*बसिया के सरना मैदान में गूंजी मांदर की थाप: 315 खोड़हा दलों ने पारंपरिक नृत्य से बांधा समां, विधायक जिग्गा सुसारन होरो ने बांटे नगाड़े गुमला के बसिया स्थित सरना मैदान में सोमवार को सरना सुरक्षा मंच के तत्वावधान में भव्य 'करमा पूर्व संध्या समारोह 2026' का आयोजन किया गया, जिसमें प्रखंड की सभी पंचायतों से उमड़े हजारों आदिवासियों और ग्राम प्रधानों की मौजूदगी ने माहौल को पूरी तरह सांस्कृतिक रंगों में सरोबार कर दिया। इस सांस्कृतिक महासंगम में पहुंचे लगभग 315 खोड़हा दलों ने मांदर और नगाड़े की गूंजती थाप पर एक से बढ़कर एक पारंपरिक करम गीतों और नृत्यों की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए स्थानीय विधायक जिग्गा सुसारन होरो ने सभी खोड़हा दलों को प्रोत्साहित करते हुए नगाड़ों का वितरण किया; इस दौरान विधायक द्वारा पारंपरिक लोक करमा गीत भी गाया गया और वे खुद भी मांदर की थाप पर अतिथियों संग थिरके। लोगों को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि करमा पर्व हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पूर्वजों की धरोहर और आपसी भाईचारे का अनूठा प्रतीक है, जिसे सभी को मिल-जुलकर शांतिपूर्ण तरीके से मनाना चाहिए। इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक संध्या में जिला परिषद सदस्य बसंती डूंगडूंग, बसिया डीएसपी शिव शंकर मरांडी, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुकरात उरांव, अलीम खान, जयंत दास, रुक्मान खान, एमलेन कुल्लू, सोनू पांडे और दुर्गा पहान समेत कई गणमान्य लोग व विशाल जनसैलाब उपस्थित रहा।
*बसिया के सरना मैदान में गूंजी मांदर की थाप: 315 खोड़हा दलों ने पारंपरिक नृत्य से बांधा समां, विधायक जिग्गा सुसारन होरो ने बांटे नगाड़े गुमला के बसिया स्थित सरना मैदान में सोमवार को सरना सुरक्षा मंच के तत्वावधान में भव्य 'करमा पूर्व संध्या समारोह 2026' का आयोजन किया गया, जिसमें प्रखंड की सभी पंचायतों से उमड़े हजारों आदिवासियों और ग्राम प्रधानों की मौजूदगी ने माहौल को पूरी तरह सांस्कृतिक रंगों में सरोबार कर दिया। इस सांस्कृतिक महासंगम में पहुंचे लगभग 315 खोड़हा दलों ने मांदर और नगाड़े की गूंजती थाप पर एक से बढ़कर एक पारंपरिक करम गीतों और नृत्यों की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए स्थानीय
विधायक जिग्गा सुसारन होरो ने सभी खोड़हा दलों को प्रोत्साहित करते हुए नगाड़ों का वितरण किया; इस दौरान विधायक द्वारा पारंपरिक लोक करमा गीत भी गाया गया और वे खुद भी मांदर की थाप पर अतिथियों संग थिरके। लोगों को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि करमा पर्व हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पूर्वजों की धरोहर और आपसी भाईचारे का अनूठा प्रतीक है, जिसे सभी को मिल-जुलकर शांतिपूर्ण तरीके से मनाना चाहिए। इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक संध्या में जिला परिषद सदस्य बसंती डूंगडूंग, बसिया डीएसपी शिव शंकर मरांडी, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुकरात उरांव, अलीम खान, जयंत दास, रुक्मान खान, एमलेन कुल्लू, सोनू पांडे और दुर्गा पहान समेत कई गणमान्य लोग व विशाल जनसैलाब उपस्थित रहा।
- *बसिया के सरना मैदान में गूंजी मांदर की थाप: 315 खोड़हा दलों ने पारंपरिक नृत्य से बांधा समां, विधायक जिग्गा सुसारन होरो ने बांटे नगाड़े गुमला के बसिया स्थित सरना मैदान में सोमवार को सरना सुरक्षा मंच के तत्वावधान में भव्य 'करमा पूर्व संध्या समारोह 2026' का आयोजन किया गया, जिसमें प्रखंड की सभी पंचायतों से उमड़े हजारों आदिवासियों और ग्राम प्रधानों की मौजूदगी ने माहौल को पूरी तरह सांस्कृतिक रंगों में सरोबार कर दिया। इस सांस्कृतिक महासंगम में पहुंचे लगभग 315 खोड़हा दलों ने मांदर और नगाड़े की गूंजती थाप पर एक से बढ़कर एक पारंपरिक करम गीतों और नृत्यों की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए स्थानीय विधायक जिग्गा सुसारन होरो ने सभी खोड़हा दलों को प्रोत्साहित करते हुए नगाड़ों का वितरण किया; इस दौरान विधायक द्वारा पारंपरिक लोक करमा गीत भी गाया गया और वे खुद भी मांदर की थाप पर अतिथियों संग थिरके। लोगों को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि करमा पर्व हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पूर्वजों की धरोहर और आपसी भाईचारे का अनूठा प्रतीक है, जिसे सभी को मिल-जुलकर शांतिपूर्ण तरीके से मनाना चाहिए। इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक संध्या में जिला परिषद सदस्य बसंती डूंगडूंग, बसिया डीएसपी शिव शंकर मरांडी, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुकरात उरांव, अलीम खान, जयंत दास, रुक्मान खान, एमलेन कुल्लू, सोनू पांडे और दुर्गा पहान समेत कई गणमान्य लोग व विशाल जनसैलाब उपस्थित रहा।2
- प्रकृति महापर्व करम: रांची समेत पूरे झारखंड में पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही करम पूजा रांची: झारखंड की लोक संस्कृति, भाई-बहन के अटूट स्नेह और प्रकृति की आराधना का महान पर्व 'करम पूजा' आज रांची और इसके आसपास के क्षेत्रों में अत्यंत धूमधाम, पारंपरिक रीति-रिवाजों और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर राजधानी के अखड़ा स्थलों और गांवों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। अखड़ों में गूंज रहे पारंपरिक मांदर के बोल पर्व को लेकर रांची के सिरमटोली, हरमू, कांके, बेरो, तुपुदाना, नामकुम और आसपास के ग्रामीण इलाकों के अखड़ों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूल-मालाओं से भव्य रूप से सजाया गया है। शाम ढलते ही पाहन (पुजारी) द्वारा पूरे विधि-विधान के साथ करम वृक्ष की डाली को अखड़ा में स्थापित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने धूप-दीप, जावा (अंकुरित अनाज) और नैवेद्य अर्पित कर करम राजा (करम देव) की पूजा-अर्चना की और राज्य की समृद्धि, अच्छी फसल व सुख-शांति की कामना की। बहनों ने रखा निर्जला उपवास करम पर्व पर बहनों ने अपने भाइयों की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए दिनभर निर्जला उपवास रखा। पूजा संपन्न होने के बाद अखड़ों में पारंपरिक वेष-भूषा में सजी युवतियों और युवाओं ने मांदर और नगाड़ों की थाप पर पूरी रात झूमर नृत्य किया और करम कथा का श्रवण किया। प्रशासनिक व्यवस्था और बधाई संदेश त्योहार के मद्देनजर रांची नगर निगम और ज़िला प्रशासन द्वारा प्रमुख पूजा स्थलों और अखड़ों पर साफ़-सफ़ाई, पेयजल और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। राज्यपाल, मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों ने समस्त प्रदेशवासियों को प्रकृति पर्व करम की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है।1
- करम पर्व केवल पूजा-पाठ और उत्सव का पर्व नहीं है। यह हमारी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। केंद्रीय सरना समिति सिसई के द्वारा केंद्रीय अखाड़ा में करम पूर्व संध्या महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न गांवों से भारी संख्या में खोड़हा पहुंचे थे जी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में अपने वाद्ययंत्रों के साथ प्रस्तुति दिए। निर्णायक मंडली के द्वारा प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर चयन कर सम्मानित किया गया। समाज के वक्ताओं ने कहा करम पर्व केवल पूजा-पाठ और उत्सव का पर्व नहीं है। यह हमारी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। करम देव की पूजा के माध्यम से हम प्रकृति के प्रति सम्मान, परिवार के प्रति प्रेम और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश प्राप्त करते हैं। हमारी पहचान हमारी संस्कृति से है। आज के आधुनिक दौर में जब हमारी नई पीढ़ी तेजी से बदलती दुनिया की ओर बढ़ रही है, ऐसे समय में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने बच्चों और युवाओं को अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़कर रखें। हमारा समाज तभी मजबूत होगा, जब हम सभी आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे। हमें शिक्षा को प्राथमिकता देनी है, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है, समाज की बेटियों को आगे बढ़ाना है और जरूरतमंद परिवारों का सहयोग करना है। आज का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक सुंदर प्रयास है।1
- करमा पर्व के अवसर पर 22 गांव में साड़ी और मांदर का वितरण समाज सेवी अजय कच्छप उर्फ जेठा कच्छप और विजय बक्सी द्वारा किया गया। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। कर्रा प्रखंड क्षेत्रों में करम पर्व के अवसर पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक सौहार्द का संदेश देखने को मिला। करम पर्व के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता विजय बक्शी और अजय कच्छप उर्फ जेठा कच्छप के द्वारा 22 गांव के ग्रामीणों के बीच साड़ी एवं मांदर का वितरण किया गया। असहाय और वृद्ध महिलाओं ने साडी पाकर अत्यधिक खुश हुए। समाज सेवी अजय कच्छप उर्फ जेठा कच्छप एंव विजय बक्सी ने कहा की करमा पर्व हम आदिवासी, मूलवासियों का महत्वपूर्ण पर्व है। गरीब असहायों के बीच नये वस्त्र नहीं होता है जिसके कारण इन लोगों के चहरे में मायूसी झलकती है। दुसरी ओर करम पर्व प्रकृतिक एंव कृषी से जुड़ी पर्व है। अच्छी खेती बाड़ी करने के बाद हमलोग करमा पर्व में एकाठ्ठी होकर नाच गान मांदर की थाप में करते हैं इसलिए हमलोग मांदर का भी वितरण 22 गांव के ग्रामीणों के बीच किया। समाज सेवीयों ने कहा की हमलोग प्रत्येक लोगों का चेहरा में खुशी देखना चाहते हैं। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को साड़ी दी गई। वहीं करम पर्व की पारंपरिक सांस्कृतिक पहचान में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले मांदर का भी वितरण किया गया। ग्रामीणों क्षेत्र के वृद्ध महिलाओं ने समाजसेवी को दिल से आशीर्वाद देते हुए कही की हमलोगों का कमी को अपलोड पुरा किये इसके लिए भगवान आपलोगो के परिवारों को हमेशा सुख रखेंगे। वहीं मांदर पाकर पुरुष वर्ग भी फुले नहीं समाये और कहा इस बर्ष करम पर्व सभी गांव के लोग ख़ुशी और सौहार्द पूर्ण रूप से मनायेंगे।1
- ग्रामीण सड़क की जर्जर हालत पर नराजगी जताया ग्रामीणों श्रमदान व आर्थिक सहयोग से मरमती में जुटा उक्त जर्जर सड़क का मामला लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत डांडु पंचायत के एकागुड़ी से बक्सीडीपा पथ का है। बताया जाता है सड़क जर्जर के कारण आये दिन छोटी-छोटी घटना होती रहती है। जिससे जिला प्रशासन को अवगत कराया गया परंतु आज तक जनता की समस्या पर विचार नही हुआ। जबकि क्षेत्र के विधायक भी ग्रामीणों की हाल सुनने नही आते इससे उनके कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहा है।1
- लोहरदगा जिले के भंडरा प्रखंड अंतर्गत भौरो पंचायत की हकीकत1
- करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए अपहरण करवाने का आरोप पीड़ित परिवार ने खोला राज! #india #jharkhand #panchayat #mukhiya #jameen #lohardaga #ranchi #adiwasi #viwad #news1
- कर्रा प्रखंड के कच्चाबारी में आदिवासी एकता मंच ने मनाया करमा पूर्व मिलन समारोह। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी।1