Shuru
Apke Nagar Ki App…
राहुल गोयल
More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by राहुल गोयल1
- नरोली डांग, तलावड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों को फाटक के इंतजार से तत्काल राहत; दिल्ली–मुंबई रेलमार्ग पर परिचालन होगा और अधिक सुरक्षित* *सवाई माधोपुर-गंगापुर सिटी सेक्शन में सुरक्षा और परिचालन दक्षता की दिशा में बड़ा कदम* कोटा। सवाई माधोपुर–गंगापुर सिटी रेलखंड पर नारायणपुर–टटवाड़ा स्टेशन यार्ड स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 172 के स्थान पर लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। इसके साथ ही एलसी-172 को सड़क यातायात के लिए स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अब इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को रेल फाटक पर रुककर प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी तथा वर्षभर सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा के निर्देशन में सुरक्षा, संरक्षा और परिचालन दक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूर्ण किया गया है। यह आधुनिक आरओबी 860 मीटर लंबा है, जिसमें 628 मीटर लंबी एप्रोच रोड तथा 7.5 मीटर चौड़ा दो-लेन कैरिजवे बनाया गया है। पुल का निर्माण 7 स्पैन (1×36 मीटर, 5×25 मीटर एवं 1×28 मीटर) पर किया गया है तथा रेल स्तर से इसकी न्यूनतम ऊंचाई 6.8 मीटर रखी गई है, जिससे रेल परिचालन पूरी तरह सुरक्षित एवं निर्बाध रहेगा। उन्होंने बताया कि यह आरओबी देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल दिल्ली–मुंबई रेलखंड के नारायणपुर–टटवाड़ा सेक्शन पर बनाया गया है। इसके शुरू होने से नारोली डांग गांव, तलावड़ा तथा आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों को जाम एवं लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलेगी। इससे यात्रा समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी तथा स्थानीय आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम होगा। श्री जैन ने बताया कि एलसी-172 के स्थायी रूप से बंद होने से रेल एवं सड़क दुर्घटनाओं की आशंका में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही, फाटक के खुलने और बंद होने से ट्रेनों के परिचालन में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी, जिससे ट्रेनों की समयबद्धता और परिचालन दक्षता में भी सुधार होगा। फाटक पर कार्यरत कर्मचारियों को अन्य आवश्यक परिचालन कार्यों में पुनर्नियोजित किया जाएगा, जिससे उपलब्ध मानव संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षित रेल अवसंरचना और आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध कराना पश्चिम मध्य रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। यह आरओबी न केवल आमजन के आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।1
- गंगापुर सिटी: यातायात नियमों को लेकर बड़ा प्रशासनिक अलर्ट, अब नहीं चलेगी सिफारिशों की धाक! गंगापुर सिटी: यातायात नियमों को लेकर बड़ा प्रशासनिक अलर्ट, अब नहीं चलेगी सिफारिशों की धाक! विशेष संवाददाता, गंगापुर सिटी: जिला मुख्यालय सहित पूरे गंगापुर सिटी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर चौराहों तक पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं, लेकिन इस पूरी मुहिम का सीधा संदेश आम जनता के लिए है—'नियम मानोगे, तो सुरक्षित रहोगे।' सिफारिश करने वाले बन रहे हैं जान के दुश्मन गंगापुर सिटी की सड़कों पर अक्सर देखने को मिलता है कि चालान कटते ही लोग रसूखदारों और परिचितों की 'सिफारिश' का ढोंग रचने लगते हैं। पुलिस और जागरूक नागरिकों का स्पष्ट मानना है कि जो लोग नियम तोड़ने पर आपको बचाने के लिए फोन घुमाते हैं या सिफारिश करते हैं, वे आपके मददगार नहीं, बल्कि आपको सीधे मौत के कुएं में धकेल रहे हैं। कानून से बचना सुरक्षा की गारंटी नहीं है, बल्कि यह हादसों को खुला निमंत्रण देना है। नाबालिगों को वाहन देने वाले अभिभावक आएं होश में शहर की गलियों और मुख्य बाजारों में फर्राटा भरते नाबालिग बाइक चालकों पर प्रशासन की पैनी नजर है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अपने नाबालिग बच्चों को गाड़ियां थमाना कोई लाड-प्यार नहीं, बल्कि उन्हें अपने हाथों से मौत के मुंह में धकेलने जैसा संगीन अपराध है। बिना लाइसेंस और अधूरी समझ के साथ सड़कों पर दौड़ते ये बच्चे न केवल अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी काल बन रहे हैं। नए कड़े नियम लागू: सीधी जेल और भारी जुर्माना गंगापुर सिटी में नए और सख्त यातायात कानून प्रभाव में आ चुके हैं। अब नाबालिग द्वारा वाहन चलाते पकड़े जाने पर सीधे माता-पिता/वाहन मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी-भरकम जुर्माना, जेल की सजा और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द करना शामिल है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी तरह की सिफारिश या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपनी और अपने परिवार की सलामती के लिए नियमों का पालन करें।1
- आरयूआईडीपी के 28.05 करोड़ के विकास कार्यों पर हुआ संवाद, शहरवासियों से लिए सुझाव,अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा: सीवरेज समस्याओं के समाधान हेतु टीम गठित करें, आमजन को न हो असुविधा सवाई माधोपुर, 5 अगस्त। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पांचवें चरण में सवाई माधोपुर शहर में प्रस्तावित 28.05 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को लेकर बुधवार को जिला परिषद सभागार में ‘आरयूआईडीपी संवाद’ आयोजित किया गया। इसमें जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभागीय अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स को प्रस्तावित कार्यों की जानकारी देते हुए उनके सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किए गए। अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा ने कहा कि सीवरेज कार्यों से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आरयूआईडीपी, नगर परिषद एवं संबंधित विभाग बेहतर समन्वय से कार्य करें तथा संवाद में प्राप्त उपयोगी सुझावों को परियोजना क्रियान्वयन में शामिल करें। उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों (एसटीपी) की नियमित निगरानी, प्रभावी संचालन एवं विकसित परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि परियोजना का पूरा लाभ आमजन तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि परियोजना के कार्य गुणवत्ता एवं निर्धारित समय-सीमा में इस प्रकार किए जाएं कि निर्माण के दौरान आमजन को न्यूनतम असुविधा हो। उन्होंने संवाद के दौरान शहरवासियों से सीवरेज संबंधी समस्याओं की अधिकता को देखते हुए सीवरेज समस्याओं के समाधान हेतु टीम गठित कर कन्ट्रोल रूम के माध्यम से शिकायतों को रजिस्टर में संधारण करवाने एवं प्राथमिकता से सभी शिकायतों का समाधान करने के निर्देश नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया को दिए। अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं शोधित जल के पुनः उपयोग पर रहेगा फोकस:- संवाद में बताया गया कि आरयूआईडीपी के पांचवें चरण में सवाई माधोपुर शहर में एशियन डेवलपमेंट बैंक के वित्तपोषण से अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं शोधित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से संबंधित लगभग 28.05 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं। वर्तमान में स्थापित सीवरेज लाइनों को दुरस्त किया जाएगा। सीवरेज लाइन से वंचित कॉलोनियों में लगभग 31 किलोमीटर नई लाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही, आवश्यकतानुसार सूरवाल एसटीपी ट्रीटमेंट प्लान्ट की 9 एमएलडी क्षमता बढ़ाने का कार्य भी किया जाएगा। इनसे शहर की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ पर्यावरणीय निरंतरता एवं बेहतर सेवा गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता अरविन्द तोमर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। कैप आरयूआईडीपी जयपुर के परियोजना समन्वयक सर्वेश गुप्ता द्वारा आरयूआईडीपी का अब तक का सफर एवं फेज 5 में किये जाने वाले कार्याे को एक वृत्तचित्र के माध्यम से दर्शाया गया तथा खुले सत्र में प्रतिभागियों की सीवरेज एवं प्रस्तावित कार्यों से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान कर सुझाव प्राप्त किए गए। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 2025-26 के अनुरूप आरयूआईडीपी के पांचवें चरण में प्रदेश के 84 शहरों में लगभग 9,500 करोड़ रुपये के शहरी आधारभूत विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें एशियन डेवलपमेंट बैंक वित्तपोषित ‘राजस्थान अरबन लिवेबिलिटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट’ (रूलिप) के 6,009 करोड़ रुपये तथा विश्व बैंक वित्तपोषित ‘सस्टेनेबल अरबन ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ राजस्थान एक्सेलेरेटेड’ (सूत्रा) के 3,492 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं। इस अवसर पर नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया, अधिशाषी अभियंता शिवकेश मीणा, सहायक अभियंता अमरसिंह मीना, कनिष्ठ अभियंता मनोज मीणा सहित जनप्रतिनिधि, पूर्व पार्षद, प्रबुद्धजन, विभिन्न विभागों के अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, महिलाएं एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे।2
- अपना घर आश्रम में हुआ मानसिक स्वास्थ्य शिविर विशेषज्ञों ने दी सेवाएं। मनोचिकित्सक डॉ. प्रेमराज मीना ने दी सेवाएं 84 प्रभुजियों का किया मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण हिंडौन राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई, द्वारा महवा रोड स्थित अपनाघर आश्रम में एक दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में मनोचिकित्सक डॉ. प्रेमराज मीना, साइकेट्रिक नर्स गौरव गोयल और सीआरए गौरव शर्मा ने आश्रम में रह रहे 84 प्रभुजियों का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। मेडिकल टीम ने उनकी मानसिक एवं भावनात्मक समस्याओं को समझकर उचित काउंसलिंग की और चिकित्सा परामर्श प्रदान किया।आश्रम के अध्यक्ष राकेश गोयल ने बुधवार दोपहर 3:00 बजे बताया कि संस्थान वर्षों से लावारिस, मानसिक रूप से विमंदित, निराश्रित और असहाय प्रभुजियों की निःशुल्क सेवा कर रहा है।पूर्ण रूप से स्वस्थ होने पर प्रभुजिओ को वापस उनके मूल निवास स्थान भेज दिया जाता है। इस दौरान कई लोग मौजूद रहे1
- आदिवासी दिवस की फुल तैयारी कौन देखो भाई क्या रैली निकाल रही हैआज से आदिवासी दिवस के दिन दौसा में मासूम शर्मा का एंट्री होने वाली है सभी भाई 9 तारीख को ज्यादा से ज्यादा संख्या मेंबना1
- जिला चिकित्सालय में मनाया विश्व स्तनपान दिवस स्तनपान के महत्व की दी जानकारी करौली जिला चिकित्सालय की मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई में स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बुधवार दोपहर 1:00 बजे आयोजित कार्यक्रम में स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम में नवजात शिशुओं की माताओं एवं उनके परिजनों को स्तनपान के महत्व एवं इसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।सीएमएचओ डॉ.सतीश चंद मीना ने प्रसुताओं को बताया कि जन्म के एक घंटे के भीतर शिशु को स्तनपान करवाना व छह माह तक केवल मां का दूध देना शिशु के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।इस दौरान सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा, डीपीओ आशुतोष पांडे, आशा कोऑर्डिनेटर विश्वेंद्र शर्मा और डीपीसी -आईईसी लखनसिंह लोधा सहित एमसीएच ईकाइ के कार्मिक मौजूद रहे।2
- नगर परिषद व उपखंड प्रशासन ने बेशर्मी की सारी हद की पार, घुटनों तक जलभराव में निकाली शवयात्रा, मानवता हुई शर्मशार हिण्डौन सिटी करौली जिले के हिंडौन उपखंड क्षेत्र में जिला व उपखंड प्रशासन सहित नगर परिषद प्रशासन हिण्डौन की मनमानी के चलते विगत दो- ढाई साल से अधिक समय गुजारने के बावजूद भी जल भराव की समस्या का स्थाई समाधान नहीं होने के चलते सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता विष्णु प्रजापति विगत 6 दिन से मंडावरा रोड पर खुले में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल पर होने के चलते बीती रात बारिश में भीगने व लंबे समय से अन्न ग्रहण नहीं करने के कारण तबीयत बिगडने पर 108 एंबुलेंस की मदद से स्थानीय लोगों ने जिला अस्पताल हिंडौन सिटी में भर्ती कराया गया जहां तबीयत में सुधार नहीं होने पर आईसीयू में वार्ड में उपचार चिकित्सक आशीष शर्मा एवं अजय शर्मा की देखरेख में किया जा रहा है। लेकिन हैरतअंगेज बात यह है कि 6 दिन गुजारने के बावजूद भी मानवीय मूल्यों व नैतिक जिम्मेदारी को भूलकर उपखंड एवं नगर परिषद प्रशासन का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी संवेदनाओं को भूलने सहित अपनी नाकामी को छुपाने के कारण मौके पर जनता के सामने नहीं आने सहित मंडावरा रोड पर जल भराव की जनसमस्या का स्थाई समाधान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना एवं भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता प्रजापति का हाल तक जानने की जहमत तक नहीं उठाई। जबकि मंगलवार को हल्की बारिश से घुटनों तक पानी में शव यात्रा निकली तो स्थानीय वाशीदों ने नगर परिषद एवं उपखंड प्रशासन को जमकर कोसा। वही अन्य राहगीरों ने भी गहन कठनाई व शर्म महसूस करते हुए नारकीय हालत पर दुख प्रकट करते हुए संवेदनहीन व मानवीय मूल्यों को भूल बैठे जनता की गाढ़ी कमाई से हर माह मोटी वेतन लेने वाले उपखंड व नगर परिषद प्रशासन की कड़े शब्दों में निंदा कर आक्रोश जताया। जबकि भविष्य के गर्त का सवाल यह है कि जिला प्रशासन भी उक्त मामले में विभिन्न समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से खबर प्रकाशित होने के बावजूद भी नगर परिषद प्रशासन एवं उपखंड प्रशासन को मंडावरा रोड पर लंबे समय से चली आ रही जल भराव की समस्या का स्थाई समाधान करने हेतु अधिकारियों पर कार्रवाई किस लिए नहीं की गई। जबकि मामले में जिला कलेक्टर को भी कोर्ट में जल भराव समस्या के स्थाई समाधान को लेकर तलब किया जा चुका है। आखिरकार स्थानीय मंडावरा रोड सहित आसपास के 50-60 गांवों से उपखंड मुख्यालय पर आवाजाही में लंबे समय से भारी परेशानी झेलने सहित दुपहिया व तिपहिया वाहन चालक सहित रोजमर्रा के काम के लिए आवाजाही में दर्जनों महिला पुरुष गंभीर रूप से चोटिल हो चुके वही रोजना विद्यालय आने जाने के दौरान स्कूली बच्चे भी समस्या से त्रस्त है।4