अयोध्या के भव्य राम मंदिर के साथ-साथ उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में कथित अनियमितताओं और चोरी के मामलों को लेकर उत्तरकाशी में कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी के जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत के नेतृत्व में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी स्थानीय हनुमान मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि एक तरफ जहां राम मंदिर में चोरी और घपले की बातें सामने आ रही हैं, वहीं बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में भी लगातार चोरियां हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों और षड्यंत्रों में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनके तार सीधे तौर पर भाजपा और उसके शीर्ष नेतृत्व से जुड़े हुए हैं। कांग्रेस का कहना है कि जो सरकार राम के नाम पर सत्ता में आई थी, वह राम मंदिर बनने के एक साल के भीतर ही वहां के सम्मान और संपत्तियों की रक्षा करने में नाकाम रही है, जिसे उन्होंने सनातन धर्म और करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर एक बड़ा कुठाराघात बताया। वर्तमान सरकार और कानूनी प्रणाली पर भरोसा उठने की बात कहते हुए कांग्रेस नेताओं ने किसी सरकारी अधिकारी के बजाय भगवान हनुमान के चरणों में एक मांग पत्र सौंपा। इस मांग पत्र के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की है कि मंदिरों में चोरी और घपला करने वाले दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों का असली चेहरा जनता के सामने लाया जाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस आस्था के खिलवाड़ के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया है।
अयोध्या के भव्य राम मंदिर के साथ-साथ उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में कथित अनियमितताओं और चोरी के मामलों को लेकर उत्तरकाशी में कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी के जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत के नेतृत्व में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी स्थानीय हनुमान मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन
का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि एक तरफ जहां राम मंदिर में चोरी और घपले की बातें सामने आ रही हैं, वहीं बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में भी लगातार चोरियां हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों और षड्यंत्रों में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनके तार सीधे तौर पर भाजपा और उसके शीर्ष नेतृत्व से जुड़े
हुए हैं। कांग्रेस का कहना है कि जो सरकार राम के नाम पर सत्ता में आई थी, वह राम मंदिर बनने के एक साल के भीतर ही वहां के सम्मान और संपत्तियों की रक्षा करने में नाकाम रही है, जिसे उन्होंने सनातन धर्म और करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर एक बड़ा कुठाराघात बताया। वर्तमान सरकार और कानूनी प्रणाली पर भरोसा उठने की बात कहते हुए कांग्रेस नेताओं ने किसी सरकारी अधिकारी के बजाय भगवान
हनुमान के चरणों में एक मांग पत्र सौंपा। इस मांग पत्र के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की है कि मंदिरों में चोरी और घपला करने वाले दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों का असली चेहरा जनता के सामने लाया जाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस आस्था के खिलवाड़ के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया है।
- देहरादून में प्लॉट उपलब्ध है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए दिए गए नंबर 8126111514 पर संपर्क किया जा सकता है।4
- उत्तराखण्ड के लिए नए विजन को लेकर सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी से 'सिस्टम बनाम समाधान' और 'आईआईटी से पॉलिसी तक' के विषय पर बातचीत की गई है। इस चर्चा में विशेष रूप से चकबंदी के महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया गया है। इसके साथ ही, राज्य में प्लानिंग या प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े करते हुए उत्तराखण्ड की सच्ची ज़रूरतों पर गहराई से विचार-विमर्श किया गया है।1
- देहरादून जिले के रायपुर-ऋषिकेश रोड पर सड़क चौड़ीकरण के एवज में हजारों पेड़ों को काटा जा रहा है, जिससे पर्यावरण प्रेमियों में गहरा रोष व्याप्त है। विशेष रूप से सात मोड़ पर स्थित पेड़ों को काटे जाने को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब इस रोड पर कभी जाम भी नहीं लगता, तो फिर यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का विनाश क्यों किया जा रहा है। इस स्थिति को लेकर किसान मजदूर महासंग्राम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोबीन अहमद भी बेहद दुखी हैं और उन्हें इसका विरोध करने के लिए लगातार फोन आ रहे हैं। हरे-भरे पेड़ों को काटे जाने का विरोध कर रहे विभिन्न संगठनों को अपना समर्थन देते हुए उन्होंने भारत सरकार और प्रदेश सरकार से अनुरोध किया है कि पेड़ों को न काटा जाए। उन्होंने मांग की है कि इसके लिए कोई दूसरा रास्ता निकाला जाए ताकि वन संपदा और जंगलों का मूल स्वरूप सुरक्षित रह सके।1
- ईंधन की बढ़ती कीमतों, पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण (E20) नीति और महंगाई के विरोध में विभिन्न संगठनों ने 15 जुलाई 2026 को भारत बंद का आह्वान किया है। इस राष्ट्रव्यापी बंद के तहत किसान संगठनों, युवाओं और ट्रांसपोर्टरों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और चक्का जाम करने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि E20 नीति लागू होने से वाहनों के माइलेज में कमी आ रही है और उनके इंजन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई राहत प्रदान नहीं कर रही है। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का पूरा लाभ आम उपभोक्ताओं तक न पहुंचाए जाने को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की जा रही है। दूसरी ओर, इन दावों पर सरकार का दृष्टिकोण बिल्कुल अलग है। सरकार की ओर से E20 नीति का बचाव करते हुए इसे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयातित तेल पर निर्भरता को कम करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।1
- उत्तराखंड के देहरादून में स्थित ग्राम पंचायत केदारवाला जिला स्तर पर स्वच्छता के मामले में नंबर वन होने के बावजूद अब पिछड़ती जा रही है। बरसात के मौसम में यहाँ की सड़कों के आसपास बहुत ज्यादा घास उग आई है। करीबन साल भर से सड़कों की सफाई नहीं होने के कारण सड़कों के किनारों पर उगी इस अधिक घास की वजह से अब नालियों का भी पता नहीं चल पा रहा है। सड़कों की इस बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने स्वच्छता विभाग से गुहार लगाई है कि इन सड़कों की जल्द से जल्द सफाई कराई जाए।2
- उत्तराखंड के विकास और प्राथमिकताओं को लेकर 'सिस्टम बनाम समाधान' की बहस के बीच राज्य की वास्तविक जरूरतों को रेखांकित किया गया है। सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी ने इस गंभीर विषय पर अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड की असल जरूरतें क्या हैं। इस चर्चा में यह अहम सवाल उठाया गया है कि राज्य को इस समय बेहतर प्लानिंग (योजना) की आवश्यकता है या फिर प्रदर्शन की, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर भी आवाजें उठ रही हैं।1
- उत्तराखंड के देहरादून में 17 जुलाई को प्रस्तावित कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने की खबरों को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूरी तरह भ्रामक बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के पास परेड ग्राउंड में इस कार्यक्रम के आयोजन की विधिवत अनुमति उपलब्ध है और शासन-प्रशासन की ओर से अनुमति रद्द किए जाने का कोई भी लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। कार्यक्रम स्थल पर ट्रकों को प्रवेश न मिलने के संबंध में गणेश गोदियाल ने बताया कि इसका कारण केवल यह है कि दी गई अनुमति निर्धारित तिथि से ही प्रभावी होगी। उन्होंने छात्र और युवाओं से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम अपने पूर्व निर्धारित समय के अनुसार 17 जुलाई को हर हाल में आयोजित होगा। इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि भविष्य में शासन-प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक निर्णय लिया जाता है, तो उसकी जानकारी समय पर साझा कर दी जाएगी।1
- उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लिया है। जिलेभर में चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान के दौरान कुल 678 शस्त्र लाइसेंसों की गहनता से जांच की गई, जिनमें से 626 का सत्यापन पूरा हो चुका है। इस जांच के दौरान कुल 108 लाइसेंस संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 94 संदिग्ध लाइसेंस अपने कब्जे में ले लिए और इनसे संबंधित 119 हथियारों को संबंधित थानों में जमा करा दिया है। यह बड़ी कार्रवाई कुंडा थाना क्षेत्र में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के साथ दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई। जांच में सामने आया कि बाहरी राज्यों और गैर जनपदों से संदिग्ध तरीके से बनाए गए लाइसेंसों के आधार पर हथियारों की खरीद की गई थी। कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक 39 संदिग्ध लाइसेंस बाजपुर क्षेत्र में मिले हैं, जबकि केलाखेड़ा, गदरपुर, सितारगंज, कुंडा, काशीपुर और जसपुर में भी पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई है। इस मामले में एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट किया है कि फर्जी या नियम विरुद्ध शस्त्र लाइसेंस रखने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम सहित अन्य धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।1