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*टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी में विधि-विधान से विराजे गणपति हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना करीब 90 वर्ष पुरानी गणेश उत्सव की परंपरा आज भी जारी स्वामी आत्मानंद जी के सानिध्य में हुआ था शुभारंभ* भगवान गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर शहर में यमुना नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध प्राचीन सिद्धपीठ टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी मंदिर परिसर में बुधवार दोपहर भगवान गणेश जी की प्रतिमा विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ स्थापित की गई। प्रतिमा स्थापना के अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष और भजनों से गूंज उठा। बताया जाता है कि जनपद इटावा में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर गणेश उत्सव मनाने की परंपरा करीब 90 वर्ष पूर्व कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई थी। उस समय कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज के सानिध्य में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित किए जाने का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद यह परंपरा धीरे-धीरे लोगों की आस्था का हिस्सा बनती चली गई। गणेश उत्सव का आयोजन महाराष्ट्र में विशेष रूप से बड़े स्तर पर किया जाता रहा है। इसी धार्मिक परंपरा ने धीरे-धीरे देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप लिया और आज सनातन धर्मावलंबियों के बीच गणेश उत्सव श्रद्धा एवं भक्ति का प्रमुख पर्व बन चुका है। इटावा जनपद में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर दस दिनों तक पूजा-अर्चना करते हैं। कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई इस परंपरा के तहत गणपति बप्पा के भजनों और जयघोष के बीच दस दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके बाद अनंत चतुर्दशी के पर्व पर विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज 27 सितंबर 2002 को ब्रह्मलीन हुए थे। उनके द्वारा शुरू की गई गणेश उत्सव की इस परंपरा को उनके शिष्य महंत स्वामी श्री 1008 सुबोधानंद जी महाराज द्वारा निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके सानिध्य में प्रत्येक वर्ष कालीबाड़ी मंदिर में गणेश उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। टिक्सी मंदिर एवं कालीबाड़ी मंदिर करीब पांच सौ वर्ष पुराने सिद्ध मंदिर बताए जाते हैं। दोनों ही मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक विश्वास के प्रमुख केंद्र रहे हैं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो.7417197064

1 hr ago
user_रजत यादव
रजत यादव
Voice of people इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

*टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी में विधि-विधान से विराजे गणपति हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना करीब 90 वर्ष पुरानी गणेश उत्सव की परंपरा आज भी जारी स्वामी आत्मानंद जी के सानिध्य में हुआ था शुभारंभ* भगवान गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर शहर में यमुना नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध प्राचीन सिद्धपीठ टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी मंदिर परिसर में बुधवार दोपहर भगवान गणेश जी की प्रतिमा विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ स्थापित की गई। प्रतिमा स्थापना के अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के

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जयघोष और भजनों से गूंज उठा। बताया जाता है कि जनपद इटावा में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर गणेश उत्सव मनाने की परंपरा करीब 90 वर्ष पूर्व कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई थी। उस समय कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज के सानिध्य में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित किए जाने का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद यह परंपरा धीरे-धीरे लोगों की आस्था का हिस्सा बनती चली गई। गणेश उत्सव का आयोजन महाराष्ट्र में विशेष रूप से बड़े स्तर पर किया जाता रहा है। इसी धार्मिक परंपरा ने धीरे-धीरे देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप लिया और

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आज सनातन धर्मावलंबियों के बीच गणेश उत्सव श्रद्धा एवं भक्ति का प्रमुख पर्व बन चुका है। इटावा जनपद में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर दस दिनों तक पूजा-अर्चना करते हैं। कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई इस परंपरा के तहत गणपति बप्पा के भजनों और जयघोष के बीच दस दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके बाद अनंत चतुर्दशी के पर्व पर विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज 27 सितंबर 2002 को ब्रह्मलीन हुए थे। उनके द्वारा

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शुरू की गई गणेश उत्सव की इस परंपरा को उनके शिष्य महंत स्वामी श्री 1008 सुबोधानंद जी महाराज द्वारा निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके सानिध्य में प्रत्येक वर्ष कालीबाड़ी मंदिर में गणेश उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। टिक्सी मंदिर एवं कालीबाड़ी मंदिर करीब पांच सौ वर्ष पुराने सिद्ध मंदिर बताए जाते हैं। दोनों ही मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक विश्वास के प्रमुख केंद्र रहे हैं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो.7417197064

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    user_शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    Animal rescue service इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    15 min ago
  • *टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी में विधि-विधान से विराजे गणपति हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना करीब 90 वर्ष पुरानी गणेश उत्सव की परंपरा आज भी जारी स्वामी आत्मानंद जी के सानिध्य में हुआ था शुभारंभ* भगवान गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर शहर में यमुना नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध प्राचीन सिद्धपीठ टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी मंदिर परिसर में बुधवार दोपहर भगवान गणेश जी की प्रतिमा विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ स्थापित की गई। प्रतिमा स्थापना के अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष और भजनों से गूंज उठा। बताया जाता है कि जनपद इटावा में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर गणेश उत्सव मनाने की परंपरा करीब 90 वर्ष पूर्व कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई थी। उस समय कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज के सानिध्य में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित किए जाने का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद यह परंपरा धीरे-धीरे लोगों की आस्था का हिस्सा बनती चली गई। गणेश उत्सव का आयोजन महाराष्ट्र में विशेष रूप से बड़े स्तर पर किया जाता रहा है। इसी धार्मिक परंपरा ने धीरे-धीरे देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप लिया और आज सनातन धर्मावलंबियों के बीच गणेश उत्सव श्रद्धा एवं भक्ति का प्रमुख पर्व बन चुका है। इटावा जनपद में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर दस दिनों तक पूजा-अर्चना करते हैं। कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई इस परंपरा के तहत गणपति बप्पा के भजनों और जयघोष के बीच दस दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके बाद अनंत चतुर्दशी के पर्व पर विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज 27 सितंबर 2002 को ब्रह्मलीन हुए थे। उनके द्वारा शुरू की गई गणेश उत्सव की इस परंपरा को उनके शिष्य महंत स्वामी श्री 1008 सुबोधानंद जी महाराज द्वारा निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके सानिध्य में प्रत्येक वर्ष कालीबाड़ी मंदिर में गणेश उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। टिक्सी मंदिर एवं कालीबाड़ी मंदिर करीब पांच सौ वर्ष पुराने सिद्ध मंदिर बताए जाते हैं। दोनों ही मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक विश्वास के प्रमुख केंद्र रहे हैं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो.7417197064
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    *टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी में विधि-विधान से विराजे गणपति हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना करीब 90 वर्ष पुरानी गणेश उत्सव की परंपरा आज भी जारी स्वामी आत्मानंद जी के सानिध्य में हुआ था शुभारंभ*
भगवान गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर शहर में यमुना नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध प्राचीन सिद्धपीठ टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी मंदिर परिसर में बुधवार दोपहर भगवान गणेश जी की प्रतिमा विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ स्थापित की गई। प्रतिमा स्थापना के अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष और भजनों से गूंज उठा।
बताया जाता है कि जनपद इटावा में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर गणेश उत्सव मनाने की परंपरा करीब 90 वर्ष पूर्व कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई थी। उस समय कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज के सानिध्य में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित किए जाने का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद यह परंपरा धीरे-धीरे लोगों की आस्था का हिस्सा बनती चली गई।
गणेश उत्सव का आयोजन महाराष्ट्र में विशेष रूप से बड़े स्तर पर किया जाता रहा है। इसी धार्मिक परंपरा ने धीरे-धीरे देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप लिया और आज सनातन धर्मावलंबियों के बीच गणेश उत्सव श्रद्धा एवं भक्ति का प्रमुख पर्व बन चुका है। इटावा जनपद में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर दस दिनों तक पूजा-अर्चना करते हैं।
कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई इस परंपरा के तहत गणपति बप्पा के भजनों और जयघोष के बीच दस दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके बाद अनंत चतुर्दशी के पर्व पर विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।
कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज 27 सितंबर 2002 को ब्रह्मलीन हुए थे। उनके द्वारा शुरू की गई गणेश उत्सव की इस परंपरा को उनके शिष्य महंत स्वामी श्री 1008 सुबोधानंद जी महाराज द्वारा निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके सानिध्य में प्रत्येक वर्ष कालीबाड़ी मंदिर में गणेश उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
टिक्सी मंदिर एवं कालीबाड़ी मंदिर करीब पांच सौ वर्ष पुराने सिद्ध मंदिर बताए जाते हैं। दोनों ही मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक विश्वास के प्रमुख केंद्र रहे हैं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा।
रजत यादव पत्रकार 
जन नीति 24 इटावा 
मो.7417197064
    user_रजत यादव
    रजत यादव
    Voice of people इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कॉकरोच जनता पार्टी की सच्चाई को देश की जनता को समझना चाहिए. मैंने CJP (Cockroach Janta Party) की विदेशी फंडिंग के संबंध में ED, MHA/FCRA, Election Commission और MEA—चारों स्तरों पर उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड/बयानों को अलग-अलग खोजा। निष्कर्ष यह है कि आरोप और जाँच की मांगें मौजूद हैं, लेकिन अभी तक मुझे कोई सार्वजनिक आधिकारिक दस्तावेज नहीं मिला जो यह निर्णायक रूप से साबित करे कि CJP को विदेशी धन प्राप्त हुआ है। 1. ED — Enforcement Directorate 1 अगस्त 2026 की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि CJP के जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े विदेशी फंडिंग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जाँच की जा रही है और कुछ कंपनियाँ एजेंसियों के रडार पर हैं। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि मुझे ED की अपनी वेबसाइट पर CJP के विरुद्ध कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज़, ECIR, जब्ती/कुर्की आदेश या विदेशी धन मिलने की पुष्टि नहीं मिली। निष्कर्ष: ED की कार्रवाई का स्वतंत्र आधिकारिक प्रमाण अभी नहीं मिला; मीडिया में जाँच के दावे हैं। --- 2. MHA / FCRA यहाँ भी स्थिति महत्वपूर्ण है। CJP को लेकर FCRA के तहत विदेशी योगदान मिलने की बात उठाई गई है, लेकिन मुझे MHA के सार्वजनिक FCRA रिकॉर्ड में CJP के नाम पर ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जिससे विदेशी contribution की पुष्टि हो। इसके अलावा, CJP के विरुद्ध इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर एक PIL में FCRA, PMLA, UAPA आदि के तहत जाँच की मांग की गई थी। यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी PIL में जाँच की मांग होना, विदेशी फंडिंग सिद्ध होने के बराबर नहीं है। निष्कर्ष: FCRA violation का आरोप/जाँच की मांग है, लेकिन अभी तक सार्वजनिक आधिकारिक रिकॉर्ड में CJP को विदेशी contribution मिलने का निर्णायक प्रमाण नहीं मिला। --- 3. Election Commission of India यहाँ एक बहुत महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार CJP अभी Election Commission of India में पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है। इसलिए सामान्य राजनीतिक दलों की तरह उसके नाम पर ECI के Contribution Reports/Political Party donation disclosures से विदेशी चंदे का रिकॉर्ड निकालना संभव नहीं है। Indian Express ने भी जून 2026 में CJP के संदर्भ में सवाल उठाया था कि क्या उसे चुनाव चिह्न मिल सकता है और इसके लिए ECI के free-symbol नियमों की चर्चा की थी। निष्कर्ष: ECI के रिकॉर्ड से CJP की विदेशी funding सिद्ध होने वाला दस्तावेज मुझे नहीं मिला। --- 4. MEA — Ministry of External Affairs यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। CJP के आंदोलन की विदेशी फंडिंग को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा चला था कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा है कि आंदोलन को कोई विदेशी फंडिंग नहीं मिली। लेकिन MEA ने उस वायरल दावे को misleading/misrepresentation बताया था। MEA का कहना था कि प्रवक्ता ने ऐसा निष्कर्ष नहीं दिया था कि “विदेशी फंडिंग नहीं हुई।” इसलिए MEA की स्थिति को इस तरह समझना चाहिए: > MEA ने CJP को क्लीन चिट नहीं दी थी। लेकिन MEA ने विदेशी फंडिंग होने की पुष्टि भी नहीं की। --- एक और महत्वपूर्ण दावा — ₹1 million मुझे एक रिपोर्ट में यह दावा मिला कि Gurpatwant Singh Pannun ने CJP आंदोलन के लिए $1 million देने की सार्वजनिक घोषणा की थी और बाद में कथित रूप से $250,000 दिए जाने का दावा किया गया। लेकिन उसी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि उस कथित transfer को स्वतंत्र रूप से verify नहीं किया गया है। इसलिए इसे अभी “CJP को $250,000 विदेशी फंड मिल चुका है” के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। --- मेरी वर्तमान जाँच का निष्कर्ष संस्था CJP के संबंध में क्या मिला? विदेशी फंडिंग सिद्ध? ED जाँच होने के मीडिया दावे ❌ अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं MHA/FCRA शिकायत/PIL और FCRA जाँच की मांग ❌ प्राप्ति का प्रमाण नहीं Election Commission CJP registered political party नहीं दिखती ❌ कोई donation record नहीं मिला MEA वायरल “क्लीन चिट” को misleading बताया ❌ फंडिंग की पुष्टि नहीं Pannun/$1m दावा सार्वजनिक घोषणा का दावा ⚠️ वास्तविक transfer independently verified नहीं इसलिए सबसे सटीक निष्कर्ष आज 14 सितंबर 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक सामग्री के आधार पर यह कहना उचित नहीं है कि “CJP को विदेश से पैसा मिला है” एक सिद्ध तथ्य है। हाँ, विदेशी funding को लेकर गंभीर आरोप, शिकायतें, जाँच की मांग और कुछ विदेशी व्यक्तियों से जुड़े funding claims मौजूद हैं। लेकिन बैंक रिकॉर्ड, FCRA return, ED seizure/document, MHA finding या न्यायालय के किसी आदेश से CJP को विदेशी पैसा प्राप्त होने की पुष्टि मुझे अभी नहीं मिली। अगर आप चाहें तो मैं अगला चरण और ज्यादा गहराई से कर सकता हूँ: **।**₹/$ की कथित रकम, Pannun, Soros, Dubai connection, Boston/USA connection और CJP के बैंक/क्राउडफंडिंग स्रोत—इन सभी को एक-एक करके दस्तावेज/स्रोत के साथ ट्रेस करके “क्या प्रमाणित है और क्या सिर्फ आरोप है” वाली पूरी evidence chart बना दूँ
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    कॉकरोच जनता पार्टी  की सच्चाई को देश की जनता को समझना चाहिए.
मैंने CJP (Cockroach Janta Party) की विदेशी फंडिंग के संबंध में ED, MHA/FCRA, Election Commission और MEA—चारों स्तरों पर उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड/बयानों को अलग-अलग खोजा। निष्कर्ष यह है कि आरोप और जाँच की मांगें मौजूद हैं, लेकिन अभी तक मुझे कोई सार्वजनिक आधिकारिक दस्तावेज नहीं मिला जो यह निर्णायक रूप से साबित करे कि CJP को विदेशी धन प्राप्त हुआ है।
1. ED — Enforcement Directorate
1 अगस्त 2026 की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि CJP के जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े विदेशी फंडिंग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जाँच की जा रही है और कुछ कंपनियाँ एजेंसियों के रडार पर हैं। 
लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि मुझे ED की अपनी वेबसाइट पर CJP के विरुद्ध कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज़, ECIR, जब्ती/कुर्की आदेश या विदेशी धन मिलने की पुष्टि नहीं मिली।
निष्कर्ष: ED की कार्रवाई का स्वतंत्र आधिकारिक प्रमाण अभी नहीं मिला; मीडिया में जाँच के दावे हैं।
---
2. MHA / FCRA
यहाँ भी स्थिति महत्वपूर्ण है।
CJP को लेकर FCRA के तहत विदेशी योगदान मिलने की बात उठाई गई है, लेकिन मुझे MHA के सार्वजनिक FCRA रिकॉर्ड में CJP के नाम पर ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जिससे विदेशी contribution की पुष्टि हो।
इसके अलावा, CJP के विरुद्ध इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर एक PIL में FCRA, PMLA, UAPA आदि के तहत जाँच की मांग की गई थी। यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी PIL में जाँच की मांग होना, विदेशी फंडिंग सिद्ध होने के बराबर नहीं है। 
निष्कर्ष: FCRA violation का आरोप/जाँच की मांग है, लेकिन अभी तक सार्वजनिक आधिकारिक रिकॉर्ड में CJP को विदेशी contribution मिलने का निर्णायक प्रमाण नहीं मिला।
---
3. Election Commission of India
यहाँ एक बहुत महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार CJP अभी Election Commission of India में पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है। 
इसलिए सामान्य राजनीतिक दलों की तरह उसके नाम पर ECI के Contribution Reports/Political Party donation disclosures से विदेशी चंदे का रिकॉर्ड निकालना संभव नहीं है।
Indian Express ने भी जून 2026 में CJP के संदर्भ में सवाल उठाया था कि क्या उसे चुनाव चिह्न मिल सकता है और इसके लिए ECI के free-symbol नियमों की चर्चा की थी। 
निष्कर्ष: ECI के रिकॉर्ड से CJP की विदेशी funding सिद्ध होने वाला दस्तावेज मुझे नहीं मिला।
---
4. MEA — Ministry of External Affairs
यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
CJP के आंदोलन की विदेशी फंडिंग को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा चला था कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा है कि आंदोलन को कोई विदेशी फंडिंग नहीं मिली।
लेकिन MEA ने उस वायरल दावे को misleading/misrepresentation बताया था। MEA का कहना था कि प्रवक्ता ने ऐसा निष्कर्ष नहीं दिया था कि “विदेशी फंडिंग नहीं हुई।” 
इसलिए MEA की स्थिति को इस तरह समझना चाहिए:
> MEA ने CJP को क्लीन चिट नहीं दी थी। लेकिन MEA ने विदेशी फंडिंग होने की पुष्टि भी नहीं की।
---
एक और महत्वपूर्ण दावा — ₹1 million
मुझे एक रिपोर्ट में यह दावा मिला कि Gurpatwant Singh Pannun ने CJP आंदोलन के लिए $1 million देने की सार्वजनिक घोषणा की थी और बाद में कथित रूप से $250,000 दिए जाने का दावा किया गया।
लेकिन उसी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि उस कथित transfer को स्वतंत्र रूप से verify नहीं किया गया है। 
इसलिए इसे अभी “CJP को $250,000 विदेशी फंड मिल चुका है” के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।
---
मेरी वर्तमान जाँच का निष्कर्ष
संस्था	CJP के संबंध में क्या मिला?	विदेशी फंडिंग सिद्ध?
ED	जाँच होने के मीडिया दावे	❌ अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं
MHA/FCRA	शिकायत/PIL और FCRA जाँच की मांग	❌ प्राप्ति का प्रमाण नहीं
Election Commission	CJP registered political party नहीं दिखती	❌ कोई donation record नहीं मिला
MEA	वायरल “क्लीन चिट” को misleading बताया	❌ फंडिंग की पुष्टि नहीं
Pannun/$1m दावा	सार्वजनिक घोषणा का दावा	⚠️ वास्तविक transfer independently verified नहीं
इसलिए सबसे सटीक निष्कर्ष
आज 14 सितंबर 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक सामग्री के आधार पर यह कहना उचित नहीं है कि “CJP को विदेश से पैसा मिला है” एक सिद्ध तथ्य है।
हाँ, विदेशी funding को लेकर गंभीर आरोप, शिकायतें, जाँच की मांग और कुछ विदेशी व्यक्तियों से जुड़े funding claims मौजूद हैं। लेकिन बैंक रिकॉर्ड, FCRA return, ED seizure/document, MHA finding या न्यायालय के किसी आदेश से CJP को विदेशी पैसा प्राप्त होने की पुष्टि मुझे अभी नहीं मिली।
अगर आप चाहें तो मैं अगला चरण और ज्यादा गहराई से कर सकता हूँ: **।**₹/$ की कथित रकम, Pannun, Soros, Dubai connection, Boston/USA connection और CJP के बैंक/क्राउडफंडिंग स्रोत—इन सभी को एक-एक करके दस्तावेज/स्रोत के साथ ट्रेस करके “क्या प्रमाणित है और क्या सिर्फ आरोप है” वाली पूरी evidence chart बना दूँ
    user_VIKAS RAWAT
    VIKAS RAWAT
    Lawyer Etawah, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
  • मोमोज के रुपये को लेकर विवाद, दुकानदार ने दो युवकों को पीटा इटावा। शहर के पक्का तालाब चौराहे पर मोमोज के रुपये को लेकर ग्राहक और दुकानदार के बीच विवाद हो गया। कहासुनी बढ़ने के बाद मारपीट हो गई। आरोप है कि दुकानदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर दो युवकों के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने कोतवाली पुलिस को तीन नामजद लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। घटना में घटिया अजमत अली निवासी हिमांशु कश्यप पुत्र श्रीकृष्ण कश्यप और सती मोहल्ला निवासी आकाश पाल पुत्र विनोद पाल घायल हुए हैं। हिमांशु की ओर से दी गई तहरीर में ऋषि, छोटू और बेटू पर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। बताया गया कि हिमांशु अपने दोस्त आकाश के साथ पक्का तालाब चौराहे पर मोमोज खरीदने पहुंचा था। इसी दौरान मोमोज के रुपये को लेकर दुकानदार से विवाद शुरू हो गया। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद आरोप है कि दुकानदार और उसके साथियों ने दोनों युवकों के साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद घायल युवक कोतवाली पहुंचे और पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    मोमोज के रुपये को लेकर विवाद, दुकानदार ने दो युवकों को पीटा
इटावा। शहर के पक्का तालाब चौराहे पर मोमोज के रुपये को लेकर ग्राहक और दुकानदार के बीच विवाद हो गया। कहासुनी बढ़ने के बाद मारपीट हो गई। आरोप है कि दुकानदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर दो युवकों के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने कोतवाली पुलिस को तीन नामजद लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
घटना में घटिया अजमत अली निवासी हिमांशु कश्यप पुत्र श्रीकृष्ण कश्यप और सती मोहल्ला निवासी आकाश पाल पुत्र विनोद पाल घायल हुए हैं। हिमांशु की ओर से दी गई तहरीर में ऋषि, छोटू और बेटू पर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है।
बताया गया कि हिमांशु अपने दोस्त आकाश के साथ पक्का तालाब चौराहे पर मोमोज खरीदने पहुंचा था। इसी दौरान मोमोज के रुपये को लेकर दुकानदार से विवाद शुरू हो गया। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद आरोप है कि दुकानदार और उसके साथियों ने दोनों युवकों के साथ मारपीट कर दी।
घटना के बाद घायल युवक कोतवाली पहुंचे और पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Ashraf Ansari
    Ashraf Ansari
    Journalist इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • इटावा-आगरा मार्ग पर बाइक-ट्रैक्टर की भिड़ंत, आईटीआई छात्र की मौत जसवंतनगर। इटावा-आगरा मार्ग पर लक्ष्मी ढाबा के सामने सोमवार को बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसवंतनगर भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान प्रदीप कुमार (22) पुत्र मुकेश शाक्य निवासी खुशहालपुर भिदौरा, जनपद मैनपुरी के रूप में हुई। बताया गया कि प्रदीप इटावा स्थित आईटीआई कॉलेज में फीस जमा करने के बाद बाइक से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान लक्ष्मी ढाबा के सामने उसकी बाइक की ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही थाना अध्यक्ष कमल भाटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को हिरासत में ले लिया, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है। मृतक के बड़े भाई संदीप कुमार ने बताया कि प्रदीप पढ़ाई में काफी होनहार था। वह इटावा आईटीआई कॉलेज में फीस जमा करके घर लौट रहा था, तभी हादसा हो गया। प्रदीप तीन भाइयों और दो बहनों में एक था। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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    इटावा-आगरा मार्ग पर बाइक-ट्रैक्टर की भिड़ंत, आईटीआई छात्र की मौत

जसवंतनगर। इटावा-आगरा मार्ग पर लक्ष्मी ढाबा के सामने सोमवार को बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसवंतनगर भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान प्रदीप कुमार (22) पुत्र मुकेश शाक्य निवासी खुशहालपुर भिदौरा, जनपद मैनपुरी के रूप में हुई। बताया गया कि प्रदीप इटावा स्थित आईटीआई कॉलेज में फीस जमा करने के बाद बाइक से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान लक्ष्मी ढाबा के सामने उसकी बाइक की ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही थाना अध्यक्ष कमल भाटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को हिरासत में ले लिया, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है।
मृतक के बड़े भाई संदीप कुमार ने बताया कि प्रदीप पढ़ाई में काफी होनहार था। वह इटावा आईटीआई कॉलेज में फीस जमा करके घर लौट रहा था, तभी हादसा हो गया। प्रदीप तीन भाइयों और दो बहनों में एक था। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
    user_M. Janib -Jaswant Nagar
    M. Janib -Jaswant Nagar
    पत्रकार जसवंतनगर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • लवेदी ऑपरेशन मुस्कान के तहत लवेदी पुलिस की त्वरित कार्रवाई,दो घंटे में नाबालिग बालिका सकुशल बरामद, आरोपी गिरफ्तार लवेदी। ऑपरेशन मुस्कान के तहत थाना लवेदी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बहला-फुसलाकर ले जाई गई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को महज दो घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले में आरोपी युवक को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 9 सितंबर को नगला बल्दु निवासी महिला ने थाना लवेदी में सूचना दी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी को चांदपुर, जनपद फिरोजाबाद निवासी सुमित कश्यप बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। सूचना पर पुलिस ने मु0अ0सं0 36/2026 के तहत धारा 137(2)/87 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में पुलिस टीम ने तत्काल बालिका की तलाश शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अथक प्रयास करते हुए करीब दो घंटे के भीतर बालिका को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी सुमित कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष गौरव कुमार, उपनिरीक्षक राम किशोर कुशवाहा, महिला कांस्टेबल प्रतीक्षा सिंह और कांस्टेबल सचिन कुमार शामिल रहे।
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    लवेदी ऑपरेशन मुस्कान के तहत लवेदी पुलिस की त्वरित कार्रवाई,दो घंटे में नाबालिग बालिका सकुशल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
लवेदी। ऑपरेशन मुस्कान के तहत थाना लवेदी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बहला-फुसलाकर ले जाई गई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को महज दो घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले में आरोपी युवक को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार 9 सितंबर को नगला बल्दु निवासी महिला ने थाना लवेदी में सूचना दी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी को चांदपुर, जनपद फिरोजाबाद निवासी सुमित कश्यप बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। सूचना पर पुलिस ने मु0अ0सं0 36/2026 के तहत धारा 137(2)/87 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में पुलिस टीम ने तत्काल बालिका की तलाश शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अथक प्रयास करते हुए करीब दो घंटे के भीतर बालिका को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी सुमित कश्यप को गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष गौरव कुमार, उपनिरीक्षक राम किशोर कुशवाहा, महिला कांस्टेबल प्रतीक्षा सिंह और कांस्टेबल सचिन कुमार शामिल रहे।
    user_Ankur Tripathi
    Ankur Tripathi
    Local News Reporter चाकरनागर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • टैक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी में विधि विधान से विराजे गणपति बप्पा *टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी में विधि-विधान से विराजे गणपति हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना करीब 90 वर्ष पुरानी गणेश उत्सव की परंपरा आज भी जारी स्वामी आत्मानंद जी के सानिध्य में हुआ था शुभारंभ* भगवान गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर शहर में यमुना नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध प्राचीन सिद्धपीठ टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी मंदिर परिसर में बुधवार दोपहर भगवान गणेश जी की प्रतिमा विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ स्थापित की गई। प्रतिमा स्थापना के अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष और भजनों से गूंज उठा। बताया जाता है कि जनपद इटावा में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर गणेश उत्सव मनाने की परंपरा करीब 90 वर्ष पूर्व कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई थी। उस समय कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज के सानिध्य में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित किए जाने का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद यह परंपरा धीरे-धीरे लोगों की आस्था का हिस्सा बनती चली गई। गणेश उत्सव का आयोजन महाराष्ट्र में विशेष रूप से बड़े स्तर पर किया जाता रहा है। इसी धार्मिक परंपरा ने धीरे-धीरे देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप लिया और आज सनातन धर्मावलंबियों के बीच गणेश उत्सव श्रद्धा एवं भक्ति का प्रमुख पर्व बन चुका है। इटावा जनपद में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर दस दिनों तक पूजा-अर्चना करते हैं। कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई इस परंपरा के तहत गणपति बप्पा के भजनों और जयघोष के बीच दस दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके बाद अनंत चतुर्दशी के पर्व पर विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज 27 सितंबर 2002 को ब्रह्मलीन हुए थे। उनके द्वारा शुरू की गई गणेश उत्सव की इस परंपरा को उनके शिष्य महंत स्वामी श्री 1008 सुबोधानंद जी महाराज द्वारा निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके सानिध्य में प्रत्येक वर्ष कालीबाड़ी मंदिर में गणेश उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। टिक्सी मंदिर एवं कालीबाड़ी मंदिर करीब पांच सौ वर्ष पुराने सिद्ध मंदिर बताए जाते हैं। दोनों ही मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक विश्वास के प्रमुख केंद्र रहे हैं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा।
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    टैक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी में विधि विधान से विराजे गणपति बप्पा
*टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी में विधि-विधान से विराजे गणपति हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना करीब 90 वर्ष पुरानी गणेश उत्सव की परंपरा आज भी जारी स्वामी आत्मानंद जी के सानिध्य में हुआ था शुभारंभ*
भगवान गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर शहर में यमुना नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध प्राचीन सिद्धपीठ टिक्सी मंदिर के नीचे कालीबाड़ी मंदिर परिसर में बुधवार दोपहर भगवान गणेश जी की प्रतिमा विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ स्थापित की गई। प्रतिमा स्थापना के अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष और भजनों से गूंज उठा।
बताया जाता है कि जनपद इटावा में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर गणेश उत्सव मनाने की परंपरा करीब 90 वर्ष पूर्व कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई थी। उस समय कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज के सानिध्य में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित किए जाने का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद यह परंपरा धीरे-धीरे लोगों की आस्था का हिस्सा बनती चली गई।
गणेश उत्सव का आयोजन महाराष्ट्र में विशेष रूप से बड़े स्तर पर किया जाता रहा है। इसी धार्मिक परंपरा ने धीरे-धीरे देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप लिया और आज सनातन धर्मावलंबियों के बीच गणेश उत्सव श्रद्धा एवं भक्ति का प्रमुख पर्व बन चुका है। इटावा जनपद में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर दस दिनों तक पूजा-अर्चना करते हैं।
कालीबाड़ी मंदिर से शुरू हुई इस परंपरा के तहत गणपति बप्पा के भजनों और जयघोष के बीच दस दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके बाद अनंत चतुर्दशी के पर्व पर विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।
कालीबाड़ी मंदिर के पूज्य महंत स्वामी श्री 1008 आत्मानंद जी महाराज 27 सितंबर 2002 को ब्रह्मलीन हुए थे। उनके द्वारा शुरू की गई गणेश उत्सव की इस परंपरा को उनके शिष्य महंत स्वामी श्री 1008 सुबोधानंद जी महाराज द्वारा निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके सानिध्य में प्रत्येक वर्ष कालीबाड़ी मंदिर में गणेश उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
टिक्सी मंदिर एवं कालीबाड़ी मंदिर करीब पांच सौ वर्ष पुराने सिद्ध मंदिर बताए जाते हैं। दोनों ही मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक विश्वास के प्रमुख केंद्र रहे हैं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा।
    user_शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    Animal rescue service इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • घर के बाहर बैठी महिला के साथ दमणों ने की मारपीट महिला गंभीर रूप से हुई घायल अस्पताल में भर्ती स्लोगन -मैनपुरी में दबंगो का कहर महिला गंभीर रूप से हुई घायल हालत गंभीर जनपद- मैनपुरी रिपोर्टर -नफीस अली मो-9897500102 एंकर - बरनाहल थाना क्षेत्र में दबंगों ने घर के बाहर बैठी एक महिला पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है बीओ-जनपद मैनपुरी के बरनाहल थाना क्षेत्र के मदामई गांव का ये पूरा मामला है। पीड़िता ऊर्मिला देवी पत्नी लक्ष्मण सिंह के मुताबिक, वो कल दोपहर करीब 3 बजे अपने घर के बाहर बैठी हुई थीं। आरोप है कि तभी लखनी गांव के दबंग सुनील कुमार, अनिल कुमार, अक्षय कुमार, पवन कुमार और अयोध्या प्रसाद लाठी-डंडा और धारदार हथियार लेकर आ गए। दबंगों ने ऊर्मिला देवी के साथ-साथ उनके पति और देवर पर भी जानलेवा हमला बोल दिया। हमले में ऊर्मिला देवी के बाएं पैर और प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें सुल्तानगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता ने थाना बरनाहल प्रभारी को तहरीर देकर उक्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच में जुटी है। बाइट- पीड़िता ऊर्मिला देवी
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    घर के बाहर बैठी महिला के साथ दमणों ने की मारपीट महिला गंभीर रूप से हुई घायल अस्पताल में भर्ती
स्लोगन -मैनपुरी में दबंगो का कहर महिला गंभीर रूप से हुई घायल हालत गंभीर
जनपद- मैनपुरी
रिपोर्टर -नफीस अली 
मो-9897500102
एंकर - बरनाहल थाना क्षेत्र में दबंगों ने घर के बाहर बैठी एक महिला पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है
बीओ-जनपद मैनपुरी के बरनाहल थाना क्षेत्र के मदामई गांव का ये पूरा मामला है। पीड़िता ऊर्मिला देवी पत्नी लक्ष्मण सिंह के मुताबिक, वो कल दोपहर करीब 3 बजे अपने घर के बाहर बैठी हुई थीं। आरोप है कि तभी लखनी गांव के दबंग सुनील कुमार, अनिल कुमार, अक्षय कुमार, पवन कुमार और अयोध्या प्रसाद लाठी-डंडा और धारदार हथियार लेकर आ गए।
दबंगों ने ऊर्मिला देवी के साथ-साथ उनके पति और देवर पर भी जानलेवा हमला बोल दिया। हमले में ऊर्मिला देवी के बाएं पैर और प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें सुल्तानगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पीड़िता ने थाना बरनाहल प्रभारी को तहरीर देकर उक्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।
बाइट- पीड़िता ऊर्मिला देवी
    user_Nafish Ali पत्रकार
    Nafish Ali पत्रकार
    Photographer करहल, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
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