पांच महीने की तकलीफ के बाद फिर खड़े हुए कदम, जिला अस्पताल में डॉ. राजकुमार के सफल ऑपरेशन से धंती बाई के चेहरे पर लौटी मुस्कान अनूपपुर - पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के ग्राम बकर्रा निवासी धंती बाई के लिए पिछले पांच महीने बेहद मुश्किल भरे रहे। करीब पांच महीने पहले हुए सड़क हादसे में उनकी जांघ की हड्डी टूट गई थी। आर्थिक और अन्य परिस्थितियों के चलते उन्होंने स्थानीय स्तर पर जड़ी-बूटी एवं देसी उपचार का सहारा लिया। लेकिन समय बीतने के साथ उनकी परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती चली गई। मरीज के अनुसार, लगातार देसी उपचार के बाद उनकी स्थिति ऐसी हो गई कि प्रभावित पैर दूसरे पैर की तुलना में छोटा दिखाई देने लगा। उन्हें चलने-फिरने में भी काफी परेशानी होने लगी और धीरे-धीरे वे सामान्य रूप से चलने में असमर्थ हो गईं। जब तकलीफ अधिक बढ़ी तो लोगों की सलाह पर धंती बाई जिला चिकित्सालय अनूपपुर पहुंचीं और यहां अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार से जांच कराई। जांच के बाद चिकित्सकीय उपचार एवं ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। डॉ. राजकुमार और उनकी टीम द्वारा धंती बाई के पैर का ऑपरेशन किया गया। परिजनों के मुताबिक ऑपरेशन के बाद उनकी स्थिति में लगातार सुधार हुआ और करीब एक सप्ताह के भीतर धंती बाई दोबारा चलने लगीं। लंबे समय से चलने-फिरने में असमर्थ महिला के लिए यह सुधार राहत की बड़ी वजह बना है। जिला अस्पताल के प्रति बढ़ा भरोसा धंती बाई का मामला यह भी बताता है कि हड्डी से जुड़ी गंभीर चोट के बाद समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय उपचार कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। जिला चिकित्सालय अनूपपुर में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार की सेवाएं शुरू होने के बाद हड्डी से संबंजाधित उपचार और ऑपरेशन के लिए स्थानीय स्तर पर मरीजों को सुविधा मिलने लगी है। सफल ऑपरेशन के बाद मरीजों और परिजनों में जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भरोसा बढ़ने की बात सामने आ रही है। वहीं, ऐसे मामलों से यह संदेश भी मिलता है कि दुर्घटना में हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट होने पर बिना विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक घरेलू या पारंपरिक उपचार पर निर्भर रहने के बजाय समय पर अस्पताल में जांच और उपचार कराना जरूरी है।
पांच महीने की तकलीफ के बाद फिर खड़े हुए कदम, जिला अस्पताल में डॉ. राजकुमार के सफल ऑपरेशन से धंती बाई के चेहरे पर लौटी मुस्कान अनूपपुर - पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के ग्राम बकर्रा निवासी धंती बाई के लिए पिछले पांच महीने बेहद मुश्किल भरे रहे। करीब पांच महीने पहले हुए सड़क हादसे में उनकी जांघ की हड्डी टूट गई थी। आर्थिक और अन्य परिस्थितियों के चलते उन्होंने स्थानीय स्तर पर जड़ी-बूटी एवं देसी उपचार का सहारा लिया। लेकिन समय बीतने के साथ उनकी परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती चली गई। मरीज के अनुसार, लगातार देसी उपचार के बाद उनकी स्थिति ऐसी हो गई कि प्रभावित पैर दूसरे पैर की तुलना में छोटा दिखाई देने लगा। उन्हें चलने-फिरने में भी काफी परेशानी होने लगी और धीरे-धीरे वे सामान्य रूप से चलने में असमर्थ हो गईं। जब तकलीफ अधिक बढ़ी तो लोगों की सलाह पर धंती बाई जिला चिकित्सालय अनूपपुर पहुंचीं और यहां अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार से जांच कराई। जांच के बाद चिकित्सकीय उपचार एवं ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। डॉ. राजकुमार और उनकी टीम द्वारा धंती बाई के पैर का ऑपरेशन किया गया। परिजनों के मुताबिक ऑपरेशन के बाद उनकी स्थिति में लगातार सुधार हुआ और करीब एक सप्ताह के भीतर धंती बाई दोबारा चलने लगीं। लंबे समय से चलने-फिरने में असमर्थ महिला के लिए यह सुधार राहत की बड़ी वजह बना है। जिला अस्पताल के प्रति बढ़ा भरोसा धंती बाई का मामला यह भी बताता है कि हड्डी से जुड़ी गंभीर चोट के बाद समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय उपचार कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। जिला चिकित्सालय अनूपपुर में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार की सेवाएं शुरू होने के बाद हड्डी से संबंजाधित उपचार और ऑपरेशन के लिए स्थानीय स्तर पर मरीजों को सुविधा मिलने लगी है। सफल ऑपरेशन के बाद मरीजों और परिजनों में जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भरोसा बढ़ने की बात सामने आ रही है। वहीं, ऐसे मामलों से यह संदेश भी मिलता है कि दुर्घटना में हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट होने पर बिना विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक घरेलू या पारंपरिक उपचार पर निर्भर रहने के बजाय समय पर अस्पताल में जांच और उपचार कराना जरूरी है।
- नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त1
- देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत पूरे देश भर में नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया जा रहा है1
- जन विश्वास अभियान: घुनघुटी में जनसुनवाई, कमिश्नर-कलेक्टर ने सुनी शिकायतें बिरसिंहपुर -- पाली मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम घुनघुटी में शुक्रवार को भव्य जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। कंचोदर घुनघुटी में आयोजित इस शिविर में संभागीय कमिश्नर और जिला कलेक्टर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पीएम आवास योजना में नाम न जुड़ने, राशन कार्ड में त्रुटि, वनाधिकार पट्टा न मिलने, नल-जल योजना में पानी की समस्या, सड़क की जर्जर हालत, बिजली बिल में गड़बड़ी और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने फसल बीमा और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया, जबकि शेष शिकायतों को समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को सौंपा गया। जन विश्वास अभियान: घुनघुटी में जनसुनवाई, कमिश्नर-कलेक्टर ने सुनी शिकायतें बिरसिंहपुर -- पाली मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम घुनघुटी में शुक्रवार को भव्य जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। कंचोदर घुनघुटी में आयोजित इस शिविर में संभागीय कमिश्नर और जिला कलेक्टर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पीएम आवास योजना में नाम न जुड़ने, राशन कार्ड में त्रुटि, वनाधिकार पट्टा न मिलने, नल-जल योजना में पानी की समस्या, सड़क की जर्जर हालत, बिजली बिल में गड़बड़ी और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने फसल बीमा और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया, जबकि शेष शिकायतों को समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को सौंपा गया। कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। कलेक्टर ने राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम पाली, तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर स्थल पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जांच कराई। ग्रामीणों ने कहा कि इतने बड़े अधिकारी गांव में आकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, इससे उनमें शासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।4
- जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर रिश्वत का आरोप, वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल डिंडौरी - मेहंदवानी तहसील क्षेत्र के पायली गांव से प्रशासनिक व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आदिवासी समाज की गरीब महिला फुंदिया बाई पति गुलाब सिंह ने जमीन के प्रमाणीकरण एवं पट्टा प्राप्त करने के लिए रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को आवेदन दिया है। महिला के आरोपों के अनुसार, तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार के ड्राइवर शब्बीर खान ने जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर उनसे 20 हजार रुपये की मांग की थी। महिला का कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद उसने अपने जेवर और चांदी गिरवी रखकर किसी तरह 10 हजार रुपये की राशि दी। इसके बाद आरोप है कि ड्राइवर शब्बीर खान ने उन्हें तहसील कार्यालय के एक कमरे में बुलाकर कुल 16 हजार रुपये लिए और कथित तौर पर यह कहा कि “साहिब को भी देना पड़ता है।” महिला के अनुसार राशि देने के बाद जमीन का प्रमाणीकरण किया गया और ऑनलाइन पट्टा उपलब्ध कराया गया। न्याय की गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची महिला मामले को लेकर पीड़ित महिला अपने बेटे अजीत सिंह के साथ डिंडौरी कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने अपनी शिकायत प्रशासन के समक्ष रखकर मामले की जांच और न्याय की मांग की। महिला की कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के आवक जावक शाखा में अपनी शिकायत प्रस्तुत की। वायरल वीडियो ने बढ़ाया मामला का रहस्य इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। वायरल वीडियो में महेंदवानी जनपद अध्यक्ष राम प्रसाद टेकाम कथित रूप से पीड़ित महिला को 13 हजार रुपये वापस करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उनके द्वारा अपनी गलती स्वीकार किए जाने की बात भी सामने आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब महिला ने तहसील के ड्राइवर पर राशि लेने का आरोप लगाया है, तो जनपद अध्यक्ष द्वारा महिला को पैसे वापस किए जाने की वजह क्या थी? इस पूरे घटनाक्रम में किस स्तर पर और किसके माध्यम से राशि का लेन-देन हुआ, यह जांच का विषय बन गया है। हालांकि, मामले को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता पूरे प्रकरण की जानकारी एसडीएम एवं कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के संज्ञान में लाई गई है। बताया जा रहा है कि शाहपुरा एसडीएम द्वारा मामले की जांच की जा रही है। अब जांच में महिला द्वारा लगाए गए रिश्वत के आरोप, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही राशि वापसी तथा कथित लेन-देन के पीछे की वास्तविकता स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच होना बाकी है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर राशि किसने ली और पूरे प्रकरण में वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है।2
- कलेक्टर ने शिक्षक बनकर विद्यार्थियों से पूछे सवाल, दिए सकारात्मक जवाब ... कलेक्टर ने शा. पूर्व माध्यमिक विद्यालय पटासी का किया औचक निरीक्षण .... शहडोल 18 सितम्बर 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज जनपद पंचायत सोहागपुर के एकीकृत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय पटासी का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से सामान्य ज्ञान, 12, 15 एवं 19 के पहाड़े तथा मध्यान्ह भोजन वितरण से संबंधित सवाल पूछे। विद्यार्थियों ने पूछे गए सवालों के सकारात्मक एवं संतोषजनक जवाब दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों की उपस्थिति के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए अभिभावकों से चर्चा कर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गांव का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। कलेक्टर ने विद्यालय में मध्यान्ह भोजन वितरण, शिक्षकों की उपस्थिति सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्राचार्य को दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरे, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिंहा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- MP PSC की परीक्षा में रुचि तिवारी ने उप कुल सचिव पद के लिए किया तीसरा स्थान हासिल, एमपीपीएससी की परीक्षा में रूचि तिवारी ने उप कुल सचिव पद के लिए किया तीसरा स्थान हासिल उमरिया जिले का नाम किया रोशन मध्य प्रदेश उमरिया । जिले के नौरोजाबाद निवासी रूचि तिवारी ने एमपीपीएससी की परीक्षा में उप कुल सचिव पद के सामान्य वर्ग की श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। सामान्य परिवार से आने वाली रूचि ने घर में ही रहकर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी की और असिस्टेंट रजिस्टार पद के लिए तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले के साथ ही अपने परिवार का नाम रोशन किया है। रूचि बताती है कि उन्होने औसतन 6 से 7 घंटे की मेहनत की । वह मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रही थी । इसी बीच असिस्टेंट रजिस्टार का पद एमपीपीएससी से ही विज्ञापित हुआ । उन्होने अपनी मेहनत और लगन से इस पद के सामान्य वर्ग की सीट में प्रथम स्थान प्राप्त किया। रूचि तिवारी की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा नौरोजाबाद में ही हुई। इसके बाद उन्होने जबलपुर के जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की और घर में ही रहकर प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी करने लगी। रूचि तिवारी के पिता श्री राजेंद्र तिवारी एक सामान्य परिवार से आते है । वह अपनी बेटी की मेहनत और लगन से प्राप्त की गई उपलब्धि पर आल्हादित है। रूचि की उपलब्धि पर स्व0 श्री रतन लाल मालवीय हायर सेकेण्डरी स्कूल के शिक्षकों सहित संपूर्ण नौरोजाबाद नगर में खुशी का माहौल है। रूचि की सफलता से क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मेहनत से आगें बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।1
- कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनगवा (पूर्वी) कानिरीक्षण अनूपपुर - कलेक्टर रत्नाकर झा एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव ने आज मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत जैतहरी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनगवां (पूर्वी) का निरीक्षण कर विद्यालय के शैक्षणिक एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर अध्ययन-अध्यापन की स्थिति की जानकारी ली तथा उन्हें नियमित अध्ययन करते हुए बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर श्री झा ने कक्षा 10वीं एवं कक्षा 6वीं के विद्यार्थियों से विभिन्न विषयों में अध्ययन को लेकर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी लेते हुए उनकी जिज्ञासाओं को समझा। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की प्रयोगशाला का निरीक्षण कर प्रयोगात्मक गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त की। कलेक्टर ने विद्यालय परिसर का भ्रमण करते हुए पौधरोपण की स्थिति की जानकारी प्राचार्य मनोज खर्द से ली। प्राचार्य ने विद्यालय परिसर में पांच फलदार एवं पोषणयुक्त पौधों के रोपण की जानकारी दी। इस पर कलेक्टर ने विद्यालय में पदस्थ 13 शिक्षकों से 13 फलदार एवं पोषणयुक्त पौधे रोपित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक एक पौधे के रोपण के साथ उसकी देखभाल की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सौंपें, ताकि उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित हो। कलेक्टर श्री झा ने विद्यालय के रसोई कक्ष का निरीक्षण कर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता का भी जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों के बेहतर पोषण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विद्यालय परिसर में मुनगा, अमरूद, आंवला, आम सहित अन्य फलदार एवं पोषणयुक्त पौधों के रोपण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या की भी जानकारी ली। प्राचार्य ने बताया कि कक्षा 10वीं से 12वीं तक विद्यालय में कुल 208 विद्यार्थी नामांकित हैं। कलेक्टर ने विद्यार्थियों की शिक्षा, पोषण, पर्यावरण जागरूकता एवं विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुश्री सरिता नायक सहित संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।1
- नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त1
- कलेक्टर ने धरती आबा योजना के तहत निर्माणाधीन कार्यों का किया निरीक्षण .... कलेक्टर ने कार्यों गुणवत्तापूर्ण कराने के दिए निर्देश, व्यक्त की नाराजगी ... शहडोल 18 सितम्बर 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने ग्राम कोटमा में धरती आबा योजना के अंतर्गत बीडीसी द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने एक करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सामुदायिक भवन तथा दो करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने गुणवत्ता विहीन कार्य होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा गुणवत्तायुक्त कार्य कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सामुदायिक भवन परिसर का समतलीकरण कराने, फेवर ब्लॉक लगाने, पहुंच मार्ग का निर्माण कराने, विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कैम्पस का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। कलेक्टर ने निर्माण कार्यों को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम् प्रजापति, एसडीएम श्री भागीरथी लहरें, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिन्हा तथा भवन निर्माण मंडल के अधिकारी उपस्थित रहे।1