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डीआईओएस के आदेश भी बेअसर! हाईवे के सामने गेट खुलने के इंतजार में खड़े रहे 40–50 छात्र-छात्राएं* संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में छात्र सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, आईजीआरएस शिकायत के बाद डीआईओएस के स्पष्ट निर्देश के बावजूद नहीं बदली व्यवस्था सोरों/कासगंज। संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, सोरों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आईजीआरएस शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), कासगंज द्वारा विद्यालय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद विद्यार्थियों का आवागमन हाईवे की ओर स्थित गेट से होने का मामला सामने आया है। बुधवार को कासगंज गेट स्थित हाईवे के सामने वाले गेट पर करीब 40 से 50 छात्र-छात्राएं पैदल और साइकिलों से पहुंचे और आधे घंटे से अधिक समय तक गेट खुलने का इंतजार करते रहे। इस दौरान विद्यार्थियों की भीड़ हाईवे के बिल्कुल सामने नजर आई। गेट के बाहर खड़े छात्र-छात्राओं का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गेट बंद होने से हाईवे के सामने जमा हुई विद्यार्थियों की भीड़ स्थानीय लोगों के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने हाईवे की ओर स्थित गेट बंद कर दिया था। बताया गया कि कुछ विद्यार्थी देर से पहुंचे थे, जबकि कुछ निर्धारित ड्रेस में कॉलेज नहीं आए थे। इसके बाद गेट बंद रहने से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बाहर ही खड़े होकर गेट खुलने का इंतजार करते रहे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर है। हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच यदि छात्र-छात्राओं की भीड़ लंबे समय तक सड़क के सामने खड़ी रहे तो किसी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। आईजीआरएस शिकायत के बाद डीआईओएस ने दिए थे स्पष्ट निर्देश विद्यालय के मुख्य द्वार पर अतिक्रमण और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मुख्य गेट से विद्यार्थियों का आवागमन बाधित होने के कारण उन्हें करीब 400 मीटर दूर हाईवे की ओर स्थित गेट से आना-जाना पड़ता है। शिकायत में सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे पर बढ़ने वाले भारी वाहनों और कांवड़ियों की आवाजाही के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर दुर्घटना की आशंका भी जताई गई थी। मामले का संज्ञान लेते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक, कासगंज ने संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीआईओएस के निर्देश में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाईवे वाले गेट से विद्यार्थियों का आवागमन नहीं कराने और रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित गेट को नियमित एवं सुरक्षित आवागमन के लिए खोलने के निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही विद्यालय के मुख्य द्वार की साफ-सफाई, रंग-रोगन तथा संस्था के नाम की स्पष्ट पट्टिका लगाने के निर्देश भी दिए गए थे। मामले में दो दिवस के भीतर साक्ष्यों सहित आख्या उपलब्ध कराने को भी कहा गया था। कांवड़ यात्रा खत्म, लेकिन सुरक्षा का सवाल बरकरार कांवड़ यात्रा समाप्त हो चुकी है, लेकिन विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा मूल सवाल अभी भी बना हुआ है। यदि हाईवे की ओर स्थित गेट से विद्यार्थियों का आवागमन जारी रहता है और गेट बंद होने की स्थिति में बच्चे सड़क के सामने एकत्रित होते हैं, तो यह व्यवस्था स्वयं सुरक्षा के लिहाज से सवालों के घेरे में आ जाती है। हाईवे हादसे में छात्र की मौत का हवाला देकर गोविंद तिवारी ने उठाए सवाल शिकायतकर्ता गोविंद तिवारी ने कहा कि 2 सितंबर को हाईवे पर हुई सड़क दुर्घटना में भागीरथी इंटर कॉलेज के एक छात्र की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस घटना को देखते हुए संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज प्रशासन को विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर और अधिक गंभीरता बरतनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा लिखित रूप से निर्देश दिए जा चुके हैं कि हाईवे वाले गेट से छात्र-छात्राओं का आवागमन न कराया जाए, तो इसके बावजूद विद्यार्थियों को इसी गेट से बुलाने और निकालने की व्यवस्था क्यों जारी है? गोविंद तिवारी ने मांग की कि रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित गेट से विद्यार्थियों के प्रवेश और निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सुचारू कराई जाए। अब डीआईओएस की कार्रवाई पर टिकी नजर बुधवार को हाईवे के सामने 40 से 50 छात्र-छात्राओं के लंबे समय तक खड़े रहने की घटना के बाद अब सवाल यह है कि जब विभागीय अधिकारी छात्र सुरक्षा को लेकर लिखित निर्देश जारी कर चुके हैं, तो उनके अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि हाईवे के सामने विद्यार्थियों की भीड़ के बीच यदि कोई तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित हो जाए तो गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे में जिला विद्यालय निरीक्षक से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर मौके की जांच, जिम्मेदारी तय करने और पूर्व में जारी निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग उठ रही है, ताकि किसी अनहोनी से पहले व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।

9 hrs ago
user_Journalist Anoop Mahere
Journalist Anoop Mahere
कासगंज, कासगंज, उत्तर प्रदेश•
9 hrs ago

डीआईओएस के आदेश भी बेअसर! हाईवे के सामने गेट खुलने के इंतजार में खड़े रहे 40–50 छात्र-छात्राएं* संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में छात्र सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, आईजीआरएस शिकायत के बाद डीआईओएस के स्पष्ट निर्देश के बावजूद नहीं बदली व्यवस्था सोरों/कासगंज। संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, सोरों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आईजीआरएस शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), कासगंज द्वारा विद्यालय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद विद्यार्थियों का आवागमन हाईवे की ओर स्थित गेट से होने का मामला सामने आया है। बुधवार को कासगंज गेट स्थित हाईवे के सामने वाले गेट पर करीब 40 से 50 छात्र-छात्राएं पैदल और साइकिलों से पहुंचे और आधे घंटे से अधिक समय तक गेट खुलने का इंतजार करते रहे। इस दौरान विद्यार्थियों की भीड़ हाईवे के बिल्कुल सामने नजर आई। गेट के बाहर खड़े छात्र-छात्राओं का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गेट बंद होने से हाईवे के सामने जमा हुई विद्यार्थियों की भीड़ स्थानीय लोगों के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने हाईवे की ओर स्थित गेट बंद कर दिया था। बताया गया कि कुछ विद्यार्थी देर से पहुंचे थे, जबकि कुछ निर्धारित ड्रेस में कॉलेज नहीं आए थे। इसके बाद गेट बंद रहने से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बाहर ही खड़े होकर गेट खुलने का इंतजार करते रहे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर है। हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच यदि छात्र-छात्राओं की भीड़ लंबे समय तक सड़क के सामने खड़ी रहे तो किसी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। आईजीआरएस शिकायत के बाद डीआईओएस ने दिए थे स्पष्ट निर्देश विद्यालय के मुख्य द्वार पर अतिक्रमण और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मुख्य गेट से विद्यार्थियों का आवागमन बाधित होने के कारण उन्हें करीब 400 मीटर दूर हाईवे की ओर स्थित गेट से आना-जाना पड़ता है। शिकायत में सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे पर बढ़ने वाले भारी वाहनों और कांवड़ियों की आवाजाही के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर दुर्घटना की आशंका भी जताई गई थी। मामले का संज्ञान लेते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक, कासगंज ने संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीआईओएस के निर्देश में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाईवे वाले गेट से विद्यार्थियों का आवागमन नहीं कराने और रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित गेट को नियमित एवं सुरक्षित आवागमन के लिए खोलने के निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही विद्यालय के मुख्य द्वार की साफ-सफाई, रंग-रोगन तथा संस्था के नाम की स्पष्ट पट्टिका लगाने के निर्देश भी दिए गए थे। मामले में दो दिवस के भीतर साक्ष्यों सहित आख्या उपलब्ध कराने को भी कहा गया था। कांवड़ यात्रा खत्म, लेकिन सुरक्षा का सवाल बरकरार कांवड़ यात्रा समाप्त हो चुकी है, लेकिन विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा मूल सवाल अभी भी बना हुआ है। यदि हाईवे की ओर स्थित गेट से विद्यार्थियों का आवागमन जारी रहता है और गेट बंद होने की स्थिति में बच्चे सड़क के सामने एकत्रित होते हैं, तो यह व्यवस्था स्वयं सुरक्षा के लिहाज से सवालों के घेरे में आ जाती है। हाईवे हादसे में छात्र की मौत का हवाला देकर गोविंद तिवारी ने उठाए सवाल शिकायतकर्ता गोविंद तिवारी ने कहा कि 2 सितंबर को हाईवे पर हुई सड़क दुर्घटना में भागीरथी इंटर कॉलेज के एक छात्र की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस घटना को देखते हुए संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज प्रशासन को विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर और अधिक गंभीरता बरतनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा लिखित रूप से निर्देश दिए जा चुके हैं कि हाईवे वाले गेट से छात्र-छात्राओं का आवागमन न कराया जाए, तो इसके बावजूद विद्यार्थियों को इसी गेट से बुलाने और निकालने की व्यवस्था क्यों जारी है? गोविंद तिवारी ने मांग की कि रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित गेट से विद्यार्थियों के प्रवेश और निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सुचारू कराई जाए। अब डीआईओएस की कार्रवाई पर टिकी नजर बुधवार को हाईवे के सामने 40 से 50 छात्र-छात्राओं के लंबे समय तक खड़े रहने की घटना के बाद अब सवाल यह है कि जब विभागीय अधिकारी छात्र सुरक्षा को लेकर लिखित निर्देश जारी कर चुके हैं, तो उनके अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि हाईवे के सामने विद्यार्थियों की भीड़ के बीच यदि कोई तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित हो जाए तो गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे में जिला विद्यालय निरीक्षक से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर मौके की जांच, जिम्मेदारी तय करने और पूर्व में जारी निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग उठ रही है, ताकि किसी अनहोनी से पहले व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।

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    डीआईओएस के आदेश भी बेअसर! हाईवे के सामने गेट खुलने के इंतजार में खड़े रहे 40–50 छात्र-छात्राएं* 
संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में छात्र सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, आईजीआरएस शिकायत के बाद डीआईओएस के स्पष्ट निर्देश के बावजूद नहीं बदली व्यवस्था
सोरों/कासगंज। संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, सोरों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आईजीआरएस शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), कासगंज द्वारा विद्यालय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद विद्यार्थियों का आवागमन हाईवे की ओर स्थित गेट से होने का मामला सामने आया है।
बुधवार को कासगंज गेट स्थित हाईवे के सामने वाले गेट पर करीब 40 से 50 छात्र-छात्राएं पैदल और साइकिलों से पहुंचे और आधे घंटे से अधिक समय तक गेट खुलने का इंतजार करते रहे। इस दौरान विद्यार्थियों की भीड़ हाईवे के बिल्कुल सामने नजर आई। गेट के बाहर खड़े छात्र-छात्राओं का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
गेट बंद होने से हाईवे के सामने जमा हुई विद्यार्थियों की भीड़
स्थानीय लोगों के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने हाईवे की ओर स्थित गेट बंद कर दिया था। बताया गया कि कुछ विद्यार्थी देर से पहुंचे थे, जबकि कुछ निर्धारित ड्रेस में कॉलेज नहीं आए थे। इसके बाद गेट बंद रहने से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बाहर ही खड़े होकर गेट खुलने का इंतजार करते रहे।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर है। हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच यदि छात्र-छात्राओं की भीड़ लंबे समय तक सड़क के सामने खड़ी रहे तो किसी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
आईजीआरएस शिकायत के बाद डीआईओएस ने दिए थे स्पष्ट निर्देश
विद्यालय के मुख्य द्वार पर अतिक्रमण और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मुख्य गेट से विद्यार्थियों का आवागमन बाधित होने के कारण उन्हें करीब 400 मीटर दूर हाईवे की ओर स्थित गेट से आना-जाना पड़ता है।
शिकायत में सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे पर बढ़ने वाले भारी वाहनों और कांवड़ियों की आवाजाही के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर दुर्घटना की आशंका भी जताई गई थी।
मामले का संज्ञान लेते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक, कासगंज ने संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
डीआईओएस के निर्देश में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाईवे वाले गेट से विद्यार्थियों का आवागमन नहीं कराने और रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित गेट को नियमित एवं सुरक्षित आवागमन के लिए खोलने के निर्देश दिए गए थे।
इसके साथ ही विद्यालय के मुख्य द्वार की साफ-सफाई, रंग-रोगन तथा संस्था के नाम की स्पष्ट पट्टिका लगाने के निर्देश भी दिए गए थे। मामले में दो दिवस के भीतर साक्ष्यों सहित आख्या उपलब्ध कराने को भी कहा गया था।
कांवड़ यात्रा खत्म, लेकिन सुरक्षा का सवाल बरकरार
कांवड़ यात्रा समाप्त हो चुकी है, लेकिन विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा मूल सवाल अभी भी बना हुआ है। यदि हाईवे की ओर स्थित गेट से विद्यार्थियों का आवागमन जारी रहता है और गेट बंद होने की स्थिति में बच्चे सड़क के सामने एकत्रित होते हैं, तो यह व्यवस्था स्वयं सुरक्षा के लिहाज से सवालों के घेरे में आ जाती है।
हाईवे हादसे में छात्र की मौत का हवाला देकर गोविंद तिवारी ने उठाए सवाल
शिकायतकर्ता गोविंद तिवारी ने कहा कि 2 सितंबर को हाईवे पर हुई सड़क दुर्घटना में भागीरथी इंटर कॉलेज के एक छात्र की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस घटना को देखते हुए संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज प्रशासन को विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर और अधिक गंभीरता बरतनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा लिखित रूप से निर्देश दिए जा चुके हैं कि हाईवे वाले गेट से छात्र-छात्राओं का आवागमन न कराया जाए, तो इसके बावजूद विद्यार्थियों को इसी गेट से बुलाने और निकालने की व्यवस्था क्यों जारी है?
गोविंद तिवारी ने मांग की कि रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित गेट से विद्यार्थियों के प्रवेश और निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सुचारू कराई जाए।
अब डीआईओएस की कार्रवाई पर टिकी नजर
बुधवार को हाईवे के सामने 40 से 50 छात्र-छात्राओं के लंबे समय तक खड़े रहने की घटना के बाद अब सवाल यह है कि जब विभागीय अधिकारी छात्र सुरक्षा को लेकर लिखित निर्देश जारी कर चुके हैं, तो उनके अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि हाईवे के सामने विद्यार्थियों की भीड़ के बीच यदि कोई तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित हो जाए तो गंभीर हादसा हो सकता है।
ऐसे में जिला विद्यालय निरीक्षक से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर मौके की जांच, जिम्मेदारी तय करने और पूर्व में जारी निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग उठ रही है, ताकि किसी अनहोनी से पहले व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।
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    Journalist Anoop Mahere
    कासगंज, कासगंज, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • डीआईओएस के आदेश भी बेअसर, हाईवे के सामने गेट खुलने के इंतजार में खड़े रहे 40-50 छात्र-छात्राएं डीआईओएस के आदेश भी बेअसर, हाईवे के सामने गेट खुलने के इंतजार में खड़े रहे 40-50 छात्र-छात्राएं संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में छात्र सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप, आईजीआरएस शिकायत के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था; गेट के बाहर विद्यार्थियों की भीड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल सोरों/कासगंज। संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, सोरों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आईजीआरएस पर शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक, कासगंज द्वारा कॉलेज के प्रधानाचार्य को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद विद्यार्थियों का आवागमन हाईवे के सामने स्थित गेट से लगातार जारी है। बुधवार को तो स्थिति और भी गंभीर नजर आई, जब कासगंज गेट स्थित हाईवे के सामने वाले गेट पर करीब 40 से 50 छात्र-छात्राएं पैदल और साइकिलों से पहुंचकर आधे घंटे से अधिक समय तक गेट खुलने का इंतजार करते रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार, कॉलेज प्रशासन द्वारा हाईवे की ओर स्थित गेट को बंद कर दिया गया था। बताया गया कि कुछ छात्र देर से पहुंचे थे, जबकि कुछ छात्र-छात्राएं निर्धारित ड्रेस में कॉलेज नहीं आए थे। इसी कारण गेट बंद कर दिया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी हाईवे के सामने ही गेट खुलने का इंतजार करते रहे। सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि हाईवे के सामने छात्र-छात्राओं की भीड़ लगातार इसी तरह एकत्रित होती रही तो तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार कैसे किया जा सकता है? विद्यार्थियों के गेट के बाहर खड़े रहने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्थानीय लोगों में कॉलेज प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है। आईजीआरएस शिकायत के बाद डीआईओएस ने दिए थे स्पष्ट निर्देश दरअसल, विद्यालय के मुख्य द्वार पर अतिक्रमण और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि मुख्य गेट से विद्यार्थियों का आवागमन बाधित होने के कारण उन्हें करीब 400 मीटर दूर हाईवे वाले गेट से आना-जाना पड़ता है। शिकायत में सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे पर बढ़ने वाले भारी वाहनों और कांवड़ियों के दबाव के चलते विद्यार्थियों के साथ दुर्घटना की आशंका भी जताई गई थी। शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक, कासगंज ने संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के संबंध में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सुरक्षा उपायों के तहत छात्र-छात्राओं का आवागमन हाईवे वाले गेट से न कराया जाए तथा बस स्टैंड के सामने स्थित गेट को विद्यार्थियों के नियमित और सुरक्षित आवागमन के लिए खोला जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक ने विद्यालय के मुख्य द्वार की साफ-सफाई, रंग-रोगन और संस्था के नाम की स्पष्ट पट्टिका लगाने के निर्देश भी दिए थे। साथ ही मामले में दो दिवस के भीतर साक्ष्यों सहित आख्या उपलब्ध कराने के लिए भी निर्देशित किया गया था। कांवड़ यात्रा खत्म, लेकिन सुरक्षा का सवाल बरकरार हालांकि कांवड़ यात्रा अब पूर्ण हो चुकी है, लेकिन विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर उठाया गया मूल सवाल आज भी जस का तस बना हुआ है। हाईवे के सामने स्थित गेट से छात्र-छात्राओं का आवागमन और गेट बंद होने पर वहीं विद्यार्थियों की भीड़ जमा होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हाईवे हादसे में छात्र की मौत का हवाला देकर गोविंद तिवारी ने उठाए सवाल शिकायतकर्ता गोविंद तिवारी ने कहा कि हाईवे पर 2 सितंबर को सड़क दुर्घटना में एक छात्र की मौत हो चुकी है, जो भागीरथी इंटर कॉलेज में पढ़ता था। उन्होंने कहा कि इस घटना को देखते हुए संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज प्रशासन को भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि हाईवे वाले गेट से छात्र-छात्राओं का आवागमन न कराया जाए, तो उसके बाद भी इस गेट से विद्यार्थियों को बुलाना और निकालना समझ से परे है। उन्होंने मांग की कि रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित गेट से विद्यार्थियों के प्रवेश और निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सुचारू कराई जाए। अब सवाल डीआईओएस की कार्रवाई पर बुधवार को हाईवे के सामने गेट पर 40 से 50 छात्र-छात्राओं के लंबे समय तक खड़े रहने की घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब विभागीय अधिकारी छात्र सुरक्षा को लेकर लिखित आदेश जारी कर चुके हैं, तो उसका पालन न करने पर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि हाईवे के सामने विद्यार्थियों की भीड़ जमा होती है और इसी दौरान कोई तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर बच्चों की ओर आ जाता है, तो गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे में जिला विद्यालय निरीक्षक को पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर जिम्मेदारी तय करने और आदेश की अवहेलना करने वाले कॉलेज प्रशासन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि किसी अनहोनी से पहले व्यवस्था सुधारी जा सके।
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    डीआईओएस के आदेश भी बेअसर, हाईवे के सामने गेट खुलने के इंतजार में खड़े रहे 40-50 छात्र-छात्राएं
डीआईओएस के आदेश भी बेअसर, हाईवे के सामने गेट खुलने के इंतजार में खड़े रहे 40-50 छात्र-छात्राएं
संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में छात्र सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप, आईजीआरएस शिकायत के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था; गेट के बाहर विद्यार्थियों की भीड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
सोरों/कासगंज। संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, सोरों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आईजीआरएस पर शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक, कासगंज द्वारा कॉलेज के प्रधानाचार्य को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद विद्यार्थियों का आवागमन हाईवे के सामने स्थित गेट से लगातार जारी है। बुधवार को तो स्थिति और भी गंभीर नजर आई, जब कासगंज गेट स्थित हाईवे के सामने वाले गेट पर करीब 40 से 50 छात्र-छात्राएं पैदल और साइकिलों से पहुंचकर आधे घंटे से अधिक समय तक गेट खुलने का इंतजार करते रहे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कॉलेज प्रशासन द्वारा हाईवे की ओर स्थित गेट को बंद कर दिया गया था। बताया गया कि कुछ छात्र देर से पहुंचे थे, जबकि कुछ छात्र-छात्राएं निर्धारित ड्रेस में कॉलेज नहीं आए थे। इसी कारण गेट बंद कर दिया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी हाईवे के सामने ही गेट खुलने का इंतजार करते रहे।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि हाईवे के सामने छात्र-छात्राओं की भीड़ लगातार इसी तरह एकत्रित होती रही तो तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार कैसे किया जा सकता है? विद्यार्थियों के गेट के बाहर खड़े रहने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्थानीय लोगों में कॉलेज प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है।
आईजीआरएस शिकायत के बाद डीआईओएस ने दिए थे स्पष्ट निर्देश
दरअसल, विद्यालय के मुख्य द्वार पर अतिक्रमण और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि मुख्य गेट से विद्यार्थियों का आवागमन बाधित होने के कारण उन्हें करीब 400 मीटर दूर हाईवे वाले गेट से आना-जाना पड़ता है। शिकायत में सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे पर बढ़ने वाले भारी वाहनों और कांवड़ियों के दबाव के चलते विद्यार्थियों के साथ दुर्घटना की आशंका भी जताई गई थी।
शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक, कासगंज ने संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के संबंध में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सुरक्षा उपायों के तहत छात्र-छात्राओं का आवागमन हाईवे वाले गेट से न कराया जाए तथा बस स्टैंड के सामने स्थित गेट को विद्यार्थियों के नियमित और सुरक्षित आवागमन के लिए खोला जाए।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने विद्यालय के मुख्य द्वार की साफ-सफाई, रंग-रोगन और संस्था के नाम की स्पष्ट पट्टिका लगाने के निर्देश भी दिए थे। साथ ही मामले में दो दिवस के भीतर साक्ष्यों सहित आख्या उपलब्ध कराने के लिए भी निर्देशित किया गया था।
कांवड़ यात्रा खत्म, लेकिन सुरक्षा का सवाल बरकरार
हालांकि कांवड़ यात्रा अब पूर्ण हो चुकी है, लेकिन विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर उठाया गया मूल सवाल आज भी जस का तस बना हुआ है। हाईवे के सामने स्थित गेट से छात्र-छात्राओं का आवागमन और गेट बंद होने पर वहीं विद्यार्थियों की भीड़ जमा होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हाईवे हादसे में छात्र की मौत का हवाला देकर गोविंद तिवारी ने उठाए सवाल
शिकायतकर्ता गोविंद तिवारी ने कहा कि हाईवे पर 2 सितंबर को सड़क दुर्घटना में एक छात्र की मौत हो चुकी है, जो भागीरथी इंटर कॉलेज में पढ़ता था। उन्होंने कहा कि इस घटना को देखते हुए संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज प्रशासन को भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता बरतनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि हाईवे वाले गेट से छात्र-छात्राओं का आवागमन न कराया जाए, तो उसके बाद भी इस गेट से विद्यार्थियों को बुलाना और निकालना समझ से परे है। उन्होंने मांग की कि रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित गेट से विद्यार्थियों के प्रवेश और निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सुचारू कराई जाए।
अब सवाल डीआईओएस की कार्रवाई पर
बुधवार को हाईवे के सामने गेट पर 40 से 50 छात्र-छात्राओं के लंबे समय तक खड़े रहने की घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब विभागीय अधिकारी छात्र सुरक्षा को लेकर लिखित आदेश जारी कर चुके हैं, तो उसका पालन न करने पर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि हाईवे के सामने विद्यार्थियों की भीड़ जमा होती है और इसी दौरान कोई तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर बच्चों की ओर आ जाता है, तो गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे में जिला विद्यालय निरीक्षक को पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर जिम्मेदारी तय करने और आदेश की अवहेलना करने वाले कॉलेज प्रशासन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि किसी अनहोनी से पहले व्यवस्था सुधारी जा सके।
    user_Soron Live 24
    Soron Live 24
    कासगंज, कासगंज, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जुलूस ए मोहम्मदी में बिस्किट बांटते हुए मौलाना चांद मियां अल्वी बरकाती
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    जुलूस ए मोहम्मदी में बिस्किट बांटते हुए 
मौलाना चांद मियां अल्वी बरकाती
    user_Maulana Chand Miyan alvi barkati
    Maulana Chand Miyan alvi barkati
    कासगंज, कासगंज, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • जनपद कासगंज में यूजीसी कानून के विरोध और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर बड़ा धरना-प्रदर्शन देखने को मिला
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    जनपद कासगंज में यूजीसी कानून के विरोध और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर बड़ा धरना-प्रदर्शन देखने को मिला
    user_देवेन्द्र प्रताप सिंह
    देवेन्द्र प्रताप सिंह
    Local News Reporter Sahawar, Kasganj•
    5 hrs ago
  • 5 साल की प्रधानी के उपरांत जलभराव से परेशान ग्रामीण, विकास कार्यों पर उठे सवाल फतेहपुर। जनपद के बहुआ ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा मनीपुर में विकास कार्यों की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश और जलभराव का पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है, कि यदि समय रहते नाली, खड़ंजा और जलनिकासी की उचित व्यवस्था पर कार्य कराया गया होता तो आज उन्हें इस गंभीर समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। ग्राम सभा मनीपुर में पांच वर्ष का प्रधान कार्यकाल बीतने के बावजूद गांव के समुचित विकास को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कई मूलभूत समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। कहीं जलभराव की समस्या है, तो कहीं रास्तों और जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर लोग परेशान हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है, कि पानी अब गलियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कई स्थानों पर लोगों के घरों में घुसने की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है, कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधियों द्वारा गांव के विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उन्हीं वादों को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा, यह बड़ा सवाल बन जाता है। मनीपुर ग्राम सभा की वर्तमान स्थिति को देखकर ग्रामीण विकास कार्यों और सरकारी धन के उपयोग की जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है, कि यदि ग्राम सभा में पिछले पांच वर्षों के दौरान कराए गए विकास कार्यों की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए तो गांव की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है। आखिर विकास के नाम पर कितना कार्य हुआ, किन योजनाओं में धन खर्च किया गया और उसका लाभ ग्रामीणों को कितना मिला, इसकी जांच होना जरूरी है। ग्रामीणों के अनुसार, समस्या बढ़ने के बाद अब मौके पर ग्राम विकास अधिकारी पहुंचकर कार्य कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है, कि आखिर यह कार्य पहले क्यों नहीं कराया गया। यदि बरसात से पहले जलनिकासी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया जाता तो ग्रामीणों को आज अपने घरों में घुसते पानी और जलभराव की समस्या से जूझना नहीं पड़ता। मनीपुर ग्राम सभा के लोगों का कहना है, कि गांव का विकास केवल कागजों और बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। पांच वर्ष तक प्रधानी का कार्यकाल चलने के बाद भी यदि ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं, तो संबंधित विकास कार्यों की गुणवत्ता और जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है, कि ग्राम सभा मनीपुर में हुए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही गांव में जलभराव और जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। अब सबसे बड़ा सवाल यही है, कि क्या ग्राम सभा मनीपुर में विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच होगी या फिर ग्रामीण इसी तरह जलभराव, बदहाल व्यवस्थाओं और अधूरे विकास कार्यों के बीच परेशान होते रहेंगे? ग्रामीणों का कहना है, कि यदि अब भी जिम्मेदार विभाग और अधिकारी नहीं जागे तो गांव के विकास का सपना केवल वादों और कागजी आंकड़ों तक ही सीमित रह जाएगा। 5 साल की प्रधानी, फिर भी पानी-पानी हुआ मनीपुर गांव घर में घुसा पानी, विकास के दावों की खुली पोल मनीपुर में विकास गायब, जलभराव से ग्रामीण बेहालवादे बड़े-बड़े, विकास शून्य! मनीपुर गांव की बदहाल तस्वीरजांच हुई तो खुल सकता है।
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    5 साल की प्रधानी के उपरांत जलभराव से परेशान ग्रामीण, विकास कार्यों पर उठे सवाल
फतेहपुर। जनपद के बहुआ ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा मनीपुर में विकास कार्यों की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश और जलभराव का पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है, कि यदि समय रहते नाली, खड़ंजा और जलनिकासी की उचित व्यवस्था पर कार्य कराया गया होता तो आज उन्हें इस गंभीर समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। ग्राम सभा मनीपुर में पांच वर्ष का प्रधान कार्यकाल बीतने के बावजूद गांव के समुचित विकास को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कई मूलभूत समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। कहीं जलभराव की समस्या है, तो कहीं रास्तों और जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर लोग परेशान हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है, कि पानी अब गलियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कई स्थानों पर लोगों के घरों में घुसने की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है, कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधियों द्वारा गांव के विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उन्हीं वादों को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा, यह बड़ा सवाल बन जाता है। मनीपुर ग्राम सभा की वर्तमान स्थिति को देखकर ग्रामीण विकास कार्यों और सरकारी धन के उपयोग की जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है, कि यदि ग्राम सभा में पिछले पांच वर्षों के दौरान कराए गए विकास कार्यों की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए तो गांव की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है। आखिर विकास के नाम पर कितना कार्य हुआ, किन योजनाओं में धन खर्च किया गया और उसका लाभ ग्रामीणों को कितना मिला, इसकी जांच होना जरूरी है। ग्रामीणों के अनुसार, समस्या बढ़ने के बाद अब मौके पर ग्राम विकास अधिकारी पहुंचकर कार्य कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है, कि आखिर यह कार्य पहले क्यों नहीं कराया गया। यदि बरसात से पहले जलनिकासी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया जाता तो ग्रामीणों को आज अपने घरों में घुसते पानी और जलभराव की समस्या से जूझना नहीं पड़ता। मनीपुर ग्राम सभा के लोगों का कहना है, कि गांव का विकास केवल कागजों और बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। पांच वर्ष तक प्रधानी का कार्यकाल चलने के बाद भी यदि ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं, तो संबंधित विकास कार्यों की गुणवत्ता और जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है, कि ग्राम सभा मनीपुर में हुए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही गांव में जलभराव और जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। अब सबसे बड़ा सवाल यही है, कि क्या ग्राम सभा मनीपुर में विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच होगी या फिर ग्रामीण इसी तरह जलभराव, बदहाल व्यवस्थाओं और अधूरे विकास कार्यों के बीच परेशान होते रहेंगे? ग्रामीणों का कहना है, कि यदि अब भी जिम्मेदार विभाग और अधिकारी नहीं जागे तो गांव के विकास का सपना केवल वादों और कागजी आंकड़ों तक ही सीमित रह जाएगा। 5 साल की प्रधानी, फिर भी पानी-पानी हुआ मनीपुर गांव घर में घुसा पानी, विकास के दावों की खुली पोल मनीपुर में विकास गायब, जलभराव से ग्रामीण बेहालवादे बड़े-बड़े, विकास शून्य! मनीपुर गांव की बदहाल तस्वीरजांच हुई तो खुल सकता है।
    user_JURM KA PARDAAPHAASH
    JURM KA PARDAAPHAASH
    Press Midea जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश का जिला चित्रकूट इस वक्त मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से डूबा पड़ा है। नदी किनारे कई सौ मकान–दुकान डूब गए हैं। सड़कें नदी जैसी बन गई हैं। इस Video में एक मंजिला मकानों/दुकानों की सिर्फ छत दिखाई दे रही है।
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    उत्तर प्रदेश का जिला चित्रकूट इस वक्त मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से डूबा पड़ा है। नदी किनारे कई सौ मकान–दुकान डूब गए हैं। सड़कें नदी जैसी बन गई हैं। इस Video में एक मंजिला मकानों/दुकानों की सिर्फ छत दिखाई दे रही है।
    user_Star ToDay Samachar
    Star ToDay Samachar
    Local News Reporter जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मैनपुरी में CO सिटी अशोक कुमार का वीडियो वायरल, मूंछों पर ताव देते नजर आए अधिकारी, वीडियो में अखिलेश यादव का
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    मैनपुरी में CO सिटी अशोक कुमार का वीडियो वायरल, मूंछों पर ताव देते नजर आए अधिकारी, वीडियो में अखिलेश यादव का
    user_Manuddin Khan
    Manuddin Khan
    Grain Shop अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • स्कूल-कॉलेज वाहनों पर चला सघन चेकिंग अभियान, नियम तोड़ने वालों के काटे चालान स्कूल-कॉलेज वाहनों पर चला सघन चेकिंग अभियान, नियम तोड़ने वालों के काटे चालान कासगंज, 2 सितंबर। स्कूल-कॉलेज में छात्र-छात्राओं को लाने-ले जाने वाले वाहनों के सत्यापन को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुधवार को बिलराम गेट चौराहा, कासगंज पर एआरटीओ एवं यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान स्कूल-कॉलेज वाहनों में चालक एवं स्टाफ की नियुक्ति, वाहन पर चालक/स्वामी का मोबाइल नंबर, हेल्पलाइन नंबर तथा संबंधित स्कूल-कॉलेज का नाम अंकित होने की जांच की गई। इसके अलावा नंबर प्लेट निर्धारित मानकों के अनुरूप होने और निर्धारित सीट क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं को बैठाए जाने की भी गहनता से जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्रवाई की गई। साथ ही वाहन चालकों एवं स्वामियों को यातायात और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान सदर कोतवाली प्रभारी जगदीश चंद्र और टीएसआई लक्ष्मण सिंह यादव मौजूद रहे।
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    स्कूल-कॉलेज वाहनों पर चला सघन चेकिंग अभियान, नियम तोड़ने वालों के काटे चालान
स्कूल-कॉलेज वाहनों पर चला सघन चेकिंग अभियान, नियम तोड़ने वालों के काटे चालान
कासगंज, 2 सितंबर। स्कूल-कॉलेज में छात्र-छात्राओं को लाने-ले जाने वाले वाहनों के सत्यापन को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुधवार को बिलराम गेट चौराहा, कासगंज पर एआरटीओ एवं यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाया।
चेकिंग के दौरान स्कूल-कॉलेज वाहनों में चालक एवं स्टाफ की नियुक्ति, वाहन पर चालक/स्वामी का मोबाइल नंबर, हेल्पलाइन नंबर तथा संबंधित स्कूल-कॉलेज का नाम अंकित होने की जांच की गई। इसके अलावा नंबर प्लेट निर्धारित मानकों के अनुरूप होने और निर्धारित सीट क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं को बैठाए जाने की भी गहनता से जांच की गई।
नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्रवाई की गई। साथ ही वाहन चालकों एवं स्वामियों को यातायात और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
अभियान के दौरान सदर कोतवाली प्रभारी जगदीश चंद्र और टीएसआई लक्ष्मण सिंह यादव मौजूद रहे।
    user_Soron Live 24
    Soron Live 24
    कासगंज, कासगंज, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
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