सांसद राजकुमार रोत ने लोकसभा में सदन की मेज पर रखवाया अपना पक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने का मौका न मिलने पर बिफरे सांसद राजकुमार रोत संवाददाता - संतोष व्यास नई दिल्ली/डूंगरपुर। लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिड़ला के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उस समय गहमागहमी की स्थिति पैदा हो गई, जब बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत को अपना पक्ष रखने का समय नहीं मिला। अपनी बात रखने के लिए दृढ़ संकल्पित सांसद रोत ने सदन की मर्यादा के भीतर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह के भाषण के बीच खड़े होकर न केवल अपनी आपत्ति जताई, बल्कि अपनी मांग पर अड़ते हुए कुछ समय के लिए संबोधन को रुकवा दिया। राजकुमार रोत ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र के इस मंदिर में हर क्षेत्र की आवाज सुनी जानी चाहिए और उन्हें अपने क्षेत्र की बात रखने से वंचित नहीं किया जा सकता। - इंजीनियर रशीद का मिला साथ, एक स्वर में बोले सांसद इस विरोध प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर से सांसद इंजीनियर रशीद ने भी राजकुमार रोत का पुरजोर समर्थन किया। दोनों सांसदों ने सदन के पटल पर एक स्वर में अपनी बात रखते हुए कहा कि सभी सदस्यों को सदन में अपनी बात रखने का समान अवसर दिया जाना चाहिए। सांसदों ने दोटूक शब्दों में कहा कि जब तक उन्हें अपनी बात कहने का मौका नहीं दिया जाएगा, वे गृहमंत्री का भाषण नहीं चलने देंगे। सदन में हुई इस अचानक नारेबाजी और विरोध ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा। - गृहमंत्री का आग्रह और अध्यक्ष का हस्तक्षेप सांसदों के कड़े रुख को देखते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने स्वयं मोर्चा संभाला। उन्होंने दोनों सांसदों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि उनकी प्रत्येक बात को लिखित रूप में रिकॉर्ड पर लिया जाएगा। काफी देर तक चली इस खींचतान के बाद मामला शांत हुआ। अंततः लोकसभा अध्यक्ष ने सांसद राजकुमार रोत की मांग और उनके पक्ष को स्वीकार किया। अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि सांसद रोत का वक्तव्य लिखित रूप में सदन की मेज पर रखवाया जाए, ताकि वह स्थायी रिकॉर्ड का हिस्सा बन सके।
सांसद राजकुमार रोत ने लोकसभा में सदन की मेज पर रखवाया अपना पक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने का मौका न मिलने पर बिफरे सांसद राजकुमार रोत संवाददाता - संतोष व्यास नई दिल्ली/डूंगरपुर। लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिड़ला के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उस समय गहमागहमी की स्थिति पैदा हो गई, जब बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत को अपना पक्ष रखने का समय नहीं मिला। अपनी बात रखने के लिए दृढ़ संकल्पित सांसद रोत ने सदन की मर्यादा के भीतर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह के भाषण के बीच खड़े होकर न केवल अपनी आपत्ति जताई, बल्कि अपनी मांग पर अड़ते हुए कुछ समय के लिए संबोधन को रुकवा दिया। राजकुमार रोत ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र के इस मंदिर में हर क्षेत्र की आवाज सुनी जानी चाहिए और उन्हें अपने क्षेत्र की बात रखने से वंचित नहीं किया जा सकता। - इंजीनियर रशीद का मिला साथ, एक स्वर में बोले सांसद इस विरोध प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर से सांसद इंजीनियर रशीद ने भी राजकुमार रोत का पुरजोर समर्थन किया। दोनों सांसदों ने सदन के पटल पर एक स्वर में अपनी बात रखते हुए कहा कि सभी सदस्यों को सदन में अपनी बात रखने का समान अवसर दिया जाना चाहिए। सांसदों ने दोटूक शब्दों में कहा कि जब तक उन्हें अपनी बात कहने का मौका नहीं दिया जाएगा, वे गृहमंत्री का भाषण नहीं चलने देंगे। सदन में हुई इस अचानक नारेबाजी और विरोध ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा। - गृहमंत्री का आग्रह और अध्यक्ष का हस्तक्षेप सांसदों के कड़े रुख को देखते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने स्वयं मोर्चा संभाला। उन्होंने दोनों सांसदों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि उनकी प्रत्येक बात को लिखित रूप में रिकॉर्ड पर लिया जाएगा। काफी देर तक चली इस खींचतान के बाद मामला शांत हुआ। अंततः लोकसभा अध्यक्ष ने सांसद राजकुमार रोत की मांग और उनके पक्ष को स्वीकार किया। अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि सांसद रोत का वक्तव्य लिखित रूप में सदन की मेज पर रखवाया जाए, ताकि वह स्थायी रिकॉर्ड का हिस्सा बन सके।
- समाज सेवा की मिसाल है एम एम बी ग्रुप डूंगरपुर - विरेंद्र सिंह बेडसा आज एम एम बी ग्रुप डूंगरपुर की और से डूंगरपुर के मशहूर पर्यावरण प्रेमी विरेंद्र सिंह बेडसा के निवास एवं विभिन्न जगहों पर पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर उसमें दाना पानी की व्यवस्था की, सदर नूर मोहम्मद मकरानी ने बताया कि अभी प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप चल रहा है और पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना हम सभी का फर्ज है क्योंकि पर्यावरण के संरक्षण में इन पक्षियों का काफी महत्व है ये खेतों से हानिकारक कीटाणु को अपना भोजन बनाते हैं और पर्यावरण के संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाते हैं, पर्यावरण प्रेमी विरेंद्र सिंह बेडसा ने कहा कि ग्रुप मस्तान बाबा की याद में पूरे संभाग में मिसाल कायम कर रहा है और आज परिंडे बांधने के साथ ही कपड़े की थैलियों का निःशुल्क वितरण कर आमजन को सिंगल यूज प्लास्टिक उपयोग में नहीं लेने के लिए भी प्रेरित किया जो काफी सराहनीय कदम है बेडसा ने अन्य संस्थाओं से भी इसी तरह के नेक अभियान चलाने की अपील की इस नेक अवसर पर सदर मकरानी, विरेंद्र सिंह बेडसा, गोविंद सिंह पंवार मांडव, चन्दा जैन, विजय लाल, अनिल जैन मौजूद थे1
- बेणेश्वर धाम में मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां तेज संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। वागड़ के प्रयाग कहे जाने वाले प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बेणेश्वर धाम पर आगामी 16 मार्च को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दौरा प्रस्तावित है। इस महत्वपूर्ण दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। गुरुवार को उच्च स्तरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के एक दल ने धाम का दौरा कर तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को सभी कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। - उच्चाधिकारियों ने परखा सुरक्षा और सुविधा का खाका मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे की गंभीरता को देखते हुए टीएडी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुंजी लाल मीणा, उदयपुर संभागीय आयुक्त श्रीमती प्रज्ञा केवलरमानी और उदयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव श्रीवास्तव डूंगरपुर पहुंचे। अधिकारियों ने धाम परिसर में हेलीपैड स्थल से लेकर मुख्य मंदिर तक की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने वाल्मीकि मंदिर और हरि मंदिर में दर्शन व्यवस्था, मंच निर्माण, आमजन के बैठने की जगह और सुरक्षा घेरे का भौतिक सत्यापन किया। एसीएस मीणा ने स्पष्ट किया कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - आमजन की सुविधा और सुरक्षा रहेगी सर्वोपरि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए पार्किंग, यातायात प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति, अस्थायी शौचालय और चिकित्सा सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है। विशेष रूप से बैरिकेडिंग और आपातकालीन निकास द्वारों को लेकर पुलिस महानिरीक्षक ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि यातायात को इस तरह व्यवस्थित किया जाए कि धाम की ओर आने वाले नियमित यात्रियों को परेशानी न हो। - जिला प्रशासन ने सेक्टरवार बांटी जिम्मेदारी जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह और जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने उच्चाधिकारियों को अब तक की गई तैयारियों का ब्यौरा पेश किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है और प्रत्येक सेक्टर में जिम्मेदार अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। चिकित्सा दल और एम्बुलेंस की तैनाती के साथ-साथ स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान टीएडी उपायुक्त डॉ. सत्य प्रकाश कसवा, साबला उपखंड अधिकारी श्रीमती अभिलाषा, तहसीलदार योगेंद्र वैष्णव सहित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और ब्लॉक स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अगले तीन दिनों के भीतर समस्त कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया है।1
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवागरा मैं शिक्षा अधिकारी हेमराज सिंह चौहान ने किया निरीक्षण।।1
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- समाजसेवी दीपक जोशी ने विद्यालय को सरस्वती मंदिर भेंट किया, दिया शिक्षा व संस्कार का संदेश1
- lalpura road suro ka guda very dust please clean place1
- डूंगरपुर। जिला पुलिस की जिला विशेष टीम (DST) ने बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 48 पर शराब से भरा एक टेम्पो को जब्त किया है | डीएसटी ने टेम्पो से 35 कार्टन शराब को बरामद करते हुए टेंपो चालक समेत 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तस्कर स्क्रब की आड़ में शराब तस्करी की जा रही थी | पकड़ी गई शराब की कीमत करीब 2 लाख 50 हजार रुपए बताई जा रही है।1
- भीषण गर्मी में पक्षियों का सहारा बना एमएमबी ग्रुप, परिंडे बांधकर दिया जीवदया का संदेश संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। मानवता और जीव दया की मिसाल पेश करते हुए एमएमबी ग्रुप द्वारा इस भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए परिंडा बांधो अभियान चलाया जा रहा है। ग्रुप के सदस्यों ने पर्यावरण प्रेमी वीरेंद्र सिंह बेडसा के निवास सहित शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर परिंडे बांधकर उनमें दाना-पानी की व्यवस्था की। ग्रुप के सदर नूर मोहम्मद मकरानी ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में पूरा प्रदेश प्रचंड गर्मी की चपेट में है। ऐसे में बेजुबान पक्षियों के लिए पानी का प्रबंध करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। मकरानी ने पक्षियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण में इन नन्हे जीवों की बड़ी भूमिका है। ये खेतों से हानिकारक कीटाणुओं का सफाया कर प्रकृति का संतुलन बनाए रखते हैं। - प्लास्टिक मुक्त समाज का संकल्प इस अवसर पर केवल पक्षियों की ही चिंता नहीं की गई, बल्कि ग्रुप ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ भी मोर्चा खोला। पर्यावरण प्रेमी वीरेंद्र सिंह बेडसा के सानिध्य में आमजन को कपड़े की थैलियों का निःशुल्क वितरण किया गया। बेडसा ने एमएमबी ग्रुप के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मस्तान बाबा की याद में यह ग्रुप पूरे संभाग में सेवा की एक नई इबारत लिख रहा है। उन्होंने अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं से भी अपील की कि वे आगे आएं और इस तरह के पुनीत कार्यों में अपनी भागीदारी निभाएं। सेवा के इस नेक कार्य के दौरान सदर नूर मोहम्मद मकरानी और वीरेंद्र सिंह बेडसा के साथ गोविंद सिंह पंवार मांडव, चन्दा जैन, विजय लाल और अनिल जैन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने संकल्प लिया कि वे न केवल परिंडे बांधेंगे, बल्कि नियमित रूप से उनमें पानी भरने की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।1
- अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने का मौका न मिलने पर बिफरे सांसद राजकुमार रोत संवाददाता - संतोष व्यास नई दिल्ली/डूंगरपुर। लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिड़ला के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उस समय गहमागहमी की स्थिति पैदा हो गई, जब बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत को अपना पक्ष रखने का समय नहीं मिला। अपनी बात रखने के लिए दृढ़ संकल्पित सांसद रोत ने सदन की मर्यादा के भीतर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह के भाषण के बीच खड़े होकर न केवल अपनी आपत्ति जताई, बल्कि अपनी मांग पर अड़ते हुए कुछ समय के लिए संबोधन को रुकवा दिया। राजकुमार रोत ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र के इस मंदिर में हर क्षेत्र की आवाज सुनी जानी चाहिए और उन्हें अपने क्षेत्र की बात रखने से वंचित नहीं किया जा सकता। - इंजीनियर रशीद का मिला साथ, एक स्वर में बोले सांसद इस विरोध प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर से सांसद इंजीनियर रशीद ने भी राजकुमार रोत का पुरजोर समर्थन किया। दोनों सांसदों ने सदन के पटल पर एक स्वर में अपनी बात रखते हुए कहा कि सभी सदस्यों को सदन में अपनी बात रखने का समान अवसर दिया जाना चाहिए। सांसदों ने दोटूक शब्दों में कहा कि जब तक उन्हें अपनी बात कहने का मौका नहीं दिया जाएगा, वे गृहमंत्री का भाषण नहीं चलने देंगे। सदन में हुई इस अचानक नारेबाजी और विरोध ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा। - गृहमंत्री का आग्रह और अध्यक्ष का हस्तक्षेप सांसदों के कड़े रुख को देखते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने स्वयं मोर्चा संभाला। उन्होंने दोनों सांसदों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि उनकी प्रत्येक बात को लिखित रूप में रिकॉर्ड पर लिया जाएगा। काफी देर तक चली इस खींचतान के बाद मामला शांत हुआ। अंततः लोकसभा अध्यक्ष ने सांसद राजकुमार रोत की मांग और उनके पक्ष को स्वीकार किया। अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि सांसद रोत का वक्तव्य लिखित रूप में सदन की मेज पर रखवाया जाए, ताकि वह स्थायी रिकॉर्ड का हिस्सा बन सके।1