राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध खनन पर सरकार का कड़ा प्रहार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालन में सरकार ने अवैध बजरी खनन की रोकथाम को लेकर की समीक्षा बैठक— जिला कलेक्टर बनाए गए नोडल अधिकारी, पुलिस अधीक्षकों को अवैध खनन नेटवर्क ध्वस्त करने का जिम्मा -एआई-सक्षम ऑनलाइन डैशबोर्ड, ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट इमेजरी और थर्मल कैमरों से होगी निगरानी -हर 15 दिन में संयुक्त एस.ओ.पी के तहत आकस्मिक निरीक्षण, बॉडी कैम व जीपीएस का उपयोग -अधिकारियों के प्रदर्शन की समीक्षा ए.पी.ए.आर में शामिल की जाएगी - मुख्य सचिव जयपुर, 31 जुलाई। उच्चतम न्यायालय के आदेशों और केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों के अनुपालन में राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध बजरी खनन की रोकथाम और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सुदृढ़, आधुनिक एवं पारदर्शी करने मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में की विस्तृत चर्चा। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार न्यायालय के सभी दिशा-निर्देशों का समयबद्ध एवं पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित विभागों को अंतर-विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। सुदृढ़ प्रशासनिक नोडल व्यवस्था एवं जवाबदेही - श्री वी श्रीनिवास ने कहा कि अवैध बालू खनन की रोकथाम, समन्वय और निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित जिला कलेक्टरों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षकों को अवैध खनन के नेटवर्क को ध्वस्त करने, वित्तीय पोषण करने वालों, परिवहनकर्ताओं और आपराधिक सिंडिकेट्स की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। तकनीक-आधारित निगरानी एवं एआई डैशबोर्ड - उन्होंने कहा कि संरक्षण उपायों को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से एक एआई-एनालिटिक्स आधारित एक इंटेलिजेंट ऑनलाइन डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश। शुष्क मौसम के दौरान उच्च-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट इमेज और ड्रोन सर्वे के जरिए नदी के स्वरूप में बदलाव और नए खनन स्थलों की मासिक मैपिंग की जाएगी। इसके अतिरिक्त मुख्य मार्गों और पुलों पर सीसीटीवी, पीटीजेड एवं एआई-सक्षम थर्मल कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। संयुक्त एस ओ पी एवं आकस्मिक निरीक्षण - मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर समन्वय बढ़ाने के लिए संबंधित जिला कलेक्टर द्वार एक एसओपी जारी की जाएगी। साथ ही उपखंड अधिकारियों, तहसीलदार, पुलिस और वन अधिकारियों की संयुक्त टीमें प्रत्येक 15 दिन में आकस्मिक निरीक्षण करेंगी। पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए इन अभियानों में बॉडी कैमरा, जीपीएस उपकरणों का प्रयोग किया जाएगा। जन-भागीदारी एवं क्यूआर कोड आधारित शिकायत निवारण - अभयारण्य क्षेत्र के प्रवेश द्वारों, चेक पोस्टों और ग्राम पंचायत कार्यालयों में क्यूआर कोड आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किए जायेगा जो संपर्क पोर्टल से जुड़ा होगा , जिसके माध्यम से स्थानीय ग्रामीण, मछुआरे एवं आमजन गोपनीय रूप से जिओ-टैग फोटो/वीडियो के साथ शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सफल सूचना और धरपकड़ पर सूचनादाताओं के लिए पुरस्कार योजना भी लागू की जाएगी। कार्रवाई में कड़ाई और एपीएआर में मूल्यांकन - अवैध खनन रोकथाम में अधिकारियों के प्रदर्शन और न्यायालय के आदेशों के पालन की समीक्षा को जिसमें कार्यरत संबंधित जिला अधिकारियों की वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट एपीएआर में शामिल किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में विफलता पर संबंधित अधिकारियों की प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाएगी। फ्रंटलाइन स्टाफ की सुरक्षा और वैधानिक ढांचा - वन कर्मियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सुरक्षा बलों/होमगार्ड्स की तैनाती, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत आवश्यक अधिसूचनाएं और विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी लाई जायेगी। पर्यावरण संरक्षण एवं वैकल्पिक आजीविका - पर्यावरण क्षतिपूर्ति की वसूली तथा बार-बार अवैध गतिविधियों में लिप्त वाहनों की जब्ती की जाएगी। साथ ही स्थानीय समुदायों की अवैध गतिविधियों पर निर्भरता कम करने के लिए इको-टूरिज्म, कम्युनिटी गश्त और वैकल्पिक आजीविका योजनाओं का विस्तार किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई व्यापक अनुपालन रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जा रही है। सरकार का यह संकल्प है कि चंबल अभयारण्य के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र और वन्यजीवों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में वन विभाग सहित खनन,राजस्व,वित्त खाद्य विभाग एवं जिला स्तरीय कार्य निगरानी दल के सदस्य के वीसी के माध्यम से उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध खनन पर सरकार का कड़ा प्रहार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालन में सरकार ने अवैध बजरी खनन की रोकथाम को लेकर की समीक्षा बैठक— जिला कलेक्टर बनाए गए नोडल अधिकारी, पुलिस अधीक्षकों को अवैध खनन नेटवर्क ध्वस्त करने का जिम्मा -एआई-सक्षम ऑनलाइन डैशबोर्ड, ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट इमेजरी और थर्मल कैमरों से होगी निगरानी -हर 15 दिन में संयुक्त एस.ओ.पी के तहत आकस्मिक निरीक्षण, बॉडी कैम व जीपीएस का उपयोग -अधिकारियों के प्रदर्शन की समीक्षा ए.पी.ए.आर में शामिल की जाएगी - मुख्य सचिव जयपुर, 31 जुलाई। उच्चतम न्यायालय के आदेशों और केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों के अनुपालन में राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध बजरी खनन की रोकथाम और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सुदृढ़, आधुनिक एवं पारदर्शी करने मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में की विस्तृत चर्चा। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार न्यायालय के सभी दिशा-निर्देशों का समयबद्ध एवं पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित विभागों को अंतर-विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। सुदृढ़ प्रशासनिक नोडल व्यवस्था एवं जवाबदेही - श्री वी श्रीनिवास ने कहा कि अवैध बालू खनन की रोकथाम, समन्वय और निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित जिला कलेक्टरों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षकों को अवैध खनन
के नेटवर्क को ध्वस्त करने, वित्तीय पोषण करने वालों, परिवहनकर्ताओं और आपराधिक सिंडिकेट्स की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। तकनीक-आधारित निगरानी एवं एआई डैशबोर्ड - उन्होंने कहा कि संरक्षण उपायों को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से एक एआई-एनालिटिक्स आधारित एक इंटेलिजेंट ऑनलाइन डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश। शुष्क मौसम के दौरान उच्च-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट इमेज और ड्रोन सर्वे के जरिए नदी के स्वरूप में बदलाव और नए खनन स्थलों की मासिक मैपिंग की जाएगी। इसके अतिरिक्त मुख्य मार्गों और पुलों पर सीसीटीवी, पीटीजेड एवं एआई-सक्षम थर्मल कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। संयुक्त एस ओ पी एवं आकस्मिक निरीक्षण - मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर समन्वय बढ़ाने के लिए संबंधित जिला कलेक्टर द्वार एक एसओपी जारी की जाएगी। साथ ही उपखंड अधिकारियों, तहसीलदार, पुलिस और वन अधिकारियों की संयुक्त टीमें प्रत्येक 15 दिन में आकस्मिक निरीक्षण करेंगी। पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए इन अभियानों में बॉडी कैमरा, जीपीएस उपकरणों का प्रयोग किया जाएगा। जन-भागीदारी एवं क्यूआर कोड आधारित शिकायत निवारण - अभयारण्य क्षेत्र के प्रवेश द्वारों, चेक पोस्टों और ग्राम पंचायत कार्यालयों में क्यूआर कोड आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किए जायेगा जो संपर्क पोर्टल से जुड़ा होगा , जिसके माध्यम से स्थानीय ग्रामीण, मछुआरे एवं आमजन गोपनीय रूप से जिओ-टैग फोटो/वीडियो के साथ शिकायत
दर्ज करा सकेंगे। सफल सूचना और धरपकड़ पर सूचनादाताओं के लिए पुरस्कार योजना भी लागू की जाएगी। कार्रवाई में कड़ाई और एपीएआर में मूल्यांकन - अवैध खनन रोकथाम में अधिकारियों के प्रदर्शन और न्यायालय के आदेशों के पालन की समीक्षा को जिसमें कार्यरत संबंधित जिला अधिकारियों की वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट एपीएआर में शामिल किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में विफलता पर संबंधित अधिकारियों की प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाएगी। फ्रंटलाइन स्टाफ की सुरक्षा और वैधानिक ढांचा - वन कर्मियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सुरक्षा बलों/होमगार्ड्स की तैनाती, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत आवश्यक अधिसूचनाएं और विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी लाई जायेगी। पर्यावरण संरक्षण एवं वैकल्पिक आजीविका - पर्यावरण क्षतिपूर्ति की वसूली तथा बार-बार अवैध गतिविधियों में लिप्त वाहनों की जब्ती की जाएगी। साथ ही स्थानीय समुदायों की अवैध गतिविधियों पर निर्भरता कम करने के लिए इको-टूरिज्म, कम्युनिटी गश्त और वैकल्पिक आजीविका योजनाओं का विस्तार किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई व्यापक अनुपालन रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जा रही है। सरकार का यह संकल्प है कि चंबल अभयारण्य के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र और वन्यजीवों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में वन विभाग सहित खनन,राजस्व,वित्त खाद्य विभाग एवं जिला स्तरीय कार्य निगरानी दल के सदस्य के वीसी के माध्यम से उपस्थित रहे।
- साइबर अपराधों पर अंकुश को लेकर SP ज्येष्ठा मैत्रेयी सख्त, आमजन से की सतर्क रहने की अपील साइबर अपराधों पर अंकुश को लेकर SP ज्येष्ठा मैत्रेयी सख्त, आमजन से की सतर्क रहने की अपील "बैंकिंग जानकारी और OTP साझा न करें, छोटी-सी सावधानी बचाएगी बड़े साइबर फ्रॉड से" सवाई माधोपुर (ब्यूरो/संवाददाता)। जिले में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और आमजन को वित्तीय ठगी से सुरक्षित रखने के लिए पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में है। सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी ने साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने को लेकर जिलेवासियों के नाम एक बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा अपील जारी की है। SP ज्येष्ठा मैत्रेयी ने कहा कि आज के दौर में अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ आमजन की सतर्कता भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "आपकी एक छोटी-सी सावधानी आपको बहुत बड़े साइबर फ्रॉड से बचा सकती है।" बैंक खातों व नई सिम के सुरक्षित उपयोग पर जोर पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से बैंक अकाउंट और नई सिम के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी सिम या बैंक खाता इस्तेमाल न करने दें, क्योंकि अपराधी इनका उपयोग अवैध गतिविधियों में कर सकते हैं। एसपी द्वारा जारी साइबर सुरक्षा के मुख्य सुझाव: गोपनीयता बरतें: अपने बैंक खाते की जानकारी, OTP, ATM PIN और पासवर्ड किसी के साथ भी साझा न करें। संदिग्ध कॉल/लिंक से बचें: किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी संदिग्ध व्यक्ति के कॉल पर भरोसा करें। झांसे में न आएं: बैंक प्रतिनिधि या सरकारी अधिकारी बनकर कॉल करने वाले ठगों की बातों में न आएं। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत SP मैत्रेयी ने बताया कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (Cyber Crime Portal) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। समय पर दी गई सूचना से ठगे गए पैसों को होल्ड कराया जा सकता है।1
- सवाई माधोपुर साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस की अपील सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर पुलिस ने आमजन से बैंक खाते और नए सिम कार्ड का सुरक्षित उपयोग करने की अपील की है। ज्येष्ठा मेत्रेयी ने कहा कि बैंकिंग जानकारी, OTP, PIN और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें तथा किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी गई है।1
- ईसरदा–बंध बरेठा नहर परियोजना पर फिर भड़का किसानों का आक्रोश, जनसुनवाई शिविर में काले झंडों के साथ जोरदार विरोध बामनवास , सवाई माधोपुर बामनवास क्षेत्र के बिछोछ गांव में आयोजित भूमि अवाप्ति जनसुनवाई शिविर के दौरान ईसरदा–बंध बरेठा नहर परियोजना को लेकर किसानों का गुस्सा एक बार फिर खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं काले झंडों के साथ शिविर में पहुंचीं तथा SDM मोहन चौधरी के समक्ष जमकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने नहर अलाइनमेंट की पुनः तकनीकी समीक्षा, वैकल्पिक मार्ग, MDR सड़क एवं रेलवे क्रॉसिंग का पुनर्मूल्यांकन तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रशासन की ओर से समझाइश के बावजूद किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।4
- उदयपुर के युवक से गलती से हुक्मी खेडा के रामकेश योगी के खाते में डले पैसे पुलिस ने करवाए वापसी हिंडौन उदयपुर के प्रदीप से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय गलती से हुक्मी खेड़ा निवासी रामकेश योगी के खाते में ₹50000 ट्रांसफर हो गए थे, उदयपुर के प्रदीप ने रामकेश योगी से वार्ता कर ₹50000 गलती से डलना बताया और रुपए वापस मांगे गए।जिस पर रामकेश योगी ने पैसे ट्रांजैक्शन करने से मना कर दिया कहा नगद पैसे लेने आ जाओ दे दूंगा। जिस पर उदयपुर के प्रदीप ने हिंडौन पुलिस उपाधीक्षक रहे गिरधर सिंह से वार्ता की, जिससे मामला पुलिस तक जा पहुंचा।मामले को लेकर हुक्मी खेड़ा निवासी रामकेश योगी को हिण्डौन पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय में तलब किया गया।जहां रामकेश योगी से डीएसपी कार्यालय की रीडर रामनिरी ने समझाइस की और पीड़ित व्यक्ति को ₹50000 ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तीन बार में करवाए गए। रामकेश योगी ने शुक्रवार सुबह 11:00 बजे बताया कि उसके खाते में अचानक ₹50000 आए थे उन्होंने सोचा कहीं फ्रॉड का मामला हो इसलिए उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया था बाद में पुलिस की समझाइश होने पर जीरो बैलेंस का खाता होने के चलते ₹50000 तीन बार में पीड़ित व्यक्ति प्रदीप को वापसी कर दिए गए हैं। पीड़ित व्यक्ति ने पूर्व डीएसपी रहे गिरधर सिंह का आभार जताया।1
- जिला कलक्टर ने सिकराय क्षेत्र का किया दौरा, स्टोन पार्क, ग्रामीण सेवा शिविर एवं उपखंड कार्यालय का किया निरीक्षण स्टोन पार्क का तकनीकी प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर विकास कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए दौसा, 31 जुलाई। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने शुक्रवार को सिकराय क्षेत्र का दौरा कर प्रस्तावित स्टोन पार्क, पीपलकी ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर तथा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने सिकराय के निकट रीको को स्टोन पार्क के लिए आवंटित भूमि का मौका निरीक्षण कर अधिकारियों से अब तक की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने तकनीकी प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर विकास कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के उद्यमियों को स्टोन पार्क का लाभ जल्द मिल सके। इस अवसर पर रीको के क्षेत्रीय प्रबंधक टीसी भट्ट ने अवगत कराया कि स्टोन पार्क के लिए आवंटित भूमि का लेआउट प्लान अंतिम रूप से तैयार हो चुका है तथा प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी हो गई है। तकनीकी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे शीघ्र पूर्ण कर विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। रीको को रेटा, दुब्बी एवं पीलवा कलां गांव में 42 हेक्टेयर से अधिक भूमि स्टोन पार्क के लिए आवंटित की गई है। इसके बाद जिला कलक्टर ने पीपलकी ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आवासीय पट्टों सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ वितरित किया। जिला कलक्टर ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया तथा वहां उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की अधिक से अधिक जानकारी देकर उन्हें पात्रतानुसार लाभान्वित किया जाए। दौरे के दौरान जिला कलक्टर ने सिकराय उपखंड कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय के अभिलेखों का अवलोकन कर विभिन्न प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा की तथा कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी नवनीत कुमार, पंचायत समिति विकास अधिकारी रानू इनखिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई: प्रधानाध्यापक सीताराम साहू का सम्मान समारोह आयोजित लालसोट की राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चैनपुरा खुर्द में प्रधानाध्यापक सीताराम साहू के सेवानिवृत्त होने पर सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। मुख्य अतिथि सरपंच प्रतिनिधि भौरी लाल, विशिष्ट अतिथि पीईईओ रामविलास मीणा एवं पूर्व एसएमसी अध्यक्ष कजोड़मल रहे। विद्यालय परिवार ने लगभग 5 वर्ष 1 माह के उनके समर्पित सेवाकाल की सराहना करते हुए स्वस्थ एवं सुखमय सेवानिवृत्ति जीवन की शुभकामनाएं दीं। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।4
- मीणा हाईकोर्ट के मंच से पूर्व मंत्री गोलमा देवी की युवाओं को सीख मीणा हाईकोर्ट के मंच से पूर्व मंत्री गोलमा देवी की युवाओं को सीख "मोबाइल का करें सही इस्तेमाल, IAS-IPS बनकर देश की सेवा करें युवा" जयपुर/दौसा | मीणा हाईकोर्ट परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री श्रीमती गोलमा देवी जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा और समय के महत्व पर विशेष जोर दिया। मंच से युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में तकनीक का सही उपयोग ही सफलता की कुंजी है। पूर्व मंत्री ने मोबाइल फोन के संतुलित उपयोग की सलाह देते हुए कहा, "यह मोबाइल जितना उपयोगी है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। इसका सदुपयोग करें, समय बिल्कुल बर्बाद न करें।" उन्होंने आगे कहा कि युवा शक्ति को चाहिए कि वे एकाग्रता के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और कड़ी मेहनत कर IAS, IPS जैसे उच्च पदों पर पहुँचकर समाज व राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताते हुए कहा कि शिक्षा ही सबसे बड़ी ताकत है, जिसके बल पर समाज की किसी भी बुराई और पिछड़ेपन को समाप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्धजन, समाज के प्रतिनिधि और युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने पूर्व मंत्री के विचारों का करतल ध्वनि से स्वागत किया।1
- EXIT NEWS : नीट पेपर लीक विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा1