Shuru
Apke Nagar Ki App…
कानपुर के थाना नौबस्ता से चंद कदमों की दूरी पर स्थित SRD पेट्रोल पंप पर दबंगों ने जमकर हंगामा किया। सीएनजी भरवाने को लेकर हुई मामूली कहासुनी के बाद लगभग एक दर्जन युवकों ने पेट्रोल पंप पर हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने जमकर ईंट-पत्थर चलाए। पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने कैशियर के बैग से 75 हजार रुपए की लूट भी की। घटना के बाद किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे एक पंपकर्मी ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। हालांकि, इस दौरान थाना नौबस्ता का CUG नंबर नहीं लग पाया और 112 की पुलिस 20 मिनट की देरी से मौके पर पहुँची। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पत्थर चलाने वाले दो युवकों को पकड़ लिया है।
JURM KA PARDAAPHAASH
कानपुर के थाना नौबस्ता से चंद कदमों की दूरी पर स्थित SRD पेट्रोल पंप पर दबंगों ने जमकर हंगामा किया। सीएनजी भरवाने को लेकर हुई मामूली कहासुनी के बाद लगभग एक दर्जन युवकों ने पेट्रोल पंप पर हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने जमकर ईंट-पत्थर चलाए। पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने कैशियर के बैग से 75 हजार रुपए की लूट भी की। घटना के बाद किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे एक पंपकर्मी ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। हालांकि, इस दौरान थाना नौबस्ता का CUG नंबर नहीं लग पाया और 112 की पुलिस 20 मिनट की देरी से मौके पर पहुँची। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पत्थर चलाने वाले दो युवकों को पकड़ लिया है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कानपुर के थाना नौबस्ता से चंद कदमों की दूरी पर स्थित SRD पेट्रोल पंप पर दबंगों ने जमकर हंगामा किया। सीएनजी भरवाने को लेकर हुई मामूली कहासुनी के बाद लगभग एक दर्जन युवकों ने पेट्रोल पंप पर हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने जमकर ईंट-पत्थर चलाए। पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने कैशियर के बैग से 75 हजार रुपए की लूट भी की। घटना के बाद किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे एक पंपकर्मी ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। हालांकि, इस दौरान थाना नौबस्ता का CUG नंबर नहीं लग पाया और 112 की पुलिस 20 मिनट की देरी से मौके पर पहुँची। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पत्थर चलाने वाले दो युवकों को पकड़ लिया है।1
- जलेसर के गांधी चौक स्थित एक किराना स्टोर पर एक युवक के साथ कथित रूप से बदतमीजी, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने की घटना सामने आई है। यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह न केवल सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य होगा, बल्कि कानूनन भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में पुलिस को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति, वर्ग या पहचान के आधार पर अपमानजनक व्यवहार बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है; समाज में सम्मान, समानता और कानून का राज बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।1
- आगरा के टेडी बगिया डिपो के पास पवन विहार की ओर जाने वाले तिराहे पर जरा सी बरसात में एक कैंटर गाड़ी फंस गई। इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम जिम्मेदारी से कोई काम नहीं करती। आरोप के अनुसार, नगर निगम के सारे काम ठेकेदारों के भरोसे चलते हैं। इस स्थिति के चलते गरीब गाड़ी मालिकों को नुकसान उठाना पड़ता है, जिनकी दिनभर की कमाई से ज़्यादा पैसा गाड़ी को जेसीबी से बाहर निकलवाने के खर्च में चला जाता है।1
- जनपद हाथरस के हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के गांव एवरनपुर में घर पर काम करते समय छोटे लाल पुत्र चिरंजीलाल नामक एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। काम के दौरान ग्राइंडर से उनके हाथ की उंगली और पैर का अंगूठा कट गया, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। घटना के तुरंत बाद, परिजन उन्हें आनन-फानन में उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर डॉक्टरों द्वारा इलाज किया गया।1
- आगरा स्थित आकाश कोचिंग सेंटर में आग लगने की खबरें मात्र अफवाह निकली हैं। सूचना मिलने पर न्यू आगरा पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची, जहाँ जाँच में स्थिति सामान्य पाई गई। एसीपी हरीपर्वत अमीषा ने स्वयं स्थिति स्पष्ट करते हुए आग लगने की खबरों का खंडन किया है। पुलिस के अनुसार, कॉम्प्लेक्स की पार्किंग में केवल एक मामूली शॉर्ट सर्किट हुआ था, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी छात्र तथा कर्मचारी सुरक्षित पाए गए। परिसर में फायर सेफ्टी मानकों का सुनिश्चित रूप से पालन किया गया, जिससे इन अफवाहों पर विराम लग गया।1
- आगरा का एत्मादपुर ब्लॉक एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है, जहां सामने आए एक वीडियो और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी ने ब्लॉक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी की जा रही है, और सफाईकर्मियों की तैनाती तथा वेतन व्यवस्था में भी एक 'बड़ा खेल' चल रहा है। सामने आए वीडियो में सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत कार्यालय का दृश्य है, जहां संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर और महात्मा गांधी की तस्वीरें तक नहीं लगी हैं। यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से सभी सरकारी कार्यालयों में महापुरुषों के चित्र लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल आदेशों की अवहेलना नहीं, बल्कि अधिकारियों की मानसिकता को भी उजागर करता है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पंचायतों में सफाई व्यवस्था संभालने के लिए नियुक्त किए गए सफाईकर्मियों को वर्षों से कार्यालयों में बैठाकर अन्य काम कराए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ सफाईकर्मी एडीओ कार्यालय में बाबू, निजी सहायक और ड्राइवर की भूमिका निभा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई सफाईकर्मी पिछले 10 से 12 वर्षों से अपनी मूल पंचायतों में सफाई कार्य के लिए गए ही नहीं हैं, जबकि सरकार उन्हें गांवों की स्वच्छता व्यवस्था के लिए ही वेतन देती है। सामने आई तस्वीरों में एक सफाईकर्मी कार्यालय में फाइलों का काम करता दिखाई दे रहा है, वहीं कार्यालय का ड्राइवर भी कथित तौर पर एक सफाईकर्मी ही बताया जा रहा है। इन आरोपों से यह गंभीर प्रश्न उठता है कि गांवों की सफाई व्यवस्था आखिर किसके भरोसे चल रही है।1
- लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद हाथरस जिला प्रशासन विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में प्रशासन ने जिलेभर में एक विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने शहर की विभिन्न कोचिंग संस्थाओं और लाइब्रेरी का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी वत्स ने भवनों में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं, फायर सेफ्टी उपकरणों, अग्निशमन संसाधनों तथा आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) की स्थिति का आकलन किया। जांच में कई संस्थानों में गंभीर खामियां उजागर हुईं, जहाँ पर्याप्त फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं पाए गए और अनेक भवनों में इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था भी नदारद मिली। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित संचालकों को तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों की किसी भी अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी बताया कि यह निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि सभी शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी आपात स्थिति में छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।1
- जनपद एटा की जलेसर तहसील क्षेत्र के पुन्हैरा गांव में दिनदहाड़े जमीन विवाद के चलते एक खूनी संघर्ष हुआ, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया और सनसनी फैल गई। आरोप है कि पुरानी रंजिश और जमीन के विवाद के कारण कुछ भतीजों ने अपने ही बुजुर्ग चाचा पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार के सदस्यों के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था और किसी अन्य व्यक्ति को जमीन बेचने को लेकर दोनों पक्षों में कई बार कहासुनी हो चुकी थी, जिसके चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। आरोप है कि भतीजों ने बुजुर्ग चाचा को घेरकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे उनके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं और वे घायल होकर जमीन पर गिर गए। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। परिजन घायल बुजुर्ग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलेसर ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एटा भेज दिया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। हालांकि, मामले में पुलिस की विस्तृत कार्यवाही और अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए जब कोतवाली जलेसर और क्षेत्राधिकारी जलेसर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो दोनों अधिकारियों के फोन नहीं उठ सके। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।1