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पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का भतीजा हुआ लापता, पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का भतीजा हुआ लापता, बांदा से 31 जुलाई की शाम को लापता हुआ था गोविंद, रेलवे विभाग में सीनियर टेक्नीशियन पद पर कार्यरत है गोविंद, तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने शुरू कि गहनता से जांच, जांच में पुलिस ने लास्ट लोकेशन बैंक ऑफ बड़ौदा के ATM में पाई, हाईप्रोफाइल केश की जांच में जुटी थाना कोतवाली पुलिस, हमीरपुर जनपद के पत्योरा गांव का मूल रूप से निवासी है गोविंद

1 hr ago
user_Rahul Verma journalist
Rahul Verma journalist
Media house बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago
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पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का भतीजा हुआ लापता, पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का भतीजा हुआ लापता, बांदा से 31 जुलाई की शाम को लापता हुआ था गोविंद, रेलवे विभाग में सीनियर टेक्नीशियन पद पर कार्यरत है गोविंद, तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने शुरू कि गहनता से जांच, जांच में पुलिस ने लास्ट लोकेशन बैंक ऑफ बड़ौदा के ATM में पाई, हाईप्रोफाइल केश की जांच में जुटी थाना कोतवाली पुलिस, हमीरपुर जनपद के पत्योरा गांव का मूल रूप से निवासी है गोविंद

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बांदा उ.प्र जिला कांग्रेस कमेटी बांदा द्वारा जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेत्रत्व में प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय बांदा पहुँचकर जिलाधिकारी महोदय बांदा(उप्र) को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट बांदा को सौंपा। मीडिया से रूबरू होते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने बतलाया कि "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी महोदय बांदा को सम्बोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट बांदा को सौंपा तथा मांग की कि- रानी दुर्गावती गावर्नमेंट मेडिकल कालेज बांदा(उप्र) व राजकीय जिला अस्पताल बांदा(उप्र) में निम्नलिखित दोषपूर्ण समस्याएं हैं, जिनको तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की आवश्यकता है, जिलाधिकारी महोदय बांदा को निम्नलिखित दोषपूर्ण समस्याओं के निवारण हेतु ज्ञापन दिया गया- दोषपूर्ण समस्याएं- 1. मेडिकल कालेज व राजकीय जिला अस्पताल बांदा में ऑपरेशन के पहले मरीज के परिजनों से 25-30 हजार की दवाएं व उपकरण बाहर से मंगवाएं जाते हैं और मोटा कमीशन बनाया जाता है। 2. मेडिकल कालेज व राजकीय जिला अस्पताल बांदा में नार्मल ओ पी डी ( OPD ) में लगभग सभी डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखते हैं। 3. मेडिकल कालेज व राजकीय जिला अस्पताल बांदा के बहुत से डॉक्टर प्राइवेट क्लिनिक चला रहें हैं या निजी अस्पताल में बैठ रहें हैं, यह डॉक्टर व उनके दलाल मरीजों को मेडिकल कालेज व राजकीय जिला अस्पताल बांदा से बर्गलाकार मरीजों को प्राइवेट क्लिनिल में ले जाते हैं। 4. मेडिकल कालेज व राजकीय जिला अस्पताल बांदा में कई विभागों ( सर्जरी, ENT, पैथालॉजी, ह्रदयरोग ) के HOD ( विभाग के प्रमुख डॉक्टर्स ) कभी नहीं आते हैं। 5. मेडिकल कालेज व राजकीय जिला अस्पताल बांदा इमरजेंसी लूट का अड्डा बने हुए हैं, यहाँ से खुलेआम बाहर की दवाएं व जांचे लिखी जाती हैं। डाक्टरों, नर्सों, वार्ड ब्वाय, आशा बहुओं, दाई आदि दलालों के माध्यम से ब्लड बैंक बांदा में खून 🩸💉 भी बेचा जाता है जो कि अवैध है व अपराध की श्रेणी में आता है। 6. मेडिकल कालेज के प्राचार्य सुनील कौशल लम्बे समय से कार्यवाहक प्रिंसिपल बने हुए हैं कृपया बाँदा मेडिकल कालेज में आयोग का प्रिंसिपल तैनात किया जाए। 7. मेडिकल कालेज में डॉ मुकेश बंसल को कई विभागों का चार्ज दिया गया हैं खासकर भर्ती में भारी अनियमितता की शिकायते आ रहीं हैं इन पर लगाम लगायी जाए। प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी महोदय बांदा से मांग की कि- उक्त दोषपूर्ण प्रमुख समस्याओं को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करते हुए सदैव के लिए रोकथाम व समाप्त करें।" इस अवसर पर उक्त ज्ञापन कार्यक्रम में प्रतिनिधि मंडल में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के साथ बांदा जिला कांग्रेस कंट्रोल रूम प्रभारी बी लाल भाई, बांदा कांग्रेस सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष सन्तोष कुमार द्विवेदी, गौरव सक्सेना, लालबाबू राजपूत शामिल रहे।
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    बांदा उ.प्र जिला कांग्रेस कमेटी बांदा द्वारा जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेत्रत्व में प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय बांदा पहुँचकर जिलाधिकारी महोदय बांदा(उप्र) को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट बांदा को सौंपा।
मीडिया से रूबरू होते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने बतलाया कि "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी महोदय बांदा को सम्बोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट बांदा को सौंपा तथा मांग की कि- रानी दुर्गावती गावर्नमेंट मेडिकल कालेज बांदा(उप्र) व राजकीय जिला अस्पताल बांदा(उप्र) में निम्नलिखित दोषपूर्ण समस्याएं हैं, जिनको तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की आवश्यकता है, जिलाधिकारी महोदय बांदा को निम्नलिखित दोषपूर्ण समस्याओं के निवारण हेतु ज्ञापन दिया गया-
दोषपूर्ण समस्याएं-
1. मेडिकल कालेज व राजकीय जिला अस्पताल बांदा में ऑपरेशन के पहले मरीज के परिजनों से 25-30 हजार की दवाएं व उपकरण बाहर से मंगवाएं जाते हैं और मोटा कमीशन बनाया जाता है।
2. मेडिकल कालेज व राजकीय जिला अस्पताल बांदा में नार्मल ओ पी डी ( OPD ) में लगभग सभी डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखते हैं।
3. मेडिकल कालेज व राजकीय जिला अस्पताल बांदा के बहुत से डॉक्टर प्राइवेट क्लिनिक चला रहें हैं या निजी अस्पताल में बैठ रहें हैं, यह डॉक्टर व उनके दलाल मरीजों को मेडिकल कालेज व राजकीय जिला अस्पताल बांदा से बर्गलाकार मरीजों को प्राइवेट क्लिनिल में ले जाते हैं।
4. मेडिकल कालेज व राजकीय जिला अस्पताल बांदा में कई विभागों ( सर्जरी, ENT, पैथालॉजी, ह्रदयरोग ) के HOD ( विभाग के प्रमुख डॉक्टर्स ) कभी नहीं आते हैं।
5. मेडिकल कालेज व राजकीय जिला अस्पताल बांदा इमरजेंसी लूट का अड्डा बने हुए हैं, यहाँ से खुलेआम बाहर की दवाएं व जांचे लिखी जाती हैं। डाक्टरों, नर्सों, वार्ड ब्वाय, आशा बहुओं, दाई आदि दलालों के माध्यम से ब्लड बैंक बांदा में खून 🩸💉 भी बेचा जाता है जो कि अवैध है व अपराध की श्रेणी में आता है।
6. मेडिकल कालेज के प्राचार्य सुनील कौशल लम्बे समय से कार्यवाहक प्रिंसिपल बने हुए हैं कृपया बाँदा मेडिकल कालेज में आयोग का प्रिंसिपल तैनात किया जाए।
7. मेडिकल कालेज में डॉ मुकेश बंसल को कई विभागों का चार्ज दिया गया हैं खासकर भर्ती में भारी अनियमितता की शिकायते आ रहीं हैं इन पर लगाम लगायी जाए।
प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी महोदय बांदा से मांग की कि- उक्त दोषपूर्ण प्रमुख समस्याओं को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करते हुए सदैव के लिए रोकथाम व समाप्त करें।"
इस अवसर पर उक्त ज्ञापन कार्यक्रम में प्रतिनिधि मंडल में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के साथ बांदा जिला कांग्रेस कंट्रोल रूम प्रभारी बी लाल भाई, बांदा कांग्रेस सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष सन्तोष कुमार द्विवेदी, गौरव सक्सेना, लालबाबू राजपूत शामिल रहे।
    user_Rahul Verma journalist
    Rahul Verma journalist
    Media house बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    26 min ago
  • बांदा: तिंदवारी–पपरेंदा मार्ग के चौड़ीकरण कार्य को लेकर ग्राम पंचायत परसौड़ा के प्रधान का पुरवा (अनुसूचित जाति बस्ती) के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। बांदा: तिंदवारी–पपरेंदा मार्ग के चौड़ीकरण कार्य को लेकर ग्राम पंचायत परसौड़ा के प्रधान का पुरवा (अनुसूचित जाति बस्ती) के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन को उनकी घनी आबादी के ऊपर से ले जाने की तैयारी की जा रही है, जिससे भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के दूसरी ओर खाली खेत उपलब्ध हैं और वहीं से बिजली लाइन शिफ्ट की जा सकती है। उनका आरोप है कि ठेकेदार दूसरी तरफ से लाइन ले जाने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने जनहित और सुरक्षा का हवाला देते हुए मांग की है कि हाईटेंशन लाइन को आबादी के ऊपर से न ले जाकर सड़क के दूसरी ओर खाली स्थान से शिफ्ट कराया जाए। ज्ञापन पर पूर्व राज्यसभा सदस्य विशंभर प्रसाद निषाद सहित पुष्पेंद्र सिंह, चुनाले, नेतराम वर्मा, भान्नु राजक, राजेश कुमार, देशराज, भारत पाल और देवराज सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
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    बांदा: तिंदवारी–पपरेंदा मार्ग के चौड़ीकरण कार्य को लेकर ग्राम पंचायत परसौड़ा के प्रधान का पुरवा (अनुसूचित जाति बस्ती) के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
बांदा: तिंदवारी–पपरेंदा मार्ग के चौड़ीकरण कार्य को लेकर ग्राम पंचायत परसौड़ा के प्रधान का पुरवा (अनुसूचित जाति बस्ती) के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन को उनकी घनी आबादी के ऊपर से ले जाने की तैयारी की जा रही है, जिससे भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के दूसरी ओर खाली खेत उपलब्ध हैं और वहीं से बिजली लाइन शिफ्ट की जा सकती है। उनका आरोप है कि ठेकेदार दूसरी तरफ से लाइन ले जाने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने जनहित और सुरक्षा का हवाला देते हुए मांग की है कि हाईटेंशन लाइन को आबादी के ऊपर से न ले जाकर सड़क के दूसरी ओर खाली स्थान से शिफ्ट कराया जाए।
ज्ञापन पर पूर्व राज्यसभा सदस्य विशंभर प्रसाद निषाद सहित पुष्पेंद्र सिंह, चुनाले, नेतराम वर्मा, भान्नु राजक, राजेश कुमार, देशराज, भारत पाल और देवराज सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    49 min ago
  • aap logon se ek anrodh hai hare yahan par nali ki shbhida uplabdh nahi hai ise banwane ki kosish ki jaye
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    aap logon se ek anrodh hai hare yahan par nali ki shbhida uplabdh nahi hai ise banwane ki kosish ki jaye
    user_Uma shankar
    Uma shankar
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • क्या महापुरुषों का सम्मान केवल भाषण तक सीमित? है खेत सिंह खंगार की खंडित प्रतिमा ने व्यवस्था से पूछा असहज सवाल? बांदा। पत्थर की प्रतिमा टूटने से अधिक पीड़ादायक तब होता है, जब उसके साथ जुड़ी एक पूरी पीढ़ी की स्मृतियां और स्वाभिमान भी उपेक्षा की धूल में दबे दिखाई दें। महाराज खेत सिंह खगार की खंडित प्रतिमा आज केवल प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक नहीं, बल्कि उन दावों पर भी प्रश्नचिह्न है जिनमें संस्कृति, विरासत और महापुरुषों के सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं। प्रतिमा की बदहाल स्थिति देखकर समाजसेवी यशवंत सिंह राणा स्वयं को संभाल नहीं सके। उनकी आंखों से छलके आंसू केवल व्यक्तिगत भावुकता नहीं थे, बल्कि उस पीड़ा की अभिव्यक्ति थे जिसे समाज लंबे समय से महसूस कर रहा है।मौके पर मौजूद नैतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "सत्ता के काफिले जिस सड़क से गुजरते हैं, वहां विकास रातों-रात दिखाई देने लगता है। लेकिन वर्षों से टूटी पड़ी महाराज खेत सिंह खगार की प्रतिमा किसी की संवेदना नहीं जगा पाती। आखिर यह भेदभाव क्यों?" यशवंत सिंह राणा ने कहा कि महापुरुषों का सम्मान केवल जयंती और पुण्यतिथि पर माल्यार्पण से नहीं होता, बल्कि उनके प्रतीकों की सुरक्षा और संरक्षण से होता है। यदि समाज अपने इतिहास के प्रहरी महापुरुषों की प्रतिमाएं तक सुरक्षित नहीं रख सकता, तो विरासत बचाने के दावे खोखले प्रतीत होते हैं।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई हो तथा तत्काल नई प्रतिमा स्थापित कर उसकी स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मौन और लापरवाही ऐसे कृत्यों को अप्रत्यक्ष संरक्षण देने का काम करती है।स्थानीय लोगों ने भी एक स्वर में कहा कि यह केवल एक प्रतिमा का नहीं, बल्कि समाज के सम्मान का प्रश्न है। यदि आज भी जिम्मेदार तंत्र नहीं जागा, तो आने वाली पीढ़ियां यह सवाल अवश्य पूछेंगी कि आखिर अपने इतिहास और महापुरुषों की रक्षा करने में हम इतने असहाय क्यों साबित हुए।
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    क्या महापुरुषों का सम्मान केवल भाषण तक सीमित? है खेत सिंह खंगार की खंडित प्रतिमा ने व्यवस्था से पूछा असहज सवाल?
बांदा। पत्थर की प्रतिमा टूटने से अधिक पीड़ादायक तब होता है, जब उसके साथ जुड़ी एक पूरी पीढ़ी की स्मृतियां और स्वाभिमान भी उपेक्षा की धूल में दबे दिखाई दें। महाराज खेत सिंह खगार की खंडित प्रतिमा आज केवल प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक नहीं, बल्कि उन दावों पर भी प्रश्नचिह्न है जिनमें संस्कृति, विरासत और महापुरुषों के सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं।
प्रतिमा की बदहाल स्थिति देखकर समाजसेवी यशवंत सिंह राणा स्वयं को संभाल नहीं सके। उनकी आंखों से छलके आंसू केवल व्यक्तिगत भावुकता नहीं थे, बल्कि उस पीड़ा की अभिव्यक्ति थे जिसे समाज लंबे समय से महसूस कर रहा है।मौके पर मौजूद नैतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "सत्ता के काफिले जिस सड़क से गुजरते हैं, वहां विकास रातों-रात दिखाई देने लगता है। लेकिन वर्षों से टूटी पड़ी महाराज खेत सिंह खगार की प्रतिमा किसी की संवेदना नहीं जगा पाती। आखिर यह भेदभाव क्यों?"
यशवंत सिंह राणा ने कहा कि महापुरुषों का सम्मान केवल जयंती और पुण्यतिथि पर माल्यार्पण से नहीं होता, बल्कि उनके प्रतीकों की सुरक्षा और संरक्षण से होता है। यदि समाज अपने इतिहास के प्रहरी महापुरुषों की प्रतिमाएं तक सुरक्षित नहीं रख सकता, तो विरासत बचाने के दावे खोखले प्रतीत होते हैं।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई हो तथा तत्काल नई प्रतिमा स्थापित कर उसकी स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मौन और लापरवाही ऐसे कृत्यों को अप्रत्यक्ष संरक्षण देने का काम करती है।स्थानीय लोगों ने भी एक स्वर में कहा कि यह केवल एक प्रतिमा का नहीं, बल्कि समाज के सम्मान का प्रश्न है। यदि आज भी जिम्मेदार तंत्र नहीं जागा, तो आने वाली पीढ़ियां यह सवाल अवश्य पूछेंगी कि आखिर अपने इतिहास और महापुरुषों की रक्षा करने में हम इतने असहाय क्यों साबित हुए।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बांदा डीएम ने बाम्बेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक जनकल्याण की कामना बांदा। बांदा के जिलाधिकारी अमित आसेरी ने आज जनपद के सुप्रसिद्ध आस्था केंद्र बाम्बेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान जिलाधिकारी ने देवाधिदेव महादेव से जनपद के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान शिव की कृपा सभी पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख-समृद्धि, आनंद तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो। सावन के पावन माह में डीएम के इस धार्मिक दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला।
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    बांदा डीएम ने बाम्बेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक जनकल्याण की कामना
बांदा। बांदा के जिलाधिकारी अमित आसेरी ने आज जनपद के सुप्रसिद्ध आस्था केंद्र बाम्बेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान जिलाधिकारी ने देवाधिदेव महादेव से जनपद के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान शिव की कृपा सभी पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख-समृद्धि, आनंद तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो। सावन के पावन माह में डीएम के इस धार्मिक दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला।
    user_Shrikant Shrivastav
    Shrikant Shrivastav
    पत्रकार Banda, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
  • *जनता की आवाज़ उठाना लोकतंत्र का हिस्सा* बांदा। जनता दल (यूनाइटेड) उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड संगठन प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का सहयोगी दल है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि सत्ता पक्ष का जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं पर मौन हो जाए। उन्होंने कहा कि जब भी वे जनता की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन देती हैं, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति एवं संबंधित विभागों तक जनहित के मुद्दे पहुँचाती हैं, तब कुछ लोग इसे सरकार का विरोध बताकर भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं, जबकि लोकतंत्र में सरकार तक जनता की आवाज़ पहुँचाना जनप्रतिनिधि का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संसदीय परंपराओं में रचनात्मक आलोचना के महत्व पर बल दिया था, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संवैधानिक तरीकों से अपनी बात रखने को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताया था, लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने सत्ता से ऊपर जनता की सर्वाेच्चता का संदेश दिया था तथा इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने भी अपने लेखन में लोकतंत्र को संवाद, असहमति और जवाबदेही से मजबूत होने वाला बताया है। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि वह वर्षों से पत्रकारों, महिलाओं, किसानों, युवाओं, मजदूरों, दिव्यांगजनों और समाज के हर वर्ग की आवाज़ उठाती रही हैं, आज भी उठा रही हैं और आगे भी उठाती रहेंगी, चाहे सरकार किसी भी दल की हो। उन्होंने कहा कि अपनी सरकार से सवाल करना गलत नहीं है, सरकार तक जनता की आवाज़ पहुँचाना गलत नहीं है और जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग करना सरकार का विरोध नहीं बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य है। उन्होंने कहा कि यदि कोई जनता की आवाज़ उठाने को विपक्ष की भूमिका मानता है तो यह उसकी सोच हो सकती है, लेकिन उनके लिए जनता सर्वाेपरि है और जनहित की लड़ाई भविष्य में भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी।
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    *जनता की आवाज़ उठाना लोकतंत्र का हिस्सा*
बांदा। जनता दल (यूनाइटेड) उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड संगठन प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का सहयोगी दल है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि सत्ता पक्ष का जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं पर मौन हो जाए। उन्होंने कहा कि जब भी वे जनता की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन देती हैं, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति एवं संबंधित विभागों तक जनहित के मुद्दे पहुँचाती हैं, तब कुछ लोग इसे सरकार का विरोध बताकर भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं, जबकि लोकतंत्र में सरकार तक जनता की आवाज़ पहुँचाना जनप्रतिनिधि का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संसदीय परंपराओं में रचनात्मक आलोचना के महत्व पर बल दिया था, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संवैधानिक तरीकों से अपनी बात रखने को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताया था, लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने सत्ता से ऊपर जनता की सर्वाेच्चता का संदेश दिया था तथा इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने भी अपने लेखन में लोकतंत्र को संवाद, असहमति और जवाबदेही से मजबूत होने वाला बताया है। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि वह वर्षों से पत्रकारों, महिलाओं, किसानों, युवाओं, मजदूरों, दिव्यांगजनों और समाज के हर वर्ग की आवाज़ उठाती रही हैं, आज भी उठा रही हैं और आगे भी उठाती रहेंगी, चाहे सरकार किसी भी दल की हो। उन्होंने कहा कि अपनी सरकार से सवाल करना गलत नहीं है, सरकार तक जनता की आवाज़ पहुँचाना गलत नहीं है और जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग करना सरकार का विरोध नहीं बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य है। उन्होंने कहा कि यदि कोई जनता की आवाज़ उठाने को विपक्ष की भूमिका मानता है तो यह उसकी सोच हो सकती है, लेकिन उनके लिए जनता सर्वाेपरि है और जनहित की लड़ाई भविष्य में भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी।
    user_Altmush Husain
    Altmush Husain
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • *चकबंदी विभाग के भ्रष्टाचार के खिलाफ लखनऊ में किसानों का धरना* *चकबंदी विभाग के भ्रष्टाचार के खिलाफ लखनऊ में किसानों का धरना* आज इंदिरा भवन, लखनऊ में चकबंदी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अमली-कौर लोहरा के सैकड़ों किसान धरने पर बैठ गए हैं। धरने का नेतृत्व बलराम तिवारी, किसान सेवक रोहित द्विवेदी, अर्पित, जय राम निषाद, राम लखन, अवधेश तिवारी, रविंद्र सिंह, जमुना और अमन सिंह कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। इसी को लेकर सैकड़ों किसान इंदिरा भवन पर जमा होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान तब तक धरने पर डटे रहने की बात कह रहे हैं जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती।
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    *चकबंदी विभाग के भ्रष्टाचार के खिलाफ लखनऊ में किसानों का धरना*
*चकबंदी विभाग के भ्रष्टाचार के खिलाफ लखनऊ में किसानों का धरना*
आज इंदिरा भवन, लखनऊ में चकबंदी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अमली-कौर लोहरा के सैकड़ों किसान धरने पर बैठ गए हैं।
धरने का नेतृत्व बलराम तिवारी, किसान सेवक रोहित द्विवेदी, अर्पित, जय राम निषाद, राम लखन, अवधेश तिवारी, रविंद्र सिंह, जमुना और अमन सिंह कर रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। इसी को लेकर सैकड़ों किसान इंदिरा भवन पर जमा होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
किसान तब तक धरने पर डटे रहने की बात कह रहे हैं जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती।
    user_कुलदीप कुमार मिश्रा
    कुलदीप कुमार मिश्रा
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का भतीजा हुआ लापता, पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का भतीजा हुआ लापता, बांदा से 31 जुलाई की शाम को लापता हुआ था गोविंद, रेलवे विभाग में सीनियर टेक्नीशियन पद पर कार्यरत है गोविंद, तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने शुरू कि गहनता से जांच, जांच में पुलिस ने लास्ट लोकेशन बैंक ऑफ बड़ौदा के ATM में पाई, हाईप्रोफाइल केश की जांच में जुटी थाना कोतवाली पुलिस, हमीरपुर जनपद के पत्योरा गांव का मूल रूप से निवासी है गोविंद
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    पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का भतीजा हुआ लापता,

पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का भतीजा हुआ लापता,
बांदा से 31 जुलाई की शाम को लापता हुआ था गोविंद,
रेलवे विभाग में सीनियर टेक्नीशियन पद पर कार्यरत है गोविंद,
तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने शुरू कि गहनता से जांच,
जांच में पुलिस ने लास्ट लोकेशन बैंक ऑफ बड़ौदा के ATM में पाई,
हाईप्रोफाइल केश की जांच में जुटी थाना कोतवाली पुलिस,
हमीरपुर जनपद के पत्योरा गांव का मूल रूप से निवासी है गोविंद
    user_Rahul Verma journalist
    Rahul Verma journalist
    Media house बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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