दौसा जिले में आगामी मोहर्रम और ताजिया पर्व के मद्देनजर, जिला पुलिस अधीक्षक दौसा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौसा श्री शंकर लाल मीणा (RPS) द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में मुस्लिम समुदाय के गणमान्य नागरिक, धर्मगुरु और ताजिया कमेटी के सदस्य शामिल हुए, जहाँ पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय ने सभी उपस्थित जनों से कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने ताजिया जुलूस मार्ग की व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा बंदोबस्त, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग और किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा भड़काऊ सामग्री के प्रसारण से बचने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस पर समुदाय के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और आपसी सद्भाव, सामाजिक समरसता तथा भाईचारे की परंपरा को बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया। दौसा पुलिस मोहर्रम पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक पुलिस प्रबंध कर रही है। जिला पुलिस ने सभी नागरिकों से शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान के साथ इस पर्व को मनाने की अपील की है।
दौसा जिले में आगामी मोहर्रम और ताजिया पर्व के मद्देनजर, जिला पुलिस अधीक्षक दौसा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौसा श्री शंकर लाल मीणा (RPS) द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में मुस्लिम समुदाय के गणमान्य नागरिक, धर्मगुरु और ताजिया कमेटी के सदस्य शामिल हुए, जहाँ पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय ने सभी उपस्थित जनों से कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने ताजिया जुलूस मार्ग की व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा बंदोबस्त, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग और किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा भड़काऊ सामग्री के प्रसारण से बचने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस पर समुदाय के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और आपसी सद्भाव, सामाजिक समरसता तथा भाईचारे की परंपरा को बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया। दौसा पुलिस मोहर्रम पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक पुलिस प्रबंध कर रही है। जिला पुलिस ने सभी नागरिकों से शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान के साथ इस पर्व को मनाने की अपील की है।
- दौसा जिले में आगामी मोहर्रम और ताजिया पर्व के मद्देनजर, जिला पुलिस अधीक्षक दौसा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौसा श्री शंकर लाल मीणा (RPS) द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में मुस्लिम समुदाय के गणमान्य नागरिक, धर्मगुरु और ताजिया कमेटी के सदस्य शामिल हुए, जहाँ पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय ने सभी उपस्थित जनों से कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने ताजिया जुलूस मार्ग की व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा बंदोबस्त, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग और किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा भड़काऊ सामग्री के प्रसारण से बचने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस पर समुदाय के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और आपसी सद्भाव, सामाजिक समरसता तथा भाईचारे की परंपरा को बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया। दौसा पुलिस मोहर्रम पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक पुलिस प्रबंध कर रही है। जिला पुलिस ने सभी नागरिकों से शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान के साथ इस पर्व को मनाने की अपील की है।1
- सैंथल पुलिस थाने में मोहर्रम के त्योहार को लेकर सीएलजी सदस्यों और शांति समिति के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। थानाधिकारी रविंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी मोहर्रम पर्व को शांति, भाईचारे और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाना था। इस दौरान, थानाधिकारी रविंद्र चौधरी ने विशेष रूप से कस्बे के मुख्य बाजार से मोहर्रम के जुलूस में आने वाले अतिक्रमण को हटाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने जुलूस के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के संबंध में भी चर्चा की और आवश्यक प्रबंध करने की बात कही। थानाधिकारी ने सभी से अपील की कि वे मोहर्रम के त्योहार को शांति, भाईचारे और आपसी रिश्तों को बनाए रखते हुए मनाएं। बैठक में सर्व समाज के ग्रामीण सदस्यों ने भाग लिया, जिसमें अशोक शर्मा, सुरेश सोती, छुट्टन खान, जहूर खान, रोशन खान, सूरज महावर सहित कई अन्य सदस्य शामिल थे।2
- जयपुर जिले के बस्सी क्षेत्र में स्थित महात्मा गांधी खेल स्टेडियम से संबंधित समस्याओं के बारे में खिलाड़ियों ने जानकारी साझा की है।1
- जयपुर शहर के घाट गेट बाजार स्थित नवाब के चौराहे पर मंगलवार शाम मोहर्रम के अवसर पर धार्मिक आस्था और परंपरा का एक भव्य नज़ारा देखने को मिला। ढोल-ताशों की गूंज के बीच अलम निकाले गए, जिन्हें देखने के लिए घाट गेट बाजार में जनसैलाब उमड़ पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया। इस आयोजन के दौरान, विभिन्न मोहल्लों के अखाड़ों ने पारंपरिक पट्टेबाजी और अन्य हैरतअंगेज करतबों का शानदार प्रदर्शन किया। युवाओं द्वारा दिखाए गए कौशल और अनुशासन ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, और रामगंज थाना पुलिस मुस्तैद नजर आई। रामगंज थाना प्रभारी सुभाष यादव अपने पुलिस जाब्ते के साथ पूरी मुस्तैदी से तैनात रहे, वहीं सीएलजी सदस्य और स्थानीय गणमान्य नागरिक भी व्यवस्थाओं में सहयोग करते नजर आए। नवाब के चौराहे पर देर शाम तक ढोल-ताशों की गूंज सुनाई देती रही, और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर जयपुर की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।4
- देर रात बीच सड़क पर एक युवती का फुल नशे में 'हाईवोल्टेज ड्रामा' देखने को मिला, जिससे आने-जाने वाले लोग काफी परेशान हुए। युवती कभी राहगीरों को रोकती, कभी अपनी स्कूटी पर गुस्सा उतारती, तो कभी सड़क पर ही नाचने लगती। इस हंगामे के चलते मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।1
- दौसा जिले के मंडावर उपखंड क्षेत्र के ग्राम ऊकरूंद में कई दिनों से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा गांव धर्ममय वातावरण में रंग गया। कथा के समापन के बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इसमें दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था, जिन्होंने कथा वाचक के श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति और मानव कल्याण से जुड़े प्रसंगों को सुनकर स्वयं को भाव-विभोर महसूस किया। कथा के समापन अवसर पर पूरे पंडाल में "जय श्रीकृष्ण" और "राधे-राधे" के जयघोष गूंजते रहे, और श्रद्धालुओं ने कथा के माध्यम से धर्म, संस्कार एवं सदाचार का महत्वपूर्ण संदेश ग्रहण किया। विशाल भंडारे की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ग्रामीणों और युवाओं की एक टीम लगातार सेवा कार्य में जुटी रही, जिसमें श्रद्धालुओं के स्वागत, भोजन व्यवस्था, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजक काडूराम मीणा ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिसने पूरे क्षेत्र में धार्मिक चेतना और सामाजिक एकता का संदेश दिया, और ग्रामीणों के सहयोग तथा श्रद्धालुओं की आस्था से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। धार्मिक आयोजनों की यह श्रृंखला अभी जारी रहेगी, क्योंकि 25 एवं 26 जून को ग्राम ऊकरूंद में एक दो दिवसीय विशाल हरिकीर्तन दंगल का आयोजन किया जाएगा। इसमें राजस्थान के विभिन्न जिलों से आने वाली अनेक प्रसिद्ध भजन एवं कीर्तन पार्टियां हिस्सा लेंगी। यह आयोजन पूरी रात चलेगा, जहाँ भक्तिमय भजनों, संकीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस की अनुभूति होगी। हरिकीर्तन दंगल को लेकर गांव में विशेष उत्साह का माहौल है और आयोजन समिति द्वारा मंच, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था जैसी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जिसके लिए क्षेत्र के श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जा रहा है। गांव के बुजुर्गों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। इस अवसर पर रामफूल मीना, जगमोहन जयन, खुशीराम मीना, काडूराम मीना, उमाशंकर मीना, जितेश मीना सहित सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की, और ऊकरूंद का यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का प्रेरणास्रोत बन गया है।4
- दौसा जिले के बांदीकुई उपखंड कार्यालय में नवनियुक्त उपखंड अधिकारी (SDM) ऋतुराज शर्मा ने कार्यभार संभाला, जिसके बाद 24 जून को उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने माल्यार्पण कर और साफा पहनाकर उनका अभिनंदन किया। स्वागत समारोह के दौरान, जनप्रतिनिधियों ने SDM से मिलकर क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा की, वहीं सरपंचों ने अपने-अपने क्षेत्रों की आवश्यक मांगें उनके समक्ष रखीं। इस पर श्री शर्मा ने सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का आश्वासन दिया। ऋतुराज शर्मा ने इस मौके पर कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में सियाराम रालावता, राजकिशोर शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।3
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जहाँ दो ट्रकों की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, वहीं मृतक के शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। यह हादसा संभवतया ओवरटेक करते समय हुआ था। टक्कर के बाद क्षतिग्रस्त हुए वाहनों को क्रेन की सहायता से एक्सप्रेस-वे से हटा दिया गया। यह घटना पिलर संख्या 180.5 के समीप सदर थाना क्षेत्र में हुई।1
- दौसा जिले के सैंथल उपखंड क्षेत्र के कुण्डल कस्बे में उमंग अभियान-7 के तहत बाल विवाह और बाल श्रम के उन्मूलन के लिए एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम चेतना केंद्र और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस के संयुक्त तत्वावधान में हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को इन सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों को बाल विवाह एवं बाल श्रम से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रतिकूल प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान, समुदाय के लोगों से इन कुरीतियों को समाप्त करने तथा ऐसी किसी भी घटना की सूचना संबंधित विभाग एवं प्रशासन को देने की अपील भी की गई। कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने बाल विवाह व बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और बाल अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय सहयोग करने का संकल्प लिया। संस्था के गजराज सिंह ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह और बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, और बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा व बेहतर भविष्य प्रदान करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल जनसहभागिता के माध्यम से ही इन कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। इस अवसर पर ग्राम चेतना केंद्र से बबलू कुमार, सीताराम और बृजेश भी उपस्थित रहे।3