मोहकमपुरा में श्री मद्द है भागवत कथा के चोथे दीन की संगित मय कथा *श्रीकृष्ण जन्मोत्सव - आनंद, प्रेम और धर्म की स्थापना का पावन पर्व* कथावाचक प्रेमदास मंदसौर मध्यप्रदेश प्राइम न्यूज राजस्थान नारी शक्ति मिडिया प्रभारी श्रीमती प्रियंका सोनी मोहकमपुरा राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के ग्राम मोहकमपुरा में श्री नरसिंह मंदिर राजपूत धर्मशाला में संगित मय श्री मद्द भागवत कथा के चोथे दीन की महिमा का वर्णन करते हुए कथा वाचक प्रेमदास मंदसौर ने कंहा की भारत में जब-जब अधर्म बढ़ा है, तब-तब भगवान ने किसी न किसी रूप में अवतार लिया है। उन्हीं अवतारों में सबसे प्यारा, सबसे चंचल और सबसे प्रिय अवतार है - *भगवान श्रीकृष्ण का*। हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को उनका जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 3 सितंबर को मनाई जाएगी। 1. जन्म की कथा - कारागार में जन्मा प्रकाश कथा द्वापर युग की है। मथुरा में राजा उग्रसेन की पुत्री देवकी का विवाह वासुदेव से हुआ। देवकी का भाई कंस बहुत अत्याचारी था। आकाशवाणी हुई कि "देवकी का आठवां पुत्र ही तेरा वध करेगा।" यह सुनते ही कंस ने अपनी ही बहन और बहनोई को कारागार में डाल दिया और उनके एक-एक करके 6 पुत्रों को मार दिया। सातवां पुत्र बलराम जी को योगमाया ने रोहिणी के गर्भ में पहुंचा दिया। आठवें पुत्र के रूप में आधी रात को, रोहिणी नक्षत्र में, घनघोर बारिश में, कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। जन्म लेते ही उन्होंने चतुर्भुज रूप में दर्शन दिए, फिर बालक बन गए। उसी रात वासुदेव जी उन्हें टोकरी में रखकर यमुना पार गोकुल में नंद बाबा और यशोदा मैया के घर छोड़ आए। वहाँ यशोदा को एक कन्या (योगमाया) हुई थी, उसे लेकर वासुदेव लौट आए। सुबह कंस आया तो वह कन्या उसके हाथ से छूटकर आकाश में चली गई और बोली - "अरे मूर्ख, तुझे मारने वाला तो गोकुल में जन्म ले चुका है।" 2. गोकुल में आनंद - नंदोत्सव गोकुल में जब नंद बाबा को पता चला कि उनके घर पुत्र जन्मा है, तो पूरे ब्रज में खुशी की लहर दौड़ गई। इसे *नंदोत्सव* कहा जाता है। गोप-गोपियों ने घरों में बधाई गीत गाए, माखन-मिश्री बांटी, गायों को सजाया गया। यशोदा मैया ने अपने लाला को पीले वस्त्र पहनाए। आज भी मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी के अगले दिन नंदोत्सव में लोग एक-दूसरे पर हल्दी, तेल और पानी फेंक कर खुशी मनाते हैं। 3. जन्मोत्सव कैसे मनाया जाता है? *व्रत और पूजा:* इस दिन भक्त पूरे दिन व्रत रखते हैं। फलाहार करते हैं और रात 12 बजे तक भजन-कीर्तन करते हैं। ठीक 12 बजे भगवान का जन्म होता है। छोटे से पालने में बाल गोपाल को रखकर झूला झुलाया जाता है। *अभिषेक:* भगवान के बाल रूप को पंचामृत - दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से स्नान कराया जाता है। फिर नए वस्त्र, मोर मुकुट और बांसुरी से सजाया जाता है। *भोग:* कृष्ण को माखन-मिश्री सबसे प्रिय है। इसलिए पंजीरी, माखन, मिश्री, लड्डू का भोग लगाया जाता है। *दही-हांडी:* महाराष्ट्र और गुजरात में इस दिन दही-हांडी का उत्सव बहुत प्रसिद्ध है। भगवान कृष्ण बचपन में मटकी फोड़कर माखन चुराते थे, उसी लीला को याद करके ऊंची जगह पर दही की मटकी बांधी जाती है और युवाओं की टोली पिरामिड बनाकर उसे फोड़ती है। *झांकियां:* घरों और मंदिरों में कृष्ण लीला की झांकियां सजाई जाती हैं - कालिया नाग दमन, गोवर्धन पर्वत, रासलीला। 4. कृष्ण जन्म का संदेश कृष्ण का जन्म हमें तीन बड़े संदेश देता है: *1. धर्म की जीत:* कंस जैसा शक्तिशाली राजा भी अहंकार के कारण नष्ट हो गया। सच्चाई और धर्म की हमेशा जीत होती है। *2. प्रेम ही ईश्वर है:* कृष्ण ने कभी राजा बनकर शासन नहीं किया। वे हमेशा ग्वालों, गोपियों, गरीब सुदामा के मित्र बनकर रहे। उन्होंने सिखाया कि भगवान को पाने के लिए बड़े मंत्रों की नहीं, सच्चे प्रेम की जरूरत है। *3. कर्म करो, फल की चिंता मत करो:* गीता में उनका दिया संदेश - "कर्मण्येवाधिकारस्ते" आज भी पूरी दुनिया को जीवन जीने की राह दिखाता है। निष्कर्ष श्रीकृष्ण जन्मोत्सव सिर्फ एक त्योहार नहीं है, यह बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारे अंदर भी एक कंस है - अहंकार, लालच और क्रोध का, और एक कृष्ण भी है - प्रेम, दया और सच्चाई का। इस जन्माष्टमी पर आइए हम अपने अंदर के कंस को मारकर अपने अंदर के कृष्ण को जगाएं। अपने घर में माखन-मिश्री ही नहीं, बल्कि प्रेम, एकता और खुशी भी बांटें।इस मोके पर भादरसिंह डोड,गुलाब जी नकुम, मोतीसिंह राठौड़, जालम सिंह सोलंकी, कालुसिंह चावड़ा,जोरावर सिंह नकुम सहित ग्रामीण व महिलाएं श्री मद्द भागवत कथा को श्रवण कर रहे हैं
मोहकमपुरा में श्री मद्द है भागवत कथा के चोथे दीन की संगित मय कथा *श्रीकृष्ण जन्मोत्सव - आनंद, प्रेम और धर्म की स्थापना का पावन पर्व* कथावाचक प्रेमदास मंदसौर मध्यप्रदेश प्राइम न्यूज राजस्थान नारी शक्ति मिडिया प्रभारी श्रीमती प्रियंका सोनी मोहकमपुरा राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के ग्राम मोहकमपुरा में श्री नरसिंह मंदिर राजपूत धर्मशाला में संगित मय श्री मद्द भागवत कथा के चोथे दीन की महिमा का वर्णन करते हुए कथा वाचक प्रेमदास मंदसौर ने कंहा की भारत में जब-जब अधर्म बढ़ा है, तब-तब भगवान ने किसी न किसी रूप में अवतार लिया है। उन्हीं अवतारों में सबसे प्यारा, सबसे चंचल और सबसे प्रिय अवतार है - *भगवान श्रीकृष्ण का*। हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को उनका जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 3 सितंबर को मनाई जाएगी। 1. जन्म की कथा - कारागार में जन्मा प्रकाश कथा द्वापर युग की है। मथुरा में राजा उग्रसेन की पुत्री देवकी का विवाह वासुदेव से हुआ। देवकी का भाई कंस बहुत अत्याचारी था। आकाशवाणी हुई कि "देवकी का आठवां पुत्र ही
तेरा वध करेगा।" यह सुनते ही कंस ने अपनी ही बहन और बहनोई को कारागार में डाल दिया और उनके एक-एक करके 6 पुत्रों को मार दिया। सातवां पुत्र बलराम जी को योगमाया ने रोहिणी के गर्भ में पहुंचा दिया। आठवें पुत्र के रूप में आधी रात को, रोहिणी नक्षत्र में, घनघोर बारिश में, कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। जन्म लेते ही उन्होंने चतुर्भुज रूप में दर्शन दिए, फिर बालक बन गए। उसी रात वासुदेव जी उन्हें टोकरी में रखकर यमुना पार गोकुल में नंद बाबा और यशोदा मैया के घर छोड़ आए। वहाँ यशोदा को एक कन्या (योगमाया) हुई थी, उसे लेकर वासुदेव लौट आए। सुबह कंस आया तो वह कन्या उसके हाथ से छूटकर आकाश में चली गई और बोली - "अरे मूर्ख, तुझे मारने वाला तो गोकुल में जन्म ले चुका है।" 2. गोकुल में आनंद - नंदोत्सव गोकुल में जब नंद बाबा को पता चला कि उनके घर पुत्र जन्मा है, तो पूरे ब्रज में खुशी की लहर दौड़ गई। इसे *नंदोत्सव* कहा जाता है। गोप-गोपियों ने घरों में बधाई गीत गाए, माखन-मिश्री बांटी, गायों को सजाया गया। यशोदा मैया ने अपने लाला को पीले
वस्त्र पहनाए। आज भी मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी के अगले दिन नंदोत्सव में लोग एक-दूसरे पर हल्दी, तेल और पानी फेंक कर खुशी मनाते हैं। 3. जन्मोत्सव कैसे मनाया जाता है? *व्रत और पूजा:* इस दिन भक्त पूरे दिन व्रत रखते हैं। फलाहार करते हैं और रात 12 बजे तक भजन-कीर्तन करते हैं। ठीक 12 बजे भगवान का जन्म होता है। छोटे से पालने में बाल गोपाल को रखकर झूला झुलाया जाता है। *अभिषेक:* भगवान के बाल रूप को पंचामृत - दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से स्नान कराया जाता है। फिर नए वस्त्र, मोर मुकुट और बांसुरी से सजाया जाता है। *भोग:* कृष्ण को माखन-मिश्री सबसे प्रिय है। इसलिए पंजीरी, माखन, मिश्री, लड्डू का भोग लगाया जाता है। *दही-हांडी:* महाराष्ट्र और गुजरात में इस दिन दही-हांडी का उत्सव बहुत प्रसिद्ध है। भगवान कृष्ण बचपन में मटकी फोड़कर माखन चुराते थे, उसी लीला को याद करके ऊंची जगह पर दही की मटकी बांधी जाती है और युवाओं की टोली पिरामिड बनाकर उसे फोड़ती है। *झांकियां:* घरों और मंदिरों में कृष्ण लीला की झांकियां सजाई जाती हैं - कालिया नाग दमन, गोवर्धन पर्वत, रासलीला। 4. कृष्ण जन्म का संदेश कृष्ण का जन्म हमें तीन बड़े संदेश देता
है: *1. धर्म की जीत:* कंस जैसा शक्तिशाली राजा भी अहंकार के कारण नष्ट हो गया। सच्चाई और धर्म की हमेशा जीत होती है। *2. प्रेम ही ईश्वर है:* कृष्ण ने कभी राजा बनकर शासन नहीं किया। वे हमेशा ग्वालों, गोपियों, गरीब सुदामा के मित्र बनकर रहे। उन्होंने सिखाया कि भगवान को पाने के लिए बड़े मंत्रों की नहीं, सच्चे प्रेम की जरूरत है। *3. कर्म करो, फल की चिंता मत करो:* गीता में उनका दिया संदेश - "कर्मण्येवाधिकारस्ते" आज भी पूरी दुनिया को जीवन जीने की राह दिखाता है। निष्कर्ष श्रीकृष्ण जन्मोत्सव सिर्फ एक त्योहार नहीं है, यह बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारे अंदर भी एक कंस है - अहंकार, लालच और क्रोध का, और एक कृष्ण भी है - प्रेम, दया और सच्चाई का। इस जन्माष्टमी पर आइए हम अपने अंदर के कंस को मारकर अपने अंदर के कृष्ण को जगाएं। अपने घर में माखन-मिश्री ही नहीं, बल्कि प्रेम, एकता और खुशी भी बांटें।इस मोके पर भादरसिंह डोड,गुलाब जी नकुम, मोतीसिंह राठौड़, जालम सिंह सोलंकी, कालुसिंह चावड़ा,जोरावर सिंह नकुम सहित ग्रामीण व महिलाएं श्री मद्द भागवत कथा को श्रवण कर रहे हैं
- यह तस्वीर मध्य प्रदेश के जोबट क्षेत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव के वर्चुअल (ऑनलाइन) कार्यक्रम की तैयारियों और वहां बड़ी संख्या में किसानों के एकत्र होने की जानकारी देती है। घटना: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का वर्चुअल कार्यक्रम।स्थान: जोबट, मध्य प्रदेश।स्थिति: कार्यक्रम की तैयारियां पूर्ण बताई गई हैं और सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित हुए हैं।1
- महिला सुरक्षा के लिए डूंगरपुर पुलिस की नई पहल, अब 300 महिलाएं बनेंगी ‘सुरक्षा संवाद’ की कड़ी महिला यूथ सीएलजी के जरिए पुलिस और महिलाओं के बीच मजबूत होगा विश्वास का सेतु, अब तक 2200 से अधिक लोग जुड़े डूंगरपुर(गुणवंत कलाल)। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर डूंगरपुर पुलिस ने सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने की दिशा में नई पहल शुरू की है। जिला पुलिस की ओर से गठित महिला यूथ सामुदायिक संपर्क समूह (महिला यूथ सीएलजी) के माध्यम से अब महिलाओं की आवाज सीधे पुलिस तक पहुंचाने और सुरक्षा से जुड़े स्थानीय मुद्दों के समाधान में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार आईपीएस के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीव सिंह के निकट सुपरविजन में बुधवार को जिला मुख्यालय सहित जिले के चारों वृत्त कार्यालयों पर महिला यूथ सीएलजी सदस्यों के साथ बैठक एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन बैठकों में करीब 300 महिलाएं एवं बालिकाएं शामिल हुईं। वहीं पुलिस की यूथ सीएलजी मुहिम के तहत अब तक 2200 से अधिक लोग इससे जुड़ चुके हैं। पुलिस और महिलाओं के बीच बनेगा विश्वास का मजबूत सेतु बैठक का मुख्य उद्देश्य महिला यूथ सीएलजी को पुलिस एवं समुदाय के बीच संवाद, सहयोग एवं विश्वास का प्रभावी सेतु बनाना रहा। महिला प्रतिनिधियों, युवा महिलाओं एवं पुलिस अधिकारियों के बीच खुले एवं सकारात्मक संवाद के माध्यम से महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला यूथ सीएलजी की सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं एवं युवतियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता लेने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली सुरक्षा संबंधी समस्याओं को पुलिस तक पहुंचाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। जीरो एफआईआर से लेकर पॉक्सो एक्ट तक दी कानूनी जानकारी बैठक में महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने जीरो एफआईआर, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम तथा पॉक्सो एक्ट सहित महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। इसके साथ ही आपात स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए 112 तथा महिला हेल्पलाइन 1090 के बारे में भी जानकारी दी गई। महिलाओं को किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या खतरे की स्थिति में चुप रहने के बजाय तत्काल पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव पर भी चर्चा संवाद कार्यक्रम में केवल महिला सुरक्षा ही नहीं, बल्कि वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराध, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध एवं ऑनलाइन ठगी को लेकर भी चर्चा हुई। घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, बालिकाओं की सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे विषयों पर महिलाओं को जागरूक किया गया। पुलिस की ओर से महिला यूथ सीएलजी सदस्यों से जन-जागरूकता अभियानों में सक्रिय सहयोग करने की अपील की गई, ताकि सुरक्षा संबंधी जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं तक पहुंचाई जा सके। महिलाओं ने उठाए जमीनी मुद्दे, दिए महत्वपूर्ण सुझाव बैठक के दौरान महिला यूथ सीएलजी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े जमीनी मुद्दे पुलिस अधिकारियों के समक्ष रखे। महिलाओं ने मुख्य सड़कों एवं चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने तथा स्कूल-कॉलेजों के आसपास सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने का सुझाव दिया। सदस्यों ने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस एवं महिला यूथ सीएलजी के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता भी बताई। गश्त और निगरानी मजबूत करने का भरोसा महिला यूथ सीएलजी सदस्यों द्वारा रखे गए सुझावों को पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार गश्त, निगरानी एवं पुलिसिंग को प्रभावी बनाने का भरोसा दिलाया। पुलिस की ओर से कहा गया कि स्थानीय स्तर पर महिलाओं से मिलने वाली जानकारी और सुझावों को सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में उपयोग किया जाएगा। ‘महिला सुरक्षा पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी’ संवाद के दौरान पुलिस की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सुरक्षा संबंधी समस्याओं की पहचान, जागरूकता तथा अपराधों की रोकथाम को और प्रभावी बनाया जा सकता है। डूंगरपुर पुलिस का उद्देश्य महिला यूथ सीएलजी के माध्यम से महिलाओं की आवाज पुलिस तक पहुंचाना, सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान करना तथा पुलिस और आमजन के बीच विश्वास एवं सहयोग को और मजबूत करना है। निरंतर सहयोग का दिया भरोसा बैठक में शामिल महिला यूथ सीएलजी सदस्यों ने भी पुलिस के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने तथा महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का विश्वास दिलाया। पुलिस की इस पहल को महिलाओं की सुरक्षा में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।4
- भामाशाह पंड्या दंपती ने विद्यार्थियों को बांटी शैक्षणिक सामग्री राजकीय प्राथमिक विद्यालय सज्जनपुरा, पीईईओ रामसौर जुना में भामाशाहों की ओर से विद्यार्थियों के हित में लगातार सहयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में खड़गदा निवासी भामाशाह पुलक पंड्या एवं डॉली पुलक पंड्या ने विद्यालय के समस्त बालक-बालिकाओं को थ्री-इन-वन कॉपियां, पानी की बोतल, पेन, पेंसिल, रबर व शॉपनर वितरित किए। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की ओर से भामाशाह पुलक पंड्या का तिलक, पगड़ी एवं उपरणा ओढ़ाकर तथा डॉली पंड्या का तिलक, पगड़ी एवं उपरणा ओढ़ाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। प्रधानाचार्य दिनेश कुमार लबाना ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि गत अगस्त माह में भी भामाशाहों के सहयोग से विद्यार्थियों को विद्यालय यूनिफॉर्म, स्कूल बैग एवं जूते उपलब्ध करवाए गए थे। भामाशाह दंपती ने सभी विद्यार्थियों का मंत्रोच्चार के साथ तिलक कर उन्हें शुभाशीष प्रदान किया। कार्यक्रम में अभिभावक लक्ष्मण डामोर, कोदर डामोर, अमृतलाल डामोर, शंकर लबाना, सना डामोर, लालशंकर डामोर, विजय डामोर, दिलीप डामोर, ललिता देवी, सज्जादेवी, कल्पना देवी, मुन्ना देवी एवं सुनीता देवी सहित अन्य उपस्थित रहे। संचालन एवं आभार चंदूलाल खराड़ी ने किया।1
- *राजस्थान के सरकारी विद्यालयों को रक्तदान जनजागरण से जोड़ने के लिए सपना फाउंडेशन द्वारा अभिनव पहल* रा.उ.मा.वि. कंठाव (घाटोल-बाँसवाड़ा) स्कूल में बच्चों के बीच शिक्षक, ग्रामीणों ने किया रक्तदान अगर आपको यह जीवनदायिनी पहल अच्छी लगी हो तो अपने शैक्षिक, सामाजिक समूह में शेयर करें। सपना फाउंडेशन एक कदम सेवा की ओर1
- नगरीय निकाय चुनाव 2026 की तैयारियों को लेकर संभागीय आयुक्त ने ली प्रकोष्ठ प्रभारियों की बैठक**राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करें-संभागीय आयुक्त* *नगरीय निकाय चुनाव 2026 की तैयारियों को लेकर संभागीय आयुक्त ने ली प्रकोष्ठ प्रभारियों की बैठक**राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करें-संभागीय आयुक्त* रिपोर्टर अनिल जटिया प्रतापगढ़,2 सितंबर। संभागीय आयुक्त उदयपुर खजान सिंह ने नगरीय निकाय चुनाव 2026 के मद्देनजर बुधवार को समस्त प्रकोष्ठ प्रभारियों की बैठक लेकर चुनाव तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त ने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना सभी प्रभारियों की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी प्रकोष्ठ आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें। निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहे तथा प्रत्येक कार्य की नियमित रूप से समीक्षा की जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी शुभम चौधरी ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में नगरीय निकाय चुनाव की सभी तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। सभी प्रकोष्ठ प्रभारी अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें तथा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतें। उप जिला निर्वाचन अधिकारी विजयेश कुमार पंड्या ने पीपीटी के माध्यम से अब तक की गई सभी व्यवस्थाओं एवं कार्यों की प्रगति से संभागीय आयुक्त को अवगत करवाया। साथ ही समस्त प्रकोष्ठ प्रभारियों ने अपने-अपने प्रकोष्ठ द्वारा किए जा रहे एवं किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। बैठक में नगरीय निकाय निर्वाचन प्रकोष्ठ, मतदान दल एवं मतगणना प्रकोष्ठ, मतदान एवं मतगणना दलों के प्रशिक्षण संबंधी कार्य, कानून व्यवस्था प्रकोष्ठ, मीडिया प्रकोष्ठ, नाम निर्देशन एवं रिटर्निंग अधिकारियों से संबंधित कार्य, कार्मिक प्रकोष्ठ, आदर्श आचार संहिता प्रकोष्ठ, शिकायत निवारण प्रकोष्ठ, निर्वाचन एवं निर्वाचन व्यक्तियों से संबंधित कार्य, सामान्य व्यवस्था प्रकोष्ठ सहित समस्त प्रकोष्ठों द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। संभागीय आयुक्त ने सभी प्रकोष्ठ प्रभारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में एसीईओ कैलाश चंद्र बसेर, तहसीलदार निर्वाचन हितेश सांचीहर, आयुक्त नगर परिषद जितेंद्र मीणा, निर्वाचन शाखा विवेक सिंह राठौर, गोकुलसिंह खानावत, राधेश्याम मीणा सहित समस्त प्रकोष्ठ प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।2
- डुंगरपुर: निकाय चुनाव मे कांग्रेस की जीत के लिए भरत नागदा ने दी घोषणापत्र की जानकारी। तेजसिंह राठौड संवाददाता डुंगरपुर 9929285157 डूंगरपुर: निकाय चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए SC विभाग ने कसी कमर, जिलाध्यक्ष सुखदेव यादव ने जारी किया पत्र । डूंगरपुर। आगामी नगर निकाय चुनावों में पार्टी को विजय दिलाने के उद्देश्य से जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति (SC) विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एससी विभाग के जिलाध्यक्ष सुखदेव यादव ने एक पत्र जारी कर जिला पदाधिकारियों, ब्लॉक अध्यक्षों एवं ब्लॉक पदाधिकारियों को नगर परिषद डूंगरपुर एवं नगरपालिका सागवाड़ा चुनावों में पूरी सक्रियता और जिम्मेदारी से जुटने का आह्वान किया है। पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि सभी पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ कांग्रेस पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार-प्रसार में जुट जाएं। पदाधिकारियों को वार्ड एवं बूथ स्तर तक पहुंचकर आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने, कांग्रेस की नीतियों एवं जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने का दायित्व सौंपा गया है। जिलाध्यक्ष सुखदेव यादव ने जोर देकर कहा कि निकाय चुनावों में कार्यकर्ताओं की मेहनत और सक्रियता ही आने वाले पंचायत राज, विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की मजबूत वापसी की आधारशिला बनेगी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को सर्वोपरि रखते हुए एकजुटता और अनुशासन के साथ पार्टी की विजय सुनिश्चित करने की अपील की है।1
- सागवाड़ा वार्ड नंबर 4 में घमासान, विधायक शंकरलाल डेचा बोले- “बागियों को कल तक मना लेंगे सागवाड़ा वार्ड नंबर 4 में घमासान! नगर पालिका चुनाव 2026 को लेकर वार्ड नंबर 4 में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। भाजपा ने योगेश जैन को अपना प्रत्याशी बनाया है, लेकिन उनके सामने सपना जैन और रविंद्र जैन निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में डटे हुए हैं। भाजपा वार्ड कार्यालय का शुभारंभ इस दौरान भाजपा प्रत्याशी योगेश जैन ने वार्ड के विकास को लेकर भरोसा दिलाया। वहीं विधायक शंकरलाल डेचा ने बड़ा दावा करते हुए कहा— “दोनों निर्दलीय भाजपा के ही हैं, कल नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख तक उन्हें मना लेंगे।” विधायक ने कहा कि दोनों भाजपा के साथ खड़े होंगे और वार्ड नंबर 4 से भाजपा का पार्षद जीतकर आएगा। साथ ही सागवाड़ा नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड बनाने का दावा भी किया। अब सवाल—क्या भाजपा अपने बागी प्रत्याशियों को मना पाएगी1
- भामाशाहों की दरियादिली से नौनिहालों के चेहरे खिले, सज्जनपुरा स्कूल में फिर बरसी सौगात पुलक पंड्या व डॉली पंड्या ने बच्चों को बांटी कॉपियां, पानी की बोतल और शैक्षणिक सामग्री; विद्यालय परिवार ने किया सम्मान सीमलवाड़ा। राजकीय प्राथमिक विद्यालय सज्जनपुरा, पीईईओ रामसौर जुना में भामाशाहों की ओर से लगातार किए जा रहे सहयोग से विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध हो रही है। विद्यालय में भामाशाह पुलक पंड्या एवं डॉली पंड्या निवासी खडगदा ने विद्यालय के समस्त बालक-बालिकाओं को उपयोगी शैक्षणिक सामग्री वितरित की। सामग्री पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। भामाशाहों द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी को थ्री-इन-वन कॉपियां चार-चार, पानी की बोतल, पेन, पेंसिल, रबर एवं शार्पनर वितरित किए गए। इस पहल से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध होने के साथ शिक्षा के प्रति प्रोत्साहन भी मिला। तिलक-पगड़ी व उपरणा ओढ़ाकर किया सम्मान कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार की ओर से भामाशाह पुलक पंड्या का तिलक लगाकर, पगड़ी पहनाकर एवं उपरणा ओढ़ाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। वहीं डॉली पंड्या का भी तिलक-पगड़ी एवं उपरणा ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के संस्थाप्रधान दिनेश कुमार लबाना के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने भामाशाह परिवार का आभार जताते हुए कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को देखते हुए समाज के सहयोग से लगातार सकारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। पहले भी विद्यार्थियों को मिली थी शैक्षणिक सौगात संस्थाप्रधान दिनेश कुमार लबाना ने बताया कि इससे पूर्व अगस्त माह में भी विद्यालय के विद्यार्थियों को भामाशाहों के सहयोग से विद्यालय यूनिफॉर्म, स्कूल बैग एवं जूते उपलब्ध करवाए गए थे। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। ऐसे पुनीत कार्य विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंत्रोच्चार के साथ बच्चों को दिया आशीर्वाद भामाशाह पुलक पंड्या एवं डॉली पंड्या ने विद्यालय के समस्त बालक-बालिकाओं को मंत्रोच्चार के साथ तिलक कर शुभ आशीर्वाद प्रदान किया। इस दौरान बच्चों के बीच उत्साह का माहौल रहा। विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों ने भामाशाह परिवार की इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। अभिभावक रहे मौजूद कार्यक्रम में अभिभावक लक्ष्मण डामोर, कोदर डामोर, अमृतलाल डामोर, शंकर लबाना, सना डामोर, लालशंकर डामोर, विजय डामोर, दिलीप डामोर, ललिता देवी, सज्जादेवी, कल्पना देवी, मुन्ना देवी एवं सुनीता देवी, लक्ष्मी डामोर सहित विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन चन्दुलाल खराड़ी ने किया तथा अंत में आभार व्यक्त किया। विद्यालय परिवार ने भामाशाह परिवार द्वारा किए गए सहयोग को विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।3
- कांग्रेस में टिकट वितरण के चलते उत्पन्न हुए असंतोष के कारण, बीकानेर शहर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष श्री मदन मेघवाल जी की कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बेरहमी से की गई मारपीट अत्यंत निंदनीय है। जिस पार्टी के कार्यकर्ता अपने ही जिलाध्यक्ष के साथ हिंसा पर उतर आएं, वह जनता के हित और प्रदेश के विकास की क्या बात करेगी?1