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गलत इलाज करने हेतु 17 वर्षी सुगना जटिया की मौत हुई आरोपी दिनेश शर्मा पत्नी संगीता शर्मा

10 hrs ago
user_Pushkar
Pushkar
कानोड़, उदयपुर, राजस्थान•
10 hrs ago
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गलत इलाज करने हेतु 17 वर्षी सुगना जटिया की मौत हुई आरोपी दिनेश शर्मा पत्नी संगीता शर्मा

More news from राजस्थान and nearby areas
  • उदयपुर जिले के कानोड़ थाना क्षेत्र में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने नशे की कारोबारी पर बड़ी कार्रवाई की पुलिस ने खेतों के बीचों-बींच की जा रही गांजे की अवैध खेती का भंडाभोंड करते हुए 120 हरे पौधे उखाड़ कर जप्त किया! गांजे के इन पौधों का कुल वजन करीब 93 किलो पाया गया! एएनटीएफ के महानिरीक्षक शरत कविराज ने बताया का टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि कानोड़ थाना क्षेत्र के रोयण फला अकोला इलाके में स्थित खेतों में अवैध रूप से गांजे की फसल उगाई गई, पुलिस ने आरोपियों को भनक तक नहीं लगने दी ! सूचना मिलने के बाद एएनटीएफ और कानोड़ थाना पुलिस ने दबिश दी ! पुलिस टीम ने अपनी सरकारी गाड़ियों को मुख्य सड़क पर खड़ा कर दिया इसके बाद जवानों ने खेतों की संकरी पगडंडी और रास्ते का सहारा लिया ताकि किसी को भनक न लगें पैदल चलते हुए पुलिस टीम अचानक रोयण फला अकोला स्थित खेतों में जा पहुंची! पुलिस ने खेतों में खड़े सभी 120 गांजे के हरे पौधे को उखाड़ कर जप्?
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    उदयपुर जिले के कानोड़ थाना क्षेत्र में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने नशे की कारोबारी पर बड़ी कार्रवाई की पुलिस ने खेतों के बीचों-बींच की जा रही गांजे की अवैध खेती का भंडाभोंड करते हुए 120 हरे पौधे उखाड़ कर जप्त किया! गांजे के इन पौधों का कुल वजन करीब 93 किलो पाया गया! एएनटीएफ के महानिरीक्षक शरत कविराज ने बताया का टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि कानोड़ थाना क्षेत्र के रोयण फला अकोला इलाके में स्थित खेतों में अवैध रूप से गांजे की फसल उगाई गई, पुलिस ने आरोपियों को भनक तक नहीं लगने दी ! सूचना मिलने के बाद एएनटीएफ और कानोड़ थाना पुलिस ने दबिश दी ! पुलिस टीम ने अपनी सरकारी गाड़ियों को मुख्य सड़क पर खड़ा कर दिया इसके बाद जवानों ने खेतों की संकरी पगडंडी और रास्ते का सहारा लिया ताकि किसी को भनक न लगें पैदल चलते हुए पुलिस टीम अचानक रोयण फला अकोला स्थित खेतों में जा पहुंची! पुलिस ने खेतों में खड़े सभी 120 गांजे के हरे पौधे को उखाड़ कर जप्?
    user_Kamlesh nagda
    Kamlesh nagda
    Electrician कुराबाद, उदयपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • टोड़ा से सलूंबर 9 अगस्त आदिवासी प्रोग्राम बनाने के लिए रवाना हुए
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    टोड़ा से सलूंबर 9 अगस्त आदिवासी प्रोग्राम बनाने के लिए रवाना हुए
    user_Suraj. sadana. toda
    Suraj. sadana. toda
    Farmer सलूंबर, उदयपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • सलूंबर से कीर की चौकी तक सड़क खस्ताहाल फिर भी टोल नाकों पर टोल वसूली को लेकर लोगों में आक्रोश दबंगों की दबंगई से चल रहा टोल टैक्स, सड़कें टूटी फिर भी वसूली जारी, ‘अंधेरी नगरी चौपट राजा’ सलूंबर। सलूंबर से कीर की चौकी तक जाने वाली सड़क पर इसरवास टोल नाके पर टोल वसूली को लेकर वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। आरोप है कि सड़क जगह-जगह से टूटी हुई है, कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे हैं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसके बावजूद वाहन चालकों से लगातार टोल टैक्स वसूला जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को खराब सड़क के बावजूद टोल देना पड़ता है। जब टोल वसूली को लेकर टोल नाके पर मौजूद कर्मचारियों से सवाल किया जाता है तो आरोप है कि संतोषजनक जवाब देने के बजाय कथित तौर पर कहा जाता है कि “इस सड़क से मत गुजरो, टोल तो देना ही पड़ेगा।” लोगों का आरोप है कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत करने पर टोल नाके पर मौजूद कार्मिकों द्वारा कथित तौर पर दादागिरी की जाती है और शिकायत करने वाले लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास किया जाता है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और पेचवर्क साफ नजर आते हैं, लेकिन इसके बावजूद टोल वसूली लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते सड़क की हालत दयनीय बनी हुई है और टोल वसूली को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों का सवाल है कि आखिर टूटी और बदहाल सड़क के बावजूद टोल वसूली किस आधार पर की जा रही है और टोल कर्मचारियों को वाहन चालकों से कथित तौर पर इस तरह का व्यवहार करने की अनुमति किसके संरक्षण में मिली हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से सड़क की स्थिति की जांच कराने, टोल वसूली के नियमों की जांच करने और वाहन चालकों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
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    सलूंबर से कीर की चौकी तक सड़क खस्ताहाल फिर भी टोल नाकों पर टोल वसूली को लेकर लोगों में आक्रोश 
दबंगों की दबंगई से चल रहा टोल टैक्स, सड़कें टूटी फिर भी वसूली जारी, ‘अंधेरी नगरी चौपट राजा’
सलूंबर। सलूंबर से कीर की चौकी तक जाने वाली सड़क पर इसरवास टोल नाके पर टोल वसूली को लेकर वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। आरोप है कि सड़क जगह-जगह से टूटी हुई है, कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे हैं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसके बावजूद वाहन चालकों से लगातार टोल टैक्स वसूला जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को खराब सड़क के बावजूद टोल देना पड़ता है। जब टोल वसूली को लेकर टोल नाके पर मौजूद कर्मचारियों से सवाल किया जाता है तो आरोप है कि संतोषजनक जवाब देने के बजाय कथित तौर पर कहा जाता है कि “इस सड़क से मत गुजरो, टोल तो देना ही पड़ेगा।” लोगों का आरोप है कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत करने पर टोल नाके पर मौजूद कार्मिकों द्वारा कथित तौर पर दादागिरी की जाती है और शिकायत करने वाले लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास किया जाता है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और पेचवर्क साफ नजर आते हैं, लेकिन इसके बावजूद टोल वसूली लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते सड़क की हालत दयनीय बनी हुई है और टोल वसूली को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों का सवाल है कि आखिर टूटी और बदहाल सड़क के बावजूद टोल वसूली किस आधार पर की जा रही है और टोल कर्मचारियों को वाहन चालकों से कथित तौर पर इस तरह का व्यवहार करने की अनुमति किसके संरक्षण में मिली हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से सड़क की स्थिति की जांच कराने, टोल वसूली के नियमों की जांच करने और वाहन चालकों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • धनेतकलां में पिछले 25 वर्षों से बच्चों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित। Sharma Coaching Center — 25 वर्षों का विश्वास! ✨ कक्षा 1 से 12वीं तक ✨ गणित एवं अंग्रेज़ी पर विशेष ध्यान ✨ कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन 🎓 3 बच्चों के परिवार में 1 बच्चे की पढ़ाई निःशुल्क Sharma Coaching Center धनेतकलां, जिला चित्तौड़गढ़ 25 वर्षों का विश्वास... उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत।
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    धनेतकलां में पिछले 25 वर्षों से बच्चों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित। 
Sharma Coaching Center — 25 वर्षों का विश्वास!

✨ कक्षा 1 से 12वीं तक
✨ गणित एवं अंग्रेज़ी पर विशेष ध्यान
✨ कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन
🎓 3 बच्चों के परिवार में 1 बच्चे की पढ़ाई निःशुल्क

Sharma Coaching Center
 धनेतकलां, जिला चित्तौड़गढ़

25 वर्षों का विश्वास... उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत।
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    56 min ago
  • अठाना में झमाझम बारिश: मुरझाए चेहरों पर लौटी मुस्कान, खरीफ फसलों को मिला नया जीवनदान विष्णु सिंह कुशवाह अठाना अठाना। क्षेत्र में लंबे इंतजार के बाद आज दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने मौसम का रुख बदल दिया है। मानसून की पहली लंबी खेंच के कारण सूखे की कगार पर खड़ी खरीफ फसलों को इस बारिश से नया जीवनदान मिला है।पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण किसान बेहद चिंतित थे। अपनी फसलों को बचाने के लिए किसानों ने पूजा-अर्चना से लेकर हर संभव जतन किए थे। आखिरकार किसानों की मेहनत और दुआएं रंग लाईं और आसमान से राहत की बूंदें बरसीं। तेज बारिश शुरू होते ही किसानों के मुरझाए हुए चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। कृषि जानकारों के अनुसार, यह बारिश फसलों के लिए अमृत के समान है, जिससे उत्पादन में सुधार होगा।- रिपोर्टर विष्णु सिंह कुशवाह, अठाना
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    अठाना में झमाझम बारिश: मुरझाए चेहरों पर लौटी मुस्कान, खरीफ फसलों को मिला नया जीवनदान
विष्णु सिंह कुशवाह अठाना
अठाना। क्षेत्र में लंबे इंतजार के बाद आज दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने मौसम का रुख बदल दिया है। मानसून की पहली लंबी खेंच के कारण सूखे की कगार पर खड़ी खरीफ फसलों को इस बारिश से नया जीवनदान मिला है।पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण किसान बेहद चिंतित थे। अपनी फसलों को बचाने के लिए किसानों ने पूजा-अर्चना से लेकर हर संभव जतन किए थे। आखिरकार किसानों की मेहनत और दुआएं रंग लाईं और आसमान से राहत की बूंदें बरसीं। तेज बारिश शुरू होते ही किसानों के मुरझाए हुए चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। कृषि जानकारों के अनुसार, यह बारिश फसलों के लिए अमृत के समान है, जिससे उत्पादन में सुधार होगा।- रिपोर्टर विष्णु सिंह कुशवाह, अठाना
    user_Apni news Athana
    Apni news Athana
    Bicycle Shop जावद, नीमच, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग ने प्रदेश में 92 जातियों के आंकड़े जुटाए ओबीसी की 55 प्रतिशत आबादी 7 जातियों मेंः जाट 71.76 लाख जयपुर। प्रदेश में जनगणना से पहले ओबीसी की जातिगत आबादी का अनुमान सामने आया है। ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने ओबीसी परिवारों के सर्वे के दौरान जातिवार आंकड़े जुटाकर अपनी रिपोर्ट में शामिल किए हैं। सरकार को सौंपी रिपोर्ट में आयोग ने 92 जातियों की जातिवार जनसंख्या के आंकड़े दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में 92 जातियों और पांच एमबीसी जातियों सहित कुल ओबीसी आबादी साढ़े तीन करोड़ से पौने चार करोड़ के बीच मानी गई है। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार जाट आबादी के मामले में ओबीसी में सबसे आगे हैं। गुर्जर दूसरे, कुम्हार-कुमावत तीसरे, माली-सैनी चौथे, जांगिड़ पांचवें, यादव छठे और मेव सातवें नंबर पर हैं। ओबीसी की 3.58 करोड़ आबादी में से 1.97 करोड़ आबादी सात जातियों में है। यानी ओबीसी की कुल जनसंख्या में 55 फीसदी हिस्सा टॉप 7 जातियों का है। जाट, गुर्जर, कुम्हार-कुमावत, माली-सैनी, जांगिड़, यादव और मेव मिलकर ओबीसी की 55 फीसदी आबादी हैं। बाकी 85 जातियों की आबादी 45 फीसदी है। इन्हें भी ओबीसी के साथ गिना आयोग की रिपोर्ट में एमबीसी की गुर्जर सहित 5 जातियों को भी ओबीसी के साथ गिना गया है। इसमें गुर्जर, बंजारा / बाल्दिया/ लबाना, गाड़िया लुहार, रेबारी रायका / देवासी, गडरिया (गाडरी) को ओबीसी के साथ गिना गया है। 52.23% पुरुष, 47.76% महिलाएं ओबीसी की 3.58 करोड़ आबादी में 1 करोड़ 87 लाख 50 हजार 94 पुरुष और 1 करोड़ 71 लाख 5 हजार 82 महिलाएं हैं। ओबीसी आबादी में 52.23% पुरुष और 47.76% महिलाएं हैं। ओबीसी का लिंगानुपात 914 है। यानी प्रति हजार पुरुषों पर 914 महिलाएं हैं। 3.92 लाख लोग सरकारी नौकरी में राजस्थान में ओबीसी के 3.92 लाख सरकारी कर्मचारी हैं। सरकारी कर्मचारियों में 78 फीसदी हिस्सा चार जातियों से है, जिनमें जाट, गुर्जर, सैनी और यादव शामिल हैं। गौरतलब है कि गुर्जर सहित पांच जातियों को 5 प्रतिशत एमबीसी में अलग से आरक्षण मिल रहा है। 12.50 लाख लोग स्वरोजगार से जुड़े ओबीसी के 12.50 लाख लोग खुद का रोजगार करते हैं। स्वरोजगार में भी बड़ी संख्या वाली जातियों का वर्चस्व है। जाट, सैनी, कुमावत और जांगिड़ आगे हैं। स्वरोजगार में जाट 1.21 लाख, सैनी 1.15 लाख, कुम्हार कुमावत 1.24 लाख और जांगिड़ सुथार के 85,114 सदस्य हैं। 8.67 लाख प्राइवेट नौकरी करते हैं ओबीसी के 8.67 लाख लोग प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं। इनमें कॉर्पोरेट सेक्टर से लेकर रिटेल जैसे काम शामिल हैं। यहां भी वही जातियां आगे हैं जो सरकारी नौकरी में हैं। प्राइवेट नौकरियों में जाट, जाट सिख 82,157, कुम्हार-कुमावत 51,277, सैनी 49,091 और यादव 28,797 हैं। ओबीसी के 31.50 लाख लोग मजदूर ओबीसी की 92 जातियों में 31.50 लाख लोग मजदूरी करते हैं। 20 जातियों में ही सबसे ज्यादा मजदूर हैं। कुम्हार कुमावत जाति से 3.32 लाख लोग मजदूर हैं। ओबीसी में मजदूरी के मामले में कुमावत पहले नंबर पर हैं। दूसरे नंबर पर 2.67 लाख मजदूर सैनी जाति के हैं। तीसरे स्थान पर 2.16 लाख मजदूरों के साथ जाट हैं। गुर्जर 1.80 लाख मजदूर हैं। रावत 1.25 लाख और जांगिड़ 1.15 लाख मजदूर हैं।
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    ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग ने प्रदेश में 92 जातियों के आंकड़े जुटाए
ओबीसी की 55 प्रतिशत आबादी 7 जातियों मेंः
जाट 71.76 लाख
जयपुर। प्रदेश में जनगणना से पहले ओबीसी की जातिगत आबादी का अनुमान सामने आया है। ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने ओबीसी परिवारों के सर्वे के दौरान जातिवार आंकड़े जुटाकर अपनी रिपोर्ट में शामिल किए हैं। सरकार को सौंपी रिपोर्ट में आयोग ने 92 जातियों की जातिवार जनसंख्या के आंकड़े दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में 92 जातियों और पांच एमबीसी जातियों सहित कुल ओबीसी आबादी साढ़े तीन करोड़ से पौने चार करोड़ के बीच मानी गई है। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार जाट आबादी के मामले में ओबीसी में सबसे आगे हैं। गुर्जर दूसरे, कुम्हार-कुमावत तीसरे, माली-सैनी चौथे, जांगिड़ पांचवें, यादव छठे और मेव सातवें नंबर पर हैं। ओबीसी की 3.58 करोड़ आबादी में से 1.97 करोड़ आबादी सात जातियों में है। यानी ओबीसी की कुल जनसंख्या में 55 फीसदी हिस्सा टॉप 7 जातियों का है। जाट, गुर्जर, कुम्हार-कुमावत, माली-सैनी, जांगिड़, यादव और मेव मिलकर ओबीसी की 55 फीसदी आबादी हैं। बाकी 85 जातियों की आबादी 45 फीसदी है।
इन्हें भी ओबीसी के साथ गिना आयोग की रिपोर्ट में एमबीसी की गुर्जर सहित 5 जातियों को भी ओबीसी के साथ गिना गया है। इसमें गुर्जर, बंजारा / बाल्दिया/ लबाना, गाड़िया लुहार, रेबारी रायका / देवासी, गडरिया (गाडरी) को ओबीसी के साथ गिना गया है। 52.23% पुरुष, 47.76% महिलाएं ओबीसी की 3.58 करोड़ आबादी में 1 करोड़ 87 लाख 50 हजार 94 पुरुष और 1 करोड़ 71 लाख 5 हजार 82 महिलाएं हैं। ओबीसी आबादी में 52.23% पुरुष और 47.76% महिलाएं हैं। ओबीसी का लिंगानुपात 914 है।
यानी प्रति हजार पुरुषों पर 914 महिलाएं हैं।
3.92 लाख लोग सरकारी नौकरी में राजस्थान में ओबीसी के 3.92 लाख सरकारी कर्मचारी हैं। सरकारी कर्मचारियों में 78 फीसदी हिस्सा चार जातियों से है, जिनमें जाट, गुर्जर, सैनी और यादव शामिल हैं। गौरतलब है कि गुर्जर सहित पांच जातियों को 5 प्रतिशत एमबीसी में अलग से आरक्षण मिल रहा है। 12.50 लाख लोग स्वरोजगार से जुड़े ओबीसी के 12.50 लाख लोग खुद का रोजगार करते हैं। स्वरोजगार में भी बड़ी संख्या वाली जातियों का वर्चस्व है। जाट, सैनी, कुमावत और जांगिड़ आगे हैं। स्वरोजगार में जाट 1.21 लाख, सैनी 1.15 लाख, कुम्हार कुमावत 1.24 लाख और जांगिड़ सुथार के 85,114 सदस्य हैं।
8.67 लाख प्राइवेट नौकरी करते हैं
ओबीसी के 8.67 लाख लोग प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं। इनमें कॉर्पोरेट सेक्टर से लेकर रिटेल जैसे काम शामिल हैं। यहां भी वही जातियां आगे हैं जो सरकारी नौकरी में हैं। प्राइवेट नौकरियों में जाट, जाट सिख 82,157, कुम्हार-कुमावत 51,277, सैनी 49,091 और यादव 28,797 हैं।
ओबीसी के 31.50 लाख लोग मजदूर ओबीसी की 92 जातियों में 31.50 लाख लोग मजदूरी करते हैं। 20 जातियों में ही सबसे ज्यादा मजदूर हैं। कुम्हार कुमावत जाति से 3.32 लाख लोग मजदूर हैं। ओबीसी में मजदूरी के मामले में कुमावत पहले नंबर पर हैं। दूसरे नंबर पर 2.67 लाख मजदूर सैनी जाति के हैं। तीसरे स्थान पर 2.16 लाख मजदूरों के साथ जाट हैं। गुर्जर 1.80 लाख मजदूर हैं। रावत 1.25 लाख और जांगिड़ 1.15 लाख मजदूर हैं।
    user_आदर्श न्यूज़
    आदर्श न्यूज़
    Advertising agency भोपालसागर, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • गलत इलाज करने हेतु 17 वर्षी सुगना जटिया की मौत हुई आरोपी दिनेश शर्मा पत्नी संगीता शर्मा
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    गलत इलाज करने हेतु 17 वर्षी सुगना जटिया की मौत हुई आरोपी दिनेश शर्मा पत्नी संगीता शर्मा
    user_Pushkar
    Pushkar
    कानोड़, उदयपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
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