Nitish Kumar ने शनिवार को Bakhtiyarpur में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया Nitish Kumar ने शनिवार को Bakhtiyarpur में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर, कॉलेज के लिए बनाए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) तथा Tajpur–Karjan Four-Lane Project का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधूरे कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और आरओबी का काम जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि एक महीने के भीतर आरओबी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं ताजपुर–करजान फोरलेन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा अधिकारी उस समय हैरान रह गए जब मुख्यमंत्री अचानक सुरक्षा घेरा छोड़कर लोगों के बीच पहुंच गए और स्थानीय जनता से बातचीत करने लगे। Athmalgola में लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल बनने के बाद दोनों ओर के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का वे कई बार निरीक्षण कर चुके हैं और काम की प्रगति देखने के लिए लगातार आते रहे हैं। दरअसल ताजपुर–करजान पथ मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है, लेकिन यह परियोजना अब तक कई बार तय समय सीमा को पार कर चुकी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल करीब 62 प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रगति अपेक्षाकृत धीमी नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार Navayuga Engineering Company Limited ने वर्ष 2011 में इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया था और इसे 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद निर्माण अवधि कई बार बढ़ाई गई—पहले मई 2016, फिर 2018, मार्च 2020 और अब मई 2026 तक का लक्ष्य दिया गया। इसके बावजूद अब नई समयसीमा 2027 तय की गई है। परियोजना के दौरान कई बार तकनीकी समस्याएं, स्लैब गिरने की घटनाएं और आर्थिक कठिनाइयों के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होता रहा। इस कारण परियोजना की लागत भी लगातार बढ़ती गई। पहले इसकी अनुमानित लागत 1604 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 3923 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। यह परियोजना करीब 51.26 किलोमीटर लंबी है, जिसमें Ganga River पर लगभग 5.51 किलोमीटर लंबा पुल और 45.75 किलोमीटर सड़क मार्ग का निर्माण शामिल है। इस पुल के बनने से Mahatma Gandhi Setu और Rajendra Setu पर यातायात का दबाव कम होगा तथा उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।
Nitish Kumar ने शनिवार को Bakhtiyarpur में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया Nitish Kumar ने शनिवार को Bakhtiyarpur में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर, कॉलेज के लिए बनाए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) तथा Tajpur–Karjan Four-Lane Project का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधूरे कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और आरओबी का काम जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि एक महीने के भीतर आरओबी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं ताजपुर–करजान फोरलेन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा अधिकारी उस समय हैरान रह गए जब मुख्यमंत्री अचानक सुरक्षा घेरा छोड़कर लोगों के बीच पहुंच गए और स्थानीय जनता से बातचीत करने लगे। Athmalgola में लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल बनने के बाद दोनों ओर के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का वे कई बार निरीक्षण कर चुके हैं और काम की प्रगति देखने के लिए लगातार आते रहे हैं। दरअसल ताजपुर–करजान पथ मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है, लेकिन यह परियोजना अब तक कई बार तय समय सीमा को पार कर चुकी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल करीब 62 प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रगति अपेक्षाकृत धीमी नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार Navayuga Engineering Company Limited ने वर्ष 2011 में इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया था और इसे 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद निर्माण अवधि कई बार बढ़ाई गई—पहले मई 2016, फिर 2018, मार्च 2020 और अब मई 2026 तक का लक्ष्य दिया गया। इसके बावजूद अब नई समयसीमा 2027 तय की गई है। परियोजना के दौरान कई बार तकनीकी समस्याएं, स्लैब गिरने की घटनाएं और आर्थिक कठिनाइयों के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होता रहा। इस कारण परियोजना की लागत भी लगातार बढ़ती गई। पहले इसकी अनुमानित लागत 1604 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 3923 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। यह परियोजना करीब 51.26 किलोमीटर लंबी है, जिसमें Ganga River पर लगभग 5.51 किलोमीटर लंबा पुल और 45.75 किलोमीटर सड़क मार्ग का निर्माण शामिल है। इस पुल के बनने से Mahatma Gandhi Setu और Rajendra Setu पर यातायात का दबाव कम होगा तथा उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।
- हिंदू सम्मेलन में सामाजिक एकता और संस्कृति पर दिया गया जोर बाढ़: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित किए जा रहे हिंदू सम्मेलनों की कड़ी में रविवार को बाढ़ नगर के गायत्री बस्ती में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाढ़ नगर परिषद के अध्यक्ष संजय कुमार थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता आरती माला ने की। इस अवसर पर बिहार प्रांत के बौद्धिक सह प्रमुख अजीत कुमार ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और आपसी सहयोग तथा भाईचारे की भावना को मजबूत बनाते हैं। सम्मेलन के दौरान संघ द्वारा बताए गए पंच परिवर्तन—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्व का भाव, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य—पर विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने लोगों से आग्रह किया कि वे इन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर समाज की उन्नति में योगदान दें। साथ ही युवाओं को अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच का प्रसार करना और लोगों को एक मंच पर लाकर विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। धन्यवाद ज्ञापन हिंदू आयोजन समिति की अध्यक्ष आरती माला ने किया। इस मौके पर सह सचिव शुभम सिंह, अजीत रंजन, सनी प्रकाश, संजीत साह, चुनूं कुमार, अनिल कुमार, नवीन कुमार, उमाशंकर कुमार, केशव कुमार, दयानंद प्रसाद, सुमित कुमार, संजय कुमार सहित कई लोग मौजूद थे।1
- Post by संवाद डिजिटल टीवी न्यूज1
- Post by RUBY JOURNALIST1
- पटना जिले के बख्तियारपुर पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने देदौर फोरलेन चौक के पास निर्माणाधीन आरओबी और गणेश हाई स्कूल के नए भवन का निरीक्षण किया। अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट लेते हुए उन्होंने काम समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। वहीं दियारा क्षेत्र में पुल निर्माण की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया।1
- मोकामा (पटना): मोकामाघाट स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के ग्रुप केंद्र में आज शनिवार को 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस' का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ किया गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाता है, लेकिन रविवार की छुट्टी होने के कारण इस कार्यक्रम को एक दिन पूर्व आज 7 मार्च को ही आयोजित किया गया। महिलाओं को जागरूक करने पर जोर इस विशेष अवसर पर क्षेत्रीय सीआरपीएफ फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन (RCWA) की अध्यक्षा श्रीमती नीरू भगत ने ग्रुप केंद्र परिसर की लगभग 100 महिलाओं का हार्दिक स्वागत किया। महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने समाज के हर क्षेत्र में उनकी भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने महिलाओं को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी और कहा: "समाज में महिलाओं के महत्व को समझने के लिए लोगों को जागरूक करना अनिवार्य है। हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहाँ महिलाएँ खुद को सशक्त और सुरक्षित महसूस कर सकें।" प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम कार्यक्रम के अंतिम चरण में मनोरंजन और उत्साह बढ़ाने के लिए कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें 'म्यूजिकल चेयर' और 'सुई-धागा' जैसी पारंपरिक प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहीं। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से: श्री रविन्द्र भगत (पुलिस उप महानिरीक्षक - DIG) श्रीमती नीरू भगत (कावा अध्यक्षा) डॉक्टर लीना केशव (उप महानिरीक्षक, चिकित्सा) डॉक्टर भावना कुमारी (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) सुश्री तनीमा गुरें (सहायक कमांडेंट) इनके साथ-साथ भारी संख्या में बल की महिलाएँ और बच्चे उपस्थित रहे।1
- आखिरकार प्रशांत किशोर की आशंका सही निकली!1
- बिहार,समस्तीपुर मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र से अलग अलग कांड के तीन प्राथमिकी दर्ज अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए, न्यायिक हिरासत में भेज दिया।1
- Nitish Kumar ने शनिवार को Bakhtiyarpur में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर, कॉलेज के लिए बनाए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) तथा Tajpur–Karjan Four-Lane Project का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधूरे कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और आरओबी का काम जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि एक महीने के भीतर आरओबी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं ताजपुर–करजान फोरलेन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा अधिकारी उस समय हैरान रह गए जब मुख्यमंत्री अचानक सुरक्षा घेरा छोड़कर लोगों के बीच पहुंच गए और स्थानीय जनता से बातचीत करने लगे। Athmalgola में लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल बनने के बाद दोनों ओर के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का वे कई बार निरीक्षण कर चुके हैं और काम की प्रगति देखने के लिए लगातार आते रहे हैं। दरअसल ताजपुर–करजान पथ मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है, लेकिन यह परियोजना अब तक कई बार तय समय सीमा को पार कर चुकी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल करीब 62 प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रगति अपेक्षाकृत धीमी नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार Navayuga Engineering Company Limited ने वर्ष 2011 में इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया था और इसे 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद निर्माण अवधि कई बार बढ़ाई गई—पहले मई 2016, फिर 2018, मार्च 2020 और अब मई 2026 तक का लक्ष्य दिया गया। इसके बावजूद अब नई समयसीमा 2027 तय की गई है। परियोजना के दौरान कई बार तकनीकी समस्याएं, स्लैब गिरने की घटनाएं और आर्थिक कठिनाइयों के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होता रहा। इस कारण परियोजना की लागत भी लगातार बढ़ती गई। पहले इसकी अनुमानित लागत 1604 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 3923 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। यह परियोजना करीब 51.26 किलोमीटर लंबी है, जिसमें Ganga River पर लगभग 5.51 किलोमीटर लंबा पुल और 45.75 किलोमीटर सड़क मार्ग का निर्माण शामिल है। इस पुल के बनने से Mahatma Gandhi Setu और Rajendra Setu पर यातायात का दबाव कम होगा तथा उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।1