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बेखौप बंगला भट्टा संचालक बिना लाइसेंस के अवैध रूप से बाइकर्स गेंग द्वारा कोयला बंगला भट्टा संचालक को दिया जा रहा है जिससे आये दिन उनके हौसले बुलंद होते जा रहे है
Devendra Markam
बेखौप बंगला भट्टा संचालक बिना लाइसेंस के अवैध रूप से बाइकर्स गेंग द्वारा कोयला बंगला भट्टा संचालक को दिया जा रहा है जिससे आये दिन उनके हौसले बुलंद होते जा रहे है
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- बिना लाइसेंस के अवैध रूप से बाइकर्स गेंग द्वारा कोयला बंगला भट्टा संचालक को दिया जा रहा है जिससे आये दिन उनके हौसले बुलंद होते जा रहे है1
- Post by Sandeep kushwaha1
- जिला रिपोर्टर -शिवनाथ बघेल दिनांक,4/02/2026, लोकेशन, सूरजपुर छत्तीसगढ़,, सूरजपुर बिहारपुर/ जिला के दूरस्थ अंचल ग्राम पंचायत महुली स्थित मां गढ़वतिया देवी प्रांगण मैदान खेल, सेवा और संस्कार के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जहां मां सर्वेश्वरी प्रीमियर लीग 2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। इंडियन प्रीमियर लीग की तर्ज पर आयोजित इस क्रिकेट प्रतियोगिता में क्षेत्र के 105 युवा खिलाड़ियों एवं बच्चों ने उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ भाग लिया। ग्रामीण परिवेश में इस स्तर का सुव्यवस्थित क्रिकेट आयोजन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। आयोजन स्थल पर सुबह से ही खिलाड़ियों, ग्रामीणों और खेल प्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी। मैदान में जोश, उत्साह और तालियों की गूंज पूरे वातावरण को रोमांचित कर रही थी। इस अवसर पर श्री सर्वेश्वरी समूह अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव वाराणसी (उ.प्र.) द्वारा सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को निःशुल्क वस्त्र दान किया गया। साथ ही युवाओं को अघोरेश्वर संदेश प्रदान कर उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों, अनुशासन और नशामुक्ति जैसे विषयों पर प्रेरित किया गया। इससे कार्यक्रम केवल खेल प्रतियोगिता न रहकर सामाजिक जागरूकता अभियान का भी रूप लेता दिखाई दिया। आयोजन समिति के अनुसार इस लीग का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को ऐसा मंच देना है, जहां वे अपनी प्रतिभा दिखा सकें, अनुभव प्राप्त कर सकें और भविष्य में बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो सकें। स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को पहचान देने की यह पहल युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रतियोगिता की विशेषताएं कुल 7 फ्रेंचाइजी टीमों का गठन 105 खिलाड़ी विभिन्न टीमों से जुड़कर खेल रहे हैं प्रत्येक खिलाड़ी को 6–6 मैच खेलने का अवसर दिया जाएगा अंक तालिका की शीर्ष 4 टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी सेमीफाइनल जीतने वाली 2 टीमें फाइनल मुकाबला खेलेंगी यह प्रारूप खिलाड़ियों को अधिक से अधिक मैच अनुभव देने और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है। यह सेवा एवं खेल समर्पित आयोजन अघोरेश्वर महाप्रभु अवधूत भगवान राम जी तथा बाबा गुरुपद संभव राम जी की कृपा व गुरु प्रेरणा से संपन्न हुआ। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी खेल और सेवा से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित सूरजपुर जिला किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष व समाजसेवी सचेन्द्र पाठक जी,, प्रेम सिंह (बीडीसी), भवन सिंह, रवि सिंह, देवशरण रावत (सरपंचगण), ईआर. लक्ष्मण जायसवाल (सदस्य, श्री सर्वेश्वरी समूह), लालचंद शाहु अमित जायसवाल, बाल सिंह, सतेंद्र जायसवाल, मनोज जायसवाल सहित अनेक क्षेत्रीय समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ग्रामीण अंचल में आयोजित मां सर्वेश्वरी प्रीमियर लीग ने यह साबित कर दिया कि अवसर मिलने पर गांव के युवा भी बड़े सपने देख सकते हैं। खेल के माध्यम से प्रतिभा, अनुशासन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला यह आयोजन क्षेत्र में नई खेल संस्कृति की शुरुआत माना जा रहा है।1
- सरगुजा /सीतापुर मे मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, तीन सूत्रीय मांगों को लेकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री निवास के सामने एकत्र होकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध जताया. केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में सरगुजा जिले में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया. पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री निवास के सामने एकत्र होकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध जताया. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा योजना के नाम परिवर्तन के साथ-साथ पंजीकृत किसानों का धान नहीं खरीदे जाने और बिजली बिलों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों को लेकर भी सरकार को घेरा. घंटों चले इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता रैली की शक्ल में एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया. पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार देने और पलायन रोकने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की शुरुआत की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार योजनाओं का नाम बदलकर जनता को भ्रमित कर रही है. अमरजीत भगत ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अस्तित्व को मिटाने की कोशिश है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी के नाम से चिढ़ रखती है और इसी कारण योजना का नाम बदला गया है. इस दौरान उन्होंने एसआईआर को लेकर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें जानबूझकर एक वर्ग के नाम काटे जा रहे हैं ताकि उन्हें मतदान अधिकार से वंचित किया जा सके. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में राजीव गांधी ने युवाओं को मतदान का अधिकार दिलाया था, जबकि मौजूदा सरकार लोगों से अधिकार छीनने की दिशा में काम कर रही है. प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बिजली बिल में राहत दी गई थी, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद रियायतें खत्म कर दी गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों को भी भारी बिजली बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे जनता परेशान है. प्रदर्शन को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तिलक बेहरा, जिला पंचायत सदस्य शिवभरोष बेक, गणेश सोनी, डॉ. लालचंद यादव, बिगन राम, अटल यादव, संतोष गुप्ता, सुनील मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन शिवप्रसाद अग्रहरि ने किया. प्रदर्शन के बाद कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए मनरेगा में किए गए बदलाव को वापस लेने, पंजीकृत किसानों की धान खरीदी सुनिश्चित करने और बढ़ते बिजली बिलों पर रोक लगाने की मांग की. इस मौके पर अशोक अग्रवाल, बदरुद्दीन इराकी, संदीप गुप्ता, पार्षद अंकुर दास, मंटू गुप्ता, पंकज दुबे, रतन यादव, गौरीशंकर, नरेश बघेल, दिवाकर मिश्रा, दीपक मिश्रा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.1
- सरस्वती शिशु मंदिर रजगामार में शिशु वाटिका के द्वारा शिशु नगरी का कार्यक्रम संपादित किया गया जिसमें नर्सरी से दूसरी कक्षा के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम , वेशभूषा एवं शिशु वाटिका में सम्मिलित माता द्वारा विभिन्न खेलकूद का आयोजन किया गया । शिशु वाटिका प्रमुख अंकित दुबे ने शिशु नगरी का महत्व बताते हुए कहा की वर्ष में एक बार प्राथमिक बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु इस प्रकार का कार्यक्रम रखा जाता है जिसमें बच्चों तथा उनके माता के द्वारा इस कार्यक्रम को सम्पन्न किया जाता है । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रश्मि तिवारी अध्यक्ष श्रीमती सुरेखा अग्रवाल विशिष्ट अतिथि उषा देवी कुर्रे रही । इस कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए विद्यालय के प्राचार्य श्री अलख नारायण शर्मा एवं समस्त आचार्य आचार्य का विशेष योगदान रहा । मुख्य अतिथि रश्मि तिवारी ने बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विशेष रूप से प्रेरित किया कर विद्यालय एवं परिवार की महत्व को साझा किया । इस कार्यक्रम में शिशु विभाग से शिशु वाटिका प्रमुख अंकिता दुबे , आचार्या श्रीमती शशि चौहान, सुश्री प्रियंका साहू , सुश्री पूजा आदित्य , श्रीमती संतोषी यादव , श्रीमती हेमलता , श्रीमती सरिता महंत , सुश्री मुस्कान यादव ने विशेष योगदान दिया । कार्यक्रम के अंत में आचार्या श्रीमती भगवती पाल द्वारा आभार व्यक्त किया गया ।1
- घूसखोर अधिकारी मंत्री जी के ड्रीम प्रोजेक्ट में दिखाएंगे ईमानदारी या भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ जाएगा 40 करोड़ी सड़क?1
- इंडिया इन स्पेस’ कार्यक्रम से जशपुर के विद्यार्थियों को नई उड़ान रणजीता स्टेडियम में आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में गगनयात्री शुभांशु शुक्ला ने 10 हजार विद्यार्थियों से संवाद कर अंतरिक्ष विज्ञान में करियर की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। अनुशासन, निरंतर मेहनत और बड़े सपनों का संदेश—जशपुर के बच्चों के लिए प्रेरणादायी पल। Jashpur Times – सच सब तक1
- विष्णु देव साय केबिनेट की बैठक मे सरगुजा, जशपुर ,कोरबा समेत 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन, 100 नए पदों की मंजूरी सहित रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए,… 1. मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं। 2. मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है। 3. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा। 4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा। 5. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी। अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी। 6. मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके। 7. मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है। गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है। 8. मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे। कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। 9. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा। मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय1