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Sahil bhai ka talent cricket bat banaa Diya 😍

2 hrs ago
user_Lugun Babu from simdega Jharkhand
Lugun Babu from simdega Jharkhand
Video Creator ठेठईटांगर, सिमडेगा, झारखंड•
2 hrs ago

Sahil bhai ka talent cricket bat banaa Diya 😍

More news from झारखंड and nearby areas
  • Sahil bhai ka talent cricket bat banaa Diya 😍
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    Sahil bhai ka talent cricket bat banaa Diya 😍
    user_Lugun Babu from simdega Jharkhand
    Lugun Babu from simdega Jharkhand
    Video Creator ठेठईटांगर, सिमडेगा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • सिमडेगा : सीएनटी उल्लंघन मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पूर्व मंत्री एनोस एक्का बुधवार को अपने गृह जिला सिमडेगा पहुंचे। उनके आगमन पर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ जोरदार स्वागत किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया।सिमडेगा पहुंचने से पूर्व एनोस एक्का कोलेबिरा में रुके, जहां उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी तेलेंगा खड़िया एवं बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कोलेबिरा में भी उनका भव्य स्वागत किया गया।मीडिया से बातचीत के दौरान एनोस एक्का ने कहा कि वे एक आदिवासी नेता हैं और इसी कारण उन्हें साजिश के तहत जेल भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई प्रभावशाली लोगों द्वारा सीएनटी नियमों का उल्लंघन कर जमीन की हेराफेरी की गई है, लेकिन कार्रवाई केवल उनके खिलाफ हुई।उन्होंने राष्ट्रीय पार्टियों भाजपा और कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि कोई आदिवासी नेता इन दलों का साथ छोड़ता है तो उसे परेशान किया जाता है। उन्होंने खुद को इसका उदाहरण बताया।कोलेबिरा से सिमडेगा पहुंचने पर उनके समर्थकों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर जुटे और उनका अभिनंदन किया। एनोस एक्का के आगमन को लेकर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
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    सिमडेगा : सीएनटी उल्लंघन मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पूर्व मंत्री एनोस एक्का बुधवार को अपने गृह जिला सिमडेगा पहुंचे। उनके आगमन पर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ जोरदार स्वागत किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया।सिमडेगा पहुंचने से पूर्व एनोस एक्का कोलेबिरा में रुके, जहां उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी तेलेंगा खड़िया एवं बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कोलेबिरा में भी उनका भव्य स्वागत किया गया।मीडिया से बातचीत के दौरान एनोस एक्का ने कहा कि वे एक आदिवासी नेता हैं और इसी कारण उन्हें साजिश के तहत जेल भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई प्रभावशाली लोगों द्वारा सीएनटी नियमों का उल्लंघन कर जमीन की हेराफेरी की गई है, लेकिन कार्रवाई केवल उनके खिलाफ हुई।उन्होंने राष्ट्रीय पार्टियों भाजपा और कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि कोई आदिवासी नेता इन दलों का साथ छोड़ता है तो उसे परेशान किया जाता है। उन्होंने खुद को इसका उदाहरण बताया।कोलेबिरा से सिमडेगा पहुंचने पर उनके समर्थकों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर जुटे और उनका अभिनंदन किया। एनोस एक्का के आगमन को लेकर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
    user_Satyam kumar keshri
    Satyam kumar keshri
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    21 hrs ago
  • एक 22 वर्षीय आदिवासी छात्र के साथ थाना परिसर में पुलिसकर्मियों द्वारा की गई गाली-गलौच और मारपीट की घटना बेहद चिंताजनक और निंदनीय है। आख़िर ऐसा क्या हुआ था उस थाने के भीतर, जिसकी वजह से कानून के रक्षक ही एक छात्र के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने लगे? क्या एक आम नागरिक, वह भी एक आदिवासी छात्र, न्याय की उम्मीद भी नहीं कर सकता? सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस घटना के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। आखिर यह सब किसके संरक्षण में हो रहा है, जो जिम्मेदार लोगों पर हाथ डालने से परहेज़ किया जा रहा है? यह सिर्फ एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरे समाज के विश्वास पर चोट है। प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि कानून और न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।
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    एक 22 वर्षीय आदिवासी छात्र के साथ थाना परिसर में पुलिसकर्मियों द्वारा की गई गाली-गलौच और मारपीट की घटना बेहद चिंताजनक और निंदनीय है।
आख़िर ऐसा क्या हुआ था उस थाने के भीतर, जिसकी वजह से कानून के रक्षक ही एक छात्र के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने लगे? क्या एक आम नागरिक, वह भी एक आदिवासी छात्र, न्याय की उम्मीद भी नहीं कर सकता?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस घटना के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। आखिर यह सब किसके संरक्षण में हो रहा है, जो जिम्मेदार लोगों पर हाथ डालने से परहेज़ किया जा रहा है?
यह सिर्फ एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरे समाज के विश्वास पर चोट है। प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि कानून और न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    Jashpur, Chhattisgarh•
    20 hrs ago
  • ​बसिया (गुमला): बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बसिया सबडिवीजन क्रिकेट अकादमी से एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। यहाँ कोनबीर NHPC मैदान में अभ्यास के लिए रखे गए क्रिकेट मैट को अज्ञात शरारती तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। इस घटना से अकादमी के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में भारी रोष है। ​ *प्रशिक्षण के दौरान जलता मिला मैट* ​अकादमी के कोच राजू राम ने बताया कि घटना बृहस्पतिवार की है। जब वे शाम करीब 4:00 बजे बच्चों को क्रिकेट की ट्रेनिंग देने के लिए मैदान पहुँचे, तो देखा कि लगभग ₹20,000 की लागत वाले मैट में आग लगी हुई है। आनन-फानन में कोच और बच्चों ने मिलकर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मैट पूरी तरह जलकर राख हो गया था। ​ *मैदान बना नशेड़ियों का अड्डा* ​कोच राजू राम ने मैदान की बदहाली और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि ​शाम ढलते ही खेल का मैदान नशेड़ियों का सुरक्षित ठिकाना बन जाता है। ​यहाँ अलग-अलग समूहों में बैठकर लोग शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं।​नशेड़ी न केवल शराब पीते हैं, बल्कि बोतलों को फोड़कर पूरे ग्राउंड में कांच फैला देते हैं, जिससे बच्चों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। *​गरीब खिलाड़ियों के भविष्य पर प्रहार* ​राजू राम ने भावुक होते हुए कहा कि यह केवल ₹20,000 के नुकसान की बात नहीं है, बल्कि उन गरीब बच्चों के भविष्य की क्षति है जो देहात क्षेत्रों से आकर यहाँ पसीना बहाते हैं। उन्होंने बताया कि इसी अकादमी से निकले बच्चे जिला और स्टेट लेवल पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। ऐसे में संसाधनों का नष्ट होना इन खिलाड़ियों के मनोबल को तोड़ता है। *​प्रशासन से की गई अपील* ​अकादमी प्रबंधन और स्थानीय खिलाड़ियों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि ​मैदान में अवैध रूप से बैठने वाले नशेड़ियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।​शाम के वक्त पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए ताकि खेल का मैदान सुरक्षित रह सके।
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    ​बसिया (गुमला): बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बसिया सबडिवीजन क्रिकेट अकादमी से एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। यहाँ कोनबीर NHPC मैदान में अभ्यास के लिए रखे गए क्रिकेट मैट को अज्ञात शरारती तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। इस घटना से अकादमी के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में भारी रोष है।
​ *प्रशिक्षण के दौरान जलता मिला मैट* 
​अकादमी के कोच राजू राम ने बताया कि घटना बृहस्पतिवार की है। जब वे शाम करीब 4:00 बजे बच्चों को क्रिकेट की ट्रेनिंग देने के लिए मैदान पहुँचे, तो देखा कि लगभग ₹20,000 की लागत वाले मैट में आग लगी हुई है। आनन-फानन में कोच और बच्चों ने मिलकर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मैट पूरी तरह जलकर राख हो गया था।
​ *मैदान बना नशेड़ियों का अड्डा* 
​कोच राजू राम ने मैदान की बदहाली और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि ​शाम ढलते ही खेल का मैदान नशेड़ियों का सुरक्षित ठिकाना बन जाता है।
​यहाँ अलग-अलग समूहों में बैठकर लोग शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं।​नशेड़ी न केवल शराब पीते हैं, बल्कि बोतलों को फोड़कर पूरे ग्राउंड में कांच फैला देते हैं, जिससे बच्चों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है।
*​गरीब खिलाड़ियों के भविष्य पर प्रहार* 
​राजू राम ने भावुक होते हुए कहा कि यह केवल ₹20,000 के नुकसान की बात नहीं है, बल्कि उन गरीब बच्चों के भविष्य की क्षति है जो देहात क्षेत्रों से आकर यहाँ पसीना बहाते हैं। उन्होंने बताया कि इसी अकादमी से निकले बच्चे जिला और स्टेट लेवल पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। ऐसे में संसाधनों का नष्ट होना इन खिलाड़ियों के मनोबल को तोड़ता है।
*​प्रशासन से की गई अपील* 
​अकादमी प्रबंधन और स्थानीय खिलाड़ियों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि ​मैदान में अवैध रूप से बैठने वाले नशेड़ियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।​शाम के वक्त पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए ताकि खेल का मैदान सुरक्षित रह सके।
    user_Niraj kumar Sahu
    Niraj kumar Sahu
    पत्रकार बसिया, गुमला, झारखंड•
    21 hrs ago
  • Post by Alex Shivansh
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    Post by Alex Shivansh
    user_Alex Shivansh
    Alex Shivansh
    Security Guard गुमला, गुमला, झारखंड•
    49 min ago
  • गुमला : उपायुक्त गुमला, श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 17 अप्रैल को होटल जयपुर, लोहरदगा रोड, गुमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।इस प्रशिक्षण शिविर में होटल संचालकों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, मध्याह्न भोजन के रसोइयों एवं पलाश कैफे की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 150 से अधिक खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।कार्यक्रम में एफएसएसएआई के सूचीबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने खाद्य विशेषता, खाद्य संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोगों के कारण एवं रोकथाम, फूड ग्रेड रंगों के सुरक्षित उपयोग, स्वच्छ पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, स्वच्छता मानकों का पालन, कार्यस्थल की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड एवं “गोल्डन रूल्स ऑफ फूड सेफ्टी” के बारे में विस्तार से समझाया गया।इस दौरान विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पानी की जांच प्रत्येक 6 माह (छह महीने) में अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके।कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों को अखबार, प्रिंटेड पेपर या हानिकारक प्लास्टिक में परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।तंबाकू निषेध पर विशेष जागरूकता सत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो के द्वारा कोटपा एक्ट (COTPA Act, 2003) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री निषेध तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सभी को तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया गया।नागरिक क्लब सोसायटी द्वारा प्रतिभागियों के बीच एप्रन, कैप एवं ग्लव्स का वितरण कर स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य संचालन को बढ़ावा दिया गया।खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला, श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी ने “ईट राइट इंडिया”, फोर्टिफाइड फूड एवं “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” जैसे अभियानों की जानकारी देते हुए संतुलित एवं सुरक्षित आहार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर एवं आवश्यक लेबलिंग के बिना पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी, फूड सेफ्टी ट्रेनर डॉ. राकेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिन्हा, संतोष पाठक, जितेंद्र कुमार, रवि कुमार, प्रियांशु कुमार, सूरज कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो एवं ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट का सराहनीय योगदान रहा।
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    गुमला : उपायुक्त गुमला, श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 17 अप्रैल को होटल जयपुर, लोहरदगा रोड, गुमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।इस प्रशिक्षण शिविर में होटल संचालकों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, मध्याह्न भोजन के रसोइयों एवं पलाश कैफे की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 150 से अधिक खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।कार्यक्रम में एफएसएसएआई के सूचीबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने खाद्य विशेषता, खाद्य संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोगों के कारण एवं रोकथाम, फूड ग्रेड रंगों के सुरक्षित उपयोग, स्वच्छ पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, स्वच्छता मानकों का पालन, कार्यस्थल की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड एवं “गोल्डन रूल्स ऑफ फूड सेफ्टी” के बारे में विस्तार से समझाया गया।इस दौरान विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पानी की जांच प्रत्येक 6 माह (छह महीने) में अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके।कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों को अखबार, प्रिंटेड पेपर या हानिकारक प्लास्टिक में परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।तंबाकू निषेध पर विशेष जागरूकता सत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो के द्वारा कोटपा एक्ट (COTPA Act, 2003) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री निषेध तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सभी को तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया गया।नागरिक क्लब सोसायटी द्वारा प्रतिभागियों के बीच एप्रन, कैप एवं ग्लव्स का वितरण कर स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य संचालन को बढ़ावा दिया गया।खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला, श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी ने “ईट राइट इंडिया”, फोर्टिफाइड फूड एवं “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” जैसे अभियानों की जानकारी देते हुए संतुलित एवं सुरक्षित आहार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर एवं आवश्यक लेबलिंग के बिना पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी, फूड सेफ्टी ट्रेनर डॉ. राकेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिन्हा, संतोष पाठक, जितेंद्र कुमार, रवि कुमार, प्रियांशु कुमार, सूरज कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो एवं ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट का सराहनीय योगदान रहा।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    1 hr ago
  • गुमला : उपायुक्त गुमला, श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 17 अप्रैल को होटल जयपुर, लोहरदगा रोड, गुमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में होटल संचालकों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, मध्याह्न भोजन के रसोइयों एवं पलाश कैफे की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 150 से अधिक खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में एफएसएसएआई के सूचीबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने खाद्य विशेषता, खाद्य संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोगों के कारण एवं रोकथाम, फूड ग्रेड रंगों के सुरक्षित उपयोग, स्वच्छ पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, स्वच्छता मानकों का पालन, कार्यस्थल की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड एवं “गोल्डन रूल्स ऑफ फूड सेफ्टी” के बारे में विस्तार से समझाया गया। इस दौरान विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पानी की जांच प्रत्येक 6 माह (छह महीने) में अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके। कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों को अखबार, प्रिंटेड पेपर या हानिकारक प्लास्टिक में परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। तंबाकू निषेध पर विशेष जागरूकता सत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो के द्वारा कोटपा एक्ट (COTPA Act, 2003) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री निषेध तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सभी को तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया गया। नागरिक क्लब सोसायटी द्वारा प्रतिभागियों के बीच एप्रन, कैप एवं ग्लव्स का वितरण कर स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य संचालन को बढ़ावा दिया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला, श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी ने “ईट राइट इंडिया”, फोर्टिफाइड फूड एवं “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” जैसे अभियानों की जानकारी देते हुए संतुलित एवं सुरक्षित आहार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर एवं आवश्यक लेबलिंग के बिना पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी, फूड सेफ्टी ट्रेनर डॉ. राकेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिन्हा, संतोष पाठक, जितेंद्र कुमार, रवि कुमार, प्रियांशु कुमार, सूरज कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो एवं ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट का सराहनीय योगदान रहा।
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    गुमला : उपायुक्त गुमला, श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 17 अप्रैल को होटल जयपुर, लोहरदगा रोड, गुमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण शिविर में होटल संचालकों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, मध्याह्न भोजन के रसोइयों एवं पलाश कैफे की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 150 से अधिक खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में एफएसएसएआई के सूचीबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने खाद्य विशेषता, खाद्य संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोगों के कारण एवं रोकथाम, फूड ग्रेड रंगों के सुरक्षित उपयोग, स्वच्छ पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, स्वच्छता मानकों का पालन, कार्यस्थल की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड एवं “गोल्डन रूल्स ऑफ फूड सेफ्टी” के बारे में विस्तार से समझाया गया।
इस दौरान विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पानी की जांच प्रत्येक 6 माह (छह महीने) में अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके।
कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों को अखबार, प्रिंटेड पेपर या हानिकारक प्लास्टिक में परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
तंबाकू निषेध पर विशेष जागरूकता सत्र
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो के द्वारा कोटपा एक्ट (COTPA Act, 2003) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री निषेध तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सभी को तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया गया।
नागरिक क्लब सोसायटी द्वारा प्रतिभागियों के बीच एप्रन, कैप एवं ग्लव्स का वितरण कर स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य संचालन को बढ़ावा दिया गया।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला, श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी ने “ईट राइट इंडिया”, फोर्टिफाइड फूड एवं “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” जैसे अभियानों की जानकारी देते हुए संतुलित एवं सुरक्षित आहार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर एवं आवश्यक लेबलिंग के बिना पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी, फूड सेफ्टी ट्रेनर डॉ. राकेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिन्हा, संतोष पाठक, जितेंद्र कुमार, रवि कुमार, प्रियांशु कुमार, सूरज कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो एवं ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट का सराहनीय योगदान रहा।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    1 hr ago
  • सिमडेगा:- पूर्व भाजपा विधायक प्रत्याशी श्रद्धानंद बेसरा ने अपने गांव भ्रमण कार्यक्रम के तहत सिमडेगा प्रखंड के वंगरू पंचायत अंतर्गत तेली टोली गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर स्थिति का जायजा लिया।गर्मी का मौसम शुरू होते ही क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। तेली टोली के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगा जल मीनार खराब होने के कारण करीब 40 घरों में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। हालांकि हर घर नल-जल योजना के तहत कनेक्शन उपलब्ध है, लेकिन जल मीनार के बंद होने से नियमित जलापूर्ति बाधित हो गई है, जिससे लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि करीब 8-10 महीने पहले पंचायत मुखिया फंड से बने दूसरे जल मीनार से भी पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है, जिससे स्थिति और भी विकट हो गई है।मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रद्धानंद बेसरा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पेयजल समस्या का समाधान उनकी प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि वे जल्द ही पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के अधिकारियों से समन्वय कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेंगे।ग्रामीणों ने इस संबंध में उन्हें एक आवेदन पत्र भी सौंपा। तत्पश्चात बेसरा ने त्वरित पहल करते हुए पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, सिमडेगा के सहायक कार्यपालक अभियंता से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया और शीघ्र जल मीनार की मरम्मत कराने की मांग की।
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    सिमडेगा:- पूर्व भाजपा विधायक प्रत्याशी श्रद्धानंद बेसरा ने अपने गांव भ्रमण कार्यक्रम के तहत सिमडेगा प्रखंड के वंगरू पंचायत अंतर्गत तेली टोली गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर स्थिति का जायजा लिया।गर्मी का मौसम शुरू होते ही क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। तेली टोली के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगा जल मीनार खराब होने के कारण करीब 40 घरों में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। हालांकि हर घर नल-जल योजना के तहत कनेक्शन उपलब्ध है, लेकिन जल मीनार के बंद होने से नियमित जलापूर्ति बाधित हो गई है, जिससे लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि करीब 8-10 महीने पहले पंचायत मुखिया फंड से बने दूसरे जल मीनार से भी पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है, जिससे स्थिति और भी विकट हो गई है।मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रद्धानंद बेसरा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पेयजल समस्या का समाधान उनकी प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि वे जल्द ही पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के अधिकारियों से समन्वय कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेंगे।ग्रामीणों ने इस संबंध में उन्हें एक आवेदन पत्र भी सौंपा। तत्पश्चात बेसरा ने त्वरित पहल करते हुए पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, सिमडेगा के सहायक कार्यपालक अभियंता से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया और शीघ्र जल मीनार की मरम्मत कराने की मांग की।
    user_Satyam kumar keshri
    Satyam kumar keshri
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    21 hrs ago
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