गुमला के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए ग्रामीणों एवं नागरिकों ने अपनी समस्याएँ और माँगें उपायुक्त के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को नियमानुसार त्वरित जाँच तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जन शिकायत निवारण दिवस में जारी प्रखंड के ग्राम परसा निवासी जगरनाथ कवर ने अपनी बंदोबस्ती की जमीन के ऑनलाइन दाखिल-खारिज और रिकॉर्ड अद्यतन कराने के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि उनके दादा भुसन कवर के नाम से 'लाल कार्ड' के माध्यम से मिली सरकारी बंदोबस्ती भूमि पर परिवार पीढ़ियों से खेती कर रहा है, लेकिन लाल कार्ड नष्ट होने के कारण भूमि ऑनलाइन नहीं हो पा रही है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी को मामले की जाँच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में, दुन्दुरिया डाडू टोली के एक आवेदक ने खतियानी बकास्त भूमि पर अवैध घेराबंदी की शिकायत की, जिस पर उपायुक्त ने अंचल अधिकारी और राजस्व विभाग को गहन जाँच कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया। मौजा कोयंजारा गढ़टोली निवासी फेतो खड़ियाईन ने भूमि विवाद और मारपीट की धमकी से संबंधित आवेदन दिया, आरोप लगाया कि कुछ व्यक्ति जबरन विवाद उत्पन्न कर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उपायुक्त ने थाना प्रभारी और अंचल अधिकारी को जाँच कर विधिसम्मत कार्रवाई करने को कहा। वहीं, ग्राम खोरा निवासी लक्ष्मण उरांव ने गलत वंशावली के आधार पर मुआवजा राशि प्राप्त किए जाने की शिकायत दर्ज कराई और भूमि स्वामित्व व वंशावली की निष्पक्ष जाँच कर वास्तविक लाभुक को मुआवजा दिलाने की माँग की, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को दस्तावेजों की जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, बसिया प्रखंड की दिव्यांग महिला मीना कुमारी ने अपने लाल राशन कार्ड को बीपीएल श्रेणी में परिवर्तित करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वे आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर और मजदूर परिवार से हैं तथा उन्हें पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को मामले की जाँच कर पात्रता के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। रायडीह प्रखंड अंतर्गत कीज्जा पंचायत के नवाटोली, आंवरालोंगडा, बुचीडाही और गलगुटरी गांवों के ग्रामीणों ने सड़क और पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी सामूहिक आवेदन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक हजार आदिवासी आबादी वाले इन गांवों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, वर्षा ऋतु में आवागमन कठिन हो जाता है और चापाकल खराब पड़े हैं। आवेदन में शहीद सीआरपीएफ जवान स्वर्गीय पूर्णिमा मुंडा के गांव में भी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को स्थल निरीक्षण कर प्रतिवेदन देने और योजनाओं की व्यवहार्यता के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने जोर देकर कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए निष्पादन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गुमला के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए ग्रामीणों एवं नागरिकों ने अपनी समस्याएँ और माँगें उपायुक्त के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को नियमानुसार त्वरित जाँच तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जन शिकायत निवारण दिवस में जारी प्रखंड के ग्राम परसा निवासी जगरनाथ कवर ने अपनी बंदोबस्ती की जमीन के ऑनलाइन दाखिल-खारिज और रिकॉर्ड अद्यतन कराने के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि उनके दादा भुसन कवर के नाम से 'लाल कार्ड' के माध्यम से मिली सरकारी बंदोबस्ती भूमि पर परिवार पीढ़ियों से खेती कर रहा है, लेकिन लाल कार्ड नष्ट होने के कारण भूमि ऑनलाइन नहीं हो पा रही है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी को मामले की जाँच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में, दुन्दुरिया डाडू टोली के एक आवेदक ने खतियानी बकास्त भूमि पर अवैध घेराबंदी की शिकायत की, जिस पर उपायुक्त ने अंचल अधिकारी और राजस्व विभाग को गहन जाँच कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया। मौजा कोयंजारा गढ़टोली निवासी फेतो खड़ियाईन ने भूमि विवाद और मारपीट की धमकी से संबंधित आवेदन दिया, आरोप लगाया कि कुछ व्यक्ति जबरन विवाद उत्पन्न कर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उपायुक्त ने थाना प्रभारी और अंचल अधिकारी को जाँच कर विधिसम्मत कार्रवाई करने को कहा। वहीं, ग्राम खोरा निवासी लक्ष्मण उरांव ने गलत वंशावली के आधार
पर मुआवजा राशि प्राप्त किए जाने की शिकायत दर्ज कराई और भूमि स्वामित्व व वंशावली की निष्पक्ष जाँच कर वास्तविक लाभुक को मुआवजा दिलाने की माँग की, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को दस्तावेजों की जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, बसिया प्रखंड की दिव्यांग महिला मीना कुमारी ने अपने लाल राशन कार्ड को बीपीएल श्रेणी में परिवर्तित करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वे आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर और मजदूर परिवार से हैं तथा उन्हें पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को मामले की जाँच कर पात्रता के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। रायडीह प्रखंड अंतर्गत कीज्जा पंचायत के नवाटोली, आंवरालोंगडा, बुचीडाही और गलगुटरी गांवों के ग्रामीणों ने सड़क और पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी सामूहिक आवेदन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक हजार आदिवासी आबादी वाले इन गांवों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, वर्षा ऋतु में आवागमन कठिन हो जाता है और चापाकल खराब पड़े हैं। आवेदन में शहीद सीआरपीएफ जवान स्वर्गीय पूर्णिमा मुंडा के गांव में भी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को स्थल निरीक्षण कर प्रतिवेदन देने और योजनाओं की व्यवहार्यता के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने जोर देकर कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए निष्पादन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- गुमला के डुमरी क्षेत्र में उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। मंगलवार शाम चार बजे उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा डुमरी में चल रहे पाइपलाइन निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य में तेजी लाई जाए और इसे बिना किसी विलंब के जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उपायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाना चाहिए। इस बैठक के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों, बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने, मोबाइल नेटवर्क को सुदृढ़ करने, स्कूल भवन निर्माण और आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यों को गति देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, शिक्षा विभाग को स्कूली बच्चों के बैंक खातों की एनपीसीआई मैपिंग को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। उपायुक्त ने अंत में कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों को पूरी जवाबदेही और गंभीरता के साथ कार्य करना होगा। इस समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।1
- गुमला के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए ग्रामीणों एवं नागरिकों ने अपनी समस्याएँ और माँगें उपायुक्त के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को नियमानुसार त्वरित जाँच तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जन शिकायत निवारण दिवस में जारी प्रखंड के ग्राम परसा निवासी जगरनाथ कवर ने अपनी बंदोबस्ती की जमीन के ऑनलाइन दाखिल-खारिज और रिकॉर्ड अद्यतन कराने के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि उनके दादा भुसन कवर के नाम से 'लाल कार्ड' के माध्यम से मिली सरकारी बंदोबस्ती भूमि पर परिवार पीढ़ियों से खेती कर रहा है, लेकिन लाल कार्ड नष्ट होने के कारण भूमि ऑनलाइन नहीं हो पा रही है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी को मामले की जाँच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में, दुन्दुरिया डाडू टोली के एक आवेदक ने खतियानी बकास्त भूमि पर अवैध घेराबंदी की शिकायत की, जिस पर उपायुक्त ने अंचल अधिकारी और राजस्व विभाग को गहन जाँच कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया। मौजा कोयंजारा गढ़टोली निवासी फेतो खड़ियाईन ने भूमि विवाद और मारपीट की धमकी से संबंधित आवेदन दिया, आरोप लगाया कि कुछ व्यक्ति जबरन विवाद उत्पन्न कर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उपायुक्त ने थाना प्रभारी और अंचल अधिकारी को जाँच कर विधिसम्मत कार्रवाई करने को कहा। वहीं, ग्राम खोरा निवासी लक्ष्मण उरांव ने गलत वंशावली के आधार पर मुआवजा राशि प्राप्त किए जाने की शिकायत दर्ज कराई और भूमि स्वामित्व व वंशावली की निष्पक्ष जाँच कर वास्तविक लाभुक को मुआवजा दिलाने की माँग की, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को दस्तावेजों की जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, बसिया प्रखंड की दिव्यांग महिला मीना कुमारी ने अपने लाल राशन कार्ड को बीपीएल श्रेणी में परिवर्तित करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वे आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर और मजदूर परिवार से हैं तथा उन्हें पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को मामले की जाँच कर पात्रता के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। रायडीह प्रखंड अंतर्गत कीज्जा पंचायत के नवाटोली, आंवरालोंगडा, बुचीडाही और गलगुटरी गांवों के ग्रामीणों ने सड़क और पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी सामूहिक आवेदन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक हजार आदिवासी आबादी वाले इन गांवों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, वर्षा ऋतु में आवागमन कठिन हो जाता है और चापाकल खराब पड़े हैं। आवेदन में शहीद सीआरपीएफ जवान स्वर्गीय पूर्णिमा मुंडा के गांव में भी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को स्थल निरीक्षण कर प्रतिवेदन देने और योजनाओं की व्यवहार्यता के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने जोर देकर कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए निष्पादन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।2
- गुमला जिले के कुरूमगढ़ थाना परिसर के समीप राहगीरों और आम लोगों के लिए एक प्याऊ की शुरुआत की गई है। यह पहल थाना प्रभारी दिनेश कुमार के नेतृत्व में की गई, जिसका उद्घाटन उन्होंने फीता काटकर किया। इस दौरान, थाना प्रभारी ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए थाना प्रशासन ने यह व्यवस्था की है, ताकि सड़क से गुजरने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान न होना पड़े। इस शुद्ध पेयजल व्यवस्था से लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।1
- झारखंड के गुमला जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी से लोग गंभीर रूप से परेशान हैं, जिसके चलते ईंधन भरवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। यह संकट अब केवल गुमला तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरा झारखंड राज्य त्रस्त है। जनता इस समस्या से जूझ रही है और सवाल उठा रही है कि आखिर इन परेशानियों को कौन और कैसे दूर करेगा।1
- Post by हमर जशपुर1
- फिलहाल, एक तालाब में सुंदरीकरण का काम चल रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह सुंदरीकरण गलत तरीके से किया जा रहा है, जिस पर चिंता व्यक्त की जा रही है।1
- पटना के रूपसपुर स्थित 'हिडन विला' होटल एक गंभीर आपराधिक मामले को लेकर इन दिनों सुर्खियों में है। इस होटल में एक युवती के साथ छेड़खानी और बदसलूकी का मामला सामने आया है, जिसकी गंभीरता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना युवती के पिता के सामने हुई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है। होटल के मैनेजर रोहित और स्टाफ काजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने मुख्य आरोपी को भी पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान होटल के मालिकाना हक को लेकर भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। खबरों के अनुसार, इस होटल के एक नहीं बल्कि पाँच अलग-अलग मालिक होने का पता चला है, जिसकी आगे और छानबीन की जा रही है। यह होटल पटना के रूपसपुर/दानापुर इलाके (कलिकेत नगर, आरपीएस लॉ कॉलेज के पास) में स्थित है, और यह मामला स्थानीय खबरों व सोशल मीडिया पर काफी चर्चित है।1
- झारखंड में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते हीटवेव के प्रकोप को देखते हुए, राज्य सरकार आम लोगों को राहत पहुँचाने के लिए लगातार पहल कर रही है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्यभर के सरकारी कार्यालयों, प्रमुख चौक-चौराहों, अस्पतालों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थलों पर राहगीरों और आम नागरिकों के लिए 'प्याऊ' (पेयजल व्यवस्था) की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गर्मी के इस कठिन दौर में लोगों को स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाए, साथ ही प्याऊ स्थलों पर सूचना बोर्ड भी लगाए जाएँ ताकि राहगीरों को इसकी जानकारी आसानी से मिल सके। इस पहल के तहत, चैनपुर में पुलिस ने भी आम लोगों के लिए प्याऊ लगाकर एक सराहनीय कदम उठाया है।1