रायपुर जिले के सड्डू इलाके में प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दमकल की टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुटी हैं। रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सड्डू इलाके से गुरुवार को एक बड़ी घटना सामने आई है। दरअसल, एक प्लास्टिक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री से उठती तेज लपटों और घने धुएं ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी गई। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास शुरू किया गया।आग बुझने के बाद होगा नुकसान का आकलन प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग लगने के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। फिलहाल, राहत और बचाव कार्य जारी है। नुकसान का सही आकलन आग पूरी तरह बुझने के बाद ही किया जा सकेगा
रायपुर जिले के सड्डू इलाके में प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दमकल की टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुटी हैं। रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सड्डू इलाके से गुरुवार को एक बड़ी घटना सामने आई है। दरअसल, एक प्लास्टिक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री से उठती तेज लपटों और घने धुएं ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी गई। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास शुरू किया गया।आग बुझने के बाद होगा नुकसान का आकलन प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग लगने के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। फिलहाल, राहत और बचाव कार्य जारी है। नुकसान का सही आकलन आग पूरी तरह बुझने के बाद ही किया जा सकेगा
- रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सड्डू इलाके से गुरुवार को एक बड़ी घटना सामने आई है। दरअसल, एक प्लास्टिक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री से उठती तेज लपटों और घने धुएं ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी गई। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास शुरू किया गया।आग बुझने के बाद होगा नुकसान का आकलन प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग लगने के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। फिलहाल, राहत और बचाव कार्य जारी है। नुकसान का सही आकलन आग पूरी तरह बुझने के बाद ही किया जा सकेगा1
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस सवाल के पीछे एक लड़की नहीं, बल्कि एक बड़ा सवाल छुपा है: क्या आज आम आदमी खुलकर अपनी राजनीतिक राय रख पाता है? *1. डर का मनोविज्ञान* कैमरे के सामने आते ही बहुत से लोग असहज हो जाते हैं। ऊपर से सवाल अगर सत्ताधारी पार्टी से जुड़ा हो, तो डर दोगुना हो जाता है। ये डर सिर्फ पश्चिम बंगाल या TMC का नहीं है। हर राज्य में, हर पार्टी के शासन में आम लोग कैमरे पर बोलने से कतराते हैं। कारण? - *ट्रोलिंग का डर*: सोशल मीडिया पर एक बयान से रातों-रात विलेन बन सकते हैं। - *स्थानीय दबाव*: मोहल्ले-गांव में राजनीतिक पहचान बन जाती है, जिससे रोजमर्रा के काम अटक सकते हैं। - *कानूनी पचड़े*: मानहानि, FIR, या पुलिस पूछताछ का डर भी लोगों को चुप करा देता है। *2. कैमरा बनाम असली राय* 99 Khabar जैसे चैनल अक्सर "पब्लिक रिएक्शन" लेते हैं। पर कैमरा देखते ही 90% लोग डिप्लोमेटिक हो जाते हैं। जो लड़की मुस्कुरा रही है, हो सकता है वो वाकई डरी हो, या हो सकता है वो राजनीति पर बोलना ही न चाहती हो, या हो सकता है एडिटिंग से संदर्भ बदला गया हो। एक 15 सेकंड की क्लिप से पूरी "सच्चाई" जानना मुश्किल है। *3. असली मुद्दा क्या है?* मुद्दा TMC या ममता बनर्जी का नहीं है। मुद्दा है कि क्या हमने ऐसा माहौल बनाया है जहां असहमति सामान्य बात हो? लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ बोलना अपराध नहीं, अधिकार है। पर अधिकार और हकीकत में फर्क तब आता है जब बोलने की कीमत चुकानी पड़े। चाहे BJP हो, कांग्रेस हो, TMC हो या कोई और - अगर आम नागरिक सवाल पूछने से डर रहा है, तो खामी नेता में नहीं, सिस्टम में है। और सिस्टम हम सब से बनता है। निष्कर्ष किसी एक लड़की की "सच्चाई" से ज्यादा जरूरी है ये समझना कि वो डर क्यों पैदा हुआ। जवाबदेही सिर्फ नेता की नहीं, हमारी भी है। जब तक हम सुनने का माद्दा नहीं रखेंगे, तब तक लोग बोलने की हिम्मत नहीं करेंगे। कैमरे के सामने मुस्कुराती लड़की डरी हुई भी हो सकती है, और नहीं भी। पर एक समाज के तौर पर हमें खुद से पूछना चाहिए - क्या हमने बोलने की आजादी को सिर्फ संविधान की किताब तक सीमित कर दिया है?1
- तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म की घटना के विरोध में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसडीएम आशुतोष देवांगन को तथा पुलिस अधीक्षक के नाम थाना तिल्दा नेवरा में ज्ञापन सौंपकर आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर होती जा रही है और अपराधियों में कानून का डर खत्म हो चुका है। मासूम बच्चियां भी अब सुरक्षित नहीं हैं, जो बेहद चिंताजनक है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) अध्यक्ष बलदाऊ साहू ने कहा कि इस जघन्य अपराध के आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। वहीं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अजितेश शर्मा ने कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने से पहले सौ बार सोचे। जिला कोषाध्यक्ष मोती हिंदुजा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे अपराधी समाज के लिए कलंक हैं और उन्हें जीने का अधिकार नहीं होना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस दौरान कार्यक्रम में अजितेश शर्मा, बलदाऊ साहू, मोती हिंदुजा, सेवक बर्मन, लक्ष्मी नारायण वर्मा, हरी मारखण्डे, देवा दास टंडन, के. कृष्ण मूर्ति, तोरण जांगड़े, ओम ठाकुर, प्रशांत गुप्ता, कैलाश गांधी, लाला शर्मा, द्वारिका साहू, हेमलाल साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है और सख्त कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता को रेखांकित करती है।3
- कवर्धा - कबीरधाम जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम कोको से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कलयुगी नाती ने अपनी ही 80 वर्षीय दादी की धारदार हथियार (टंगिया) से ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दी है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार बुजुर्ग महिला ने अपने नाती जितेंद्र से रोटी मांगी थी। इसी मामूली बात पर आरोपी गुस्से में आ गया और आवेश में आकर उसने दादी पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पिपरिया पुलिस अपनी और फोरेंसिक टीम के मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आरोपी को घेराबंदी कर कस्टडी मे लिया वहीं, फिर हाल आगे की कार्यवाही पिपरिया पुलिस कर रही है।1
- प्रकरण के संबंध में दिनांक 30.04.2026 को थाना पिपरिया को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम कोको में एक बुजुर्ग महिला की उसके ही नाती द्वारा घर के भीतर टंगिया से वार कर हत्या कर दी गई है तथा अपने भाई को भी चोट पहुंचाई गई है। सूचना प्राप्त होते ही थाना पिपरिया पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची एवं घटना की तस्दीक की गई। मौके पर पाया गया कि आरोपी घर का दरवाजा अंदर से बंद कर मृतिका के शव के साथ घर के भीतर मौजूद था। पुलिस द्वारा दरवाजा खुलवाने पर आरोपी हाथ में टंगिया लेकर बाहर आया। पुलिस टीम द्वारा तत्परता दिखाते हुए आरोपी से टंगिया को सुरक्षित कब्जे में लेकर उसे हिरासत में लिया गया। तत्पश्चात एफएसएल टीम की उपस्थिति में घटनास्थल, मकान की परछी का निरीक्षण किया गया तथा शव पंचनामा कार्यवाही पूर्ण कर मृतिका बुधन बाई (75वर्ष ) के शव को पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल भिजवाया गया। वैधानिक कार्यवाही पूर्ण कर घटना में प्रयुक्त टंगिया जप्त किया गया तथा आरोपी जीतेन्द्र पात्रे पिता लखन पात्रे 32 वर्ष को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। विवेचना के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी द्वारा अपने भाई गैदलाल को टंगिया लेकर दौड़ाया गया, जिससे भयवश एवं बचने के लिए वह मकान की छत से बाहर कूद गया, परिणामस्वरूप उसके चेहरे पर चोट आई है। उक्त संपूर्ण कार्यवाही पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह छबई के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र सिंह बघेल के निर्देशन एवं उप पुलिस अधीक्षक श्री आशीष शुक्ला के पर्यवेक्षण में थाना पिपरिया पुलिस द्वारा की गई। कार्यवाही में उप निरीक्षक राजेश्वर सिंह ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक बंजारे एवं थाना स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। कबीरधाम पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की आपराधिक अथवा संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को प्रदान करें, जिससे समय पर प्रभावी वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।2
- Post by Thaneswar Simga Cg News1
- कवर्धा के कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे बैगा आदिवासी।। सड़क बिजली पानी की समस्या से जूझ रहे हैं ग्रामीण4
- कांकेर पुलिस ने मोबाइल कारोबार में बढ़ते अपराधों को देखते हुए सख्त कदम उठाए हैं। क्या अब बिना पहचान और दस्तावेज के मोबाइल खरीदना-बेचना संभव होगा? पुलिस द्वारा आयोजित बैठक में मोबाइल दुकानदारों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। दुकानदारों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि पुराने मोबाइल खरीदते समय विक्रेता का ID प्रूफ लेना और उसका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। बिना बिल के किसी भी मोबाइल को अनलॉक करने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके साथ ही चोरी के मोबाइल की खरीद-फरोख्त करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बैठक में CCTV कैमरे लगाने, ग्राहकों का विवरण दर्ज करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश भी दिए गए। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘अभिव्यक्ति एप’ के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। क्या इन नियमों के पालन से साइबर अपराधों में कमी आएगी? पुलिस ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1