एरी रामपुरा के पंचायत भवन में लगी भीषण आग, 15 लाख का सामान जलकर राख पंचायत भवन में लगी भीषण आग, 15 लाख का सामान जलकर राख एक दर्जन से अधिक कंप्यूटर-लैपटॉप समेत जरूरी दस्तावेज व सामग्री खाक, पुलिस और दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया आग पर काबू उरई (जालौन)। ग्राम पंचायत एरी रामपुरा स्थित पंचायत भवन में रविवार सुबह अज्ञात कारणों से अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और भवन के अंदर रखा कंप्यूटर, लैपटॉप समेत अन्य जरूरी सामान आग की चपेट में आ गया। घटना से पंचायत भवन में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि आग इतनी भीषण थी कि पंचायत भवन में रखे एक दर्जन से अधिक कंप्यूटर-लैपटॉप और अन्य जरूरी सामग्री जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। आग की लपटें और धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और आग को आसपास फैलने से रोक लिया। ग्राम प्रधान ओमकार पाल के मुताबिक आग से पंचायत भवन में रखा करीब 15 लाख रुपये का सामान क्षतिग्रस्त होने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन जांच और संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस मामले की जांच कर रही है। आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस और दमकल विभाग की कार्रवाई के बाद फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
एरी रामपुरा के पंचायत भवन में लगी भीषण आग, 15 लाख का सामान जलकर राख पंचायत भवन में लगी भीषण आग, 15 लाख का सामान जलकर राख एक दर्जन से अधिक कंप्यूटर-लैपटॉप समेत जरूरी दस्तावेज व सामग्री खाक, पुलिस और दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया आग पर काबू उरई (जालौन)। ग्राम पंचायत एरी रामपुरा स्थित पंचायत भवन में रविवार सुबह अज्ञात कारणों से अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग
ने विकराल रूप धारण कर लिया और भवन के अंदर रखा कंप्यूटर, लैपटॉप समेत अन्य जरूरी सामान आग की चपेट में आ गया। घटना से पंचायत भवन में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि आग इतनी भीषण थी कि पंचायत भवन में रखे एक दर्जन से अधिक कंप्यूटर-लैपटॉप और अन्य जरूरी सामग्री जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। आग की लपटें और धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने तत्काल
इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और आग को आसपास फैलने से रोक लिया। ग्राम प्रधान ओमकार पाल के मुताबिक आग से पंचायत भवन में रखा करीब 15 लाख रुपये का सामान क्षतिग्रस्त होने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन जांच और संबंधित विभाग की
रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस मामले की जांच कर रही है। आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस और दमकल विभाग की कार्रवाई के बाद फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
- अगर आप थाने में झाड़ू नहीं लगाएंगे तो क्या आपके साथ मारपीट की जाएगी? क्या गरीब और कमजोर व्यक्ति को थाने में इंसाफ मांगने के लिए भी अपमान सहना पड़ेगा? जालौन के रेंडर थाने से ऐसा ही गंभीर आरोप सामने आया है, जिसे समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राघवेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उठाया है। आरोप है कि थाने पहुंचे दो भाइयों से झाड़ू लगाने को कहा गया और जब उन्होंने इनकार किया तो उनके साथ मारपीट की गई। जब इस मामले में पीड़ित पक्ष से बात की गई तो उसने भी पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। आखिर पूरा मामला क्या है और विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था, आइए आपको पूरी जानकारी बताते हैं। मामला रेंडर थाना क्षेत्र के गोपालपुरा ग्राम पंचायत के कुरतला गांव का बताया जा रहा है। आरोप है कि गांव के रहने वाले बृजेंद्र पाल और उनके भाई मनोज का गांव के ही एक युवक से विवाद हो गया था। इसी मामले में 6 अगस्त को थाने में शिकायत दी गई। इसके बाद पुलिस गांव पहुंची और बृजेंद्र को थाने चलने के लिए कहा गया। आरोप है कि बृजेंद्र ने अगले दिन सुबह थाने आने की बात कही, जिसके बाद कुछ समय के लिए उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद अगले दिन दोनों पक्षों के बीच गांव के प्रतिष्ठित लोगों की मौजूदगी में समझौता हो गया। दोनों पक्षों ने विवाद खत्म करने पर सहमति जताई और शिकायत वापस लेने के लिए थाने पहुंचे। यहीं से आरोपों के मुताबिक मामला फिर बदल गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद उनसे समझौते की कार्रवाई के नाम पर पैसे की मांग की गई। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में पहले एक हजार रुपये लेने और बाद में ज्यादा रकम मांगने की बात कही गई है। आरोप यह भी है कि आखिरकार दोनों पक्षों से मामला खत्म करने के लिए छह हजार रुपये लिए गए। इसके बाद जो आरोप सामने आया है, वह सबसे ज्यादा गंभीर है। आरोप है कि जब पूरा मामला निपट गया तो पुलिसकर्मियों ने बृजेंद्र पाल और उनके भाई से थाने की छत पर झाड़ू लगाने को कहा। दोनों भाइयों ने झाड़ू लगाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद बिना वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों के साथ मारपीट की। यही आरोप अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राघवेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्या थाने में गरीब व्यक्ति की इज्जत नहीं होती? क्या न्याय मांगने के लिए थाने जाने वाले व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा सकता है? लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर थाने में झाड़ू लगाने की बात क्यों कही गई? क्या वास्तव में पुलिसकर्मियों ने दोनों भाइयों को झाड़ू लगाने के लिए कहा था? अगर कहा गया था तो किसके आदेश पर कहा गया? और अगर झाड़ू लगाने से इनकार करने पर मारपीट की गई, तो इसके पीछे जिम्मेदार कौन है? दूसरा बड़ा सवाल कथित पैसों की मांग को लेकर है। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में पहले एक हजार और बाद में छह हजार रुपये लिए जाने की बात कही गई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इस पूरे मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना भी बेहद जरूरी है। क्योंकि मामला सीधे पुलिस व्यवस्था और थाने में आम लोगों के साथ व्यवहार से जुड़ा है। अगर आरोप गलत हैं तो उनकी सच्चाई जांच के बाद सामने आनी चाहिए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह विवाद को खत्म करने के लिए थाने पहुंचा था। दोनों पक्षों में समझौता हो चुका था और वे शिकायत वापस लेने की बात करने पहुंचे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या थाने में आने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाना उचित है? वहीं दूसरी तरफ यह भी समझना जरूरी है कि अभी यह पूरा मामला आरोपों के स्तर पर है। किसी पुलिसकर्मी को दोषी मानने से पहले निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस जांच में अगर मारपीट, अवैध वसूली या अपमानजनक व्यवहार की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल इस मामले ने एक बार फिर थाने में आम आदमी के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन थानों में लोग अपनी शिकायत लेकर न्याय की उम्मीद से पहुंचते हैं, अगर वहीं उन्हें अपमान या डर का सामना करना पड़े तो यह गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि रेंडर थाने के इस पूरे मामले में पुलिस विभाग क्या कार्रवाई करता है। क्या पीड़ित भाइयों की शिकायत दर्ज होगी? क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या कथित मारपीट और पैसों की मांग की सच्चाई सामने आएगी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या वास्तव में दोनों भाइयों से थाने की छत पर झाड़ू लगाने को कहा गया था? जालौन से सामने आए इस मामले ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब इन सवालों का जवाब जांच और पुलिस के आधिकारिक बयान से ही सामने आएगा। हम इस मामले में सामने आने वाले हर आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखेंगे।1
- कालपी में लगातार चोरियों से हड़कंप: उदनपुरा के बंद मकान में लाखों के जेवरात पार, पुलिस की गश्त पर उठे गंभीर सवाल कालपी (जालौन)।नगर में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और रात्रि गश्त की पोल खोलकर रख दी है। पुलिस द्वारा पुरानी चोरियों के खुलासे में देरी के बीच चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे बेखौफ होकर बंद मकानों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला शनिवार रात मोहल्ला रामनगर-उदनपुरा (निकासा), वार्ड नंबर-5 का है, जहां एक सूने मकान के तीन ताले चटकाकर चोरों ने सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है। उदनपुरा निवासी कमल सिंह अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं और उनका मकान बंद रहता है। रविवार सुबह जब कमल सिंह के भाई गया प्रसाद की पत्नी घर में झाड़ू लगाने पहुंचीं, तो मुख्य दरवाजे के ताले टूटे देखकर उनके होश उड़ गए। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि घर के अंदर तीन ताले टूटे पड़े थे, बक्से का कुंडा उखड़ा हुआ था और सारा सामान बिखरा पड़ा था। पीड़ित कमल सिंह के अनुसार घर के बक्से में चार चांदी की बिछिया, सोने की अंगूठी, सोने की नाक की फूल व अन्य कीमती सामान रखा हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही टरननगंज चौकी प्रभारी सुरेश चंद्र ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कालपी के अदलसराय, इंद्रानगर, रामगंज, हरिगंज और कांशीराम कॉलोनी में भी पूर्व में कई चोरियां हो चुकी हैं। नगरवासियों ने पुलिस अधीक्षक से रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने तथा पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है।3
- ‘मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं...’ पीएम मोदी ऐसा क्यों कह रहे हैं सुनिए… ‘मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं...’ पीएम मोदी ऐसा क्यों कह रहे हैं सुनिए…1
- डेरापुर थाना क्षेत्र के मोहर सिंह पूरवा में प्रेमी युगल की पिटाई को सीईओ ने दिया संज्ञान में दिनांक 05/06 अगस्त की रात्रि में डायल 112 पर सूचना प्राप्त हुई कि थाना डेरापुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम मोहर सिहं का पुरवा में एक घर में एक व्यक्ति घुस गया है जिसे कुछ लोग मार रहे हैं, उक्त सूचना पर पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर जानकारी की गयी तो ज्ञात हुआ कि एक युवक अपनी विवाहित प्रेमिका से मिलने गया था, जिनके साथ महिला के परिजनों द्वारा मारपीट की गयी। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को थाने पर लाया गया एवं मेडिकल की कार्यवाही की गयी। घटना से सम्बन्धित लोगों से पूछताछ कर अन्य तथ्यों की जानकारी की जा रही है एवं तहरीर प्राप्त कर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करते हुए अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। *बाइट- क्षेत्राधिकारी डेरापुर श्री धर्मेन्द्र कुमार सिंह*1
- वकील पर 10 लाख मांगने का आरोप! SP से शिकायत, जांच की मांग!!... अधिवक्ता पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने व ब्लैकमेल करने का आरोप, एसपी से शिकायत गांधीनगर निवासी पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार, एफआईआर दर्ज कर वकालत लाइसेंस रद्द करने की मांग उरई (जालौन)। नगर के गांधीनगर निवासी एक व्यक्ति ने हाई कोर्ट के एक वकील पर ब्लैकमेल करने, 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और पैसे न देने पर पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाकर बर्बाद करने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपते हुए आरोपी वकील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और उसका वकालत का लाइसेंस रद्द कराने की गुहार लगाई है। गांधीनगर निवासी महेंद्र कुमार वर्मा पुत्र स्व. गयाप्रसाद वर्मा ने एसपी को दिए पत्र में बताया कि उन्होंने कोंच निवासी एक वकील को अपना पारिवारिक वकील नियुक्त किया था। आरोप है कि वकील ने एट और मगरायां स्थित विवादित जमीनों के सौदों के नाम पर उनसे लाखों रुपये का लेन-देन कराया। बाद में एग्रीमेंट कटवाने और सौदों के नाम पर आरोपी वकील 10 लाख रुपये कमीशन की मांग करने लगा। पीड़ित का आरोप है कि पैसे न देने पर आरोपी वकील ने उनकी बिना जानकारी के रिकॉर्ड की गई कॉल रिकॉर्डिंग उनके दोस्तों और पत्नी के मोबाइल पर भेजना शुरू कर दिया है। साथ ही रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि वकील खुद को हाई कोर्ट का अधिवक्ता व पत्रकार बताकर रोब गालिब करता है और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहा है। एसपी ने मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- थाना समाधान दिवस में डीएम-एसपी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं 👉जनपद में प्राप्त 69 शिकायतों में से 27 का मौके पर निस्तारण, शेष के लिए पुलिस-राजस्व की संयुक्त टीमें भेजी गईं। ➡️ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा दी गई वाइट 👇👇 रविन्द्र गौतम ✍️1
- एरी रामपुरा के पंचायत भवन में लगी भीषण आग, 15 लाख का सामान जलकर राख पंचायत भवन में लगी भीषण आग, 15 लाख का सामान जलकर राख एक दर्जन से अधिक कंप्यूटर-लैपटॉप समेत जरूरी दस्तावेज व सामग्री खाक, पुलिस और दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया आग पर काबू उरई (जालौन)। ग्राम पंचायत एरी रामपुरा स्थित पंचायत भवन में रविवार सुबह अज्ञात कारणों से अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और भवन के अंदर रखा कंप्यूटर, लैपटॉप समेत अन्य जरूरी सामान आग की चपेट में आ गया। घटना से पंचायत भवन में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि आग इतनी भीषण थी कि पंचायत भवन में रखे एक दर्जन से अधिक कंप्यूटर-लैपटॉप और अन्य जरूरी सामग्री जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। आग की लपटें और धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और आग को आसपास फैलने से रोक लिया। ग्राम प्रधान ओमकार पाल के मुताबिक आग से पंचायत भवन में रखा करीब 15 लाख रुपये का सामान क्षतिग्रस्त होने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन जांच और संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस मामले की जांच कर रही है। आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस और दमकल विभाग की कार्रवाई के बाद फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।4