बागरोली में विकास की खुली पोल: श्मशान घाट तक जाने का रास्ता नहीं, खुले में अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण। बागरोली में विकास की खुली पोल: श्मशान घाट तक जाने का रास्ता नहीं, खुले में अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण 80 वर्षीय महिला के अंतिम संस्कार के दौरान सामने आई बदहाल व्यवस्था, ग्रामीण बोले—चुनाव में वादे हुए, लेकिन आज तक नहीं बना श्मशान घाट। जौरा/कैलारस। जनपद पंचायत कैलारस की ग्राम पंचायत बागरोली में विकास कार्यों की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब 80 वर्षीय कमोद राठौर, पत्नी स्व. श्रीपत राठौर के निधन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में न तो श्मशान घाट तक जाने के लिए कोई रास्ता है और न ही अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्थित श्मशान घाट का निर्माण कराया गया है। मजबूरी में खुले स्थान पर अंतिम संस्कार करना पड़ा। घटना के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने वीडियो और फोटो बनाकर ग्राम पंचायत की बदहाल स्थिति को उजागर किया। उनका कहना है कि वर्षों से गांव में श्मशान घाट की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बरसात के मौसम में खुले में अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। मृतका के पुत्र बारेलाल राठौर (40 वर्ष) ने बताया कि हर चुनाव में जनप्रतिनिधि श्मशान घाट बनवाने और रास्ता तैयार कराने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सभी वादे भूल जाते हैं। आज तक गांव में न तो श्मशान घाट बना और न ही वहां तक पहुंचने के लिए रास्ता तैयार किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी गांव में अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, तो वहां विकास के दावों की सच्चाई स्वयं सामने आ जाती है। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण आज भी लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बागरोली में शीघ्र श्मशान घाट का निर्माण कराया जाए तथा वहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के समय इस तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें: श्मशान घाट का तत्काल निर्माण कराया जाए। श्मशान घाट तक जाने के लिए पक्का मार्ग बनाया जाए। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की जांच कराई जाए। बरसात सहित हर मौसम में अंतिम संस्कार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बागरोली में विकास की खुली पोल: श्मशान घाट तक जाने का रास्ता नहीं, खुले में अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण। बागरोली में विकास की खुली पोल: श्मशान घाट तक जाने का रास्ता नहीं, खुले में अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण 80 वर्षीय महिला के अंतिम संस्कार के दौरान सामने आई बदहाल व्यवस्था, ग्रामीण बोले—चुनाव में वादे हुए, लेकिन आज तक नहीं बना श्मशान घाट। जौरा/कैलारस। जनपद पंचायत कैलारस की ग्राम पंचायत बागरोली में विकास कार्यों की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब 80 वर्षीय कमोद राठौर, पत्नी स्व. श्रीपत राठौर के निधन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में न तो श्मशान घाट तक जाने के लिए कोई रास्ता है और न ही अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्थित श्मशान घाट का निर्माण कराया गया है। मजबूरी में खुले स्थान पर अंतिम संस्कार करना पड़ा। घटना के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने वीडियो और फोटो बनाकर ग्राम पंचायत की बदहाल स्थिति को उजागर किया। उनका कहना है कि वर्षों से गांव में श्मशान घाट की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बरसात के मौसम में खुले में अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। मृतका के पुत्र बारेलाल राठौर (40 वर्ष) ने बताया कि हर चुनाव में जनप्रतिनिधि श्मशान घाट बनवाने और रास्ता तैयार कराने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सभी वादे भूल जाते हैं। आज तक गांव में न तो श्मशान घाट बना और न ही वहां तक पहुंचने के लिए रास्ता तैयार किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी गांव में अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, तो वहां विकास के दावों की सच्चाई स्वयं सामने आ जाती है। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण आज भी लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बागरोली में शीघ्र श्मशान घाट का निर्माण कराया जाए तथा वहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के समय इस तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें: श्मशान घाट का तत्काल निर्माण कराया जाए। श्मशान घाट तक जाने के लिए पक्का मार्ग बनाया जाए। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की जांच कराई जाए। बरसात सहित हर मौसम में अंतिम संस्कार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- ब्रैकिग अंम्बाह तहसील अम्बाह मे खाद का थाना परिसर से किया जा रहा सुगमता पूर्व वितरण... 2 काउंटर से किया जा रहा है ई टोकन भुगतान एवं पीओ एस वेरिफिकेशन कार्य . कृषि उपज मंडी मे स्थित मार्केफ़ेद गोदाम पर कृषकों की भीड़ अधिक होने एवं गर्मी के कारण कृषकों को असुविधा होने के कारण तहसील अम्बाह मे खाद के वितरण हेतु e टोकन जमा करने, भुगतान एवं पी ओ एस मशीन मे सत्यापन हेतु थाना परिसर अम्बाह मे 2 काउंटर स्थापित किये गए है!जिससे किसान भुगतान पश्चात् खाद गोदाम से खाद प्राप्त कर सकते है!अम्बाह प्रशासन द्वारा यह व्यवस्था कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के निर्देश एवं अनुविभागीय अधिकारी अम्बाह प्रतिज्ञा शर्मा के मार्गदर्शन के अनुरूप लिए गए है!कृषि उपज मंडी के स्थान पर थाना परिसर अम्बाह मे आज तहसीलदार नरेश शर्मा एवं थाना प्रभारी अम्बाह वीरेश कुशवाह की उपस्थिति मे खाद वितरण कराया गया!किसानो को थाना परिसर मे अधिक स्थान एवं हवादार माहौल होने के कारण कोई असुविधा नहीं हुयी!साथ ही गर्मी से निजात दिलाने के लिए तहसीलदार नरेश शर्मा द्वारा आज सभी कृषकों को मीठा शरबत भी पिलाया गया!तहसीलदार नरेश शर्मा द्वारा बताया गया है प्रशासन के पास भरपूर खाद उपलब्ध है तथा थाना परिसर मे महिला एवं पुरुषो को पृथक पृथक लाइन मे खाद वितरण कराया जा रहा है!इस स्थान पर खाद वितरण व्यवस्था की कृषकों ने प्रशंसा की है!1
- बेटी को न्याय दिलाने धरने पर बैठा पिता, भर्ती प्रक्रिया और आरटीआई जवाब पर उठाए गंभीर सवाल बेटी को न्याय दिलाने धरने पर बैठा पिता, भर्ती प्रक्रिया और आरटीआई जवाब पर उठाए गंभीर सवाल मुरैना। अनुसूचित जनजातीय संभागीय कार्यालय, मुरैना के बाहर एक अभ्यर्थी के पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। उनका आरोप है कि ज्ञानोदय स्कूल में असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गई हैं और उनकी बेटी के साथ अन्याय हुआ है। धरने पर बैठे पिता का कहना है कि उनकी बेटी के स्कोर कार्ड में 172 अंक हैं, लेकिन उससे कम अंक प्राप्त करने वाली अभ्यर्थी को नियुक्ति दे दी गई। जब उन्होंने और उनकी बेटी ने इस पर आपत्ति जताते हुए विभाग में शिकायत की, तो विभाग ने पहले चयनित अभ्यर्थी को हटाकर कथित तौर पर मेरिट सूची से बाहर के कुछ नाम जोड़ दिए और उनमें से एक व्यक्ति को नियुक्ति दे दी। पिता का आरोप है कि मुरैना भर्ती की मूल मेरिट सूची में जिन अभ्यर्थियों के नाम नहीं थे, उन्हें बाद में सूची में जोड़कर नियुक्ति देना पूरी भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इतना ही नहीं, अभ्यर्थी के पिता का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत भर्ती से संबंधित जानकारी मांगी, तो विभाग ने बिना सत्यापन के जानकारी उपलब्ध करा दी। उनका कहना है कि आरटीआई के माध्यम से दी गई जानकारी और भर्ती प्रक्रिया के दस्तावेजों में भी कई विसंगतियां सामने आई हैं, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। धरने पर बैठे पिता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा तथा उनकी बेटी को न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं, इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। (नोट: खबर में लगाए गए सभी आरोप अभ्यर्थी के पिता के दावों पर आधारित हैं। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)1
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- जिला अग्रवाल महिला संगठन धौलपुर के तत्वावधान में बाड़ी द्वारा भव्य पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित जिला अग्रवाल महिला संगठन धौलपुर के तत्वावधान में बाड़ी द्वारा भव्य पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित बाड़ी। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प के साथ जिला अग्रवाल महिला संगठन धौलपुर के तत्वावधान में अग्रवाल महिला मंडल बाड़ी द्वारा भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश देना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अग्रवाल महिला संगठन धौलपुर की जिला अध्यक्ष श्रीमती सरोज मंगल, जिला महामंत्री श्रीमती नीतू सिंघल, अग्रवाल महिला मंडल बाड़ी की अध्यक्ष डॉ. निरमा सिंघल एवं महामंत्री श्रीमती शिप्रा गर्ग द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर संगठन की सभी बहनों ने नीम, पीपल, बरगद, गुलमोहर, अमरूद एवं तुलसी सहित अनेक फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया। पौधारोपण के साथ-साथ सभी सदस्यों ने इन पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया। अपने उद्बोधन में जिला अध्यक्ष श्रीमती सरोज मंगल ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए पौधारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल करना भी हमारा नैतिक दायित्व है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित वातावरण देना हम सभी का कर्तव्य है। अग्रवाल महिला मंडल बाड़ी की अध्यक्ष डॉ. निरमा सिंघल ने अपने संबोधन में कहा, "वृक्ष धरा का आभूषण हैं और जीवन का मुख्य आधार भी। जिस प्रकार एक माँ अपने बच्चे का पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार प्रकृति और वृक्ष हमें जीवन प्रदान करते हैं। भारतीय संस्कृति में पीपल, बरगद एवं तुलसी जैसे वृक्षों की पूजा की परंपरा हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण का संदेश देती है।" कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए आमजन से भी अपने घर, मोहल्ले एवं आसपास कम से कम एक पौधा अवश्य लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर जिला अग्रवाल महिला संगठन धौलपुर की कार्यकारिणी सदस्याओं सहित अग्रवाल महिला मंडल बाड़ी की पदाधिकारी एवं सदस्याएँ— रानी गर्ग, सुनीता मित्तल, निर्मला गर्ग, अनीता सिंगल, डिंपल सिंगल, अनीता सिंघल, कविता मित्तल, लक्ष्मी सिंगल तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प एवं सभी के उज्ज्वल, हरित भविष्य की कामना के साथ हुआ। भवदीया1
- धूमधाम से मनाया गया गुरु पूर्णिमा पर्व हुए धार्मिक आयोजन एवं भंडारे लोकेशन सरमथुरा धौलपुर रिपोर्ट विष्णु कुमार सोनी सरमथुरा उपखंड क्षेत्र में आज गुरु पूर्णिमा पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया ओर प्रमुख स्थानों पर धार्मिक आयोजन एवं भंडारे अयोजित किए गए साथ ही कस्बा के श्री कृष्ण गौ शाला आश्रम पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ एवं पादुका पूजन सत्संग कार्यक्रम सहित भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे आसपास सहित दूर दराज से आए सैकड़ों साधकों ने भाग लिया ओर गुरु बंदन कर सुख समृद्धि की कामना की साथ ही आश्रम के सेवादार गोपाल स्वामी ने कहा कि गुरु ही हमे गोविंद तक जाने का मार्ग बताता है इसलिए सदैव माता पिता एवं गुरु जनों का सम्मान करना चाहिए4
- मुरैना जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां 72 वर्षीय दलित विधवा बुजुर्ग महिला ने धोखाधड़ी कर उसकी जमीन अपने नाम कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसे जमीन के दस्तावेज बनवाने के बहाने रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाया गया और विश्वास में लेकर उसकी जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई। अब बुजुर्ग महिला ने जिला प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। मुरैना जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां 72 वर्षीय दलित विधवा बुजुर्ग महिला ने धोखाधड़ी कर उसकी जमीन अपने नाम कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसे जमीन के दस्तावेज बनवाने के बहाने रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाया गया और विश्वास में लेकर उसकी जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई। अब बुजुर्ग महिला ने जिला प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।1
- जौरा में देर रात गैस पाइपलाइन फूटने से जोरदार धमाका, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग जौरा में देर रात गैस पाइपलाइन फूटने से जोरदार धमाका, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग पानी की पाइपलाइन खुदाई के दौरान हुआ हादसा, मकान हिलने और दरारें आने का दावा; एसडीएम बोले—जांच के बाद होगी कार्रवाई। जौरा। जौरा शहर के एमएस रोड स्थित पुराने रेलवे स्टेशन के सामने मंगलवार तड़के करीब 4 बजे हुए एक जोरदार धमाके से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। धमाके की तेज आवाज से आसपास के लोग नींद से जाग गए और घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकान तक हिल गए, जबकि कुछ घरों में दरारें आने का भी दावा किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार क्षेत्र में रात्रि के समय पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क की खुदाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे तेज धमाका हुआ। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटनास्थल के समीप दो से तीन मिठाई की दुकानें संचालित होती हैं। यदि यह हादसा दिन के समय या दुकानों के खुले रहने के दौरान होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों ने इसे महज संयोग बताया कि घटना उस समय हुई जब दुकानें बंद थीं। घटना के बाद पानी की पाइपलाइन बिछाने का कार्य कर रहे कर्मचारी मौके से चले गए। जब मीडिया कर्मी जानकारी लेने पहुंचे तो कार्य कर रही एजेंसी का कोई भी प्रतिनिधि घटनास्थल पर मौजूद नहीं मिला। इस संबंध में एसडीएम शुभम शर्मा ने बताया कि उन्हें स्थानीय लोगों से मौखिक रूप से ब्लास्ट की सूचना मिली है। अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कार्य कर रही एजेंसी से जुड़े लोगों को बुलाया गया है। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूरे मामले की लिखित सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी जाएगी। फिलहाल घटना के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पाइपलाइन निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- बागरोली में विकास की खुली पोल: श्मशान घाट तक जाने का रास्ता नहीं, खुले में अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण। बागरोली में विकास की खुली पोल: श्मशान घाट तक जाने का रास्ता नहीं, खुले में अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण 80 वर्षीय महिला के अंतिम संस्कार के दौरान सामने आई बदहाल व्यवस्था, ग्रामीण बोले—चुनाव में वादे हुए, लेकिन आज तक नहीं बना श्मशान घाट। जौरा/कैलारस। जनपद पंचायत कैलारस की ग्राम पंचायत बागरोली में विकास कार्यों की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब 80 वर्षीय कमोद राठौर, पत्नी स्व. श्रीपत राठौर के निधन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में न तो श्मशान घाट तक जाने के लिए कोई रास्ता है और न ही अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्थित श्मशान घाट का निर्माण कराया गया है। मजबूरी में खुले स्थान पर अंतिम संस्कार करना पड़ा। घटना के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने वीडियो और फोटो बनाकर ग्राम पंचायत की बदहाल स्थिति को उजागर किया। उनका कहना है कि वर्षों से गांव में श्मशान घाट की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बरसात के मौसम में खुले में अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। मृतका के पुत्र बारेलाल राठौर (40 वर्ष) ने बताया कि हर चुनाव में जनप्रतिनिधि श्मशान घाट बनवाने और रास्ता तैयार कराने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सभी वादे भूल जाते हैं। आज तक गांव में न तो श्मशान घाट बना और न ही वहां तक पहुंचने के लिए रास्ता तैयार किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी गांव में अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, तो वहां विकास के दावों की सच्चाई स्वयं सामने आ जाती है। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण आज भी लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बागरोली में शीघ्र श्मशान घाट का निर्माण कराया जाए तथा वहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के समय इस तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें: श्मशान घाट का तत्काल निर्माण कराया जाए। श्मशान घाट तक जाने के लिए पक्का मार्ग बनाया जाए। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की जांच कराई जाए। बरसात सहित हर मौसम में अंतिम संस्कार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1