बीसीसीएल गैस गोदाम में 100 सिलेंडर कम , कलेक्टर के पास पहुंची रिपोर्ट *बीसीसीएल गैस गोदाम से 100 सिलेंडर गायब,कलेक्टर के पास पहुंची रिपोर्ट*। मध्य प्रदेश/ उमरिया जिले के नौरोजाबाद स्थित बीसीसीएल गैस गोदाम में खाद्य विभाग की औचक जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक गिनती में 100 घरेलू गैस सिलेंडरों का अंतर सामने आया है कॉलरी सहकारी समिति द्वारा संचालित इस गोदाम में घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति में गड़बड़ी कि शिकायतों के बाद यह कार्यवाही की गई। विभाग ने मामले की गंभीरता से देखते हुए विस्तृत रूप से प्रतिवेदन तैयार कर कार्यवाही के लिए कलेक्टर को भेज दिया है। जांच टीम का नेतृत्व खाद्य विभाग अधिकारी रोहित सिंह ने किया। जिसमें कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जागृति प्रजापति और प्रदीप मिश्रा शामिल रहे। अधिकारियों ने जब गोदाम में मौजूद सिलेंडरों की भौतिक गिनती कर स्टॉक अभिलेखों से मिलान किया तो 100 सिलेंडर कम पाये गए। इस बड़े अंतर सामने आने के बाद गोदाम संचालन और रिकॉर्ड के रख रखाव के पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इधर पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ताओं द्वारा समय पर सिलेंडर न मिलने से रिफिलिंग में देरी और वितरण में अनिमियता की लगातार शिकायतें की जा रही थी। दलने इन शिकायतों से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल भी शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि जांच में नियमों का उल्लंघन और गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारीयो के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल मामला कलेक्टर कार्यालय पहुंच चुका है। और सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्यवाही पर टिकी है।
बीसीसीएल गैस गोदाम में 100 सिलेंडर कम , कलेक्टर के पास पहुंची रिपोर्ट *बीसीसीएल गैस गोदाम से 100 सिलेंडर गायब,कलेक्टर के पास पहुंची रिपोर्ट*। मध्य प्रदेश/ उमरिया जिले के नौरोजाबाद स्थित बीसीसीएल गैस गोदाम में खाद्य विभाग की औचक जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक गिनती में 100 घरेलू गैस सिलेंडरों का अंतर सामने आया है कॉलरी सहकारी समिति द्वारा संचालित इस गोदाम में
घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति में गड़बड़ी कि शिकायतों के बाद यह कार्यवाही की गई। विभाग ने मामले की गंभीरता से देखते हुए विस्तृत रूप से प्रतिवेदन तैयार कर कार्यवाही के लिए कलेक्टर को भेज दिया है। जांच टीम का नेतृत्व खाद्य विभाग अधिकारी रोहित सिंह ने किया। जिसमें कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जागृति प्रजापति और प्रदीप मिश्रा शामिल रहे। अधिकारियों ने जब
गोदाम में मौजूद सिलेंडरों की भौतिक गिनती कर स्टॉक अभिलेखों से मिलान किया तो 100 सिलेंडर कम पाये गए। इस बड़े अंतर सामने आने के बाद गोदाम संचालन और रिकॉर्ड के रख रखाव के पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इधर पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ताओं द्वारा समय पर सिलेंडर न मिलने से रिफिलिंग में देरी और वितरण में अनिमियता
की लगातार शिकायतें की जा रही थी। दलने इन शिकायतों से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल भी शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि जांच में नियमों का उल्लंघन और गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारीयो के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल मामला कलेक्टर कार्यालय पहुंच चुका है। और सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्यवाही पर टिकी है।
- बीसीसीएल गैस गोदाम में 100 सिलेंडर कम , कलेक्टर के पास पहुंची रिपोर्ट *बीसीसीएल गैस गोदाम से 100 सिलेंडर गायब,कलेक्टर के पास पहुंची रिपोर्ट*। मध्य प्रदेश/ उमरिया जिले के नौरोजाबाद स्थित बीसीसीएल गैस गोदाम में खाद्य विभाग की औचक जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक गिनती में 100 घरेलू गैस सिलेंडरों का अंतर सामने आया है कॉलरी सहकारी समिति द्वारा संचालित इस गोदाम में घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति में गड़बड़ी कि शिकायतों के बाद यह कार्यवाही की गई। विभाग ने मामले की गंभीरता से देखते हुए विस्तृत रूप से प्रतिवेदन तैयार कर कार्यवाही के लिए कलेक्टर को भेज दिया है। जांच टीम का नेतृत्व खाद्य विभाग अधिकारी रोहित सिंह ने किया। जिसमें कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जागृति प्रजापति और प्रदीप मिश्रा शामिल रहे। अधिकारियों ने जब गोदाम में मौजूद सिलेंडरों की भौतिक गिनती कर स्टॉक अभिलेखों से मिलान किया तो 100 सिलेंडर कम पाये गए। इस बड़े अंतर सामने आने के बाद गोदाम संचालन और रिकॉर्ड के रख रखाव के पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इधर पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ताओं द्वारा समय पर सिलेंडर न मिलने से रिफिलिंग में देरी और वितरण में अनिमियता की लगातार शिकायतें की जा रही थी। दलने इन शिकायतों से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल भी शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि जांच में नियमों का उल्लंघन और गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारीयो के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल मामला कलेक्टर कार्यालय पहुंच चुका है। और सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्यवाही पर टिकी है।4
- पाली अस्पताल की बदहाल तस्वीर,बंद वॉटर प्यूरीफायर, फटे गद्दे और गायब चादरें... आखिर जिम्मेदार कौन पाली अस्पताल की बदहाल तस्वीर,बंद वॉटर प्यूरीफायर, फटे गद्दे और गायब चादरें... आखिर जिम्मेदार कौन उमरिया तपस गुप्ता जिले का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली एक बार फिर अपनी बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। क्षेत्र के हजारों लोगों के इलाज का प्रमुख केंद्र होने के बावजूद यहां मरीजों को बुनियादी सुविधाएं भी नसीब नहीं हो रही हैं। अस्पताल की हालत देखकर ऐसा लगता है कि व्यवस्थाओं की निगरानी केवल कागजों तक सीमित रह गई है, जबकि मरीज और उनके परिजन रोजाना परेशानियां झेलने को मजबूर हैं। दीवार पर टंगा वॉटर प्यूरीफायर बना शोपीस अस्पताल में लगा वॉटर प्यूरीफायर लंबे समय से बंद होने का आरोप है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि प्यूरीफायर केवल दीवार की शोभा बढ़ा रहा है। अस्पताल में स्वच्छ पेयजल नहीं मिलने से लोगों को बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर पीना पड़ता है। गरीब और दूरदराज से आने वाले मरीजों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन गया है। वार्डों की हालत देख मरीज भी हो जाते हैं परेशान अस्पताल के वार्डों में रखे कई गद्दे फटे हुए बताए जा रहे हैं। कई बिस्तरों पर न तकिया मिलता है और न ही चादर। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं की यह तस्वीर मरीजों के साथ-साथ पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़े करती है। बीएमओ की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल सूत्रों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. पुट्टू लाल सागर अस्पताल में कम समय के लिए आते हैं। आरोप है कि अस्पताल आने के बाद भी वे अधिकतर समय अपने आवास पर बैठकर फाइलों के काम में व्यस्त रहते हैं, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी प्रभावित होती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और इस संबंध में बीएमओ का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका। निरीक्षण से पहले ही बदल जाती है अस्पताल की तस्वीर स्थानीय लोगों का दावा है कि जब किसी वरिष्ठ अधिकारी के निरीक्षण की सूचना पहले से अस्पताल प्रबंधन तक पहुंचती है, तब वार्डों में तत्काल चादर और तकिए रखवा दिए जाते हैं ताकि व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाई दें। आरोप है कि निरीक्षण समाप्त होते ही वही चादरें और तकिए फिर वार्डों से हटा दिए जाते हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि निरीक्षण व्यवस्था को भी प्रभावित करने वाला गंभीर मामला है। प्रतिस्थापित डॉक्टर अब भी पाली में स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जिन डॉक्टरों का प्रतिस्थापन चौरी, ममान और अन्य उप स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया है, वे आज भी पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही मरीजों का इलाज करते नजर आते हैं। इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आदेशों का पालन कौन सुनिश्चित करेगा और संबंधित डॉक्टर अपने निर्धारित कार्यस्थल पर क्यों नहीं पहुंच रहे हैं। बायोमेट्रिक सिस्टम की उठी मांग स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली तत्काल लागू की जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार आएगा। बिना सूचना के हो निरीक्षण क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि अस्पताल की वास्तविक स्थिति देखनी है तो वरिष्ठ अधिकारियों को बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण करना चाहिए। तभी यह सामने आएगा कि मरीजों को रोजमर्रा में कैसी सुविधाएं मिल रही हैं और अस्पताल का संचालन वास्तव में किस स्थिति में है।1
- शिवशक्ति कुटिया धाम से निकली भव्य कलश यात्रा, श्रद्धालुओं ने किया शिवलिंग मुखौटा एवं जलधारी का पूजन-अभिषेक लोकेशन: उमरिया (बिरसिंहपुर पाली) रिपोर्टर: श्याम गुप्ता उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित शिवशक्ति कुटिया धाम, वार्ड क्रमांक-2 में धार्मिक आस्था और भक्तिभाव के साथ शिवलिंग मुखौटा एवं पीतल धातु निर्मित जलधारी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा शिवशक्ति कुटिया धाम से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बिरासिनी माता मंदिर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना एवं भगवान शिव का अभिषेक किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ नगर भ्रमण किया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। इस धार्मिक आयोजन में शिवशक्ति कुटिया धाम की अध्यक्ष सावित्री प्रधान, दुखीराम, सरिता, विनोद तिवारी, उमाशंकर जैसवाल, पिंटू जायसवाल, जसवंत सिंह, तारा महोबिया, राजदास जी, चंदा विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सफलता के लिए सहयोग प्रदान करते हुए भगवान शिव से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।4
- सावन के प्रथम सोमवार को शिव मंदिर में भक्तों लगी भीड़ हर्ष के साथ बनाया सावन का सोमवार1
- दतिया में कांग्रेस की 'ऐतिहासिक' जीत पर शहडोल में जश्न* अजय अवस्थी बोले— "भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ स्पष्ट जनादेश" शहडोल।दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की प्रचंड जीत का असर शहडोल में भी देखने को मिला। जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में गांधी चौक पर इस शानदार विजय का जोरदार जश्न मनाया गया। जश्न के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर अपनी खुशी जताई और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर जीत की बधाई दी। इस दौरान पूरा गांधी चौक कांग्रेस समर्थित नारों से गूंज उठा। "जनता का भरोसा और विकास की जीत": अजय अवस्थी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा दतिया की प्रबुद्ध जनता ने लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास पर मुहर लगाते हुए घनश्याम सिंह जी को विजयी बनाया है। यह जीत महज एक प्रत्याशी की नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की जनता की आकांक्षाओं और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आया एक स्पष्ट जनादेश है।" उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और दतिया का यह परिणाम भविष्य की राजनीति का स्पष्ट संकेत है। कांग्रेस हमेशा की तरह किसान, युवा, महिला और गरीब वर्ग के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रखेगी। विभिन्न संगठनों की रही मौजूदगी इस अवसर पर ब्लॉक एवं मंडल कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI), महिला कांग्रेस और सेवादल के पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सभी नेताओं ने नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनकी जीत से क्षेत्र के विकास को एक नया आयाम मिलेगा। 3
- शहपुरा के मार्गदर्शन में जिले में अवैध शराब के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। *शहपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 26.13 लाख रुपये की अवैध अंग्रेजी शराब एवं पिकअप वाहन जप्त, एक आरोपी गिरफ्तार* *डिंडौरी शहपुरा* *रिपोर्टर ईश्वर प्रसाद साहू* पुलिस अधीक्षक डिण्डौरी श्री आशीष खरे के निर्देशन एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) शहपुरा के मार्गदर्शन में जिले में अवैध शराब के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 31.07.2026 की रात्रि मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक पिकअप वाहन में बड़ी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना शहपुरा पुलिस द्वारा तत्काल दो अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन कर संभावित मार्गों पर नाकाबंदी हेतु रवाना किया गया। नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया, किंतु पुलिस को देखकर वाहन चालक कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से तेज गति से वाहन भगाने लगा। इसी दौरान शहपुरा-जबलपुर मुख्य मार्ग (NH-45) स्थित विक्की ढाबा के पास चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिससे पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। तब तत्काल मौके पर पहुंची थाना शहपुरा पुलिस द्वारा वाहन की जांच की गई। वाहन की ट्रॉली पर बंधी त्रिपाल हटाकर देखने पर उसमें अंग्रेजी शराब की पेटियां भरी हुई मिलीं, जिससे स्पष्ट हुआ कि वाहन से अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा था। पुलिस द्वारा वाहन चालक की तलाश कर उसे अभिरक्षा में लिया गया। चूंकि दुर्घटनास्थल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-45) पर होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी, इसलिए मौके पर जप्ती की कार्रवाई करना संभव नहीं था। यातायात को सुचारू बनाए रखने एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कस्बा शहपुरा से हाइड्रा (क्रेन) बुलाकर पिकअप वाहन को सीधा कराया गया तथा टोचन कर थाना शहपुरा लाया गया। थाना शहपुरा परिसर में वाहन की विधिवत तलाशी लेने पर बड़ी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। *जप्त मशरूका :* • *अवैध अंग्रेजी शराब – लगभग 1500 लीटर, कीमत ₹16,03,040/-* • *एक पिकअप वाहन – कीमत ₹10,00,000/-* • *एक मोबाइल फोन – कीमत ₹10,000/-* *कुल जप्त मशरूका की कीमत : ₹26,13,040/-* पूछताछ में आरोपी वाहन चालक मोहम्मद परवेज खान पिता मोहम्मद नियाज खान, उम्र 30 वर्ष, निवासी मोती नाला, अशफाक उल्ला खान वार्ड, थाना हनुमानताल, जिला जबलपुर ने बताया कि उक्त अवैध शराब उसे शहडोल निवासी ज्वाला सिंह द्वारा जबलपुर निवासी राजेश को पहुंचाने के लिए दी गई थी। उक्त आधार पर आरोपी मोहम्मद परवेज खान को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध तथा सहआरोपी ज्वाला सिंह एवं राजेश के विरुद्ध थाना शहपुरा में अपराध क्रमांक 415/2026 अंतर्गत धारा 34(2) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम एवं धारा 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण में अवैध शराब के स्रोत, परिवहन श्रृंखला तथा इसमें संलिप्त अन्य व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत विवेचना जारी है। उक्त सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी शहपुरा अनुराग जामदार के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक राकेश यादव, विपिन जोशी, गजानन मरकाम, घसीटालाल रजक, शेख आजाद, प्रधान आरक्षक राघवेन्द्र, प्रवीण अवस्थी, के.के. मरावी, महिपाल पंद्रे, आरक्षक अभिषेक पाण्डे, दीपक वर्मा, अजय यादव, मांगीलाल, हेमंत मरावी एवं लोकेन्द्र भदौरिया की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही ।2
- *अवैध रूप से रेत परिवहन करते 2 ट्रेक्टर जब्त* *विजयराघवगढ़ पुलिस की कार्रवाई* श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री कमल मौर्य व श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी श्री वीरेन्द्र धार्वे महोदय के मार्गदर्शन पर निरीक्षक अभिषेक चौबे थाना प्रभारी विजयराघवगढ़ की पुलिस टीम के द्वारा अवैध रूप से रेत कारोबारियों के रेत से भरे 2 ट्रेक्टर जब्त कर बीएनएसएस एवं खनन अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई। विवरण – दिनांक 02 एवं 03 अगस्त की दरम्यानी रात पुलिस के गश्ती दल को दौराने गश्त ग्राम खेरवा रोड पर एक लाल कलर का महिंद्रा कंपनी का ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन नंबर MP 21 ZB 8732 मिला जो रेतभरे हुए था जिससे रेत के संबंध में कागजात चाहे गए जो प्रस्तुत नहीं कर सका अतः ट्रैक्टर के चालक नीरज यादव पिता राम सुजान यादव निवासी ग्राम खजुरा थाना विजयराघवगढ़ के कब्जे से उपरोक्त ट्रैक्टर को मौके पर जप्त किया गया। इसी तरह ग्राम खिरवा रोड पर सिल्वर कलर का एस्सार कंपनी का ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन नंबर MP21 AA 7773 अवैध रूप से रेत का परिवहन करते पाया गया अतः चालक सुखलाल कोल पिता भोला प्रसाद कोल निवासी ग्राम भीमपार तथा थाना विजयराघवगढ़ के कब्जे से उपरोक्त ट्रैक्टर जप्त किया गया। जप्तशुदा दोनों ट्रैक्टर को धारा 106 बीएनएस एवं 4/21 खान एवं खनिज अधिनियम के तहत जप्त किया गया है। भूमिका – इस सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी अभिषेक चौबे, सउनि विक्रम सिंह, प्रधान आरक्षक मुकेश सिंह एवं आरक्षक पप्पू प्रजापति की मुख्य भूमिका रही।2
- झिंझरी चौकी प्रभारी को बड़ी राहत एसपी कार्यालय पहुंच शिकायतकर्ता ने वापस ली शिकायत, बोले— गुस्से और भावावेश में उठाया था कदम कटनी में झिंझरी पुलिस चौकी प्रभारी के खिलाफ दर्ज शिकायत सोमवार को उस समय पूरी तरह पलट गई, जब शिकायतकर्ता स्वयं अपने परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे और लिखित आवेदन देकर शिकायत वापस लेने की घोषणा कर दी। शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी को दिए आवेदन में स्पष्ट कहा कि घटना के समय पुलिस द्वारा उनके बेटे को साथ ले जाने से वे बेहद आक्रोशित और मानसिक तनाव में थे। उसी भावावेश और गुस्से में उन्होंने चौकी प्रभारी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करा दी थी। अब पूरे घटनाक्रम पर शांतिपूर्वक विचार करने के बाद उन्होंने अपनी इच्छा से शिकायत वापस लेने का निर्णय लिया है। शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में यह भी स्पष्ट किया कि शिकायत वापस लेने के लिए उन पर किसी प्रकार का कोई दबाव, प्रलोभन या पुलिस की ओर से कोई जबरदस्ती नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह उनकी स्वेच्छा और स्वतंत्र इच्छा से लिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद झिंझरी चौकी प्रभारी को बड़ी राहत मिली है। मामले ने यह भी संदेश दिया है कि किसी भी शिकायत को दर्ज कराने से पहले तथ्यों की पूरी जानकारी और गंभीरता से विचार करना आवश्यक है। यदि किसी मामले में तथ्यों की स्थिति जांच के दौरान बदलती है, तो उसका उल्लेख संबंधित जांच प्रक्रिया में किया जाता है। मुख्य बातें शिकायतकर्ता ने एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। कहा— गुस्से और तनाव में दर्ज कराई थी शिकायत। शिकायत वापस लेने में किसी दबाव या जबरदस्ती से किया इनकार। मामले में झिंझरी चौकी प्रभारी को मिली बड़ी राहत।1