logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाद अब शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यालय भी प्रशासन के निशाने पर आ गया है। रविवार को नगर पालिका परिषद ने घंटाघर स्थित कांग्रेस कार्यालय पर नोटिस चस्पा कर 15 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो कार्यालय का पंजीकरण रद्द कर उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के आदेश पर जारी नोटिस के अनुसार, शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यालय नजूल भूखंड संख्या-750 पर स्थित घंटाघर इमारत के ऊपरी हिस्से में चल रहा है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि इस जमीन का मालिकाना हक उत्तर प्रदेश सरकार के पास है। नगर पालिका का दावा है कि मांग पंजिका में दर्ज कांग्रेस कार्यालय के पंजीकरण का कोई वैधानिक आधार नहीं है, और इसलिए इसे हटाना पूरी तरह विधिसम्मत है। नजूल नियमावली की धारा-74 के तहत जिलाधिकारी को नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने और उसे वापस अपने कब्जे में लेने का पूर्ण अधिकार है। यह नोटिस रविवार दोपहर करीब 2 बजे नगर पालिका की टीम ने कांग्रेस कार्यालय के दरवाजे पर चस्पा किया। पालिका ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित 15 दिनों के भीतर कांग्रेस कमेटी की ओर से कोई संतोषजनक पक्ष या आपत्ति दर्ज नहीं कराई जाती है, तो आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस बीच, शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी शिशिर बाजपेई ने बयान दिया है कि कांग्रेस कार्यालय किसी भी तरह के अतिक्रमण की श्रेणी में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की इस नोटिस का वे पूरी तरह कानूनी रूप से जवाब देंगे और सभी जरूरी दस्तावेज अधिकारियों के सामने पेश करेंगे।

2 hrs ago
user_Naresh Gupta Reporter
Naresh Gupta Reporter
सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाद अब शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यालय भी प्रशासन के निशाने पर आ गया है। रविवार को नगर पालिका परिषद ने घंटाघर स्थित कांग्रेस कार्यालय पर नोटिस चस्पा कर 15 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो कार्यालय का पंजीकरण रद्द कर उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के आदेश पर जारी नोटिस के अनुसार, शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यालय नजूल भूखंड संख्या-750 पर स्थित घंटाघर इमारत के ऊपरी हिस्से में चल रहा है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि इस जमीन का मालिकाना हक उत्तर प्रदेश सरकार के पास है। नगर पालिका का दावा है कि मांग पंजिका में दर्ज कांग्रेस कार्यालय के पंजीकरण का कोई वैधानिक आधार नहीं है, और इसलिए इसे हटाना पूरी तरह विधिसम्मत है। नजूल नियमावली की धारा-74 के तहत जिलाधिकारी को नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने और उसे वापस अपने कब्जे में लेने का पूर्ण अधिकार है। यह नोटिस रविवार दोपहर करीब 2 बजे नगर पालिका की टीम ने कांग्रेस कार्यालय के दरवाजे पर चस्पा किया। पालिका ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित 15 दिनों के भीतर कांग्रेस कमेटी की ओर से कोई संतोषजनक पक्ष या आपत्ति दर्ज नहीं कराई जाती है, तो आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस बीच, शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी शिशिर बाजपेई ने बयान दिया है कि कांग्रेस कार्यालय किसी भी तरह के अतिक्रमण की श्रेणी में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की इस नोटिस का वे पूरी तरह कानूनी रूप से जवाब देंगे और सभी जरूरी दस्तावेज अधिकारियों के सामने पेश करेंगे।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के सीतापुर में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाद अब शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यालय भी प्रशासन के निशाने पर आ गया है। रविवार को नगर पालिका परिषद ने घंटाघर स्थित कांग्रेस कार्यालय पर नोटिस चस्पा कर 15 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो कार्यालय का पंजीकरण रद्द कर उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के आदेश पर जारी नोटिस के अनुसार, शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यालय नजूल भूखंड संख्या-750 पर स्थित घंटाघर इमारत के ऊपरी हिस्से में चल रहा है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि इस जमीन का मालिकाना हक उत्तर प्रदेश सरकार के पास है। नगर पालिका का दावा है कि मांग पंजिका में दर्ज कांग्रेस कार्यालय के पंजीकरण का कोई वैधानिक आधार नहीं है, और इसलिए इसे हटाना पूरी तरह विधिसम्मत है। नजूल नियमावली की धारा-74 के तहत जिलाधिकारी को नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने और उसे वापस अपने कब्जे में लेने का पूर्ण अधिकार है। यह नोटिस रविवार दोपहर करीब 2 बजे नगर पालिका की टीम ने कांग्रेस कार्यालय के दरवाजे पर चस्पा किया। पालिका ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित 15 दिनों के भीतर कांग्रेस कमेटी की ओर से कोई संतोषजनक पक्ष या आपत्ति दर्ज नहीं कराई जाती है, तो आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस बीच, शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी शिशिर बाजपेई ने बयान दिया है कि कांग्रेस कार्यालय किसी भी तरह के अतिक्रमण की श्रेणी में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की इस नोटिस का वे पूरी तरह कानूनी रूप से जवाब देंगे और सभी जरूरी दस्तावेज अधिकारियों के सामने पेश करेंगे।
    1
    उत्तर प्रदेश के सीतापुर में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाद अब शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यालय भी प्रशासन के निशाने पर आ गया है। रविवार को नगर पालिका परिषद ने घंटाघर स्थित कांग्रेस कार्यालय पर नोटिस चस्पा कर 15 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो कार्यालय का पंजीकरण रद्द कर उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी के आदेश पर जारी नोटिस के अनुसार, शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यालय नजूल भूखंड संख्या-750 पर स्थित घंटाघर इमारत के ऊपरी हिस्से में चल रहा है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि इस जमीन का मालिकाना हक उत्तर प्रदेश सरकार के पास है। नगर पालिका का दावा है कि मांग पंजिका में दर्ज कांग्रेस कार्यालय के पंजीकरण का कोई वैधानिक आधार नहीं है, और इसलिए इसे हटाना पूरी तरह विधिसम्मत है। नजूल नियमावली की धारा-74 के तहत जिलाधिकारी को नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने और उसे वापस अपने कब्जे में लेने का पूर्ण अधिकार है।

यह नोटिस रविवार दोपहर करीब 2 बजे नगर पालिका की टीम ने कांग्रेस कार्यालय के दरवाजे पर चस्पा किया। पालिका ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित 15 दिनों के भीतर कांग्रेस कमेटी की ओर से कोई संतोषजनक पक्ष या आपत्ति दर्ज नहीं कराई जाती है, तो आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस बीच, शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी शिशिर बाजपेई ने बयान दिया है कि कांग्रेस कार्यालय किसी भी तरह के अतिक्रमण की श्रेणी में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की इस नोटिस का वे पूरी तरह कानूनी रूप से जवाब देंगे और सभी जरूरी दस्तावेज अधिकारियों के सामने पेश करेंगे।
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखनऊ के अहमामऊ क्षेत्र में रविवार सुबह ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान विवाद खड़ा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ निजी वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों की जांच की गई और उन पर कार्रवाई की बात कही गई। इस दौरान, मौके पर मौजूद एक पत्रकार ने जब कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया, तो कथित तौर पर उसे "सरकारी कार्य में बाधा न बनें" कहते हुए पुलिस चौकी चलने के लिए कहा गया, जिसके कारण एक तीखी बहस छिड़ गई। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों और कुछ वाहन चालकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि अहमामऊ क्षेत्र से बड़ी संख्या में 'डग्गामार' यानी अवैध वाहन संचालित होते हैं। उनका दावा है कि इन वाहनों के संचालन में अनियमितताओं और कथित संरक्षण को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिलती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी ऐसी मांग उठी है कि यदि इन आरोपों में सत्यता है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं, यदि ये आरोप निराधार पाए जाते हैं, तो जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के बयानों को देखते हुए, आमजन की यह अपेक्षा है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसका उद्देश्य कानून का राज स्थापित करना और जनता का विश्वास बनाए रखना है, विशेषकर अवैध वाहनों के संरक्षण के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग के मद्देनजर।
    1
    लखनऊ के अहमामऊ क्षेत्र में रविवार सुबह ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान विवाद खड़ा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ निजी वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों की जांच की गई और उन पर कार्रवाई की बात कही गई। इस दौरान, मौके पर मौजूद एक पत्रकार ने जब कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया, तो कथित तौर पर उसे "सरकारी कार्य में बाधा न बनें" कहते हुए पुलिस चौकी चलने के लिए कहा गया, जिसके कारण एक तीखी बहस छिड़ गई।

इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों और कुछ वाहन चालकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि अहमामऊ क्षेत्र से बड़ी संख्या में 'डग्गामार' यानी अवैध वाहन संचालित होते हैं। उनका दावा है कि इन वाहनों के संचालन में अनियमितताओं और कथित संरक्षण को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिलती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी ऐसी मांग उठी है कि यदि इन आरोपों में सत्यता है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं, यदि ये आरोप निराधार पाए जाते हैं, तो जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के बयानों को देखते हुए, आमजन की यह अपेक्षा है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसका उद्देश्य कानून का राज स्थापित करना और जनता का विश्वास बनाए रखना है, विशेषकर अवैध वाहनों के संरक्षण के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग के मद्देनजर।
    user_Khabro Ki Paini Najar News New
    Khabro Ki Paini Najar News New
    Advertising agency बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सीतापुर पुलिस ने जनपद में हुए एक सनसनीखेज महिला हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित तीन हत्याभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का बेलचा भी बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सीतापुर श्री अंकुर अग्रवाल के अपराध नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के निर्देशों के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) श्री आलोक सिंह व क्षेत्राधिकारी सदर श्रीमति नेहा त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली देहात पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस ने ग्राम मधवापुर के पास से घेराबंदी कर भाग रहे तीन अभियुक्तों — शिवप्रकाश शुक्ला, लक्ष्मी देवी, और दिलीप कुमार रैदास — को गिरफ्तार किया। अभियुक्त शिवप्रकाश शुक्ला, जो पंचमपुरवा में किराए पर रहता था, के मृतका पिंकी गुप्ता से प्रेम संबंध थे। इसी दौरान, शिवप्रकाश के ई-रिक्शा चालक की पत्नी लक्ष्मी वर्मा से भी संबंध हो गए, जिसके बाद लक्ष्मी उस पर पति की तरह रहने का दबाव बनाने लगी। जब लक्ष्मी को पिंकी गुप्ता के साथ शिवप्रकाश के संबंधों का पता चला, तो दोनों महिलाओं के बीच विवाद शुरू हो गया। पूछताछ में शिवप्रकाश शुक्ला ने बताया कि पिंकी गुप्ता को रास्ते से हटाने के लिए लक्ष्मी ने उसे उकसाया, जिसके बाद उसने अपने दरी व गिलास फैक्ट्री के साथी दिलीप कुमार रैदास को भी अपनी योजना में शामिल कर लिया। दिनांक 03.07.2026 की सुबह करीब 08:40 बजे, शिवप्रकाश, लक्ष्मी और दिलीप ने मिलकर पिंकी गुप्ता के घर का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया और सो रही पिंकी गुप्ता पर बेलचे से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद अभियुक्त कमरे का ताला बंद कर फरार हो गए थे। अभियुक्त शिवप्रकाश शुक्ला की निशानदेही पर मृतका के घर के बगल से घटना में प्रयुक्त लोहे का बेलचा, जिस पर सूखा हुआ खून लगा था, बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
    3
    सीतापुर पुलिस ने जनपद में हुए एक सनसनीखेज महिला हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित तीन हत्याभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का बेलचा भी बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सीतापुर श्री अंकुर अग्रवाल के अपराध नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के निर्देशों के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) श्री आलोक सिंह व क्षेत्राधिकारी सदर श्रीमति नेहा त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली देहात पुलिस टीम द्वारा की गई।

पुलिस ने ग्राम मधवापुर के पास से घेराबंदी कर भाग रहे तीन अभियुक्तों — शिवप्रकाश शुक्ला, लक्ष्मी देवी, और दिलीप कुमार रैदास — को गिरफ्तार किया। अभियुक्त शिवप्रकाश शुक्ला, जो पंचमपुरवा में किराए पर रहता था, के मृतका पिंकी गुप्ता से प्रेम संबंध थे। इसी दौरान, शिवप्रकाश के ई-रिक्शा चालक की पत्नी लक्ष्मी वर्मा से भी संबंध हो गए, जिसके बाद लक्ष्मी उस पर पति की तरह रहने का दबाव बनाने लगी। जब लक्ष्मी को पिंकी गुप्ता के साथ शिवप्रकाश के संबंधों का पता चला, तो दोनों महिलाओं के बीच विवाद शुरू हो गया।

पूछताछ में शिवप्रकाश शुक्ला ने बताया कि पिंकी गुप्ता को रास्ते से हटाने के लिए लक्ष्मी ने उसे उकसाया, जिसके बाद उसने अपने दरी व गिलास फैक्ट्री के साथी दिलीप कुमार रैदास को भी अपनी योजना में शामिल कर लिया। दिनांक 03.07.2026 की सुबह करीब 08:40 बजे, शिवप्रकाश, लक्ष्मी और दिलीप ने मिलकर पिंकी गुप्ता के घर का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया और सो रही पिंकी गुप्ता पर बेलचे से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद अभियुक्त कमरे का ताला बंद कर फरार हो गए थे। अभियुक्त शिवप्रकाश शुक्ला की निशानदेही पर मृतका के घर के बगल से घटना में प्रयुक्त लोहे का बेलचा, जिस पर सूखा हुआ खून लगा था, बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
    user_Rashid Khan Chand  journalist
    Rashid Khan Chand journalist
    Electronic Store सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • लखनऊ के अहमामऊ क्षेत्र में रविवार सुबह ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान एक विवाद उत्पन्न हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ निजी वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों की जाँच की गई और कार्रवाई की बात कही गई। इसी दौरान, मौके पर मौजूद एक पत्रकार ने जब कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया, तो कथित तौर पर उसे "सरकारी कार्य में बाधा न बनें" कहते हुए पुलिस चौकी चलने को कहा गया, जिससे बहस की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों और कुछ वाहन चालकों ने आरोप लगाया है कि अहमामऊ क्षेत्र से बड़ी संख्या में डग्गामार (अवैध) वाहन संचालित होते हैं। उनका दावा है कि इन वाहनों के संचालन में अनियमितताओं और कथित संरक्षण की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस पूरे मामले पर, यदि इन आरोपों में सत्यता है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जाँच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि आरोप निराधार हैं, तो भी जाँच के माध्यम से वास्तविक स्थिति सार्वजनिक होनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के बयानों को देखते हुए, आमजन की अपेक्षा है कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाए, जिससे कानून का राज और जनता का विश्वास दोनों कायम रहें।
    1
    लखनऊ के अहमामऊ क्षेत्र में रविवार सुबह ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान एक विवाद उत्पन्न हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ निजी वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों की जाँच की गई और कार्रवाई की बात कही गई। इसी दौरान, मौके पर मौजूद एक पत्रकार ने जब कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया, तो कथित तौर पर उसे "सरकारी कार्य में बाधा न बनें" कहते हुए पुलिस चौकी चलने को कहा गया, जिससे बहस की स्थिति बन गई।

स्थानीय लोगों और कुछ वाहन चालकों ने आरोप लगाया है कि अहमामऊ क्षेत्र से बड़ी संख्या में डग्गामार (अवैध) वाहन संचालित होते हैं। उनका दावा है कि इन वाहनों के संचालन में अनियमितताओं और कथित संरक्षण की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

इस पूरे मामले पर, यदि इन आरोपों में सत्यता है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जाँच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि आरोप निराधार हैं, तो भी जाँच के माध्यम से वास्तविक स्थिति सार्वजनिक होनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के बयानों को देखते हुए, आमजन की अपेक्षा है कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाए, जिससे कानून का राज और जनता का विश्वास दोनों कायम रहें।
    user_आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    Voice of people Bakshi Ka Talab, Lucknow•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के आगरा में सोशल मीडिया पर एक लड़की का आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने इस मामले में होटल पर कार्रवाई की मांग करते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसके बाद यह विवाद और गहरा गया। यह आपत्तिजनक वीडियो मंटोला थाना क्षेत्र के दर्शन स्थित एक होटल का बताया जा रहा है, और पुलिस ने इसमें तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस घटनाक्रम के बीच, मीरा राठौर को कल शाम से ही ताजगंज थाना और मंटोला पुलिस द्वारा उनके घर पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया है। हिंदू महासभा की मांग है कि यह केवल वीडियो वायरल करने का मुकदमा नहीं है, बल्कि इसे सामूहिक बलात्कार का मामला मानते हुए कार्रवाई की जाए। संगठन ने ज़ोर देकर कहा है कि जिस होटल में यह घटना हुई, उसके मालिक को भी मुकदमे में शामिल किया जाए और होटल को सील करने की कार्रवाई की जाए। इन्हीं मांगों को लेकर हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने होटल लालस इन पर जबरदस्त प्रदर्शन किया, जिसके चलते भारी पुलिस बल ने होटल को छावनी में बदल दिया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ हिंदू नेत्री मीना दिवाकर और वरिष्ठ नेता मनीष पंडित ने किया। प्रदर्शन के पश्चात, सभी कार्यकर्ता मीरा राठौर के निवास ताजगंज पर पहुंचे, जिसकी जानकारी होते ही पुलिस प्रशासन में फिर हड़कंप मच गया और भारी पुलिस बल उनके आवास पर पहुंच गया। इस मौके पर मीरा राठौर एवं महानगर उपाध्यक्ष संगीता कुलश्रेष्ठ ने चेतावनी दी कि अगर बालिका को न्याय नहीं मिला तो 48 घंटे बाद भूख हड़ताल पर बैठकर आंदोलन किया जाएगा। हिंदू महासभा ने थाना इंस्पेक्टर मंटोला को एक मांग पत्र भी सौंपा है, जिसमें गंभीर धाराओं एवं गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। इस कार्यक्रम में मीना दिवाकर, मनीष पंडित, निशा ठाकुर, संगीता सक्सेना, श्रीमती बंटी बाबू भाई, नंदू भाई, ओमप्रकाश जी, विपिन राठौर, अवतार सिंह गिल, बबलू निषाद, मनीष कुमार, शीला देवी, प्रेम देवी, कुसुम रागिनी शर्मा और मंजू देवी सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    4
    उत्तर प्रदेश के आगरा में सोशल मीडिया पर एक लड़की का आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने इस मामले में होटल पर कार्रवाई की मांग करते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसके बाद यह विवाद और गहरा गया। यह आपत्तिजनक वीडियो मंटोला थाना क्षेत्र के दर्शन स्थित एक होटल का बताया जा रहा है, और पुलिस ने इसमें तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया है।

इस घटनाक्रम के बीच, मीरा राठौर को कल शाम से ही ताजगंज थाना और मंटोला पुलिस द्वारा उनके घर पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया है। हिंदू महासभा की मांग है कि यह केवल वीडियो वायरल करने का मुकदमा नहीं है, बल्कि इसे सामूहिक बलात्कार का मामला मानते हुए कार्रवाई की जाए। संगठन ने ज़ोर देकर कहा है कि जिस होटल में यह घटना हुई, उसके मालिक को भी मुकदमे में शामिल किया जाए और होटल को सील करने की कार्रवाई की जाए।

इन्हीं मांगों को लेकर हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने होटल लालस इन पर जबरदस्त प्रदर्शन किया, जिसके चलते भारी पुलिस बल ने होटल को छावनी में बदल दिया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ हिंदू नेत्री मीना दिवाकर और वरिष्ठ नेता मनीष पंडित ने किया। प्रदर्शन के पश्चात, सभी कार्यकर्ता मीरा राठौर के निवास ताजगंज पर पहुंचे, जिसकी जानकारी होते ही पुलिस प्रशासन में फिर हड़कंप मच गया और भारी पुलिस बल उनके आवास पर पहुंच गया। इस मौके पर मीरा राठौर एवं महानगर उपाध्यक्ष संगीता कुलश्रेष्ठ ने चेतावनी दी कि अगर बालिका को न्याय नहीं मिला तो 48 घंटे बाद भूख हड़ताल पर बैठकर आंदोलन किया जाएगा। हिंदू महासभा ने थाना इंस्पेक्टर मंटोला को एक मांग पत्र भी सौंपा है, जिसमें गंभीर धाराओं एवं गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। इस कार्यक्रम में मीना दिवाकर, मनीष पंडित, निशा ठाकुर, संगीता सक्सेना, श्रीमती बंटी बाबू भाई, नंदू भाई, ओमप्रकाश जी, विपिन राठौर, अवतार सिंह गिल, बबलू निषाद, मनीष कुमार, शीला देवी, प्रेम देवी, कुसुम रागिनी शर्मा और मंजू देवी सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_NATIONAL INDIA TV
    NATIONAL INDIA TV
    Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के आगरा में अपने पति को बाथरूम में दफनाने के आरोप में फंसी पत्नी रूबी को शनिवार शाम 5 बजे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जेल ले जाते समय रूबी करीब एक फीट लंबा घूंघट कर अपना चेहरा छिपाती रही, जिससे उसका मुंह पूरी तरह ढका रहा। पुलिस पूछताछ में रूबी ने बताया कि उसका पति सुरेंद्र शराब पीकर उसे लगातार मारता-पीटता था। उसने यह भी बताया कि वह पिछले 16 साल से इस प्रताड़ना से परेशान थी। इस उत्पीड़न से तंग आकर रूबी ने पति सुरेंद्र के खाने में नींद की गोलियां पीसकर मिला दी थीं। रूबी के अनुसार, रात करीब 3 बजे उठने पर उसने देखा कि सुरेंद्र की सांसें नहीं चल रही थीं, जिसके बाद उसने अपने पति को बाथरूम में दफना दिया।
    1
    उत्तर प्रदेश के आगरा में अपने पति को बाथरूम में दफनाने के आरोप में फंसी पत्नी रूबी को शनिवार शाम 5 बजे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जेल ले जाते समय रूबी करीब एक फीट लंबा घूंघट कर अपना चेहरा छिपाती रही, जिससे उसका मुंह पूरी तरह ढका रहा।

पुलिस पूछताछ में रूबी ने बताया कि उसका पति सुरेंद्र शराब पीकर उसे लगातार मारता-पीटता था। उसने यह भी बताया कि वह पिछले 16 साल से इस प्रताड़ना से परेशान थी। इस उत्पीड़न से तंग आकर रूबी ने पति सुरेंद्र के खाने में नींद की गोलियां पीसकर मिला दी थीं। रूबी के अनुसार, रात करीब 3 बजे उठने पर उसने देखा कि सुरेंद्र की सांसें नहीं चल रही थीं, जिसके बाद उसने अपने पति को बाथरूम में दफना दिया।
    user_रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • भारत को तेल बेचने वाला रूस अब खुद तेल खरीदने पर क्यों मजबूर है, इस पर एक एक्सप्लेनर प्रस्तुत किया गया है। यह बड़ा सवाल उठाया गया है कि क्या यूक्रेन ने रूस की सभी रिफाइनरी तबाह कर दी हैं, जिसके कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। इसी संदर्भ में, जानकारी दी गई है कि रूस ने नवंबर 2025 में जहाजों में इस्तेमाल होने वाले जेट फ्यूल के...
    1
    भारत को तेल बेचने वाला रूस अब खुद तेल खरीदने पर क्यों मजबूर है, इस पर एक एक्सप्लेनर प्रस्तुत किया गया है। यह बड़ा सवाल उठाया गया है कि क्या यूक्रेन ने रूस की सभी रिफाइनरी तबाह कर दी हैं, जिसके कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। इसी संदर्भ में, जानकारी दी गई है कि रूस ने नवंबर 2025 में जहाजों में इस्तेमाल होने वाले जेट फ्यूल के...
    user_आशीष कुमार मिश्रा
    आशीष कुमार मिश्रा
    Local News Reporter Misrikh, Sitapur•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.