शामली जनपद के कांधला में, पशु क्रूरता और अवैध पशु परिवहन से जुड़े एक मामले में कांधला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी धीरज पुत्र रामपाल को गिरफ्तार कर लिया है, जो कन्नौज जनपद के ग्राम रसूलाबाद, थाना बिश्नगढ़ का निवासी है। इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। यह मामला तब सामने आया था जब कुछ समय पूर्व थाना कांधला पुलिस ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर ग्राम एलम के निकट वाहन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोका था। जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि ट्रक में पशुओं को अमानवीय और क्रूरतापूर्ण तरीके से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। पुलिस की कार्रवाई के समय ट्रक में मौजूद आरोपी वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद, थाना कांधला में पशु क्रूरता अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक शामली, एन.पी. सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी, और इसी क्रम में कांधला पुलिस ने आरोपी धीरज को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में शामिल एक अन्य आरोपी जियालाल को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
शामली जनपद के कांधला में, पशु क्रूरता और अवैध पशु परिवहन से जुड़े एक मामले में कांधला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी धीरज पुत्र रामपाल को गिरफ्तार कर लिया है, जो कन्नौज जनपद के ग्राम रसूलाबाद, थाना बिश्नगढ़ का निवासी है। इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। यह मामला तब सामने आया था जब कुछ समय पूर्व थाना कांधला पुलिस ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर ग्राम एलम के निकट वाहन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोका था। जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि ट्रक में पशुओं को अमानवीय और क्रूरतापूर्ण तरीके से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। पुलिस की कार्रवाई के समय ट्रक में मौजूद आरोपी वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद, थाना कांधला में पशु क्रूरता अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक शामली, एन.पी. सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी, और इसी क्रम में कांधला पुलिस ने आरोपी धीरज को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में शामिल एक अन्य आरोपी जियालाल को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
- शामली जनपद के कांधला में, पशु क्रूरता और अवैध पशु परिवहन से जुड़े एक मामले में कांधला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी धीरज पुत्र रामपाल को गिरफ्तार कर लिया है, जो कन्नौज जनपद के ग्राम रसूलाबाद, थाना बिश्नगढ़ का निवासी है। इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। यह मामला तब सामने आया था जब कुछ समय पूर्व थाना कांधला पुलिस ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर ग्राम एलम के निकट वाहन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोका था। जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि ट्रक में पशुओं को अमानवीय और क्रूरतापूर्ण तरीके से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। पुलिस की कार्रवाई के समय ट्रक में मौजूद आरोपी वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद, थाना कांधला में पशु क्रूरता अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक शामली, एन.पी. सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी, और इसी क्रम में कांधला पुलिस ने आरोपी धीरज को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में शामिल एक अन्य आरोपी जियालाल को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।1
- शामली के कांधला थाना के ठीक सामने एक महिला अपनी 10 वर्षीय बेटी के साथ धरने पर बैठ गई। यह महिला अपनी रेडी (ठेला/स्टॉल) हटाए जाने से नाराज़ थी, जिसके विरोध में उसने यह कदम उठाया। धरने के दौरान महिला ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और पत्तों पर 'राम-राम' भी लिखा।1
- भोजपुर, बिहार से आ रही जानकारी के अनुसार, भरत तिवारी का पहले सरेंडर के बाद भी एनकाउंटर हुआ था। अब इस मामले में उनके पिता और भाई पर भी एफआईआर दर्ज कर ली गई है।1
- बुढाना तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कितनी शिकायतें दर्ज की गईं, यह एक प्रमुख सवाल बना हुआ है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि इस दौरान क्या मुद्दे उठाए गए और जनता ने अपनी क्या परेशानियाँ साझा कीं, तथा इस पूरे मामले में क्या मुख्य बातें सामने आईं।1
- मुजफ्फरनगर रिजर्व पुलिस लाइन में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने किया, जिसमें पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। यह आयोजन 14 जून से चल रहे सप्ताहव्यापी योग कार्यक्रम का भी समापन था। कार्यक्रम के दौरान, पुलिसकर्मियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा और स्वस्थ एवं निरोगी जीवन जीने का संकल्प लिया। योगाचार्य योगेश ने सभी उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करवाया, साथ ही योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और ऊर्जावान बनाता है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से आग्रह किया कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएँ। कार्यक्रम के समापन पर योगाचार्य योगेश को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित सभी अधिकारियों ने पुलिस लाइन परिसर में फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया।1
- मुजफ्फरनगर पुलिस ने 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली NEET UG Re-Exam 2026 को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और जिले के सभी 13 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा की गोपनीय सामग्री को डबल लॉक व्यवस्था में सुरक्षित रखा गया है, वहीं सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और एक केंद्रीय कंट्रोल रूम के ज़रिए लगातार निगरानी की जा रही है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ चेकिंग और फ्रिस्किंग की भी विशेष व्यवस्था की गई है। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, पुलिस द्वारा होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, ढाबों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी पुलिस की विशेष नजर बनी हुई है, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास को समय रहते रोका जा सके। मुजफ्फरनगर पुलिस इस NEET UG री-एग्जाम को लेकर पूरी तरह अलर्ट पर है।1
- 12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुजफ्फरनगर के रिजर्व पुलिस लाइन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित जनपद के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान माननीय प्रधानमंत्री जी के योग दिवस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया, जिसके पश्चात् उपस्थित सभी ने उनके स्वस्थ एवं निरोगी जीवन के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। योगाचार्य श्री योगेश ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया, साथ ही योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी। उल्लेखनीय है कि योगाचार्य श्री योगेश 14 जून 2026 से पुलिस लाइन में आयोजित योग सप्ताह के अंतर्गत प्रतिदिन पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योगाभ्यास करा रहे थे। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यह सप्ताहव्यापी योग कार्यक्रम आज समाप्त हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित एवं ऊर्जावान बनाता है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पुलिसकर्मियों के लिए योग तनाव प्रबंधन, मानसिक एकाग्रता और शारीरिक क्षमता को बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम है, और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के उपरांत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने योगाचार्य श्री योगेश को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके बाद, पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश देते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित समस्त अधिकारियों ने रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नियमित योगाभ्यास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।3
- जनपद शामली के थानाभवन थाना क्षेत्र के ग्राम नांगल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पाँच परिवारों ने एक दबंग पड़ोसी पर रास्ता बंद करने का आरोप लगाते हुए अपने ही मकानों पर 'पलायन को मजबूर' होने के बैनर लगा दिए हैं। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि गाँव के दबंग श्याम सिंह ने कब्जे की नीयत से उनके पुश्तैनी रास्ते पर मलबा डालकर उसे पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे इन परिवारों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। पीड़ित दीपक पुत्र सेवाराम और उनके परिवार के सदस्य, जिनमें देवेंद्र, जोगिंदर, प्रमोद और बिजेंद्र शामिल हैं, पिछले कई वर्षों से लगभग 16 वर्गगज की एक साझा गैलरी को अपने घरों तक पहुँचने के मुख्य मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे थे। परिवार के अनुसार, इस गैलरी के ऊपर की पुरानी और जर्जर छत अचानक गिर गई, जिससे रास्ता मलबे से भर गया। दीपक का आरोप है कि उन्हें मलबा हटाने और रास्ता साफ करने नहीं दिया गया, जिससे पाँच परिवारों का एकमात्र रास्ता बंद हो गया। इसके कारण बच्चों को स्कूल भेजने, बाजार जाने और अन्य दैनिक कार्यों में भारी परेशानी हो रही है, जिसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि रास्ता खुलवाने की मांग करने पर उन्हें धमकियाँ दी जा रही हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे दबंग आरोपी श्याम सिंह की कथित दबंगई से पिछले लगभग 10 महीनों से परेशान हैं। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई आला अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। मीडिया से बात करते हुए दीपक ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनका परिवार गाँव छोड़ने को मजबूर हो जाएगा, क्योंकि रास्ता बंद होने से उनका सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और वे मानसिक तनाव में रह रहे हैं। परिवार की एक महिला सदस्य पिंकी ने भी मीडिया के सामने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या बनी हुई है। गाँव में पलायन का बैनर लगने के बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं और सभी को इंतजार है कि आखिर पीड़ित परिवार को कब राहत मिलेगी तथा वर्षों पुराने रास्ते का यह विवाद किस प्रकार सुलझाया जाएगा।1