भीषण गर्मी में बढ़ी बिजली की मांग, विभाग ने जारी की एडवाइजरी हजारीबाग: विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल (सहायक विद्युत अभियंता कार्यालय) की ओर से उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। विभाग ने बताया कि वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे विद्युत व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। ऐसे में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने आम उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। विभाग के अनुसार, यदि सभी लोग थोड़ी सावधानी और समझदारी से बिजली का उपयोग करें, तो सिस्टम पर पड़ने वाला दबाव काफी हद तक कम किया जा सकता है और बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखा जा सकता है। विभाग ने विशेष रूप से पीक आवर्स यानी शाम 6:00 बजे से रात 11:00 बजे तक अनावश्यक बिजली उपकरणों के उपयोग से बचने की सलाह दी है। इस दौरान एसी, गीजर और भारी मोटर जैसे अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों का सीमित उपयोग करने से लोड मैनेजमेंट में मदद मिलेगी। साथ ही, उपभोक्ताओं को अपने विद्युत उपकरणों के रखरखाव पर भी ध्यान देने को कहा गया है। एयर कंडीशनर को 24-26 डिग्री सेल्सियस पर चलाने से न केवल बिजली की खपत कम होती है, बल्कि बिजली ग्रिड पर पड़ने वाला दबाव भी घटता है। विभाग ने सुरक्षा को लेकर भी चेतावनी दी है। ओवरलोडिंग के कारण शॉर्ट सर्किट या ट्रांसफार्मर खराब होने की घटनाओं से बचने के लिए उच्च क्षमता वाले उपकरणों का एक साथ उपयोग करने के बजाय बारी-बारी से उपयोग करने की सलाह दी गई है। अंत में विभाग ने कहा कि उपभोक्ताओं का सहयोग ही बेहतर और निरंतर बिजली आपूर्ति की कुंजी है। यदि सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएं, तो गर्मी के इस कठिन दौर में भी बिजली व्यवस्था को संतुलित रखा जा सकता है।
भीषण गर्मी में बढ़ी बिजली की मांग, विभाग ने जारी की एडवाइजरी हजारीबाग: विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल (सहायक विद्युत अभियंता कार्यालय) की ओर से उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। विभाग ने बताया कि वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे विद्युत व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। ऐसे में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने आम उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। विभाग के अनुसार, यदि सभी लोग थोड़ी सावधानी और समझदारी से बिजली का उपयोग करें, तो सिस्टम पर पड़ने वाला दबाव काफी हद तक कम किया जा सकता है और बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखा जा सकता है। विभाग ने विशेष रूप से पीक आवर्स यानी शाम 6:00 बजे से रात 11:00 बजे तक अनावश्यक बिजली उपकरणों के उपयोग से बचने की सलाह दी है। इस दौरान एसी, गीजर और भारी मोटर जैसे अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों का सीमित उपयोग करने से लोड मैनेजमेंट में मदद मिलेगी। साथ ही, उपभोक्ताओं को अपने विद्युत उपकरणों के रखरखाव पर भी ध्यान देने को कहा गया है। एयर कंडीशनर को 24-26 डिग्री सेल्सियस पर चलाने से न केवल बिजली की खपत कम होती है, बल्कि बिजली ग्रिड पर पड़ने वाला दबाव भी घटता है। विभाग ने सुरक्षा को लेकर भी चेतावनी दी है। ओवरलोडिंग के कारण शॉर्ट सर्किट या ट्रांसफार्मर खराब होने की घटनाओं से बचने के लिए उच्च क्षमता वाले उपकरणों का एक साथ उपयोग करने के बजाय बारी-बारी से उपयोग करने की सलाह दी गई है। अंत में विभाग ने कहा कि उपभोक्ताओं का सहयोग ही बेहतर और निरंतर बिजली आपूर्ति की कुंजी है। यदि सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएं, तो गर्मी के इस कठिन दौर में भी बिजली व्यवस्था को संतुलित रखा जा सकता है।
- *बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, स्थानीय लोगों में दहशत* हजारीबाग शहर के मालवीय मार्ग स्थित प्रदीप मालाकार के घर के सामने बिजली के खंभे में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। देखते ही देखते खंभे से चिंगारियां निकलने लगीं और आग भड़क उठी, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खबर लिखे जाने तक बिजली के खंभे में आग लगी हुई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली के तार व्यवस्थित नहीं होने और तारों के उलझे रहने के कारण यह घटना हुई है। लोगों का कहना है कि कई बार इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया गया, लेकिन अब तक सुधार नहीं किया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को फोन कर मामले की जानकारी दी और जल्द कार्रवाई की मांग की। इलाके के लोगों ने कहा कि यदि समय रहते बिजली विभाग ने तारों की स्थिति नहीं सुधारी, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल लोग विभागीय टीम के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।1
- जो बनना चाहते हो वही *सोचो....* जो *सोचोगे* वही *बन* जाओगे...... *मस्त* रहो विवेकी वही है जो *संतुष्ट* है...... हर स्थिति में *मन को प्रसन्न* रखता है.... और मन को *प्रसन्न* वही रख सकता है..... जो *भगवान पर भरोसा* रखता है... 💯💯1
- हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र के छड़वा डैम जलापूर्ति केंद्र की बदहाल व्यवस्था को लेकर हाल ही में स्थानीय अखबारों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया है। तीन दिन पूर्व महापौर अरविंद कुमार राणा स्वयं छड़वा डैम स्थित पानी सप्लाई केंद्र पहुंचे थे और वहां की स्थिति का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पाई गई गंदगी, अव्यवस्था और लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए थे। महापौर अरविन्द कुमार राणा के निर्देशों का असर अब साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। जलापूर्ति केंद्र पर व्यापक स्तर पर साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। परिसर में जमे कचरे को हटाया जा रहा है, टंकियों की सफाई की जा रही है और जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्र के सुपरवाइजर ने बताया कि अब नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पानी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे और किसी भी प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। हजारीबाग शहरवासियों के लिए यह एक राहत भरी खबर है, क्योंकि छड़वा डैम से ही शहर के कई इलाकों में पेयजल की आपूर्ति होती है। लंबे समय से लोग जल की गुणवत्ता को लेकर चिंतित थे और सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे। अब महापौर की पहल के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि उन्हें शुद्ध और सुरक्षित पेयजल मिल सकेगा। स्थानीय नागरिकों ने महापौर अरविंद कुमार राणा के इस कदम की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। लोगों का कहना है कि उन्होंने चुनाव के दौरान जो वादा किया था—जनता के प्रति समर्पित रहकर काम करने का—उसे वे अब जमीन पर उतारते नजर आ रहे हैं। आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि प्रशासन अब उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है। महापौर अरविन्द कुमार राणा के निरीक्षण के बाद नगर निगम के सभी कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जलापूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और कहीं भी लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, स्वच्छता और जल गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए एक स्थायी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र के छड़वा डैम जलापूर्ति केंद्र में शुरू हुई यह पहल न केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि भविष्य में बेहतर और सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की ओर भी एक सकारात्मक संकेत है। शहरवासियों को अब उम्मीद है कि प्रशासन इसी तरह सक्रिय रहकर उनकी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करता रहेगा।1
- पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के आदेशानुसार दिनांक 21/22-04-26 की रात्रि जिले में अड्डेबाजी एवं मनचले व्यक्तियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया* हजारीबाग पुलिस द्वारा दिनांक 21/22-04-26 की रात्रि जिले में अड्डेबाजी एवं मनचले व्यक्तियों के विरुद्ध जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक एवं पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में विशेष छापामारी अभियान चलाया गया है *अभियान* ==================== ▪️ उक्त अभियान में जिले से सभी थाना प्रभारी की उपस्थिति में कुल 50 टीम गठित की गई थी l ▪️ उक्त गठित टीम में 209 पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया था l ▪️ गठित टीम के द्वारा अड्डेबाजी एवं मनचले व्यक्तियों के कुल 122 ठिकानो पर छापामारी की गई l ▪️ उक्त टीम के द्वारा छापामारी अभियान के दौरान कुल 69 मनचले व्यक्तियों को थाना लाया गया एवं PR बांड पर हिदायत देते हुए छोड़ गया l आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आम जनों से यह अपील भी की गई है कि आपके इलाके में ऐसे कोई मनचले व्यक्तियों या वैसी जगह जहां अड्डेबाजी होती हो उसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी थाना को दे तत्काल उक्त सूचना का सत्यापन करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी आदेशानुसार *पुलिस अधीक्षक,* *हज़ारीबाग*4
- हजारीबाग, 22 अप्रैल: जिले में अड्डेबाजी और मनचले तत्वों के खिलाफ हजारीबाग पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 21/22 अप्रैल की रात जिलेभर में एक साथ छापेमारी की गई। इस अभियान में सभी पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में कुल 50 टीमों का गठन किया गया, जिसमें 209 पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस टीमों ने जिले के 122 चिन्हित ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 69 मनचले व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थाना लाया गया। बाद में उन्हें पीआर बांड पर हिदायत देकर छोड़ दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि अपने क्षेत्र में अड्डेबाजी या असामाजिक गतिविधियों की सूचना तुरंत नजदीकी थाना को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।1
- हजारीबाग | पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हजारीबाग जिले में 21/22 अप्रैल की रात विशेष अभियान चलाया गया। यह अभियान अड्डेबाजी और मनचले व्यक्तियों के खिलाफ चलाया गया, जिसमें पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। इस अभियान में जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक और निरीक्षकों के नेतृत्व में कुल 50 टीमों का गठन किया गया। इन टीमों में 209 पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस टीमों ने जिले के अलग-अलग इलाकों में 122 स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान 69 मनचले व्यक्तियों को पकड़कर थाने लाया गया। बाद में उन्हें पीआर बॉन्ड पर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। पुलिस ने साफ किया है कि आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि अगर उनके इलाके में अड्डेबाजी या इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं, तो तुरंत नजदीकी थाने को सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।1
- हजारीबाग: विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल (सहायक विद्युत अभियंता कार्यालय) की ओर से उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। विभाग ने बताया कि वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे विद्युत व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। ऐसे में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने आम उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। विभाग के अनुसार, यदि सभी लोग थोड़ी सावधानी और समझदारी से बिजली का उपयोग करें, तो सिस्टम पर पड़ने वाला दबाव काफी हद तक कम किया जा सकता है और बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखा जा सकता है। विभाग ने विशेष रूप से पीक आवर्स यानी शाम 6:00 बजे से रात 11:00 बजे तक अनावश्यक बिजली उपकरणों के उपयोग से बचने की सलाह दी है। इस दौरान एसी, गीजर और भारी मोटर जैसे अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों का सीमित उपयोग करने से लोड मैनेजमेंट में मदद मिलेगी। साथ ही, उपभोक्ताओं को अपने विद्युत उपकरणों के रखरखाव पर भी ध्यान देने को कहा गया है। एयर कंडीशनर को 24-26 डिग्री सेल्सियस पर चलाने से न केवल बिजली की खपत कम होती है, बल्कि बिजली ग्रिड पर पड़ने वाला दबाव भी घटता है। विभाग ने सुरक्षा को लेकर भी चेतावनी दी है। ओवरलोडिंग के कारण शॉर्ट सर्किट या ट्रांसफार्मर खराब होने की घटनाओं से बचने के लिए उच्च क्षमता वाले उपकरणों का एक साथ उपयोग करने के बजाय बारी-बारी से उपयोग करने की सलाह दी गई है। अंत में विभाग ने कहा कि उपभोक्ताओं का सहयोग ही बेहतर और निरंतर बिजली आपूर्ति की कुंजी है। यदि सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएं, तो गर्मी के इस कठिन दौर में भी बिजली व्यवस्था को संतुलित रखा जा सकता है।1
- प्रधान जिला जज रंजीत कुमार ने लगाए फलदार पौधे, लोगों से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील1