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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। उन्होंने युवाओं से बात करते हुए कहा कि आपको देर रात मिलने का मौका मिला।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। उन्होंने युवाओं से बात करते हुए कहा कि आपको देर रात मिलने का मौका मिला।
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। उन्होंने युवाओं से बात करते हुए कहा कि आपको देर रात मिलने का मौका मिला।1
- भाजपा समर्थकों और कुछ सोशल मीडिया रिपोर्टों का दावा है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' कोई साधारण छात्र आंदोलन नहीं है। उनका आरोप है कि यह आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियों द्वारा समर्थित एक सोची-समझी 'सोशल मीडिया टूलकिट' या राजनीतिक प्रयोग है, जिसका सीधा मकसद युवाओं को भड़काना और पीएम मोदी की छवि को नुकसान पहुँचाना है। दूसरी तरफ, आंदोलनकारी छात्रों और स्वतंत्र विश्लेषकों का कहना है कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों की वास्तविक आवाज और शांतिपूर्ण विरोध को 'राजनीति से प्रेरित' बता रही है। छात्रों का आरोप है कि सरकार इस तरह के दावे करके जनता को असली मुद्दों से गुमराह करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, पूरे मामले में 'मोदी विरोध की राजनीति बनाम राहुल गांधी का पीएम चेहरा' का समीकरण भी चर्चा में है। विश्लेषण के अनुसार, भले ही मोदी को टारगेट किया जा रहा हो, लेकिन राहुल गांधी का पीएम बनना अभी दूर की कौड़ी है और विपक्ष की अपनी कई कमजोरियां सामने आ रही हैं।1
- असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM अब राजस्थान के जोधपुर नगर निगम चुनाव में हिस्सा लेगी। पार्टी ने तय किया है कि वह इस चुनाव में उतरकर अपनी किस्मत आजमाएगी और चुनाव लड़ेगी।1
- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पहली मांग रखी है। बेनीवाल ने कहा कि सरकार की रणनीति अपनी मीठी बातों से हर प्रदर्शन को खत्म करने की होती है, इसलिए CJP के लोगों को इस सरकार के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि CJP के लोग बहकावे में आ गए तो देश का युवा उन्हें भी माफ नहीं करेगा, क्योंकि यह भीड़ सिर्फ CJP के बैनर तले नहीं आई है। हनुमान बेनीवाल ने जोर देकर कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली में व्यवस्था लाने की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन जंतर-मंतर से शुरू होकर अब पूरे देश में फैल चुका है, क्योंकि प्रत्येक युवा चाहता है कि पेपर लीक जैसे मामले ना हों और यह देश के नौजवानों के भविष्य का सवाल है। सांसद ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने का काम कर रहे हैं।1
- मारवाड़ मुंडवा में अंबुजा सीमेंट प्लांट के पास पिछले आधा घंटे से जोरदार बारिश हो रही है। जैतारण से राधेश्याम दाधीच की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश का यह दौर आगे सखवास, आसोप और भोपालगढ़ की ओर बढ़ रहा है।1
- रियान बड़ी उपखंड क्षेत्र के लुगिया गांव निवासी मेघवाल परिवार ने अपनी पुश्तैनी अनुसूचित जाति (एससी) भूमि के कथित फर्जी नामांतरण का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है। ज्ञापन में नाथूराम मेघवाल, धारूराम मेघवाल और उनकी बहनों चुका देवी व सोहनी देवी ने बताया कि ग्राम बीजाथल स्थित खसरा नंबरों की भूमि पर उनके पूर्वज, जैसे शिवरण पुत्र घिसा, राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 लागू होने से पहले से ही काश्तकार रहे हैं। नाथूराम मेघवाल के अनुसार, उनके पिता ने आर्थिक तंगी के कारण जमीन उगमाराम जाट को केवल बटाई पर दी थी। आरोप है कि पिता के निधन के बाद उगमाराम जाट ने कूटचित दस्तावेजों के आधार पर बिना वैधानिक रूपांतरण के एससी वर्ग की भूमि ओबीसी वर्ग में अपने नाम करवा ली। वहीं, सुगनचंद जैन पर आरोप है कि उन्होंने बंटवारे के दौरान पिता की जाति गलत तरीके से जैन दर्ज करवाकर अवैध रूप से भूमि अपने नाम कर ली। पीड़ित पक्ष का दावा है कि प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से सैकड़ों बीघा भूमि का रिकॉर्ड बदला गया है, जबकि नियमतः बिना रूपांतरण के एससी भूमि किसी अन्य वर्ग के नाम दर्ज नहीं की जा सकती। परिवार ने जिला प्रशासन से दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने और पुश्तैनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। इस संबंध में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने ज्ञापन मिलने की बात स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि मामले की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- नागौर के मेड़ता में नाड़ी में करंट फैलने से एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।1