्ठान व भजनों के माध्यम से इस पवित्र अभियान को सफल व साकार बनाने में गो भक्त दिन रात मैहनत कर रहे हैं वही बांसवाड़ा व डूंगरपुर जिले सहित सज्जनगढ़, कुशलगढ़,के गांव गांव में टोलीया जा कर अलख जगाने में अपना योगदान दे रहे हैं इस अभियान में विश्व हिन्दू परिषद के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार जी ने भारत वर्ष में चल रहे गो सम्मान आव्हान अभियान के निर्मीत गोआ के कलगुट में भारतीय संत दर्शन यात्रा पर संतों से चर्चा की, महिलाओं ने अपने हाथों में मेंहदी उकेर कर गो माता के सम्मान मे अपना योगदान दे रही है वहीं राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के छोटी सरवा के व्यापारी,व समाज सेवी दैवेन्द जोशी सहित सभी गो भक्त देश की सभी तहसीलों उपखंडों जिलों संभागों व देश के प्रत्येक राज्यों में यह अभियान एक किर्ति स्तंभ की तरह गो माता को अबकी बार जरूर इंसाफ दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं 27अप्रेल का दिन गो भक्तो को याद रहेगा कहीं गो भक्तो की जायज मांग अगर मानली जाती है तो वो दिन दूर नहीं एक मिशाल बनकर एक एतिहासिक पल होगा वहीं इस अभियान को गीनीज बुक में भी दर्ज किया जाने से इंकार नहीं किया जा सकता है!4