शिवपुरी में 22 जून 2026 को कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देश पर की गई जांच के आधार पर ग्राम पंचायत करई के सचिव श्री अशोक रावत को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जनमन आवास योजना के भुगतान संबंधी प्राप्त शिकायतों में पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद की गई है। जनसुनवाई में जनमन आवास योजना को लेकर शिकायतें मिलने के बाद जांच के आदेश दिए गए थे और सचिव को इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया था। जिला पंचायत सीईओ श्री विजय राज द्वारा श्री अशोक रावत के कृत्य को गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के उपरांत श्री अशोक रावत का मुख्यालय जिला पंचायत शिवपुरी निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत करई में हितग्राहीमूलक एवं रोजगारोन्मुखी योजनाओं के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए, ग्राम रोजगार सहायक श्री नीलम रावत को आगामी आदेश तक ग्राम पंचायत करई के सचिव के दायित्वों का निर्वहन करने हेतु अधिकृत किया गया है।
शिवपुरी में 22 जून 2026 को कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देश पर की गई जांच के आधार पर ग्राम पंचायत करई के सचिव श्री अशोक रावत को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जनमन आवास योजना के भुगतान संबंधी प्राप्त शिकायतों में पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद की गई है। जनसुनवाई में जनमन आवास योजना को लेकर शिकायतें मिलने के बाद जांच के आदेश दिए गए थे और सचिव को इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया था। जिला पंचायत सीईओ श्री विजय राज द्वारा श्री अशोक रावत के कृत्य को गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के उपरांत श्री अशोक रावत का मुख्यालय जिला पंचायत शिवपुरी निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत करई में हितग्राहीमूलक एवं रोजगारोन्मुखी योजनाओं के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए, ग्राम रोजगार सहायक श्री नीलम रावत को आगामी आदेश तक ग्राम पंचायत करई के सचिव के दायित्वों का निर्वहन करने हेतु अधिकृत किया गया है।
- शिवपुरी के माधव चौक चौराहे पर रविवार रात भरत भूषण तिवारी के कथित सरेंडर के बाद बिहार में हुए एनकाउंटर के विरोध में एक कैंडल मार्च निकाला गया। राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने न्याय की मांग को लेकर यह शांतिपूर्ण मार्च आयोजित किया, जिसमें उपस्थित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि यदि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसके बाद की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषियों पर उचित कार्रवाई करने की अपील की। मार्च के दौरान न्याय की मांग से जुड़े नारे लगाए गए और प्रशासन से पूरी घटना की पारदर्शी जांच कराने का आग्रह किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि घटना की सच्चाई को सामने लाना और न्याय सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में समाज के लोग, युवा और नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने दो मिनट का मौन रखकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और एक बार फिर निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।2
- शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में एक व्यक्ति ने सरपंच अंतरसिंह लोधी की पहल पर नशा मुक्ति केंद्र में चार माह बिताने के बाद नशे की अपनी आदत छोड़ दी है। अब वह सामान्य जीवन की ओर लौटने का संकल्प ले चुका है, जिसे गांव में एक सकारात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति के परिजन उसकी नशे की लत से लंबे समय से बहुत परेशान थे, क्योंकि नशे के लिए पैसे न मिलने पर वह घर में अक्सर विवाद और गाली-गलौज करने लगता था। इस स्थिति से तंग आकर उसकी पत्नी और पिता ने गांव के सरपंच अंतरसिंह लोधी से संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई। इसके बाद सरपंच ने तुरंत शिवपुरी स्थित नशा मुक्ति केंद्र से संपर्क किया और उस व्यक्ति को वहां भर्ती कराया। केंद्र में लगभग चार महीने के उपचार और परामर्श के बाद, वह युवक अब गांव लौट आया है। सोमवार सुबह 9 बजे उसने कहा कि वह अब मेहनत करके अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जीना चाहता है और नशे से पूरी तरह दूर रहेगा। ग्रामीणों ने सरपंच की इस पहल की सराहना करते हुए इसे 'सराहनीय' बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि परिवार और समाज का समय पर सहयोग मिले, तो नशे जैसी गंभीर समस्या से भी सफलतापूर्वक बाहर निकला जा सकता है।1
- ramdhan Doli Mata Mandir Jay Siyaram Jay Siyaram Jay Siyaram Jay Jay Siyaram1
- करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने शराब ठेके से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया गया और कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोकेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, वह पहले एक शराब कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम करते थे। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर कब्जे में लिया और कथित रूप से मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाकर लगातार प्रताड़ित किया गया और मारपीट के दौरान प्लास्टिक के पाइप सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और कई जगह सूजन आ गई। लोकेंद्र सिंह का यह भी आरोप है कि उन्हें घंटों तक अपनी मर्जी के खिलाफ रखा गया और एक कार्यालयनुमा जगह पर रातभर बंद रखने के बाद छोड़ा गया। इसके अतिरिक्त, उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने का प्रयास भी किया गया, जिसे संबंधित अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर अस्वीकार कर दिया गया। घटना के बाद लोकेंद्र सिंह ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया है, लेकिन उन्हें अब तक संतोषजनक कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस प्रकार की घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर बल दिया है, यह मानते हुए कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया से ही होना चाहिए। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की जांच की जाए, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए, तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। उन्होंने कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, यह सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच तथा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।2
- नगर में इन दिनों शादियों के चलते जाम की गंभीर स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे हैं। इस जाम का मुख्य कारण मैरिज गार्डनों में पार्किंग की व्यवस्था न होना और वाहनों का बेतरतीब तरीके से खड़ा किया जाना है। स्थिति इतनी खराब हो गई कि पुलिस की 112 वाहन भी इस जाम में फंस गई।1
- सांदीपनि विद्यालय परिसर में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को उत्साहपूर्ण माहौल के बीच उनके नवीन भवन में लाया गया और फिर कक्षाओं तक पहुँचाया गया। इस भव्य स्वागत से न केवल बच्चों में बल्कि उनके अभिभावकों और नगरवासियों में भी सांदीपनि विद्यालय के प्रति विशेष उत्साह और आकर्षण देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य धनीराम कुशवाह ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर नियमित अध्ययन करने और शिक्षा को जीवन का आधार बनाने की महत्वपूर्ण सीख दी। इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं को मिष्ठान वितरण भी किया गया। "स्कूल चले हम" अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों में विद्यालय के प्रति उत्साह जगाने के साथ-साथ अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत किया है। नगर में सांदीपनि विद्यालय के प्रति लगातार बढ़ता रुझान इस सफल आयोजन की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।1
- भितरवार से विधायक मोहन सिंह राठौड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने सुरक्षा गार्डों द्वारा की गई कथित बदसलूकी के लिए आम जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं। विधायक के इस विनम्र व्यवहार की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं। यह घटना तब हुई जब एक किसान का ट्रैक्टर सड़क पर पलट जाने के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो गई थी। विधायक मोहन सिंह राठौड़ स्वयं मौके पर मौजूद थे और यातायात को सुचारू कराने तथा लोगों को समझाने में लगे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों और उनके सुरक्षा गार्डों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विधायक के दो गनरों ने आम लोगों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक युवक विधायक से यह कहते हुए सुनाई देता है कि "आप हमारे विधायक हैं, अपने गार्डों को समझाइए।" इसके तत्काल बाद विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने स्थिति को संभाला और हाथ जोड़कर जनता से कहा कि यदि उनके गार्डों से कोई गलती हुई है तो वे उनकी ओर से माफी मांगते हैं। विधायक के इस आचरण को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि गलती चाहे किसी की भी हो, उसे स्वीकार कर जनता से क्षमा मांगना ही एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान है। "जनता सर्वोपरि है, और जनता का सम्मान ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है" — इसी संदेश के साथ विधायक मोहन सिंह राठौड़ का यह वीडियो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- खोड़ में आयोजित जन चौपाल में किसान सुखेन्द्र राय ने प्रदेश के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के समक्ष खेत में टूटे बिजली खंभों और गिरे हुए बिजली तारों की गंभीर समस्या को उठाया। उन्होंने बताया कि ये खंभे लंबे समय से क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़े हैं, जिससे न केवल खेती का काम प्रभावित हो रहा है, बल्कि फसलों को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है। सुखेन्द्र राय के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। खेत में गिरे हुए तार और टूटे खंभे किसानों के लिए खतरा बने हुए हैं तथा कृषि कार्य में भी लगातार बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। जन चौपाल में प्रभारी मंत्री तक यह शिकायत पहुँचने के बाद अब किसानों में समस्या के समाधान की एक नई उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग जल्द से जल्द खंभों और तारों की मरम्मत कराकर इस समस्या का स्थायी समाधान करे, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी फसलों को बर्बाद होने से बचाया जा सके।1