ढाबादेह के पास दो ट्रकों की भीषण भिड़ंत, NH-52 पर लगा लंबा जामय 5 घंटे बाद बहाल हुआ यातायात कोटा-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर शनिवार सुबह करीब 9 बजे ढाबादेह के पास दो भारी वाहनों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे सैकड़ों यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोटा की ओर जा रहा एक कंटेनर ढाबादेह के समीप अबली मणी महल की चढ़ाई पर ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रेलर के ब्रेक समय पर नहीं लग सके और दोनों वाहनों में भीषण भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कंटेनर ट्रेलर में बुरी तरह फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। हाइड्रा मशीन की सहायता से दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन जाम की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। हादसे के चलते एक ओर दरा स्टेशन तक और दूसरी ओर कमलपुरा फोर-लेन होते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले अमझार-भटवाड़ा मार्ग तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात इतने बिगड़ गए कि स्टेट हाईवे-9 (चेचट-रावतभाटा मार्ग) पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया। करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सुचारू किया जा सका। हालांकि शाम तक भी अभ्यारण्य क्षेत्र में वाहन रेंग-रेंग कर चलते नजर आए। पुलिस ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने और ओवरटेकिंग से बचने की अपील की है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
ढाबादेह के पास दो ट्रकों की भीषण भिड़ंत, NH-52 पर लगा लंबा जामय 5 घंटे बाद बहाल हुआ यातायात कोटा-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर शनिवार सुबह करीब 9 बजे ढाबादेह के पास दो भारी वाहनों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे सैकड़ों यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोटा की ओर जा रहा एक कंटेनर ढाबादेह के समीप अबली मणी महल की चढ़ाई पर ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रेलर के ब्रेक समय पर नहीं लग सके और दोनों वाहनों में भीषण भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कंटेनर ट्रेलर में बुरी तरह फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। हाइड्रा मशीन की सहायता से दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन जाम की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। हादसे के चलते एक ओर दरा स्टेशन तक और दूसरी ओर कमलपुरा फोर-लेन होते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले अमझार-भटवाड़ा मार्ग तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात इतने बिगड़ गए कि स्टेट हाईवे-9 (चेचट-रावतभाटा मार्ग) पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया। करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सुचारू किया जा सका। हालांकि शाम तक भी अभ्यारण्य क्षेत्र में वाहन रेंग-रेंग कर चलते नजर आए। पुलिस ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने और ओवरटेकिंग से बचने की अपील की है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
- मोड़क क्षेत्र से निकल रहें कोटा झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 दरा अभ्यारण अबली मणी महल कि चढ़ाई पर ट्रेलर और कंटेनर कि आसपास में भिड़ंत हो गई जिससे सैकड़ों यात्रियों को घंटों तक फंसे रहे जानकारी के कोटा कि तरफ़ जा रहा कंटेनर ने अबली मणी महल चढ़ाई पर ओवरटेक कर रहा था तभी कोटा कि तरफ़ से आ रहे ट्रेलर के ब्रेक नहीं लगें और दोनों कि आमने-सामने भिड़ंत हो गई हादसे के बाद दोनों ट्रक आपस में फंस गए घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और हाइड्रा मशीन कि मदद से क़रीब 3 घंटे कि कड़ी मशक्कत के बाद दोनों ट्रकों को सड़क से हटाया गया, हादसे के बाद दोनों तरफ वाहनों कि लाइनें लग गई,5 घंटे बाद सुचारू रूप से चल पाया यातायात,5
- दरा हिल्स टाइगर रिजर्व क्षेत्र में नेशनल हाईवे-52 पर दो ट्रकों के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में एक ट्रक चालक घायल हो गया, जिसे मौके पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया।1
- रायपुर क्षेत्र के सुनेल रोड पर स्थित कुटकी गांव में रोड पर भयंकर मोड होने के कारण आए दिन दुर्घटना होती रहती है जिसको लेकर ग्रामीणों में भय बना रहता है। ग्रामीण भगवान सिंह गुर्जर ने बताया कि इस भयंकर मोड पर पूर्व में एक व्यक्ति की दुर्घटना में मौत हो चुकी है साथ ही भयंकर मौत होने के कारण हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है इसलिए हमारी मांग है कि भयंकर मोड पर ब्रेकर बनाया जावे जिससे दुर्घटना रुक सके।1
- Post by Ramprasad dhangar1
- मजदूर किसान भवन पर झंडारोहण कर मनाया किसान सभा का 90वां स्थापना दिवस कोटा। किसान सभा तहसील कमेटी पीपल्दा द्वारा कोटा जिले के इटावा स्थित मजदूर किसान भवन में अखिल भारतीय किसान सभा का 90वां स्थापना दिवस झंडारोहण कर मनाया गया। किसान नेताओं ने किसानों और मजदूरों के अधिकारों को लेकर सरकार के समक्ष कई मांगें रखीं। किसान सभा तहसील कमेटी पीपल्दा द्वारा मजदूर किसान भवन इटावा में अखिल भारतीय किसान सभा का 90वां स्थापना दिवस किसान सभा का झंडा फहराकर मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान सभा के सदस्य मौजूद रहे। तहसील सचिव कामरेड बाबूलाल बलवानी ने बताया कि 11 अप्रैल 1936 को ब्रिटिश शासनकाल में स्वामी सहजानंद सरस्वती के नेतृत्व में अखिल भारतीय किसान सभा का गठन किया गया था, जो तब से लेकर आज तक किसानों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत है। कामरेड दुलीचंद आर्य ने किसान सभा का झंडा फहराया। कार्यक्रम में किसान नेताओं ने सरकार से विभिन्न मांगें रखीं, जिनमें भूमिहीनलकिसानों और मजदूरों को सीलिंग एक्ट के तहत कृषि भूमि आवंटित करना, किसानों-मजदूरों व लघु दुकानदारों का संपूर्ण कर्ज माफ करना, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी2+50 प्रतिशत फार्मूले पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी कानून लागू करना, खाद्यान्न वस्तुओं की बढ़ी कीमतों को कम करना तथा किसानों को सस्ते खाद-बीज उपलब्ध कराना शामिल है। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और रोजगार की गारंटी देने की मांग भी उठाई गई। किसानों से एकजुट होने का आह्वान वक्ताओं ने कहा कि अखिल भारतीय किसान सभा पिछले 90 वर्षों से किसानों को पूंजीपतियों और बिचौलियों के शोषण से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने किसानों से संगठन को मजबूत बनाने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। किसान सभा नेताओं ने वर्तमान में ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों के मुआवजे और बीमा क्लेम के भुगतान को लेकर आंदोलन की तैयारी की जानकारी भी दी। साथ ही 14 अप्रैल को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर इटावा स्थित अंबेडकर सर्किल पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम में तहसील अध्यक्ष सूरजमल मीणा, सीटू यूनियन महामंत्री मुरारीलाल बैरवा, कामरेड रामकुंवर महावार, भोजराज नागर, प्रेम पेंटर, हीरालाल मेहरा, रामचरण मीणा, चेतनप्रकाश मीणा सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।4
- कोटा में गुंजल और धारीवाल के समर्थक हुए आमने-सामने:, जिला प्रभारी बोले- गुटबाजी से कांग्रेस पार्टी कमजोर, बैठक में गुंजल का नाम नहीं लेने पर हुआ था हंगामा1
- *_मंदसौर में शिक्षकों का बड़ा विरोध: TET अनिवार्यता खत्म करने और सेवा अवधि प्रथम नियुक्ति से जोड़ने की मांग_* ________________ *_विधिक आवाज़ न्यूज़_* _मुबारिक हुसैन मंसुरी_ *_जिला ब्यूरो चीफ मन्दसौर_* ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️ *_कयामपुर (मंदसौर), 11 अप्रैल 2026_* _जिला मंदसौर के शिक्षक/अध्यापक संयुक्त मोर्चा द्वारा एक ज्ञापन प्रस्तुत कर प्रदेश सरकार के समक्ष महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। यह ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन भोपाल के नाम संबोधित करते हुए तहसीलदार महोदय, कयामपुर के माध्यम से सौंपा गया।_ _ज्ञापन में बताया गया कि आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश के नॉन-TET शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस पर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की 10 अगस्त 2010 की अधिसूचना के अनुसार कुछ वर्गों के शिक्षकों को TET से छूट प्रदान की गई है।_ _ज्ञापन के अनुसार, 3 सितंबर 2001 के पूर्व नियुक्त शिक्षक (संविदा शाला शिक्षक), 3 सितंबर 2001 के बाद नियुक्त शिक्षक (शिक्षाकर्मी व संविदा शाला शिक्षक) तथा वर्ष 2011 से 2014 के बीच नियुक्त शिक्षकों को पहले ही TET से छूट दी जा चुकी है। इसके अलावा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय में भी इस छूट का उल्लेख किया गया है।_ _इसके बावजूद विभागीय आदेशों के माध्यम से नॉन-TET शिक्षकों को पुनः TET उत्तीर्ण करने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिसे शिक्षक संगठन ने न्यायालय के निर्णय और अधिसूचना के विरुद्ध बताया है।_ _शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मांग की है कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 2 मार्च 2026 एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा 26 मार्च 2026 को जारी आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही प्रदेश के लाखों शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त कर मानसिक तनाव से राहत प्रदान की जाए।_ _इसके अलावा एक प्रमुख मांग यह भी रखी गई है कि शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए, जिससे उन्हें पेंशन, क्रमोन्नति, वेतनमान एवं अन्य शासकीय लाभ मिल सकें।_ _ज्ञापन के अंत में शिक्षक नेताओं ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस विषय में संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेगी, जिससे शिक्षकों को राहत मिल सके।_1
- अमेरिका-ईरान के बीच 21 घंटे चली बातचीत फेल, नहीं हो सका समझौता: पाकिस्तान से वापस लौटता ईरानी डेलिगेशन...1
- भारत मे सामाजिक क्रांति के दूत एवं महान समाज सुधारक के नाम से प्रसिद्ध संत महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती बारां जिले के अंता कस्बे मे दिनांक 11 अप्रैल 2026 शनिवार को डॉ भीमराव अम्बेडकर आयोजन समिति एवं भीम आर्मी भारत एकता मिशन के नेतृत्व मे मनाई गई | प्राप्त जानकारी के अनुसार समिति के सदस्यों ने महान समाज सुधारक महात्मा फुले को पुष्प अर्पित कर नमन किया उसके बाद उनके जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला | भीम आर्मी के प्रदेश मिडिया प्रभारी एडवोकेट प्रेम शंकर शांत ने कहा की समाज मे जातिवाद छुवा छूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के लिए आवाज़ उठाने के साथ साथ समाज हित ने भी अनेको कार्य फुले साहब द्वारा किये गये, उन्होंने गुलाम गिरी जैसी पुस्तक लिख कर समाज मे व्याप्त कुरीतियों को खत्म करने की पहल की | कार्यक्रम मे आयोजन समिति के अध्यक्ष जगदीश पंवार, भीम आर्मी आई टी सेल के प्रदेश सदस्य देवी शंकर मेघवाल, रिंकू सैनी,दौलत राम, एडवोकेट अनूप मेघवाल गजेंद्र शांत, , भीम आर्मी के संभाग महासचिव राकेश गोडाला, एडवोकेट देश राज मेहरा, सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे1