Shuru
Apke Nagar Ki App…
जिला बाराबंकी गोरखपुर दरोगा कटोरी पंचायत सलोनी थाना जैतपुर थाना जयपुर जिला जिला किथुरी
Mohamed. savet
जिला बाराबंकी गोरखपुर दरोगा कटोरी पंचायत सलोनी थाना जैतपुर थाना जयपुर जिला जिला किथुरी
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- थाना जयपुर जिला जिला किथुरी1
- थाना टिकैत नगर क्षेत्र में रात्रि गश्त के दौरान दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। संदिग्ध वाहनों की जांच कर आवश्यक पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ा गया। इस दौरान एसआई राजेश कुमार, एसआई इंद्रजीत कुमार, दीवान राजेश कुमार, गोकर्ण शर्मा, अनुज कुमार, अभय दुबे, अनुभव सक्सेना सहित पूरी टीम रात्रि में सक्रिय रही और कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु मुस्तैदी से ड्यूटी निभाई। #टिकैतनगर #रात्रिगश्त #पुलिस_चेकिंग #कानून_व्यवस्था4
- आबकारी अधिनियम से संबंधित अभियोगो में बरामद अवैध देशी शराब का किया गया विनष्टीकरण बताते चले कि बाराबंकी जनपद के थाना सुबह में आज आबकारी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आबकारी अधिनियम से संबंधित अभियोग में बरामदपुर 2200 लीटर अवैध देशी शराब का किया गया विनष्टीकरण1
- नजूल के लेखपाल पर मिलीभगत का अंदेशा जांच कर कार्यवाही की मांग आखिर कैसे हुआ नजूल की जमीन पर निर्माण किसने किया कागजों में फेरबदल लगभग 6 बीघा जमीन कराई गई खाली कुछ पर था पक्का निर्माण निर्माण हुआ धराशाही ताज मोहम्मद का टूटा मंसूबा इंडियन गैस एजेंसी के पास पराग डेरी के पीछे निर्माण पर चल रही जे सी बी उपजिलाधिकारी सदर राम प्रसाद त्रिपाठी के साथ क्षेत्राधिकारी आशुतोष आशुतोष तिवारी एवं भारी पुलिस बल तैनात ।1
- हैदरगढ़ की आस्था का केंद्र 'टीकाराम बाबा', चमत्कारों से भरी है यहां की कहानी हैदरगढ़, बाराबंकी: अवध क्षेत्र में हैदरगढ़ तहसील सिर्फ अपनी तहसील के लिए नहीं, बल्कि यहां स्थित 'टीकाराम बाबा' के पावन धाम के लिए भी जानी जाती है। मान्यता है कि बाबा के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता। हर मंगलवार को यहां भक्तों का मेला लगता है। स्थानीय बुजुर्गों और मान्यताओं के अनुसार, टीकाराम बाबा लगभग 200 साल पहले हैदरगढ़ क्षेत्र में आए एक सिद्ध संत थे। कहा जाता है कि बाबा को गौ-सेवा और मानव-सेवा से बेहद लगाव था। उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, बीमारों और दुखियों की सेवा में लगा दिया। लोक कथाओं में वर्णन है कि बाबा के पास दिव्य शक्तियां थीं। वो बिना दवा के ही गंभीर रोगियों को ठीक कर देते थे। उनकी कुटिया के पास जो नीम का पेड़ था, उसकी पत्तियों को प्रसाद स्वरूप खाने से लोगों के कष्ट दूर हो जाते थे। समाधि स्थल बना आस्था का केंद्र कहा जाता है कि बाबा ने यहीं जीवित समाधि ली थी। आज उसी स्थान पर भव्य मंदिर बना है। मंदिर परिसर में वो प्राचीन नीम का पेड़ आज भी मौजूद है। मान्यता है कि इस पेड़ की पत्ती और बाबा की समाधि की मिट्टी को माथे से लगाने पर भूत-प्रेत बाधा, बीमारी और कोर्ट-कचहरी के मामले खत्म हो जाते हैं। 1. मनोकामना पूरी: लोग बताते हैं कि सच्चे मन से मन्नत मांगने पर बाबा जरूर सुनते हैं। मन्नत पूरी होने पर भक्त यहां झाड़ू, घंटा और प्रसाद चढ़ाते हैं। 2. निसंतान को संतान: कई निसंतान दंपत्ति यहां माथा टेकने के बाद संतान सुख पा चुके हैं। 3. बीमारी से छुटकारा: मंगलवार को यहां 'पैड़ी' चढ़ाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे बड़ी से बड़ी बीमारी ठीक हो जाती है। हर साल लगता है भव्य मेला होली के बाद पड़ने वाले पहले मंगलवार को यहां विशाल मेला लगता है। दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु बाबा का दर्शन करने आते हैं। उस दिन पूरी रात भजन-कीर्तन और भंडारा चलता है।1
- Post by Mushahid Hussain Siddiqui 3138
- बाराबंकी में ड्रग माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और प्रशासन ने कुख्यात तस्कर मिस्बाहुर्रहमान उर्फ अज्जन की करीब 6 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर दी है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट-1985 की धारा 68F(2) के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकारी, नई दिल्ली के आदेश पर की गई। जानकारी के मुताबिक 09 जनवरी 2026 से जिला कारागार बाराबंकी में बंद अज्जन लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह थाना जैदपुर का हिस्ट्रीशीटर (नं. 56B) है और बीते करीब 25 वर्षों से ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। प्रशासन ने नवाबगंज नगर परिषद क्षेत्र में स्थित गाटा संख्या 198 (मिन), क्षेत्रफल 558.70 वर्गमीटर में बने आवासीय मकान को कुर्क किया है, जो उसकी पत्नी नगमी खातून के नाम दर्ज बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया पूरी कराई गई। जानकारी के मुताबिक अज्जन के खिलाफ बाराबंकी और लखनऊ में दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसे एडीजी लखनऊ जोन द्वारा इंटर-डिस्ट्रिक्ट गैंग (IR-09) में भी सूचीबद्ध किया गया है, जबकि जिला स्तर पर उसे ड्रग माफिया घोषित करते हुए गैंग नंबर 32 का सरगना बताया गया है। इसके अलावा उसके खिलाफ एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट के कई मामले दर्ज हैं और पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत एक वर्ष की निरुद्धि का आदेश भी जारी किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। एसपी बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।फिलहाल। इस कार्रवाई के बाद जिले में ड्रग माफिया के खिलाफ कड़ा संदेश गया है और पुलिस-प्रशासन की सख्ती साफ तौर पर नजर आ रही है।4
- बताते चले कि बाराबंकी जनपद के रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र में 15 अप्रैल को हुई मारपीट में घायल युवक के इलाज के दौरान मौत हो गई शुक्रवार को युवक का शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया उन्होंने कोटवा सड़क कोटवा धाम मार्ग पर हथौड़ा पुलिस चौकी के पास शव आकर प्रदर्शन शुरू कर दिया प्रदर्शनकरियो ने आरोपियों की गिरफ्तारी और मुकदमे में धाराएं बढ़ाने की मांग कर रहे थे तो वहीँ बता दे की प्रदर्शन की सूचना मिलने है पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया बाराबंकी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकरियो को समझने का प्रयास किया जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद मामला शांत कराया जा सका इस दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ यह घटना रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र ग्राम कुटी मजरा गाजीपुर की है मृतक के भाई संदीप ने बताया कि उनके भाई श्याम गांव में सिलाई का काम करते थे 15 अप्रैल की शाम करीब 7:00 बजे श्याम अपनी दुकान पर मौजूद थे तभी गांव के कुछ लोग शराब के नशे में वहां पहुंचे उन्होंने श्याम पर दुकान खाली करने का दबाव बनाया श्याम द्वारा कुछ समय की मोहलत मांगने पर आरोपी भड़क गए उन्होंने श्याम को जबरन दुकान के पीछे ले जाकर लात गुंसो से बेरहमी से पिटाई कर दी मारपीट इतनी गंभीर थी कि आरोपी श्याम को मृत समझकर मौके से फरार हो गए बाद में ग्रामीणों ने श्याम को घायल अवस्था में देखा और परिजनों को सूचना दी गंभीर हालत में उन्होंने अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई फिलहाल पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन सब लेकर घर लौट गए हैं स्थिति सामान्य बताई जा रही है1