शुक्रवार को अजमेर जिले में शिया समुदाय ने अपनी सबसे बड़ी ईद, ईद-ए-ग़दीर को बड़े हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया। इस अवसर पर जिले के दौराई, तारागढ़, रूपनगढ़ और राजोसी में विशेष महफ़िलें आयोजित की गईं, जिनमें सैकड़ों अकीदतमंद शामिल हुए। समुदाय के लोगों ने अपने घरों में तरह-तरह के पकवान बनाकर नज़र दिलवाई। दौराई स्थित मस्जिद-ए-इमाम-ए-महदी में आयोजित मुख्य महफ़िल में मौलाना तकी जाफर ने ईद-ए-ग़दीर के विशेष आमाल करवाए और अपने बयान में ग़दीर के महत्व पर प्रकाश डाला। दरगाह हजरत अब्बास पर मौलाना इरफान हैदर ने आमाल अदा करवाए और पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफा स.अ. के ऐलान-ए-ग़दीर की अहमियत बताते हुए कौम को इत्तेहाद और विलायत का पैगाम दिया। इसके अतिरिक्त, मौलाना शमीमुल हसन, मौलाना जिशान हैदर एवं मौलाना हैदर बिजनोरी ने भी खिताब किया और ईद-ए-ग़दीर की फजीलत बयान की। सभी महफ़िलों के अंत में मुल्क में अमन-ओ-अमान और आपसी भाईचारे के लिए खुसूसी दुआएं करवाई गईं। ओलेमा कमेटी के अध्यक्ष मौलाना क़ाजिम अली जैदी ने देशवासियों को ईद-ए-ग़दीर की मुबारकबाद दी और मुल्क में भाईचारे व अमन-चैन की दुआ की। राजस्थान शिया मुस्लिम महासभा के जिलाध्यक्ष सैय्यद आबिद हुसैन ने बताया कि शिया समुदाय ने देशभर में ईद-ए-ग़दीर का यह कार्यक्रम बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया और अमन-चैन की दुआ के साथ देशवासियों को मुबारकबाद दी। उन्होंने पुष्टि की कि दौराई, तारागढ़, रूपनगढ़ और राजोसी सहित पूरे अजमेर जिले में मोमिनीन ने अकीदत से यह पर्व मनाया, जिसमें सैकड़ों अकिदतमंद मौजूद थे।
शुक्रवार को अजमेर जिले में शिया समुदाय ने अपनी सबसे बड़ी ईद, ईद-ए-ग़दीर को बड़े हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया। इस अवसर पर जिले के दौराई, तारागढ़, रूपनगढ़ और राजोसी में विशेष महफ़िलें आयोजित की गईं, जिनमें सैकड़ों अकीदतमंद शामिल हुए। समुदाय के लोगों ने अपने घरों में तरह-तरह के पकवान बनाकर नज़र दिलवाई। दौराई स्थित मस्जिद-ए-इमाम-ए-महदी में आयोजित मुख्य महफ़िल में मौलाना तकी जाफर ने ईद-ए-ग़दीर के विशेष आमाल करवाए और अपने बयान में ग़दीर के महत्व पर प्रकाश डाला। दरगाह हजरत अब्बास पर मौलाना इरफान हैदर ने आमाल अदा करवाए और पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफा स.अ. के ऐलान-ए-ग़दीर की अहमियत बताते हुए कौम को इत्तेहाद और विलायत का पैगाम दिया। इसके अतिरिक्त, मौलाना शमीमुल हसन, मौलाना जिशान हैदर एवं मौलाना हैदर बिजनोरी ने भी खिताब किया और ईद-ए-ग़दीर की फजीलत बयान की। सभी महफ़िलों के अंत में मुल्क में अमन-ओ-अमान और आपसी भाईचारे के लिए खुसूसी दुआएं करवाई गईं। ओलेमा कमेटी के अध्यक्ष मौलाना क़ाजिम अली जैदी ने देशवासियों को ईद-ए-ग़दीर की मुबारकबाद दी और मुल्क में भाईचारे व अमन-चैन की दुआ की। राजस्थान शिया मुस्लिम महासभा के जिलाध्यक्ष सैय्यद आबिद हुसैन ने बताया कि शिया समुदाय ने देशभर में ईद-ए-ग़दीर का यह कार्यक्रम बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया और अमन-चैन की दुआ के साथ देशवासियों को मुबारकबाद दी। उन्होंने पुष्टि की कि दौराई, तारागढ़, रूपनगढ़ और राजोसी सहित पूरे अजमेर जिले में मोमिनीन ने अकीदत से यह पर्व मनाया, जिसमें सैकड़ों अकिदतमंद मौजूद थे।
- केकड़ी क्षेत्र में 26 मई 2026 को हुई एक कथित असामाजिक घटना को लेकर आज, 5 जून 2026 को, सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने इस घटना के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिससे क्षेत्र में व्याप्त तनाव और भय के माहौल को समाप्त किया जा सके। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 26 मई 2026 की सुबह लगभग 10 बजे, आरोप है कि रामपाल रेगर, रतन रेगर, बुद्धिप्रकाश रेगर, हेमराज रेगर, सांवरा, गोपाल, मुकेश, जगदीश, दिलखुश, दिनेश, राकेश, दीपक, रामलाल, राजू सहित 20-25 अन्य महिला एवं पुरुषों के एक समूह ने बालकृष्ण सिंह शक्तावत के आवास पर पहुंचकर कथित तौर पर विवाद उत्पन्न किया। इस दौरान, समूह पर बालकृष्ण सिंह शक्तावत की पुत्री ज्योति शक्तावत को धमकाने और क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा करने का आरोप है। यह भी आरोप लगाया गया है कि संख्या बल के आधार पर पूर्व में भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं, जिससे ग्रामीणों में असंतोष और भय का माहौल बना हुआ है। हस्तक्षेप करने पहुंचे अजीत सिंह शक्तावत, अभिजीत सिंह शक्तावत, हेमेन्द्र सिंह शक्तावत, राजू कुम्हार, देवकरण कुमावत समेत कई अन्य लोगों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इस घटना से सर्व समाज के लोगों में गहरा आक्रोश है। आज बड़ी संख्या में एकत्र हुए प्रतिनिधियों ने राजू, दीपक कुम्हार, भीम, महावीर, बनवारी, कालू, देवकरण कुमावत, रामकुंवार तेली, महावीर बलाई, बजरंग जैन, विमला देवी प्रजापत, सुगना कंवर, सीमा देवी, कौशल्या प्रजापत, सोना प्रजापत, चंचल कंवर, ज्योति शक्तावत, देवेन्द्र सिंह, दुर्गा सिंह, दशरथ सिंह, नरेन्द्र सिंह, जय सिंह, प्रद्युम्न सिंह, हरिराज सिंह, शक्तिराज सिंह, भूपेन्द्र सिंह, बहादुर सिंह, पवन सिंह, श्याम सिंह, ध्रुवराज सिंह, रविराज सिंह, शैतान सिंह, यदुनाथ सिंह, विजय सिंह, भवानी सिंह, अभिजीत सिंह, बालकृष्ण सिंह, मानवेंद्र सिंह, रविन्द्र सिंह पिपलाज, दशरथ सिंह भराई, धनराज सिंह प्रान्हेड़ा, निरंजन सिंह, भूपेन्द्र सिंह सापून्दा, दिग्विजय सिंह कन्नौज, भगवान सिंह निमोद, विक्रम सिंह नयावास, शंकर सिंह निमोद, करणी प्रताप सिंह प्रान्हेडा सहित कई ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।1
- शुक्रवार को अजमेर जिले में शिया समुदाय ने अपनी सबसे बड़ी ईद, ईद-ए-ग़दीर को बड़े हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया। इस अवसर पर जिले के दौराई, तारागढ़, रूपनगढ़ और राजोसी में विशेष महफ़िलें आयोजित की गईं, जिनमें सैकड़ों अकीदतमंद शामिल हुए। समुदाय के लोगों ने अपने घरों में तरह-तरह के पकवान बनाकर नज़र दिलवाई। दौराई स्थित मस्जिद-ए-इमाम-ए-महदी में आयोजित मुख्य महफ़िल में मौलाना तकी जाफर ने ईद-ए-ग़दीर के विशेष आमाल करवाए और अपने बयान में ग़दीर के महत्व पर प्रकाश डाला। दरगाह हजरत अब्बास पर मौलाना इरफान हैदर ने आमाल अदा करवाए और पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफा स.अ. के ऐलान-ए-ग़दीर की अहमियत बताते हुए कौम को इत्तेहाद और विलायत का पैगाम दिया। इसके अतिरिक्त, मौलाना शमीमुल हसन, मौलाना जिशान हैदर एवं मौलाना हैदर बिजनोरी ने भी खिताब किया और ईद-ए-ग़दीर की फजीलत बयान की। सभी महफ़िलों के अंत में मुल्क में अमन-ओ-अमान और आपसी भाईचारे के लिए खुसूसी दुआएं करवाई गईं। ओलेमा कमेटी के अध्यक्ष मौलाना क़ाजिम अली जैदी ने देशवासियों को ईद-ए-ग़दीर की मुबारकबाद दी और मुल्क में भाईचारे व अमन-चैन की दुआ की। राजस्थान शिया मुस्लिम महासभा के जिलाध्यक्ष सैय्यद आबिद हुसैन ने बताया कि शिया समुदाय ने देशभर में ईद-ए-ग़दीर का यह कार्यक्रम बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया और अमन-चैन की दुआ के साथ देशवासियों को मुबारकबाद दी। उन्होंने पुष्टि की कि दौराई, तारागढ़, रूपनगढ़ और राजोसी सहित पूरे अजमेर जिले में मोमिनीन ने अकीदत से यह पर्व मनाया, जिसमें सैकड़ों अकिदतमंद मौजूद थे।1
- Available for Rent - Car Brand : rawla Mandi to bikaner Rent : 1500 City / Locality : rawla Mandi shriganganagar Vehicle Type : Car Seating Capacity : 5 Seater car ko kiraya per de rahe hain1
- मशहूर राजस्थानी लोक गायक स्वरूप खान ने अपनी मौत से जुड़ी उन अफवाहों पर विराम लगा दिया है, जो सोशल मीडिया पर तब तेजी से फैली थीं जब गूगल ने अपने सूचना पेज पर उन्हें मृत घोषित कर दिया था। यह पहली बार नहीं है जब किसी स्टार की मौत की अफवाह उड़ी हो और इस लिस्ट में अब स्वरूप खान का नाम भी जुड़ गया है। सिंगर ने गूगल लिस्टिंग का एक स्क्रीनशॉट साझा किया है, जिसमें गलती से 2 जून, 2026 को उनकी मौत की तारीख बताई गई थी। स्वरूप खान ने अपने इंस्टाग्राम पर यह स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा, 'अभी हम जिंदा हैं' और इसके साथ एक हंसने वाला इमोजी तथा गूगल इंडिया को टैग भी किया। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया, जिससे फैंस को यह जानकर राहत मिली कि मौत की खबर गलत थी। कुछ लोगों ने उनकी कुशलता पर खुशी जताई, तो वहीं कई ने गूगल की इस लापरवाही पर सवाल भी उठाए। स्वरूप खान को अपनी मौत की अफवाहों के बारे में तब पता चला, जब उन्होंने अपने बारे में ऐसी खबरें पढ़ीं जो 2 जून को सामने आई थीं। उन खबरों में दावा किया गया था कि राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक जबरदस्त धूल भरे तूफान के दौरान एक रिसॉर्ट की दीवार गिरने से उनकी मौत हो गई थी। पीटीआई के अनुसार, पुलिस ने बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित सैम टूरिस्ट इलाके के एक रिसॉर्ट की दीवार सोमवार देर रात तेज हवाओं के कारण ढह गई थी, जिससे कई लोग घायल हुए थे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 वर्षीय गायक ने उसी शाम उस जगह पर गाना गाया था। रिसॉर्ट के मालिक बारोच खान ने बताया कि तूफान के दौरान मंच के पीछे बनी कंक्रीट की दीवार ढह गई थी, और जब यह हादसा हुआ तब शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए लगभग 40 मेहमान वहां मौजूद थे।1
- मांडल के समीप स्थित पाल गांव में हेडपंपों को तैयार करवाया गया है।1
- राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा जी का जिक्र किया गया है। इस संदर्भ में @rahim का भी उल्लेख है।1
- अजमेर में ओबीसी मोर्चा ने जनगणना की प्रक्रिया के प्रथम चरण के संबंध में जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया है।1
- अजमेर नगर निगम के अस्थाई कर्मचारियों की हड़ताल आज चौथे दिन भी जारी रही, जिसके चलते कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने शव यात्रा निकाली और गांधी भवन पर पुतला दहन किया, साथ ही जमकर नारेबाजी भी की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में स्थायीकरण और वेतन वृद्धि शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल के कारण नगर निगम की कई सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और समाज के लोग उपस्थित रहे।1