logo
शुरू
आपके नगर की ऐप...
  • ताजा खबर
  • समाचार
  • राजनीति
  • चुनाव
  • वायरल वीडियो
  • ज्योतिष
  • राशिफल (हिंदी)
  • राशिफल (इंग्लिश)
  • ताज़ा राजनीतिक समाचार
Contact Us:
info@shuru.co.in
logo
शुरू
आपके नगर की ऐप...
होमसमाचारबिहारमुजफ्फरपुरकांतिमाधोपुर मछिया

Madhopur Machhia News Today in Hindi - Madhopur Machhia न्यूज़ लाइव - Madhopur Machhia ताजा खबर

cover
community_user-0
community_user-1
community_user-2
community_user-3
community_user-4
community_user-5
community_user-6
community_user-7
community_user-8
community_user-9
11 लोग जुड़े हुए है

माधोपुर मछिया, कांति, मुजफ्फरपुर, बिहार की खबरें हिन्दी में. पाएं कांति, मुजफ्फरपुर, बिहार, माधोपुर मछिया के लेटेस्ट अपडेट्स, कांति, मुजफ्फरपुर, बिहार आज के ताज़ा समाचार, हिन्दी समाचार, हिन्दी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़. पब्लिक द्वारा पोस्ट की गई लोकल खबरें. माधोपुर मछिया राजनीतिक खबरें, माधोपुर मछिया लोकल न्यूज़ (कांति, मुजफ्फरपुर, बिहार). शुरू ऐप पर पब्लिक द्वारा पोस्ट की गई सबसे ताज़ा और लोकल खबरें और शिकायतें.

user_Bihar
Bihar
मुशहरी, मुजफ्फरपुर, बिहार
1 hr ago

Akhada Ghat Kanpur Nagar ward number 15 gadi number 3 kenala ka Sudhar kab hoga Koi Dhyan Nahin de r...

0581d8d8-5eca-49f6-98e9-618a9337c49c
9f51d07b-d1a2-4005-8ecb-a1c88440fafb
16लाइक्स
345ने देखा
14शेयर
पोस्ट देखें
Madhopur Machhia का अपना पहला लोकल ऐप 😎💥
शुरू ऐप डाउनलोड करके Madhopur Machhia के दैनिक समाचार और वीडियो देखें!
lock
user_Bihari_vlogs_2.0
Bihari_vlogs_2.0
Dacia Dealer
कांति, मुजफ्फरपुर, बिहार
3 hrs ago

प्रेमानंद की महाराज बिल्कुल सत्य है भाई और बहनों।।😎😎😘😘😘🥰

38लाइक्स
525ने देखा
पोस्ट देखें
user_Rahul Kumar
Rahul Kumar
मुशहरी, मुजफ्फरपुर, बिहार
6 hrs ago
04182ba6-0fb6-4372-998f-013a4b3f6fc7
24लाइक्स
560ने देखा
पोस्ट देखें
user_वकील वकीलसाह
वकील वकीलसाह
मुशहरी, मुजफ्फरपुर, बिहार
17 hrs ago
1bf7046c-5361-4116-8b17-c0d6165b5587
56लाइक्स
845ने देखा
पोस्ट देखें
user_Rajesh Kumar
Rajesh Kumar
Voice Of People
Kurhani, Muzaffarpur
21 hrs ago
44लाइक्स
1.3Kने देखा
2शेयर
पोस्ट देखें
Madhopur Machhia का अपना पहला लोकल ऐप 😎💥
शुरू ऐप डाउनलोड करके Madhopur Machhia के दैनिक समाचार और वीडियो देखें!
lock
user_Republic Vaishali
Republic Vaishali
Reporter
लालगंज, वैशाली, बिहार
14 hrs ago

वैशाली महोत्सव का शानदार आगाज, प्रभारी मंत्री समेत कई लोग शामिल, डीएम वर्षा सिंह ने किया स्वागत.. va...

52लाइक्स
1.3Kने देखा
पोस्ट देखें
user_Kaushal Kishor Singh
Kaushal Kishor Singh
गोरौल, वैशाली, बिहार
16 hrs ago

वैशाली महोत्सव 2026 का शुभारंभ किया गया

56लाइक्स
1.5Kने देखा
पोस्ट देखें
user_Rahul Kumar
Rahul Kumar
मुशहरी, मुजफ्फरपुर, बिहार
7 hrs ago

गरीबों का हेल्प न्यूज़ 🙏

40लाइक्स
650ने देखा
पोस्ट देखें
user_वकील वकीलसाह
वकील वकीलसाह
मुशहरी, मुजफ्फरपुर, बिहार
17 hrs ago
b38eb83d-b834-4efe-ba02-f602ace4b450
36लाइक्स
875ने देखा
4शेयर
पोस्ट देखें
Madhopur Machhia का अपना पहला लोकल ऐप 😎💥
शुरू ऐप डाउनलोड करके Madhopur Machhia के दैनिक समाचार और वीडियो देखें!
lock
user_Republic Vaishali
Republic Vaishali
Reporter
लालगंज, वैशाली, बिहार
14 hrs ago

घटारो में चली गोली, क्या बोले परिजन सुनिए। #घटारो_गोली_कांड #lalganj #करताहां #Ghataro #गोली #police

72लाइक्स
2.5Kने देखा
पोस्ट देखें
user_बिहार वैशाली न्यूज़
बिहार वैशाली न्यूज़
Reporter
चेहरा कलां, वैशाली, बिहार
17 hrs ago

बिहार शरीफ के शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं को भीड़ में हर 10 आदमी के मरने की खबर है और कुछ लोग...

72लाइक्स
1.5Kने देखा
पोस्ट देखें
user_Kaushal Kishor Singh
Kaushal Kishor Singh
गोरौल, वैशाली, बिहार
17 hrs ago
64लाइक्स
1.5Kने देखा
4शेयर
पोस्ट देखें
user_Sonu Kumar
Sonu Kumar
गायघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार
4 hrs ago

. जनसंख्या नियंत्रण का क़ानून गेजेट में छाप कर जनसँख्या वृद्धि दर को नियंत्रित किया जा सकता है। क़ानून...

fa5c8074-d15e-40c4-b2d0-cd6d2b8421ab

Sonu Kumar: भारत में जनसंख्या वृद्धि दर को कम करने के लिए क्या करना चाहिए? . जनसंख्या नियंत्रण का क़ानून गेजेट में छाप कर जनसँख्या वृद्धि दर को नियंत्रित किया जा सकता है। क़ानून लागू करने के लिए सबसे पहले हमें इसका ड्राफ्ट चाहिए, ताकि यह निर्धारित हो सके कि जनसँख्या नियंत्रण क़ानून में क्या प्रावधान होंगे, और यह कैसे काम करेगा। . भारत में जनसँख्या नियंत्रण क़ानून यदि 1952 में छापा जाता तो Four Child Policy लागू करने से भी काम चल जाता था। यदि यह क़ानून 1992 में लाया जाता तब भी Three Child Policy काफी थी। 70 साल के टाइम पास ने हालात ऐसे कर दिए है कि अब जनसँख्या नियंत्रण के लिए हमें Two Child Policy की जरूरत है !! . लेकिन यदि 2 बच्चों का क़ानून सीधे तौर पर लागू कर दिया जाए तो कन्या भ्रूण हत्या में विस्फोटक वृद्धि हो जाएगी। इसके अलावा गोद ली गयी संताने, दिव्यांग संताने, मंदबुद्धि संताने, आदिवासियों में बढ़ी हुयी शिशु मृत्यु दर आदि विषयों को भी दृष्टिगत रखना होता है। दुसरे शब्दों में जब तक हमारे सामने इसका ड्राफ्ट न हो तब तक जनसँख्या नियंत्रण की समस्या पर बात करके टाइम पास तो किया जा सकता है, किन्तु इस समस्या का समाधान करने की दिशा में कदम नहीं उठाया जा सकता। ड्राफ्ट के अभाव में पहले ही हम काफी वक्त जाया कर चुके है। . 70 साल का टाइम पास करने का यह श्रेय पेड मीडिया द्वारा प्रायोजित पार्टियों एवं पेड मीडिया द्वारा खड़े किये गए भारी भरकम नेताओं को जाता है। और इसका क्रेडिट उन कार्यकर्ताओ को भी दिया जाना चाहिए जो पेड मीडिया द्वारा खड़े गए इन ब्रांडेड नेताओं से चिपके रहते है, और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कानूनों की अवहेलना करते है !! . पेड मीडिया के प्रायोजको का जनसँख्या नियंत्रण कानून को लेकर एजेंडा — पेड मीडिया के प्रायोजक 1951 से ही भारत में जनसँख्या नियंत्रण क़ानून लाने के खिलाफ रहे है !! . पेड मीडिया द्वारा प्रायोजित पार्टियों का जनसँख्या नियंत्रण क़ानून पर स्टेंड : PMP01* हमेशा से जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के खिलाफ रही है। PMP02 के नेता एवं कार्यकर्ता धार्मिक जनसँख्या के बिगड़ते अनुपात के प्रति चिंता जताते रहे है, किन्तु जनसँख्या नियंत्रण के लिए क़ानून बनाने का वे हमेशा विरोध करते है !! दरअसल, उनकी रुचि इस समस्या को इस तरह उठाने रहती है कि इससे उनके वोट बढ़े। वे धार्मिक जनसँख्या के बिगड़ते संतुलन के बारे में नागरिको को सूचित करके वोट खींचते है। दुसरे शब्दों में, यह समस्या उन्हें वोट देती है। इसका समाधान होने से वोट खींचने का एक बिंदु उड़ जाएगा !! PMP03 भी जनसँख्या नियंत्रण क़ानून के खिलाफ है। इसके नेता इस क़ानून के इस हद तक खिलाफ है कि वे इस मुद्दे पर कोई बात ही नहीं करना चाहते। वे चुप रहते है, और समस्या की अनदेखी करते है !! . इस तरह ये इन तीनो पार्टियों के नेता एवं कार्यकर्ता पेड मीडिया के प्रायोजको के एजेंडे में खुद को एडजस्ट करके रखते है, और अलग अलग तरीको का इस्तेमाल करके इस क़ानून को टालते है। . ———- . [ टिप्पणी : पेड मीडिया पार्टी से आशय ऐसी राजनैतिक पार्टी से होता है जो पेड मीडिया के प्रायोजको के एजेंडे के समर्थन में रहती है, और कभी भी उनके खिलाफ नहीं जाती। उदारहण के लिए, जनसँख्या नियंत्रण को लेकर पेड मीडिया के प्रायोजको का एजेंडा हमेशा से यह रहा है कि भारत में जनसँख्या नियंत्रण क़ानून नहीं आना चाहिए, अत: पेड मीडिया पार्टीयां यह क़ानून गेजेट में छापने के खिलाफ रहेगी। . अब यहाँ इस बात को समझना जरुरी है कि, यहाँ मुख्य बिंदु क़ानून छापना है। तो कोई भी पेड मीडिया पार्टी जनसँख्या नियंत्रण का मुद्दा तो उठा सकती है, किन्तु क़ानून नहीं छाप सकती। मतलब अमुक पार्टियाँ जनसंख्या नियंत्रण पर डिबेट कर सकती है, “जागरूकता” फैला सकती है, और जनसँख्या नियंत्रण की आवश्यकता बताने को लेकर देश व्यापी हल्ला मचा सकती है, किन्तु क़ानून नही बना सकती। और उन्हें इसका क़ानून नहीं बनाना अत: पेड मीडिया पार्टियों के नेता एवं कार्यकर्ता कभी भी इसका ड्राफ्ट नहीं देंगे। ] . (*) PMP01 - कोंग्रेस , PMP02 – संघ=बीजेपी , PMP03 – आम आदमी पार्टी . ————— . समाधान : भारत में जनसँख्या नियंत्रण क़ानून का आज तक सिर्फ एक ही ड्राफ्ट लिखा गया है। सिर्फ एक !!! इस क़ानून का नाम Two Child Law है। इस क़ानून में कुल 16 धाराएं है। इस क़ानून का पहला संस्करण 2016 में प्रकाशित किया गया था। फरवरी 2020 में इसे अपडेट करके नया संस्करण जारी किया गया है। इस प्रस्तावित क़ानून की हेश #TwoChildLaw है। . यह क़ानून 2016 में ही पीएम को भेज दिया गया था, एवं तब से लगातार विभिन्न कार्यकर्ता पीएम को ट्विट करके इसे गेजेट में छापने का अनुरोध करते रहते है। . निचे प्रस्तावित टू चाइल्ड लॉ का सारांश एवं इसकी एक महत्त्वपूर्ण धारा (9) का ब्यौरा दिया गया है : . ——-ड्राफ्ट के सारांश का प्रारंभ—— . इस कानून को धन विधेयक के रूप में लोकसभा से साधारण बहुमत द्वारा पारित करके देश में लागू किया जा सकता है। इस क़ानून को राज्यसभा से पास करने की जरूरत नहीं है। यह क़ानून ड्राफ्ट भारतीय संविधान के किसी भी मौजूदा प्रावधान का उलंघन नहीं करता, अत: इसके लिए किसी प्रकार के संवैधानिक संशोधन की भी ज़रूरत नहीं है। . (9) भुगतान और आर्थिक सहायता में कटौती, जुर्माना और कारावास : . (9.1) यदि किसी व्यक्ति, पुरुष या स्त्री, के पास निर्धारित संतानों की संख्या से अधिक संताने है, तो खनिज रॉयल्टी भुगतान में कटौती, आर्थिक सहायता/अनुदान आदि में कटौती, जुर्माना और कारावास लागू हो सकते है। आदिवासियों के संतानों की संख्या अन्य के लिए निर्धारित संतानों की संख्या से एक संतान अधिक हो सकती है। सिर्फ आदिवासियों को ही यह छूट मिलेगी। अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग या अल्पसंख्यको को यह विशेषाधिकार नहीं मिलेगा। . (9.2) यह कानून लागू होने के 1 साल बाद यदि किसी व्यक्ति के कोई संतान पैदा नहीं हुई है , तो सजा या भुगतान और आर्थिक सहायता में कटौती नहीं होगी। लेकिन भुगतान में वृद्धि हो सकती है। . (9.3) इस खंड में D का अर्थ है सिर्फ एक पुत्री, और S का अर्थ है सिर्फ एक पुत्र। DD का अर्थ है दो पुत्रियाँ और DS का अर्थ है पहली संतान पुत्री और दूसरी संतान पुत्र है। DDS का अर्थ है पहली संतान पुत्री है, दूसरी पुत्री है और तीसरी पुत्र है। दूसरे शब्दों में, इस खंड में संतानों के पैदा होने का क्रम बताया गया है ना कि सिर्फ कुल संख्या। DSD का अर्थ होगा पहली संतान पुत्री, दूसरी पुत्र और तीसरी पुत्री है। और इसी तरह SDD, DSD अलग अलग क्रम को दर्शाता है। . निसंतान - यदि किसी व्यक्ति की आयु 18 से 23 वर्ष के मध्य है तब उसे प्राप्त होने वाली खनिज रॉयल्टी एवं सरकारी जमीनों के किराये से प्राप्त होने वाली राशि में 33% की अधिक वृद्धि हो जायेगी। 23 वर्ष की आयु के बाद निसंतान होने पर कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलेगा। S - कोई सजा नहीं और ना ही खनिज रॉयल्टी का अतिरिक्त भुगतान। D या DD या DDD - कोई सजा नहीं और खनिज रॉयल्टी में 33% की अतिरिक्त वृद्धि। DDDD - कोई सजा नहीं और खनिज रॉयल्टी में 66% की अतिरिक्त वृद्धि। SS, SD, DS, DDS, DDDS, DDDDS, DDDDD - कोई सजा नहीं और खनिज रॉयल्टी का कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं। एक संतान, पुत्र या पुत्री खंड (9.3.5) के बाद - खनिज रॉयल्टी में 33% कटौती 10 साल के लिए , ना कारावास और ना जुर्माना। एक संतान, पुत्र या पुत्री खंड (9.3.6) के बाद - खनिज रॉयल्टी में 66% कटौती 10 साल के लिए , 20 वर्ष के लिए मताधिकार का निलम्बन, ना कारावास और ना जुर्माना। ( मताधिकार निलम्बन एवं इसकी अवधि का फैसला नागरिको की जूरी करेगी ) एक संतान, पुत्र या पुत्री खंड (9.3.7) के बाद - खंड (9.3.7) की सजा और साथ में 10 साल के लिए आय का 10% जुर्माना ( न्यूनतम रु 1000 प्रति माह और अधिकतम रु 10000 प्रति माह ), ना कारावास। एक संतान, पुत्र या पुत्री खंड (9.3.8) के बाद - खंड (9.3.8) की सजा और साथ में 2 साल तक का कारावास। प्रत्येक संतान के लिए खंड (9.3.9) के बाद - खंड (9.3.9) की सजा और साथ में प्रति संतान के लिए 2 अधिक साल के लिए कारावास और बाध्यकारी नसबंदी। . [ टिप्पणी : खनिज रॉयल्टी : खनिज रॉयल्टी एवं सरकारी जमीनों से प्राप्त होने वाले प्रावधान तब लागू होंगे जब प्रधानमंत्री प्रस्तावित धन वापसी पासबुक का क़ानून गेजेट में छापकर भारत के सभी खनिज एवं प्राकृतिक संसाधनों को भारतीय नागरिको की संपत्ति घोषित कर देते है। जब तक धन वापसी पासबुक गेजेट में नहीं आता, तब तक उन सभी आर्थिक अनुदानों, सब्सिडी आदि में कटौती होगी जो आर्थिक अनुदान नागरिको को केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा दिए जा रहे है। ] . (9.4) यह कानून लागू होने के 5 साल बाद, अधिक संतान उत्पत्ति पर होने वाली सजा इस प्रकार है : खंड (9.3.1) से (9.3.5) तक के मामलों में संतान संख्या के लिए - कोई सजा नहीं। खंड (9.3.6) में संतान संख्या के लिए, खंड (9.3.7) में दी गयी सजा मिलेगी, और खंड (9.3.7) में संतान संख्या के लिए, खंड (9.3.8) में दी गयी सजा मिलेगी, और सभी खंडो के लिए इसी प्रकार से सजा मिलेगी। दूसरे शब्दों में, खंड (9.3.5) के बाद सभी खंडो के लिए सजा "एक स्तर आगे" हो जाएगी। . (10) जुर्माना संग्रहित करने में नियम - जुर्माना प्रत्येक माता-पिता पर 1000 रू प्रति महीना न्यूनतम तथा 10000 रू प्रति महीना अधिकतम होगा। लेकिन संग्रहित जुर्माना मासिक आय के 10% से अधिक नहीं होगा। तो यदि व्यक्ति की आय 10000 रू से कम है तब उसकी आय का 10% जुर्माना ही लिया जायेगा और शेष राशि "लंबित जुर्माना" के रूप में रखी जाएगी। लंबित जुर्माने पर प्रचलित दर के अनुसार ब्याज देय होगा। "लंबित जुर्माना" के मामले में, अवधि 10 साल के बाद भी बढाई जा सकती है, जब तक कि सारा लंबित जुर्माना ब्याज सहित संग्रहित नहीं हो जाता। अमुक व्यक्ति चाहे तो लंबित जुर्माना शीघ्र अति शीघ्र अदा कर सकता है। और राशियाँ 1000 रू और 10,000 रू महंगाई दर के अनुसार प्रति वर्ष बढाई जा सकती है। . (12) कुछ जटिल और विशेष परिस्थितियां : इस कानून के पारित होने से पूर्व ( या पारित होने के 1 वर्ष के अन्दर) जन्मी संतानों के कारण कोई भी जुर्माना या सजा नहीं होगी। यदि अंत में जन्मी संताने जुडवा हैं तो उनको एक संतान ही गिना जाएगा। लेकिन यदि जुडवा संतानों के बाद कोई संतान जन्म लेती है तो जुडवा बच्चों को दो अलग संतानों के रूप में गिना जाएगा। गोद ली गयी संतानों को गिना नहीं जाएगा। दिव्यांग संतानों को गिना जाएगा। माता-पिता को दिव्यांग संतानों के लिए 66% अधिक खनिज रोयल्टी दी जाएगी। यदि जन्मित संतान पुत्र या पुत्री नहीं है तो ऊपर लिखे नियमो को लागू करते समय उस संतान को पुत्री के रूप में गिना जाएगा। . (13.1) जब भी कभी राष्ट्रीय जनसख्या नियंत्रण अधिकारी ( या उनके कर्मचारी ) किसी नागरिक को खनिज रॉयल्टी एवं सब्सिडी आदि के रूप में मिलने वाली धन राशि को कम करने का निर्णय करेंगे या किसी तरह की सजा देना या जुर्माना लगाना चाहेंगे तो मामले के विचार के लिए राष्ट्रीय जनसंख्या नियंत्रण अधिकारी 25 से 55 तक की उम्र के नागरिकों को रैंडमली चुनेंगे और एक जूरी मंडल का गठन करेंगे। और जब भी कोई नागरिक किसी राष्ट्रिय जनसंख्या नियंत्रण अधिकारी के कर्मचारिओं के विरुद्ध कोई शिकायत दर्ज कराना चाहेंगे तब भी राष्ट्रीय जनसंख्या नियंत्रण अधिकारी वेसे ही एक जूरी मंडल का गठन करेंगे। इस क़ानून से सम्बधित सभी प्रकार के मामलों का निपटान जूरी मंडल द्वारा किया जाएगा। किन्तु जूरी मंडल के फैसले की अपील उच्च या उच्चतम न्यायालयों में की जा सकेगी . (06) प्रधानमंत्री एक राष्ट्रीय जनसँख्या नियंत्रण अधिकारी (NPCO = National Population Control Officer) को नियुक्त करेंगे जिसे भारत के नागरिक वोट वापसी प्रक्रियाओं का प्रयोग करके बदल सकेंगे। NPCO एवं उसका स्टाफ जूरी मंडल के दायरे में रहेगा एवं उसके खिलाफ कोई शिकायत आती है तो सुनवाई नागरिको की जूरी करेगी। . [ टिप्पणी : वापसी एवं जूरी के दायरे में होने के कारण NPCO एवं उसका स्टाफ कार्यकुशलता एवं इमानदारी से काम करेगा। ] . ———ड्राफ्ट के सारांश समापन——- . इस क़ानून के गेजेट में आने से क्या बदलाव आएगा ? . (ia) भारत में सांप्रदायिक तनाव बढ़ने का एक बड़ा कारण धार्मिक जनसँख्या के अनुपात का लगातार बिगड़ना है। यदि भारत में यह क़ानून कई दशक पहले आ जाता धार्मिक जनसँख्या के इस असंतुलन को रोका जा सकता था। किन्तु भारत की किसी भी राजनैतिक पार्टी एवं संगठन ने भारत में जनसँख्या नियंत्रण का क़ानून ड्राफ्ट सामने रखने तक की जहमत नहीं उठायी। क़ानून पास करना तो आगे की बात है। इस कानून के आने से भारत जनसँख्या नियंत्रण शुरू होगा और इस वजह से साम्प्रदायिक तनाव में भी कमी आएगी। . (ib) हमारे समाज में बहुधा पुत्र प्राप्ति के लिए स्वाभाविक झुकाव देखने में आता है। अत: इस क़ानून को इस तरह लिखा गया है कि यदि किसी दम्पत्ति की प्रथम 4 संताने पुत्रियाँ है तो उसे सरकार से प्राप्त होने वाले अनुदान में अतिरिक्त वृद्धि होगी, और 5 पुत्रियाँ होने तक भी उसे किसी आर्थिक दंड का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस तरह इस क़ानून के आने के बावजूद कन्या भ्रूण हत्या के मामलो में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। . पूरा ड्राफ्ट यहाँ देखें – https://www.facebook.com/groups/JuryCourt/permalink/1062761064096970/ . ऊपर दिए गए विवरणों को सलंग्न तालिका में भी दर्शाया गया है।

View comment

30लाइक्स
460ने देखा
पोस्ट देखें
Madhopur Machhia का अपना पहला लोकल ऐप 😎💥
शुरू ऐप डाउनलोड करके Madhopur Machhia के दैनिक समाचार और वीडियो देखें!
lock

Discover the Latest Madhopur Machhia News in Hindi - Madhopur Machhia ताजा खबर

Live Madhopur Machhia news in Hindi, every minute!

Members get in-depth insights into the latest Madhopur Machhia News today, every day, and every minute. From breaking news to political, social, and economic updates, one can discover much about Madhopur Machhia on the Madhopur Machhia News Live segment. Besides, to allow people from different backgrounds to comprehend the platform easily, we have kept the language of Madhopur Machhia news Hindi.
If you have something vital to discuss or share, that could serve people's interests or benefit them, feel free to be a member of Shuru today.

Shuru
Over 1cr+ users
About Us
Contact Us: info@shuru.co.in
Trending Mandi 🔥
Pipariya Mandi
Itarsi Mandi
Damoh Mandi
Adampur Mandi
Dabra Mandi
Mandi Services
Bihar
Chattisgarh
Madhya Pradesh
Maharashtra
Nct Of Delhi
Karnataka
Goa
Pondicherry
Kerala
Odisha
Andaman And Nicobar
Gujarat
Uttar Pradesh
Meghalaya
Rajasthan
Uttrakhand
Manipur
Andhra Pradesh
Punjab
Odisha
Tamil Nadu
Assam
Jammu And Kashmir
Telangana
Tripura
Chandigarh
Nagaland
West Bengal
Haryana
Himachal Pradesh
Quick Links
News
Elections
Latest Political News
Politicians
Blogs
Weather
About Us
About Us
Contact Us
Terms and Conditions
Privacy Policy
Team and Career
Refund and Cancellation Policy
Follow Shuru app on
Shuru, a product of Close App Private Limited.