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मुख्यमंत्री भजनलाल ने आज भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में बीजेपी के घोषणा पत्र का विमोचन किया। मुख्य सचिव वी श्रीनिवासन के जन्मदिन पर मुख्यमंत्री भजनलाल सहित मंत्रिमंडल के सभी लोगों ने बधाई दी। डीजीपी राजीव शर्मा ने भी उनको बधाई दी। आज उन्होंने अपना जन्मदिन खाटू बाबा श्याम की शरण में जाकर मनाया।

1 hr ago
user_रमेश गांधी
रमेश गांधी
लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
1 hr ago

मुख्यमंत्री भजनलाल ने आज भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में बीजेपी के घोषणा पत्र का विमोचन किया। मुख्य सचिव वी श्रीनिवासन के जन्मदिन पर मुख्यमंत्री भजनलाल सहित मंत्रिमंडल के सभी लोगों ने बधाई दी। डीजीपी राजीव शर्मा ने भी उनको बधाई दी। आज उन्होंने अपना जन्मदिन खाटू बाबा श्याम की शरण में जाकर मनाया।

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  • मुख्यमंत्री भजनलाल ने आज भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में बीजेपी के घोषणा पत्र का विमोचन किया। मुख्य सचिव वी श्रीनिवासन के जन्मदिन पर मुख्यमंत्री भजनलाल सहित मंत्रिमंडल के सभी लोगों ने बधाई दी। डीजीपी राजीव शर्मा ने भी उनको बधाई दी। आज उन्होंने अपना जन्मदिन खाटू बाबा श्याम की शरण में जाकर मनाया।
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    मुख्यमंत्री भजनलाल ने आज भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में बीजेपी के घोषणा पत्र का विमोचन किया। 
मुख्य सचिव वी श्रीनिवासन के जन्मदिन पर मुख्यमंत्री भजनलाल सहित मंत्रिमंडल के सभी लोगों ने बधाई दी। डीजीपी राजीव शर्मा ने भी उनको बधाई दी। 
आज उन्होंने अपना जन्मदिन खाटू बाबा श्याम की शरण में जाकर मनाया।
    user_रमेश गांधी
    रमेश गांधी
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • शालिनी गौतमः टिकट कटने पर कोई जिम्मेदार नहीं टिकट कटने के लिए मैं किसी को जिम्मेदार नहीं मानती, मैं पार्टी के फैसले के साथ हूं और कोटा नगर निगम 100 वार्ड और खासकर महिलाओं को जिताने की कोशिश करूंगी: शालिनी गौतम शालिनी गौतमः टिकट कटने पर कोई जिम्मेदार नहीं टिकट कटने के लिए मैं किसी को जिम्मेदार नहीं मानती, मैं पार्टी के फैसले के साथ हूं और कोटा नगर निगम 100 वार्ड और खासकर महिलाओं को जिताने की कोशिश करूंगी: शालिनी गौतम कोटा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष व पूर्व पार्षद शालिनी गौतम का टिकट कट गया, जिसके बाद उनके समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आईः समर्थकों ने प्रदेश महिला अध्यक्ष राखी गौतम के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए: लेकिन शालिनी गौतम ने पूरे मामले में किसी को जिम्मेदार मानने से साफ इनकार कर दिया: उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिसे उम्मीदवार बनाया है, उसके साथ संगठन के आदेश के मुताबिक काम किया जाएगा.
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    शालिनी गौतमः टिकट कटने पर कोई जिम्मेदार नहीं टिकट कटने के लिए मैं किसी को जिम्मेदार नहीं मानती, मैं पार्टी के फैसले के साथ हूं और कोटा नगर निगम 100 वार्ड और खासकर महिलाओं को जिताने की कोशिश करूंगी: शालिनी गौतम
शालिनी गौतमः टिकट कटने पर कोई जिम्मेदार नहीं टिकट कटने के लिए मैं किसी को जिम्मेदार नहीं मानती, मैं पार्टी के फैसले के साथ हूं और कोटा नगर निगम 100 वार्ड और खासकर महिलाओं को जिताने की कोशिश करूंगी: शालिनी गौतम
कोटा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष व पूर्व पार्षद शालिनी गौतम का टिकट कट गया, जिसके बाद उनके समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आईः समर्थकों ने प्रदेश महिला अध्यक्ष राखी गौतम के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए:
लेकिन शालिनी गौतम ने पूरे मामले में किसी को जिम्मेदार मानने से साफ इनकार कर दिया: उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिसे उम्मीदवार बनाया है, उसके साथ संगठन के आदेश के मुताबिक काम किया जाएगा.
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • जन्माष्टमी की तैयारी को लेकर सजने लगे बाजार लोग कर रहे हैं जमकर खरीदारी जन्माष्टमी की तैयारी को लेकर सजने लगे बाजार लोग कर रहे हैं जमकर खरीदारी
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    जन्माष्टमी की तैयारी को लेकर सजने लगे बाजार लोग कर रहे हैं जमकर खरीदारी 
जन्माष्टमी की तैयारी को लेकर सजने लगे बाजार लोग कर रहे हैं जमकर खरीदारी
    user_Ishwar soni
    Ishwar soni
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • विश्व शिक्षा का तीर्थ है आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी- एड. अख्तर खान "अकेला " ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, ऑक्सफोर्ड यूँ तो किसी के लिये काला अक्षर भैंस बराबर ज़ीरो है, तो किसी के लिये हीरो है, जी हां पर्यटन की दृष्टि से ऑक्सफोर्ड ज़िरो हो सकता है, लेकिन जिज्ञासु, कलाकार, रिसर्च स्कॉलर, शिक्षाविद, प्रबुद्ध लोगों के लिये ऑक्सफोर्ड, भारत के तक्षिला, नालन्दा की तरह, विश्व शिक्षा का तीर्थ है, मंदिर है, मदरसा है, अल्लाह का शुक्र में शिक्षा के इस तीर्थ से रूबरू हुआ, मुझे खुशी है के भारत , भारत की सँस्कृति, संस्कृत और भारतीयों से ऑक्सफोर्ड का सकारात्मक एकेडमिक सम्बन्ध रहा है, खुशी की बात यह भी है कि भारत के दो पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी, मनमोहन सिंह अर्थ शास्त्री ने यही ऑक्सफोर्ड में शिक्षा प्राप्त की थी, विश्व शिक्षा की रैंकिंग पर आज भी ऑक्सफ़ोर्ड सर्वश्रेष्ठ ओर प्रथम रैंकिंग पर है,, ऑक्सफोर्ड और भारत का सम्बन्ध केवल भारतीय विद्यार्थियों के पढ़ने तक सीमित नहीं है; यह लगभग 450 वर्षों से अधिक पुराना, और शिक्षा, संस्कृत-अध्ययन, भारतीय इतिहास-संस्कृति, औपनिवेशिक प्रशासन, स्वतंत्रता आंदोलन तथा आधुनिक शोध-सहयोग तक फैला हुआ सम्बन्ध है। भारत और ऑक्सफोर्ड का ऐतिहासिक , पहला सम्बन्ध 1580 से है, ऑक्सफोर्ड के अनुसार भारत से उसका शुरुआती दर्ज सम्बन्ध 1580 में मिलता है, जब Oxford के New College से जुड़े Thomas Stephens भारत पहुँचे। वे गोवा में रहे और भारतीय भाषाओं तथा संस्कृति से जुड़े लेखन के लिए जाने गए। इसके बाद Oxford के अनेक विद्वानों और विद्यार्थियों का भारत से सम्बन्ध बढ़ा। 17वीं शताब्दी में Edward Terry और Thomas Roe जैसे Oxford से जुड़े लोगों ने भारत की यात्राओं और अनुभवों पर लेखन किया। . संस्कृत और भारतीय अध्ययन मामले में 1832 में भारत से Oxford का सबसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक सम्बन्ध संस्कृत-अध्ययन से बना। 1832 में Oxford ने Boden Professorship of Sanskrit स्थापित की। बाद में Sir Monier Monier-Williams इस क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण विद्वान बने। उनका उद्देश्य भारत की भाषाओं, धर्मों, साहित्य और संस्कृति का व्यवस्थित अध्ययन Oxford में विकसित करना था। Oxford का Indian Institute — एक ऐतिहासिक मील का पत्थर रहा, भारत और Oxford के रिश्ते की सबसे दिखाई देने वाली निशानी थी: Indian Institute, Broad Street, Oxford Monier Monier-Williams ने 1875 में इसके निर्माण का प्रस्ताव रखा। इसके लिए भारत के राजाओं, भारतीय दानदाताओं तथा ब्रिटिश अधिकारियों से धन जुटाया गया। ,1883 में इसकी foundation stone रखी गई और भवन का विकास 1880 के दशक में हुआ; पूरा भवन 1896 में सम्पन्न हुआ। इसका उद्देश्य था— भारतीय भाषाओं का अध्ययन भारतीय साहित्य भारतीय धर्म और दर्शन भारतीय इतिहास भारतीय कानून भारतीय समाज एवं संस्कृति Indian Civil Service के उम्मीदवारों का प्रशिक्षण था, अर्थात Oxford में भारत के लिए एक पूरा संस्थागत अध्ययन-केंद्र बनाया गया था। आज इस ऐतिहासिक भवन में Oxford Martin School है। भारतीय Institute की पुस्तकों और संग्रह का बड़ा हिस्सा बाद में Bodleian Library तथा Ashmolean Museum में चला गया। भारतीय विद्यार्थियों का Oxford में प्रवेश एक बहुत महत्वपूर्ण तथ्य है कि पहले भारतीय विद्यार्थी 1871 में Oxford पहुँचे। Oxford University उस समय Oxford में धार्मिक और सामाजिक प्रतिबंधों के कारण भारतीयों के लिए प्रवेश आसान नहीं था। 1871 के बाद विश्वविद्यालय धीरे-धीरे अधिक व्यापक रूप से भारतीय विद्यार्थियों के लिए खुला, इसके बाद भारतीय विद्यार्थी Oxford के विभिन्न Colleges में आने लगे। Cornelia Sorabji — भारतीय महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम भारत-Oxford सम्बन्ध में Cornelia Sorabji का नाम अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे 1889 में Somerville College आईं और Oxford में पढ़ने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने कानून का अध्ययन किया और आगे चलकर भारत की पहली महिला वकील के रूप में ऐतिहासिक पहचान बनाई। उनका जीवन भारतीय महिलाओं की उच्च शिक्षा और कानूनी अधिकारों के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है। इंदिरा गांधी और Oxford Indira Gandhi ने Oxford के Somerville College में अध्ययन किया। वे बाद में भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। Somerville College का भारत से विशेष सम्बन्ध आज भी माना जाता है—Cornelia Sorabji और Indira Gandhi दोनों इसकी सबसे प्रसिद्ध भारतीय alumnae में हैं। डॉ. मनमोहन सिंह Manmohan Singh का Oxford से गहरा academic सम्बन्ध रहा। वे Oxford में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले भारत के सबसे प्रसिद्ध अर्थशास्त्रियों में रहे और आगे चलकर भारत के प्रधानमंत्री बने। Oxford की India profile उन्हें अपने प्रमुख भारतीय alumni में शामिल करती है। साहित्य और कला में भारतीय Oxfordians भारत से Oxford का सम्बन्ध राजनीति तक सीमित नहीं रहा। प्रमुख भारतीय Oxford alumni में: Vikram Seth — विश्व प्रसिद्ध उपन्यासकार Amitav Ghosh — प्रसिद्ध भारतीय अंग्रेजी लेखक Girish Karnad — नाटककार और अभिनेता Soha Ali Khan — अभिनेत्री Mansur Ali Khan Pataudi — भारतीय क्रिकेट कप्तान शामिल हैं, Oxford और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का रिश्ता, यह सम्बन्ध थोड़ा जटिल भी है। एक तरफ Oxford ने ब्रिटिश साम्राज्य के लिए Indian Civil Service के अधिकारियों को तैयार किया। दूसरी तरफ Oxford भारतीय राष्ट्रवादी विचारों और औपनिवेशिक शासन के विरोध का भी महत्वपूर्ण बौद्धिक स्थान बना। उदाहरण के लिए Lala Har Dayal Oxford में पढ़े और बाद में प्रमुख anticolonial activist बने। वे St John's College में 1905 में दाखिल हुए और Oxford में Sanskrit तथा debating activities से जुड़े रहे। Oxford से जुड़े भारतीय और ब्रिटिश intellectual circles में भारत की स्वतंत्रता, स्वशासन और साम्राज्यवाद पर तीखी बहसें होती थीं। डॉ. राधाकृष्णन — भारत और Oxford के बीच बौद्धिक पुल Sarvepalli Radhakrishnan का सम्बन्ध विशेष रूप से उल्लेखनीय है। वे Oxford में Spalding Professor of Eastern Religions and Ethics रहे—1936 से 1952 तक। उन्होंने भारतीय दर्शन और पूर्वी धार्मिक विचारों को Oxford तथा पश्चिमी academic दुनिया में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी मृत्यु के बाद उनके द्वारा छोड़ी गई राशि से Radhakrishnan Bequest बना, जो Oxford में Indian Studies के विद्वानों और व्याख्यानों को समर्थन देता है। Oxford–India सम्बन्ध आज सम्बन्ध औपनिवेशिक दौर से बिल्कुल अलग रूप ले चुका है।अब प्रमुख क्षेत्र हैं: भारत ↔ Oxford संयुक्त scientific research चिकित्सा,public health, climate change, environment, sustainable, development, economics, law, artificial intelligence, Indian history, South Asian studies education,व social sciences,व Oxford की India-Oxford Initiative (IndOx) ने IIT Delhi, IIT Gandhinagar, IISER Pune, IIM Ahmedabad, CMC और अन्य भारतीय संस्थानों के साथ research collaborations विकसित किए हैं। Oxford India Centre for Sustainable Development विशेष रूप से महत्वपूर्ण है Oxford India Centre for Sustainable Development, जो Somerville College से जुड़ा है। यह भारत से आने वाले, postgraduate scholars को समर्थन देता है और भारत के सामने मौजूद विषयों पर शोध करता है, जैसे: पानी, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, gender equality sustainable development, भारत ने भी Oxford को केवल विद्यार्थी नहीं दिए—भारतीय राजाओं, दानदाताओं, विद्वानों और शिक्षाविदों ने Oxford के भारतीय अध्ययन को आर्थिक और बौद्धिक रूप से मजबूत किया। Indian Institute के लिए भारतीय रियासतों और भारतीय दानदाताओं से बड़ी धनराशि आई थी। इसलिए Oxford–India सम्बन्ध को केवल “अंग्रेजों ने भारत पर शासन किया और भारतीय Oxford में पढ़े” के रूप में देखना अधूरा होगा। यह सम्बन्ध संस्कृत और भारतीय दर्शन से शुरू होकर औपनिवेशिक प्रशासन, भारतीय राष्ट्रवाद, स्वतंत्र भारत के नेताओं, साहित्यकारों और आज के संयुक्त वैज्ञानिक शोध तक पहुँचा है,,, अख़्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
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    विश्व शिक्षा का तीर्थ है आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी- एड. अख्तर खान "अकेला "
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, ऑक्सफोर्ड यूँ तो किसी के लिये काला अक्षर भैंस बराबर ज़ीरो है, तो किसी के लिये हीरो है, जी हां पर्यटन की दृष्टि से ऑक्सफोर्ड ज़िरो हो सकता है, लेकिन जिज्ञासु, कलाकार, रिसर्च स्कॉलर, शिक्षाविद, प्रबुद्ध लोगों के लिये ऑक्सफोर्ड, भारत के तक्षिला, नालन्दा की तरह,  विश्व शिक्षा का तीर्थ है, मंदिर है, मदरसा है,  अल्लाह का शुक्र में शिक्षा के इस तीर्थ से रूबरू हुआ, मुझे खुशी है के भारत , भारत की सँस्कृति, संस्कृत और भारतीयों से ऑक्सफोर्ड का  सकारात्मक एकेडमिक सम्बन्ध रहा है, खुशी की बात यह भी है कि भारत के दो पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी, मनमोहन सिंह अर्थ शास्त्री ने यही ऑक्सफोर्ड में शिक्षा प्राप्त की थी, विश्व शिक्षा की रैंकिंग पर आज भी ऑक्सफ़ोर्ड सर्वश्रेष्ठ ओर प्रथम रैंकिंग पर है,,  ऑक्सफोर्ड और भारत का सम्बन्ध केवल भारतीय विद्यार्थियों के पढ़ने तक सीमित नहीं है; यह लगभग 450 वर्षों से अधिक पुराना, और शिक्षा, संस्कृत-अध्ययन, भारतीय इतिहास-संस्कृति, औपनिवेशिक प्रशासन, स्वतंत्रता आंदोलन तथा आधुनिक शोध-सहयोग तक फैला हुआ सम्बन्ध है।
भारत और ऑक्सफोर्ड का ऐतिहासिक , पहला सम्बन्ध  1580 से है, ऑक्सफोर्ड के अनुसार भारत से उसका शुरुआती दर्ज सम्बन्ध 1580 में मिलता है, जब Oxford के New College से जुड़े Thomas Stephens भारत पहुँचे। वे गोवा में रहे और भारतीय भाषाओं तथा संस्कृति से जुड़े लेखन के लिए जाने गए। 
इसके बाद Oxford के अनेक विद्वानों और विद्यार्थियों का भारत से सम्बन्ध बढ़ा। 17वीं शताब्दी में Edward Terry और Thomas Roe जैसे Oxford से जुड़े लोगों ने भारत की यात्राओं और अनुभवों पर लेखन किया। . संस्कृत और भारतीय अध्ययन मामले में 1832 में भारत से Oxford का सबसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक सम्बन्ध संस्कृत-अध्ययन से बना। 1832 में Oxford ने Boden Professorship of Sanskrit स्थापित की।
बाद में Sir Monier Monier-Williams इस क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण विद्वान बने। उनका उद्देश्य भारत की भाषाओं, धर्मों, साहित्य और संस्कृति का व्यवस्थित अध्ययन Oxford में विकसित करना था।  Oxford का Indian Institute — एक ऐतिहासिक मील का पत्थर रहा, भारत और Oxford के रिश्ते की सबसे दिखाई देने वाली निशानी थी:
Indian Institute, Broad Street, Oxford
Monier Monier-Williams ने 1875 में इसके निर्माण का प्रस्ताव रखा। इसके लिए भारत के राजाओं, भारतीय दानदाताओं तथा ब्रिटिश अधिकारियों से धन जुटाया गया। ,1883 में इसकी foundation stone रखी गई और भवन का विकास 1880 के दशक में हुआ; पूरा भवन 1896 में सम्पन्न हुआ। इसका उद्देश्य था— भारतीय भाषाओं का अध्ययन
भारतीय साहित्य
भारतीय धर्म और दर्शन
भारतीय इतिहास
भारतीय कानून
भारतीय समाज एवं संस्कृति
Indian Civil Service के उम्मीदवारों का प्रशिक्षण था,
अर्थात Oxford में भारत के लिए एक पूरा संस्थागत अध्ययन-केंद्र बनाया गया था। आज इस ऐतिहासिक भवन में Oxford Martin School है। भारतीय Institute की पुस्तकों और संग्रह का बड़ा हिस्सा बाद में Bodleian Library तथा Ashmolean Museum में चला गया। भारतीय विद्यार्थियों का Oxford में प्रवेश
एक बहुत महत्वपूर्ण तथ्य है कि पहले भारतीय विद्यार्थी 1871 में Oxford पहुँचे। Oxford University
उस समय Oxford में धार्मिक और सामाजिक प्रतिबंधों के कारण भारतीयों के लिए प्रवेश आसान नहीं था। 1871 के बाद विश्वविद्यालय धीरे-धीरे अधिक व्यापक रूप से भारतीय विद्यार्थियों के लिए खुला, इसके बाद भारतीय विद्यार्थी Oxford के विभिन्न Colleges में आने लगे। Cornelia Sorabji — भारतीय महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम
भारत-Oxford सम्बन्ध में Cornelia Sorabji का नाम अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वे 1889 में Somerville College आईं और Oxford में पढ़ने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने कानून का अध्ययन किया और आगे चलकर भारत की पहली महिला वकील के रूप में ऐतिहासिक पहचान बनाई। उनका जीवन भारतीय महिलाओं की उच्च शिक्षा और कानूनी अधिकारों के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है।
इंदिरा गांधी और Oxford
Indira Gandhi ने Oxford के Somerville College में अध्ययन किया।
वे बाद में भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
Somerville College का भारत से विशेष सम्बन्ध आज भी माना जाता है—Cornelia Sorabji और Indira Gandhi दोनों इसकी सबसे प्रसिद्ध भारतीय alumnae में हैं।  डॉ. मनमोहन सिंह
Manmohan Singh का Oxford से गहरा academic सम्बन्ध रहा।
वे Oxford में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले भारत के सबसे प्रसिद्ध अर्थशास्त्रियों में रहे और आगे चलकर भारत के प्रधानमंत्री बने।
Oxford की India profile उन्हें अपने प्रमुख भारतीय alumni में शामिल करती है।  साहित्य और कला में भारतीय Oxfordians
भारत से Oxford का सम्बन्ध राजनीति तक सीमित नहीं रहा।
प्रमुख भारतीय Oxford alumni में:
Vikram Seth — विश्व प्रसिद्ध उपन्यासकार
Amitav Ghosh — प्रसिद्ध भारतीय अंग्रेजी लेखक
Girish Karnad — नाटककार और अभिनेता
Soha Ali Khan — अभिनेत्री
Mansur Ali Khan Pataudi — भारतीय क्रिकेट कप्तान शामिल हैं, 
Oxford और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का रिश्ता,
यह सम्बन्ध थोड़ा जटिल भी है।
एक तरफ Oxford ने ब्रिटिश साम्राज्य के लिए Indian Civil Service के अधिकारियों को तैयार किया। दूसरी तरफ Oxford भारतीय राष्ट्रवादी विचारों और औपनिवेशिक शासन के विरोध का भी महत्वपूर्ण बौद्धिक स्थान बना।
उदाहरण के लिए Lala Har Dayal Oxford में पढ़े और बाद में प्रमुख anticolonial activist बने। वे St John's College में 1905 में दाखिल हुए और Oxford में Sanskrit तथा debating activities से जुड़े रहे। 
Oxford से जुड़े भारतीय और ब्रिटिश intellectual circles में भारत की स्वतंत्रता, स्वशासन और साम्राज्यवाद पर तीखी बहसें होती थीं। डॉ. राधाकृष्णन — भारत और Oxford के बीच बौद्धिक पुल
Sarvepalli Radhakrishnan का सम्बन्ध विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
वे Oxford में Spalding Professor of Eastern Religions and Ethics रहे—1936 से 1952 तक।
उन्होंने भारतीय दर्शन और पूर्वी धार्मिक विचारों को Oxford तथा पश्चिमी academic दुनिया में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी मृत्यु के बाद उनके द्वारा छोड़ी गई राशि से Radhakrishnan Bequest बना, जो Oxford में Indian Studies के विद्वानों और व्याख्यानों को समर्थन देता है। Oxford–India सम्बन्ध
आज सम्बन्ध औपनिवेशिक दौर से बिल्कुल अलग रूप ले चुका है।अब प्रमुख क्षेत्र हैं:
भारत ↔ Oxford
संयुक्त scientific research
चिकित्सा,public health,
climate change, 
environment, 
sustainable,  development, 
economics, 
law, 
artificial intelligence, 
Indian history, 
South Asian studies
education,व
social sciences,व
Oxford की India-Oxford Initiative (IndOx) ने IIT Delhi, IIT Gandhinagar, IISER Pune, IIM Ahmedabad, CMC और अन्य भारतीय संस्थानों के साथ research collaborations विकसित किए हैं।  Oxford India Centre for Sustainable Development
विशेष रूप से महत्वपूर्ण है Oxford India Centre for Sustainable Development, जो Somerville College से जुड़ा है। यह भारत से आने वाले,  postgraduate scholars को समर्थन देता है और भारत के सामने मौजूद विषयों पर शोध करता है, जैसे:
पानी, खाद्य सुरक्षा,  पर्यावरण, 
स्वास्थ्य, gender equality
sustainable development,
भारत ने भी Oxford को केवल विद्यार्थी नहीं दिए—भारतीय राजाओं, दानदाताओं, विद्वानों और शिक्षाविदों ने Oxford के भारतीय अध्ययन को आर्थिक और बौद्धिक रूप से मजबूत किया। Indian Institute के लिए भारतीय रियासतों और भारतीय दानदाताओं से बड़ी धनराशि आई थी। इसलिए Oxford–India सम्बन्ध को केवल “अंग्रेजों ने भारत पर शासन किया और भारतीय Oxford में पढ़े” के रूप में देखना अधूरा होगा। यह सम्बन्ध संस्कृत और भारतीय दर्शन से शुरू होकर औपनिवेशिक प्रशासन, भारतीय राष्ट्रवाद, स्वतंत्र भारत के नेताओं, साहित्यकारों और आज के संयुक्त वैज्ञानिक शोध तक पहुँचा है,,, अख़्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
    user_Journalist Harish Yadav
    Journalist Harish Yadav
    Social Media Manager Ladpura, Kota•
    5 hrs ago
  • कोटा मे युवती को भगाने की रंजिश में युवक पर हमला, एक दर्जन युवकों ने लाठी-डंडों से पीटा कोटा मे युवती को भगाने की रंजिश में युवक पर हमला, एक दर्जन युवकों ने लाठी-डंडों से पीटा
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    कोटा मे युवती को भगाने की रंजिश में युवक पर हमला, एक दर्जन युवकों ने लाठी-डंडों से पीटा
कोटा मे युवती को भगाने की रंजिश में युवक पर हमला, एक दर्जन युवकों ने लाठी-डंडों से पीटा
    user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • टिकट कटने के लिए मैं किसी को जिम्मेदार नहीं मानती: शालिनी गौतम टिकट कटने के लिए मैं किसी को जिम्मेदार नहीं मानती, मैं पार्टी के फैसले के साथ हूं और कोटा नगर निगम 100 वार्ड और खासकर महिलाओं को जिताने की कोशिश करूंगी: शालिनी गौतम कोटा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष व पूर्व पार्षद शालिनी गौतम का टिकट कट गया, जिसके बाद उनके समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आई: समर्थकों ने प्रदेश महिला अध्यक्ष राखी गौतम के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए: लेकिन शालिनी गौतम ने पूरे मामले में किसी को जिम्मेदार मानने से साफ इनकार कर दिया: उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिसे उम्मीदवार बनाया है, उसके साथ संगठन के आदेश के मुताबिक काम किया जाएगा...
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    टिकट कटने के लिए मैं किसी को जिम्मेदार नहीं मानती: शालिनी गौतम 
टिकट कटने के लिए मैं किसी को जिम्मेदार नहीं मानती, मैं पार्टी के फैसले के साथ हूं और कोटा नगर निगम 100 वार्ड और खासकर महिलाओं को जिताने की कोशिश करूंगी: शालिनी गौतम 
कोटा नगर निगम चुनाव में  कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष व पूर्व पार्षद शालिनी गौतम का टिकट कट गया, जिसके बाद उनके समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आई: समर्थकों ने प्रदेश महिला अध्यक्ष राखी गौतम के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए: 
लेकिन शालिनी गौतम ने पूरे मामले में किसी को जिम्मेदार मानने से साफ इनकार कर दिया: उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिसे  उम्मीदवार बनाया है, उसके साथ संगठन के आदेश के मुताबिक काम किया जाएगा...
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • रावतभाटा में मच्छरों की रोकथाम को लेकर नगर पालिका ने कराया फॉगिंग कार्य रावतभाटा में मच्छरों की रोकथाम को लेकर नगर पालिका ने कराया फॉगिंग कार्य नगर पालिका रावतभाटा द्वारा मच्छरों की रोकथाम एवं आमजन को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उद्देश्य से पालिका क्षेत्र में फॉगिंग अभियान चलाया गया। अभियान के तहत तेंदुआ बस्ती, महुपुरा, सणीता एवं वार्ड नंबर 1 में फॉगिंग कर मच्छरों के प्रजनन एवं उनके फैलाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। नगर पालिका द्वारा लगातार फॉगिंग कार्य कर क्षेत्रवासियों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। फॉगिंग कार्य के दौरान पालिका के प्रवीण आदिवाल, अमित भाटी एवं साहिल खान सहित कर्मचारी मौजूद रहे।
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    रावतभाटा में मच्छरों की रोकथाम को लेकर नगर पालिका ने कराया फॉगिंग कार्य
रावतभाटा में मच्छरों की रोकथाम को लेकर नगर पालिका ने कराया फॉगिंग कार्य
नगर पालिका रावतभाटा द्वारा मच्छरों की रोकथाम एवं आमजन को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उद्देश्य से पालिका क्षेत्र में फॉगिंग अभियान चलाया गया। अभियान के तहत तेंदुआ बस्ती, महुपुरा, सणीता एवं वार्ड नंबर 1 में फॉगिंग कर मच्छरों के प्रजनन एवं उनके फैलाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
नगर पालिका द्वारा लगातार फॉगिंग कार्य कर क्षेत्रवासियों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
फॉगिंग कार्य के दौरान पालिका के प्रवीण आदिवाल, अमित भाटी एवं साहिल खान सहित कर्मचारी मौजूद रहे।
    user_Pawan Mehar
    Pawan Mehar
    Local News Reporter रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • *शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का दवा सुकेत में बनेगा भाजपा का चेयरमैन * *शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का दवा सुकेत में बनेगा भाजपा का चेयरमैन * कोटा। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर पहुंचे सुकेत । सुकेत नगर पालिका मंडल के लिए हो रहे चुनाव के लिए भाजपा के पांच प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालय का किया उद्घाटन। उद्घाटन के बाद उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए मंत्री श्री दिलावर बोले सुकेत में भारतीय जनता पार्टी की लहर। भारतीय जनता पार्टी का बोर्ड बनाने के मूड में है सुकेत की जनता। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने किया दवा नवगठित नगर पालिका मंडल सुकेत में पहला बोर्ड अध्यक्ष भाजपा का ही बनेगा जिला परिषद सदस्य धीरज सिंह सिसोदिया, पूर्व मंडल अध्यक्ष नरेंद्र व्यास, सुकेत नगर पालिका चुनाव सहसंयोजक प्रहलाद राठौड़, राकेश बैरवा सहित भाजपा के प्रत्याशी कपिल भावसार, श्रीमती श्रवण लश्कार, मंडल महामंत्री विकास चौहान, गजेंद्र यादव, जगदीश मेहर, मोहम्मद रईस, निजाम भाई मौजूद थे।
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    *शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का दवा सुकेत में बनेगा भाजपा का चेयरमैन *
*शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का दवा सुकेत में बनेगा भाजपा का चेयरमैन *
कोटा। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर पहुंचे सुकेत । सुकेत नगर पालिका मंडल के लिए हो रहे चुनाव के लिए भाजपा के पांच प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालय का किया उद्घाटन। उद्घाटन के बाद उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए मंत्री श्री दिलावर बोले सुकेत में भारतीय जनता पार्टी की लहर। भारतीय जनता पार्टी का बोर्ड बनाने के मूड में है सुकेत की जनता। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने किया दवा नवगठित नगर पालिका मंडल सुकेत में पहला बोर्ड अध्यक्ष भाजपा का ही बनेगा
जिला परिषद सदस्य धीरज सिंह सिसोदिया, पूर्व मंडल अध्यक्ष नरेंद्र व्यास, सुकेत नगर पालिका चुनाव सहसंयोजक प्रहलाद राठौड़, राकेश बैरवा सहित भाजपा के प्रत्याशी कपिल भावसार, श्रीमती श्रवण लश्कार, मंडल महामंत्री विकास चौहान, गजेंद्र यादव, जगदीश मेहर, मोहम्मद रईस, निजाम भाई मौजूद थे।
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    6 hrs ago
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