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सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि बिहार में शराबबंदी कानून को समाप्त कर दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राज्य में 'पियक्कड़' लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि सम्राट चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह बिहार में शराबबंदी कानून को खत्म करने जा रहे हैं।
S k kumar
सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि बिहार में शराबबंदी कानून को समाप्त कर दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राज्य में 'पियक्कड़' लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि सम्राट चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह बिहार में शराबबंदी कानून को खत्म करने जा रहे हैं।
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- सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि बिहार में शराबबंदी कानून को समाप्त कर दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राज्य में 'पियक्कड़' लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि सम्राट चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह बिहार में शराबबंदी कानून को खत्म करने जा रहे हैं।1
- Post by M Veer1
- बिहार के समस्तीपुर में ठाकुर घाट से एक वीडियो बनाया गया है। यह वीडियो अजय ने शाम के समय मौसम के अनुरूप बनाया है, जिसे एक 'ब्लॉक' (वीडियो ब्लॉग) बताया जा रहा है।1
- बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायत समिति भवन में बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आपदा मित्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीआरएफ के एसआई अरविंद कुमार सिंह चंदेल ने बाढ़ से पहले, बाढ़ के दौरान और बाढ़ के बाद बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखने, आपातकालीन नंबर याद रखने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की। एसडीआरएफ के एसआई ने विशेष रूप से डूबने से बचाव पर जोर देते हुए सलाह दी कि तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करें और बच्चों को नदियों, नालों व जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रखें। इस दौरान, एसडीआरएफ टीम ने राफ्ट (बचाव नौका) के सुरक्षित उपयोग, जीवन रक्षक जैकेट पहनने की अनिवार्यता और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया समझाई। इसके अतिरिक्त, सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की प्राथमिक जानकारी भी दी गई, जिसमें बताया गया कि डूबने या सांस रुकने की स्थिति में समय पर सीपीआर देकर किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। प्रतिभागियों को यह भी सलाह दी गई कि बाढ़ के बाद भी गड्ढों, तालाबों और जलजमाव वाले इलाकों में सतर्क रहें। इस अवसर पर एसडीआरएफ के सिपाही राज कारण कुशवाहा व हरिकेश कुमार, आपदा मित्र राम रूप राय, अरुण राय, धीरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, अरमान अंसारी सहित कई अन्य आपदा मित्र तथा शिक्षक मुमताज अहमद मौजूद रहे। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने इसे बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।1
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पक्ष कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य सभा सांसद धर्म शीला गुप्ता ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और उन्हें देश भक्ति के प्रति तटस्थ रहने का संदेश दिया। मोहिउद्दीन नगर में यह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मरण पक्ष कार्यकर्ता सम्मेलन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- समस्तीपुर सदर अस्पताल में एक घटना सामने आई है, जिसमें डा. पी. डी. शर्मा पर एक पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। यह घटना तब हुई जब पत्रकार मरीजों की शिकायतों के आधार पर डॉक्टर के कक्ष में पहुंचे थे।1
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पक्ष सह कार्यकर्ता सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर पर राज्य सभा सांसद डॉ. धर्म शीला गुप्ता ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।1
- समस्तीपुर सदर अस्पताल की आपातकालीन सेवा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ आपातकालीन कक्ष में प्रतिनियुक्त चिकित्सक डॉ. पी. डी. शर्मा पर ड्यूटी के दौरान अपने कक्ष में अनुपस्थित रहने का गंभीर आरोप लगा है। इसी बीच, गंभीर अवस्था में एक मरीज को लेकर पहुंचे परिजन इलाज के इंतजार में परेशान होते रहे और उन्होंने डॉक्टर की गैर-मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए। मामले की जानकारी मिलने पर पत्रकार श्रवण कुमार अस्पताल पहुंचे और घटना का कवरेज किया। आरोप है कि खबर प्रसारित होने के बाद ही डॉक्टर आपातकालीन कक्ष स्थित अपने कार्यालय पहुंचे। जब पत्रकार ने उनसे उनकी ड्यूटी के समय अनुपस्थिति के बारे में पूछा, तो डॉक्टर कथित तौर पर नाराज हो गए और पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की की। इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद आम लोगों में इस घटना को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। नागरिक यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि आपातकालीन सेवा में डॉक्टर मौजूद नहीं थे, तो इसकी जवाबदेही आखिर कौन तय करेगा? इसके साथ ही, पत्रकार के साथ कथित मारपीट के इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ रही है। फिलहाल, सभी की निगाहें समस्तीपुर के सिविल सर्जन पर टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है। अभी तक डॉक्टर का पक्ष और स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिसके आने का इंतजार है और प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा।1