धमाके की साजिश से थर्राई राजधानी! जयपुर CMO को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी से हड़कंप धमाके की साजिश से थर्राई राजधानी! जयपुर CMO को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी से हड़कंप सुबह 11 बजे कंट्रोल रूम की घंटी बजते ही उड़े प्रशासन के होश | आनन-फानन में बुलेटप्रूफ घेरे में बदला मुख्यमंत्री कार्यालय | बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड ने संभाला मोर्चा | पुलिस ने बिछाया सर्विलांस का जाल, सवाई माधोपुर का संदिग्ध दबोचा विशेष संवाददाता | जयपुर जयपुर: सत्ता के सबसे बड़े केंद्र यानी राजस्थान मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को आरडीएक्स/बम से उड़ाकर राख करने की एक खौफनाक धमकी ने पूरे प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र की चूलें हिलाकर रख दी हैं। सोमवार सुबह ठीक 11:00 बजे जब सचिवालय में रोजाना की तरह फाइलों का दौर चल रहा था, तभी पुलिस कंट्रोल रूम के आपातकालीन फोन की एक घंटी ने राजधानी में मानों 'रेड अलर्ट' का सायरन बजा दिया। कॉल करने वाले अज्ञात शख्स ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भीषण बम धमाके से उड़ाने की खुली चुनौती दे डाली। धमकी मिलते ही पुलिस महकमे के आला अधिकारियों के पसीने छूट गए और मिनटों के भीतर पूरा सीएमओ परिसर भारी पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मिनटों में छावनी बना CMO, एंटी-सबोटाज चेकिंग से मचा कोहराम धमकी की कॉल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया गया। भारी हथियारों से लैस क्यूआरटी (QRT) कमांडो, बम निरोधक दस्ता (BDS) और प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स की टीमें सायरन बजाती हुई सीधे सीएमओ परिसर में दाखिल हुईं। चप्पे-चप्पे, हर कोने, गाड़ियों, बगीचों और सुरक्षा द्वारों की गहन एंटी-सबोटाज चेकिंग शुरू की गई। हर आने-जाने वाले पर कड़ी निगरानी बैठा दी गई और सचिवालय की सुरक्षा को 'अभेद्य किले' में तब्दील कर दिया गया। हाई-टेक सर्विलांस का बिछाया जाल, संदिग्ध को दबोचा धमकी देने वाले शातिर को लगा था कि वह बच निकलेगा, लेकिन राजस्थान पुलिस की साइबर और टेक्निकल सर्विलांस टीम ने पलक झपकते ही कॉल की लोकेशन ट्रेस कर ली। आरोपी की धरपकड़: पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सवाई माधोपुर के रहने वाले संदिग्ध कॉलर को हिरासत (Detain) में ले लिया। थाने में चल रही है कड़ी पूछताछ: पकड़े गए शख्स को प्रताप नगर थाने लाया गया है, जहां खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं। वहीं, इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की मुख्य जांच अशोक नगर थाना पुलिस को सौंपी गई है। अधिकारियों का बयान: "सुबह करीब 11:00 बजे कंट्रोल रूम में एक कॉल आई थी, जिसमें सीएमओ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। सूचना मिलते ही बीडीएस और डॉग स्क्वायड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर पूरी सघन तलाशी (Anti-sabotage checking) ली है। तकनीकी जांच के आधार पर कॉल करने वाले व्यक्ति को डिटेन कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" — पुलिस अधिकारी, जयपुर बड़ा सवाल: सिर्फ सिरफिरे की करतूत या कोई गहरी साजिश? पुलिस के अनुसार, अमूमन ईमेल के जरिए ऐसी धमकियां सामने आती रही हैं, लेकिन सीधे कंट्रोल रूम पर फोन करके इस तरह मुख्यमंत्री कार्यालय को दहलाने की धमकी देने की घटना बेहद गंभीर है। एजेंसियां अब यह खंगालने में जुटी हैं कि क्या इस शख्स के पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ है या यह किसी सिरफिरे द्वारा फैलाया गया सनसनीखेज खौफ था। फिलहाल पुलिस की सख्ती और मुस्तैदी से राजधानी में मंडराया बड़ा खतरा टल गया है।
धमाके की साजिश से थर्राई राजधानी! जयपुर CMO को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी से हड़कंप धमाके की साजिश से थर्राई राजधानी! जयपुर CMO को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी से हड़कंप सुबह 11 बजे कंट्रोल रूम की घंटी बजते ही उड़े प्रशासन के होश | आनन-फानन में बुलेटप्रूफ घेरे में बदला मुख्यमंत्री कार्यालय | बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड ने संभाला मोर्चा | पुलिस ने बिछाया सर्विलांस का जाल, सवाई माधोपुर का संदिग्ध दबोचा विशेष संवाददाता | जयपुर जयपुर: सत्ता के सबसे बड़े केंद्र यानी राजस्थान मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को आरडीएक्स/बम से उड़ाकर राख करने की एक खौफनाक धमकी ने पूरे प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र की चूलें हिलाकर रख दी हैं। सोमवार सुबह ठीक 11:00 बजे जब सचिवालय में रोजाना की तरह फाइलों का दौर चल रहा था, तभी पुलिस कंट्रोल रूम के आपातकालीन फोन की एक घंटी ने राजधानी में मानों 'रेड अलर्ट' का सायरन बजा दिया। कॉल करने वाले अज्ञात शख्स ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भीषण बम धमाके से उड़ाने की खुली चुनौती दे डाली। धमकी मिलते ही पुलिस महकमे के आला अधिकारियों के पसीने छूट गए और मिनटों के भीतर पूरा सीएमओ परिसर भारी पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मिनटों में छावनी बना CMO, एंटी-सबोटाज चेकिंग से मचा कोहराम धमकी की कॉल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया गया। भारी हथियारों से लैस क्यूआरटी (QRT) कमांडो, बम निरोधक दस्ता (BDS) और प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स की टीमें सायरन बजाती हुई सीधे सीएमओ परिसर में दाखिल हुईं। चप्पे-चप्पे, हर कोने, गाड़ियों, बगीचों और सुरक्षा द्वारों की गहन एंटी-सबोटाज चेकिंग शुरू की गई। हर आने-जाने वाले पर कड़ी निगरानी बैठा दी गई और सचिवालय की सुरक्षा को 'अभेद्य किले' में तब्दील कर दिया गया। हाई-टेक सर्विलांस का बिछाया जाल, संदिग्ध को दबोचा धमकी देने वाले शातिर को लगा था कि वह बच निकलेगा, लेकिन राजस्थान पुलिस की साइबर और टेक्निकल सर्विलांस टीम ने पलक झपकते ही कॉल की लोकेशन ट्रेस कर ली। आरोपी की धरपकड़: पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सवाई माधोपुर के रहने वाले संदिग्ध कॉलर को हिरासत (Detain) में ले लिया। थाने में चल रही है कड़ी पूछताछ: पकड़े गए शख्स को प्रताप नगर थाने लाया गया है, जहां खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं। वहीं, इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की मुख्य जांच अशोक नगर थाना पुलिस को सौंपी गई है। अधिकारियों का बयान: "सुबह करीब 11:00 बजे कंट्रोल रूम में एक कॉल आई थी, जिसमें सीएमओ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। सूचना मिलते ही बीडीएस और डॉग स्क्वायड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर पूरी सघन तलाशी (Anti-sabotage checking) ली है। तकनीकी जांच के आधार पर कॉल करने वाले व्यक्ति को डिटेन कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" — पुलिस अधिकारी, जयपुर बड़ा सवाल: सिर्फ सिरफिरे की करतूत या कोई गहरी साजिश? पुलिस के अनुसार, अमूमन ईमेल के जरिए ऐसी धमकियां सामने आती रही हैं, लेकिन सीधे कंट्रोल रूम पर फोन करके इस तरह मुख्यमंत्री कार्यालय को दहलाने की धमकी देने की घटना बेहद गंभीर है। एजेंसियां अब यह खंगालने में जुटी हैं कि क्या इस शख्स के पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ है या यह किसी सिरफिरे द्वारा फैलाया गया सनसनीखेज खौफ था। फिलहाल पुलिस की सख्ती और मुस्तैदी से राजधानी में मंडराया बड़ा खतरा टल गया है।
- धमाके की साजिश से थर्राई राजधानी! जयपुर CMO को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी से हड़कंप धमाके की साजिश से थर्राई राजधानी! जयपुर CMO को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी से हड़कंप सुबह 11 बजे कंट्रोल रूम की घंटी बजते ही उड़े प्रशासन के होश | आनन-फानन में बुलेटप्रूफ घेरे में बदला मुख्यमंत्री कार्यालय | बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड ने संभाला मोर्चा | पुलिस ने बिछाया सर्विलांस का जाल, सवाई माधोपुर का संदिग्ध दबोचा विशेष संवाददाता | जयपुर जयपुर: सत्ता के सबसे बड़े केंद्र यानी राजस्थान मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को आरडीएक्स/बम से उड़ाकर राख करने की एक खौफनाक धमकी ने पूरे प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र की चूलें हिलाकर रख दी हैं। सोमवार सुबह ठीक 11:00 बजे जब सचिवालय में रोजाना की तरह फाइलों का दौर चल रहा था, तभी पुलिस कंट्रोल रूम के आपातकालीन फोन की एक घंटी ने राजधानी में मानों 'रेड अलर्ट' का सायरन बजा दिया। कॉल करने वाले अज्ञात शख्स ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भीषण बम धमाके से उड़ाने की खुली चुनौती दे डाली। धमकी मिलते ही पुलिस महकमे के आला अधिकारियों के पसीने छूट गए और मिनटों के भीतर पूरा सीएमओ परिसर भारी पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मिनटों में छावनी बना CMO, एंटी-सबोटाज चेकिंग से मचा कोहराम धमकी की कॉल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया गया। भारी हथियारों से लैस क्यूआरटी (QRT) कमांडो, बम निरोधक दस्ता (BDS) और प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स की टीमें सायरन बजाती हुई सीधे सीएमओ परिसर में दाखिल हुईं। चप्पे-चप्पे, हर कोने, गाड़ियों, बगीचों और सुरक्षा द्वारों की गहन एंटी-सबोटाज चेकिंग शुरू की गई। हर आने-जाने वाले पर कड़ी निगरानी बैठा दी गई और सचिवालय की सुरक्षा को 'अभेद्य किले' में तब्दील कर दिया गया। हाई-टेक सर्विलांस का बिछाया जाल, संदिग्ध को दबोचा धमकी देने वाले शातिर को लगा था कि वह बच निकलेगा, लेकिन राजस्थान पुलिस की साइबर और टेक्निकल सर्विलांस टीम ने पलक झपकते ही कॉल की लोकेशन ट्रेस कर ली। आरोपी की धरपकड़: पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सवाई माधोपुर के रहने वाले संदिग्ध कॉलर को हिरासत (Detain) में ले लिया। थाने में चल रही है कड़ी पूछताछ: पकड़े गए शख्स को प्रताप नगर थाने लाया गया है, जहां खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं। वहीं, इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की मुख्य जांच अशोक नगर थाना पुलिस को सौंपी गई है। अधिकारियों का बयान: "सुबह करीब 11:00 बजे कंट्रोल रूम में एक कॉल आई थी, जिसमें सीएमओ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। सूचना मिलते ही बीडीएस और डॉग स्क्वायड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर पूरी सघन तलाशी (Anti-sabotage checking) ली है। तकनीकी जांच के आधार पर कॉल करने वाले व्यक्ति को डिटेन कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" — पुलिस अधिकारी, जयपुर बड़ा सवाल: सिर्फ सिरफिरे की करतूत या कोई गहरी साजिश? पुलिस के अनुसार, अमूमन ईमेल के जरिए ऐसी धमकियां सामने आती रही हैं, लेकिन सीधे कंट्रोल रूम पर फोन करके इस तरह मुख्यमंत्री कार्यालय को दहलाने की धमकी देने की घटना बेहद गंभीर है। एजेंसियां अब यह खंगालने में जुटी हैं कि क्या इस शख्स के पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ है या यह किसी सिरफिरे द्वारा फैलाया गया सनसनीखेज खौफ था। फिलहाल पुलिस की सख्ती और मुस्तैदी से राजधानी में मंडराया बड़ा खतरा टल गया है।1
- गंगापुर सिटी में स्वर्ण समाज ने लिया राजनीतिक दलों के बहिष्कार का निर्णय आगामी निकाय चुनाव से राजनीतिक दलों से दूरी ईडब्ल्यूएस आरक्षण की उपेक्षा और यूजीसी कानून के विरोध में महापंचायत गंगापुर सिटी में सवर्ण समाज ने लिया राजनीतिक दलों के बहिष्कार का निर्णय आगामी निकाय चुनाव से राजनीतिक दलों से दूरी, ईडब्ल्यूएस आरक्षण की उपेक्षा और यूजीसी कानून के विरोध में महापंचायत गंगापुर सिटी। सवर्ण समाज की महापंचायत रविवार शाम भगवती पैलेस में आयोजित हुई। इसमें गंगापुर नगर परिषद क्षेत्र सहित आसपास के क्षेत्रों से ब्राह्मण, वैश्य, राजपूत सहित विभिन्न सवर्ण समाजों के सैकड़ों प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए। महापंचायत में ईडब्ल्यूएस वर्ग में आरक्षण की कथित उपेक्षा, यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित कानूनों तथा सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों के प्रति नाराजगी जताई गई। महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज ने लंबे समय से भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन वर्तमान में समाज के हितों की उपेक्षा की जा रही है। वक्ताओं ने कहा कि दलित समाज को दिए गए आरक्षण का वे विरोध नहीं करते, लेकिन सभी वर्गों को समान अधिकार और समान कानून का लाभ मिलना चाहिए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सवर्ण समाज के बच्चों के साथ अन्यायपूर्ण कानूनों एवं व्यवस्थाओं के कारण परेशानी उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा यूजीसी से संबंधित प्रस्तावित कानूनों को लेकर भी समाज में नाराजगी है। कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों पर भी इन मुद्दों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया गया। महापंचायत में निर्णय लिया गया कि आगामी नगर निकाय एवं पंचायत राज चुनावों में किसी भी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं दिया जाएगा तथा राजनीतिक दलों का बहिष्कार किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि इसकी शुरुआत आगामी निकाय चुनाव से की जाएगी और यह विरोध विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। महापंचायत में भाजपा के प्रति विशेष नाराजगी व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज ने भाजपा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन अब समाज अपने हितों को लेकर जागरूक हो चुका है। वक्ताओं ने कहा कि आने वाले चुनावों में राजनीतिक दलों को इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। महापंचायत को राजेंद्र वैद्य, वीके शर्मा, किशनपाल सिंह, गोविंद दीक्षित, दीपक चंद्रप्रकाश पाराशर, वेद प्रकाश मंगल, नरेश दुबे, गोपाल दीक्षित, नीरज काडौल्या एडवोकेट, अनिल दुबे, हरिकिशन भारद्वाज, महेश पाल सिंह, हेमेंद्र बोहरा, मदन मोहन भारद्वाज, शिवचरण अन्ना, सुरेंद्र जैमिनी, गोपाल गर्ग बेराड़ा, निर्मल अमरगढ़िया, महू ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष कृष्णा, दीपक शास्त्री, कुंदन गुप्ता, देवेंद्र लवली, प्रहलाद, महेश, घनश्याम स्काउट, घनश्याम बजाज, राधामोहन गोयल, अवधेश, श्यामसुंदर, शुभम, अमित, देवेंद्र जैमिनी, मनोज शर्मा, मुकेश व्यास, रामचरण बोहरा सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। मंच संचालन महेश पाल सिंह एवं हेमेंद्र बोहरा ने किया। महेश पाल सिंह ने कहा कि सवर्ण समाज की आगामी बैठक शीघ्र बुलाई जाएगी, जिसमें वर्तमान बैठक से भी व्यापक स्तर पर समाज को एकजुट करने और आगे की रणनीति तय करने पर चर्चा होगी। महापंचायत में बड़ी संख्या में ब्राह्मण, वैश्य, राजपूत सहित विभिन्न सवर्ण समाजों के लोग मौजूद रहे।1
- लालसोट से पपलाज माता के दरबार के लिए 21वीं विशाल ध्वजा पदयात्रा रवाना ज्वाला जोबनेर सेवा समिति, लालसोट के तत्वावधान में पपलाज माता की 21वीं विशाल ध्वजा पदयात्रा आज भोमिया जी महाराज पीडी चौकी के सामने, वार्ड नंबर 22 से रवाना हुई। श्रद्धालु ध्वजा लेकर माता के दरबार की ओर रवाना हुए। पदयात्रा शाम 5 बजे पपलाज माता के दरबार पहुंचेगी। यात्रा के समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी रखा गया है, जो शाम 6 बजे तक चलेगा।2
- आखिर क्यों नहीं छोड़ा जा रहा बिसलपुर बांध से पानी ईसरदा बांध कि तरह आखिर क्यों छोड़ा जा रहा है पानी बनास नदी में1
- पदयात्रियों के लिए गणेश मंदिर पर कल से लगेगा निःशुल्क भंडारा सारसोप। ग्राम पंचायत सारसोप के समस्त ग्रामवासियों एवं गणेश मित्र मंडल के सहयोग से श्री गणेश जी महाराज मंदिर परिसर में पदयात्रियों के लिए निःशुल्क भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। भंडारे की शुरुआत कल से होगी। आयोजन के दौरान विभिन्न मार्गों से होकर मंदिर पहुंचने वाले पदयात्रियों के लिए भोजन एवं जलपान की व्यवस्था की जाएगी। गणेश मित्र मंडल के सदस्यों एवं ग्रामीणों द्वारा भंडारे की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। आयोजकों ने बताया कि पदयात्रियों की सेवा को ध्यान में रखते हुए भंडारे में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। ग्रामीणों ने भी सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है। मंदिर परिसर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए उन्हें प्रसाद एवं भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। आयोजन को लेकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है।1
- गंगापुर सिटी में पुलिस का महा-ऑपरेशन: शातिर लुटेरा गिरोह धराशाई, खौफ का पर्याय बना हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ नबी खान सलाखों के पीछे! गंगापुर सिटी में पुलिस का महा-ऑपरेशन: शातिर लुटेरा गिरोह धराशाई, खौफ का पर्याय बना हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ नबी खान सलाखों के पीछे! डेस्क रिपोर्ट | गंगापुर सिटी: उदेई मोड़ थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे चक्रव्यूह में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए शहर भर में आतंक मचाने वाले शातिर स्नैचर गिरोह की कमर तोड़ दी है। कई दिनों से महिलाओं के गले से दिनदहाड़े सोने की चेन व मंगलसूत्र झपटने वाले कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नईम उर्फ यूनुस (नबी खान) को पुलिस ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर कुड़गांव बस स्टैंड से दबोच लिया। 150 CCTV खंगाले, बिछाया हाईटेक जाल वारदातों की बढ़ती गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के कड़े निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नारायण लाल शर्मा के सुपरविजन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने दिन-रात एक करते हुए लगभग 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर इस शातिर बदमाश का सुराग लगाया और आखिरकार उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। वारदात का खौफनाक तरीका: पलक झपकते ही हो जाता था फुर्र पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नशे का आदी है और सुनसान रास्तों या घरों के बाहर मौजूद अकेली महिलाओं की पहले रेकी करता था। मौका मिलते ही तेज रफ्तार बाइक से झपट्टा मारकर मंगलसूत्र व चेन छीन लेता था और पलक झपकते ही हवा हो जाता था। चोरी का माल खरीदने वाला सुनार भी शिकंजे में पुलिस ने न केवल मुख्य आरोपी को दबोचा, बल्कि लूटा हुआ माल खरीदने वाले स्थानीय सुनार भगवान सहाय सोनी को भी धर दबोचा है। उसके कब्जे से छीना गया सोने का माल और वारदात में इस्तेमाल की गई तेज रफ्तार बाइक भी बरामद कर ली गई है। 12 से अधिक संगीन मामले, और भी खुलासे संभव पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी कुड़गांव थाने का पुराना हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर चोरी, नकबजनी और लूट के करीब एक दर्जन गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी है कि चोरी का माल खरीदने वाले किसी भी व्यापारी या दलाल को बख्शा नहीं जाएगा। इस ऐतिहासिक कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है, वहीं शहरवासियों ने राहत की सांस ली है।1
- चैन स्नैचिंग की वारदातों का पर्दाफाश, 2 आरोपी गिरफ्तार गंगापुर सिटी में उदेई मोड़ थाना पुलिस ने चैन स्नैचिंग की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए हिस्ट्रीशीटर आरोपी नबी खान को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ चोरी, नकबजनी और लूट के करीब 12 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने लूट का माल खरीदने वाले भगवानसहाय सोनी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी रास्ता पूछने के बहाने महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाता था। 23 और 28 जुलाई को हुई चैन स्नैचिंग की वारदातों के बाद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 17 अगस्त को कुड़गांव बस स्टैंड से आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने तीन वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस ने लूटा गया माल भी बरामद किया है। आरोपी चोरी की मोटरसाइकिल से रेकी कर अकेली महिलाओं को निशाना बनाता और वारदात के बाद फरार हो जाता था। पुलिस को पूछताछ में अन्य वारदातों के खुलासे की भी उम्मीद है।1
- 20 वर्षीय विवाहिता ने फंदा लगाकर की जीवन लीला समाप्त: मलारना डूंगर थाना इलाका के फलसावटा गांव में 20 वर्षीय विवाहिता ने फंदा लगाकर की जीवन लीला समाप्त सूचना पर पुलिस मौके पहुंची शव को कब्जे में लिया मलारना डूंगर थाना इलाका के फलसावटा गांव में 20 वर्षीय विवाहिता ने फंदा लगाकर की जीवन लीला समाप्त सूचना पर पुलिस मौके पहुंची शव को कब्जे में लिया फलसवटा गांव में एक 20 वर्षीय विवाहिता ने फंदा लगाकर अपने जीवन लीला समाप्त कर ली जिस गांव में सन्नाटा छा गया ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और मलारना डूंगर पुलिस को सूचना दी सूचना के बाद मलाना डूंगर पुलिस मौके पर पहुंची शव को अपने कब्जे में लेकर मलारना डूंगर सीएससी लाया गया जहां स्टाफ की कमी होने के कारण पोस्टमार्टम के लिए सवाई माधोपुर जिला अस्पताल भेज दिया गया जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को स्वीकृत किया पुलिस के अनुसार नाजिया पत्नी साहिल खान उम्र 20 साल निवासी फलसावटा की 1 साल पहले ही शादी हुई थी नाजिया का गांव पटना सवाई माधोपुर की रहने वाली थी जो 1 साल पहले ही साहिल खान से शादी होकर फलसावटा आई थी नाजिया के अभी तक कोई बच्चा बच्ची नहीं था जिसने फांसी के फंदे से झूल कर अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर ली पुलिस के अनुसार अभी घटना का पता नहीं लग पाया है पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है1