जीतन राम मांझी बोले— “आरक्षण के कोटे के अंदर भी बंटवारा होना चाहिए!” केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आरक्षण व्यवस्था में उप-वर्गीकरण यानी ‘कोटे के अंदर कोटा’ की वकालत की है। उनका कहना है कि आरक्षण का लाभ उन वंचित वर्गों तक भी पहुंचना चाहिए, जो अब तक इससे अपेक्षित लाभ नहीं ले पाए हैं। आरक्षण पर मांझी के बयान से बिहार की सियासत में फिर बहस तेज। #Reservation #JitanRamManjhi #आरक्षण #जीतनराममांझी #Quota #BiharPolitics #BiharNews #KSRBiharNews जीतन राम मांझी बोले— “आरक्षण के कोटे के अंदर भी बंटवारा होना चाहिए!” केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आरक्षण व्यवस्था में उप-वर्गीकरण यानी ‘कोटे के अंदर कोटा’ की वकालत की है। उनका कहना है कि आरक्षण का लाभ उन वंचित वर्गों तक भी पहुंचना चाहिए, जो अब तक इससे अपेक्षित लाभ नहीं ले पाए हैं। आरक्षण पर मांझी के बयान से बिहार की सियासत में फिर बहस तेज। #Reservation #JitanRamManjhi #आरक्षण #जीतनराममांझी #Quota #BiharPolitics #BiharNews #KSRBiharNews
जीतन राम मांझी बोले— “आरक्षण के कोटे के अंदर भी बंटवारा होना चाहिए!” केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आरक्षण व्यवस्था में उप-वर्गीकरण यानी ‘कोटे के अंदर कोटा’ की वकालत की है। उनका कहना है कि आरक्षण का लाभ उन वंचित वर्गों तक भी पहुंचना चाहिए, जो अब तक इससे अपेक्षित लाभ नहीं ले पाए हैं। आरक्षण पर मांझी के बयान से बिहार की सियासत में फिर बहस तेज। #Reservation #JitanRamManjhi #आरक्षण #जीतनराममांझी #Quota #BiharPolitics #BiharNews #KSRBiharNews जीतन राम मांझी बोले— “आरक्षण के कोटे के अंदर भी बंटवारा होना चाहिए!” केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आरक्षण व्यवस्था में उप-वर्गीकरण यानी ‘कोटे के अंदर कोटा’ की वकालत की है। उनका कहना है कि आरक्षण का लाभ उन वंचित वर्गों तक भी पहुंचना चाहिए, जो अब तक इससे अपेक्षित लाभ नहीं ले पाए हैं। आरक्षण पर मांझी के बयान से बिहार की सियासत में फिर बहस तेज। #Reservation #JitanRamManjhi #आरक्षण #जीतनराममांझी #Quota #BiharPolitics #BiharNews #KSRBiharNews
- जीतन राम मांझी बोले— “आरक्षण के कोटे के अंदर भी बंटवारा होना चाहिए!” केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आरक्षण व्यवस्था में उप-वर्गीकरण यानी ‘कोटे के अंदर कोटा’ की वकालत की है। उनका कहना है कि आरक्षण का लाभ उन वंचित वर्गों तक भी पहुंचना चाहिए, जो अब तक इससे अपेक्षित लाभ नहीं ले पाए हैं। आरक्षण पर मांझी के बयान से बिहार की सियासत में फिर बहस तेज। #Reservation #JitanRamManjhi #आरक्षण #जीतनराममांझी #Quota #BiharPolitics #BiharNews #KSRBiharNews जीतन राम मांझी बोले— “आरक्षण के कोटे के अंदर भी बंटवारा होना चाहिए!” केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आरक्षण व्यवस्था में उप-वर्गीकरण यानी ‘कोटे के अंदर कोटा’ की वकालत की है। उनका कहना है कि आरक्षण का लाभ उन वंचित वर्गों तक भी पहुंचना चाहिए, जो अब तक इससे अपेक्षित लाभ नहीं ले पाए हैं। आरक्षण पर मांझी के बयान से बिहार की सियासत में फिर बहस तेज। #Reservation #JitanRamManjhi #आरक्षण #जीतनराममांझी #Quota #BiharPolitics #BiharNews #KSRBiharNews1
- पति की मौत के एक माह बाद सड़क हादसे में पत्नी की भी गई जान, चार बेटे-बेटी हुए अनाथ ।। मझौलिया। थाना क्षेत्र के सतभीड़वा दलित बस्ती वार्ड संख्या-14 में गुरुवार को सड़क हादसे में 46 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान स्व. बाला मांझी की पत्नी सियाती देवी के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। करीब एक माह पूर्व ही बीमारी के कारण उसके पति की मौत हुई थी। अब पत्नी की भी सड़क दुर्घटना में मौत होने से उसके चार बेटे और एक बेटी बेसहारा हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, सियाती देवी गुरुवार को घर बनाने के लिए एस्बेस्टस खरीदने दुकान जा रही थीं। इसी दौरान नानोसती-मझौलिया मुख्य मार्ग पर दलित बस्ती के समीप तेज गति से आ रहे अनियंत्रित ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। दुर्घटना के बाद चालक ऑटो लेकर मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने आनन-फानन में घायल महिला को मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जीएमसीएच, बेतिया रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फरार ऑटो और चालक की तलाश में जुटी है। पड़ोसी झापस मांझी ने बताया कि मृतका के चार बेटे धर्मेंद्र कुमार (18), मंदीप कुमार (13), मंजीत कुमार (10) और एक अन्य पुत्र तथा 15 वर्षीय बेटी धर्मशीला कुमारी हैं। पति की मौत के बाद अब मां के चले जाने से बच्चे पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ऑटो और चालक की तलाश की जा रही है। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- आपदा में अवसर का खेल नेपाल में बाढ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहा है लोग जान जोखिम में डाल कर नदी में उतर कर बह कर आए सामान सिलिंडर आदि लूट रहे हैं1
- रक्षाबंधन पर अनोखी पहल: पेड़ों को बांधी राखी, लिया प्रकृति की रक्षा का संकल्प बगहा में रक्षाबंधन के मौके पर दिखा प्रकृति के प्रति अनोखा प्रेम। आईपीएस विकास वैभव चौराहा पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर अनूठे ‘वृक्षबंधन’ पर्व का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्यावरणप्रेमियों ने पेड़ों को राखी बांधकर उनकी रक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण साधक गजेन्द्र यादव के नेतृत्व में किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पर्यावरणप्रेमियों ने इसमें हिस्सा लिया और पेड़ों को राखी बांधकर यह संदेश दिया कि जिस तरह भाई-बहन एक-दूसरे की रक्षा का वचन देते हैं, उसी तरह हमें भी पेड़-पौधों, जंगलों और प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गजेन्द्र यादव ने कहा कि सिर्फ पौधा लगाना ही पर्यावरण संरक्षण नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधे को वृक्ष बनाना और उसकी लगातार देखभाल करना ही वास्तविक पर्यावरण संरक्षण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जन्मदिन, विवाह और अन्य शुभ अवसरों पर पौधरोपण करें और लगाए गए पौधों की जिम्मेदारी भी स्वयं उठाएं। उन्होंने नेपाल में हालिया जलप्रलय का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं हमें प्रकृति के प्रति सजग होने का संदेश दे रही हैं। अगर पर्यावरण के साथ संतुलन नहीं बनाया गया, तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। इसलिए आज जरूरत है कि हर व्यक्ति प्रकृति की रक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझे। रक्षाबंधन के इस अनूठे आयोजन ने लोगों को यह संदेश दिया कि रिश्तों की रक्षा के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा भी जरूरी है। पेड़ों को बांधी गई राखी महज एक रस्म नहीं, बल्कि पर्यावरण बचाने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प बनी। कार्यक्रम में शंभूनाथ शुक्ल, रामसकल साह, कमलेश चतुर्वेदी, श्रवण राम, प्रेम बिहारी कुशवाहा समेत बड़ी संख्या में पर्यावरणप्रेमी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- महावीरी झण्डा मे उमड़ जन सैलाब भगवान महावीर के जयघोष से वातावरण गुजमान नौतन प्रखंड क्षेत्र के मंगलपुर खेल मैदान पर शुक्रवार देर शाम तक ठोल नाकारा के साथ भक्ति भाव से झुमे श्रद्धालू1
- तमिलनाडु से घर लौट रहे युवक की ट्रेन से गिरकर मौत। ----घुघली व कप्तानगंज के बीच हुआ हादसा, इलाज के दौरान गोरखपुर में तोड़ा दम नौतन।तमिलनाडु से ट्रेन से अपने घर लौट रहे जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बरदाहा पंचायत के हरिनगर वार्ड नंबर-2 निवासी 25 वर्षीय रौशन कुमार की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई।हादसा गुरुवार की सुबह करीब नौ से दस बजे के बीच घुघली और कप्तानगंज के बीच हुआ। गंभीर रूप से घायल रौशन को इलाज के लिए गोरखपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव के घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।मृतक के चाचा बृजकिशोर चौधरी ने बताया कि रौशन कुमार तमिलनाडु में रहकर मजदूरी करता था। वह रक्षाबंधन के अवसर पर ट्रेन से तमिलनाडु से अपने घर लौट रहा था।इसी दौरान घुघली और कप्तानगंज के बीच वह ट्रेन से गिर गया।घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर उसका मोबाइल गिरा मिला।मोबाइल पर आए फोन के माध्यम से किसी व्यक्ति ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन वहां पहुंचे। गंभीर हालत में रौशन का इलाज गोरखपुर में कराया जा रहा था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।इसके बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे। जगदीशपुर थानाध्यक्ष नितेश कुमार ने बताया कि शव का पंचनामा तैयार कर जीएमसीएच में पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। *डेढ़ वर्ष पूर्व हुई थी शादी* परिजनों के अनुसार रौशन कुमार की शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बिदाउती कुमारी से हुई थी। उसकी सात माह की एक बच्ची है। परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए रौशन तमिलनाडु में मजदूरी करता था।मौत से पत्नी बिदाउती कुमारी समेत पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं परिजनों ढांढस बंधाने में पंचायत के मुखिया राजहरण कुमार उपस्थित रहे।4
- रक्षा बंधन के पावन अवसर पर पश्चिम चम्पारण की जिविका दीदीओं ने राखी बांधी। 28 August. जिला पदाधिकारी श्री तरण जोत सिंह और उप विकास आयुक्त श्री काजले वैभव नितिन को जिविका दीदीओं ने राखी बांधी। 28.08.2026.1
- रक्षाबंधन पर घर पहुंचा भाई का शव, खुशियां बदलीं मातम में… ट्रेन से गिरकर 19 वर्षीय रोशन की मौत रक्षाबंधन का त्योहार… घर में भाई के आने का इंतजार… बहनें राखी बांधने की तैयारी में थीं। लेकिन जिस भाई के हाथ में राखी बांधने का इंतजार था, उसी का शव रक्षाबंधन के दिन घर पहुंचा। बेतिया में हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। मामला जगदीशपुर थाना क्षेत्र के रामनगर गांव का है, जहां 19 वर्षीय रोशन चौधरी की ट्रेन से गिरने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। रोशन, बच्चा चौधरी का पुत्र था और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण शादी के बाद मजदूरी करने तमिलनाडु चला गया था। रोशन की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी और उसकी आठ महीने की मासूम बेटी भी है। रक्षाबंधन के मौके पर वह तमिलनाडु से ट्रेन के जरिए अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान कप्तानगंज और हुगली के बीच अचानक वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। हादसे में रोशन गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में रोशन को स्थानीय लोगों ने देखा। उसके पास मिले मोबाइल फोन के जरिए घटना की सूचना दी गई। इसके बाद रेल पुलिस मौके पर पहुंची और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मोबाइल के माध्यम से उसके परिजनों से संपर्क कर हादसे की जानकारी दी। घटना की खबर मिलते ही रोशन के चाचा बृजकिशोर चौधरी आनन-फानन में कप्तानगंज पहुंचे। रोशन की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर के शिवम हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे रोशन ने आखिरकार दम तोड़ दिया। रोशन की मौत की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। जिस रक्षाबंधन पर बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधनी थी, उसी दिन भाई का शव घर पहुंचा। पत्नी की आंखों के सामने पति का शव और आठ महीने की मासूम बच्ची का सिर से पिता का साया उठ जाना—इस दर्दनाक मंजर ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। रक्षाबंधन की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं। गांव में भी शोक की लहर है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।1