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अमेरिका का बड़ा बयान भारत के साथ वही गलती नहीं दोहराएंगे जो 20 साल पहले चीन में की थी दोस्तो अगर आपको समाचार का शोक है तो आईरा चैनल को फॉलो करे, वादा करता हू आपको अखबार पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आईरा समाचार बीकानेर
अमेरिका का बड़ा बयान भारत के साथ वही गलती नहीं दोहराएंगे जो 20 साल पहले चीन में की थी दोस्तो अगर आपको समाचार का शोक है तो आईरा चैनल को फॉलो करे, वादा करता हू आपको अखबार पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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- Post by Bikaner local news1
- नागौर,, शहर के लोहिया चौक में मंगलवार रात्रि 9 बजे से शीतला अष्टमी के अवसर पर डांडिया नृत्य का आयोजन हुआ जिसमें गजानन महाराज की जय के एंव लोक गायन,ढोलक कसीयों में के साथ में शहर के युवाओं एवं छोटे बच्चों के द्वारा विभिन्न प्रकार के रूप एवं गोल घेरे में बनाकर डांडिया नृत्य कर रहें थे जहां पर चारों तरफ से इस डांडिया नृत्य को देखने का आनंद लें रहें थे2
- राजस्थानी संस्कृति में मायरे का अपना ही मान और गौरव है। 🙏 #Mayra #MayraRitual #RajasthaniCulture #RajasthaniTradition #MayraCeremony #BhatRasam #RajasthanCulture #DesiTradition #VillageCulture #IndianTradition #MarwadiCulture #FamilyFunction #BhaiBehenKaPyar #DesiLife #VillageLife #Rajasthan #Marwadi #IncredibleRajasthan #ReelsIndia #ViralReels1
- “अब चुप्पी नहीं, न्याय चाहिए!” — रामेश्वर बाबल की भावुक अपील ने भरी आंदोलन में आग खानुवाली की दुखांतिका में बहन सुदेश कुमारी की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले को लेकर समाजसेवी रामेश्वर बाबल ने एक बेहद भावुक, मार्मिक और आक्रामक अपील करते हुए साफ कहा कि अब यह लड़ाई सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की लड़ाई बन चुकी है। रामेश्वर बाबल ने कहा कि 12 मार्च को घड़साना SDM ऑफिस के सामने एक विशाल महापड़ाव और जनआंदोलन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के हर व्यक्ति को शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि “हमारी लड़ाई एक बहुत बड़ी ताकत से है, लेकिन अगर समाज एकजुट हो जाए तो कोई भी ताकत न्याय की आवाज को दबा नहीं सकती।” बाबल ने तीखे शब्दों में कहा कि जिस अस्पताल में इलाज के नाम पर मौत मिली, वह अस्पताल नहीं बल्कि ‘मौत का कुआं’ बन चुका है। उनका कहना था कि जब तक राजेश गौड़ का अस्पताल बंद नहीं होता, तब तक बहन सुदेश कुमारी को सच्ची श्रद्धांजलि नहीं मानी जा सकती। उन्होंने प्रशासन और कानून व्यवस्था से कहा कि गौड पर सख्त कार्रवाई करे बाबल ने स्पष्ट शब्दों में मांग की कि राजेश गौड़ को तुरंत गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाला जाए और कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति लापरवाही या लालच में किसी की जिंदगी से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। अपनी अपील के अंत में रामेश्वर बाबल बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “बहन सुदेश कुमारी का घर उजड़ चुका है। मैं नहीं चाहता कि इस समाज में किसी और बहन का घर इस तरह उजड़े। इसलिए 12 मार्च को हर इंसान को न्याय की इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना होगा।” अब पूरा इलाका 12 मार्च के घड़साना महापड़ाव की ओर देख रहा है। लोगों में गुस्सा है, पीड़ा है और एक ही मांग गूंज रही है — “सुदेश कुमारी को न्याय दो… दोषियों को सजा दो!” #खानुवाली #रावला #घडसाना #अनूपगढ #गंगानगर #JusticeForSudeshKumari #वायरलपोस्ट2025 #justiceforsudesh #बेटी_को_न्याय_दो #चिकित्सामंत्री #dmsriganganagar #वायरलन्यूज़ #खबरें24 #खबरकाअसर #राजस्थानन्यूज़ #गोपीबेनीवाल1
- वृद्ध आश्रम अनूपगढ़ जिला श्रीगंगानगर राजस्थान 96721853661
- सरदारशहर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सरदारशहर में विधिक जागरूकता शिविर, महिलाओं को अधिकारों की दी जानकारीः सरदारशहर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर तालुका विधिक सेवा समिति, सरदारशहर द्वारा भुरजी कुआं स्थित शिव बाड़ी बाबोसा महाराज मंदिर परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर Rajasthan State Legal Services Authority, जयपुर तथा District Legal Services Authority Churu के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। शिविर का संचालन पीएलवी नेहा चौहान द्वारा किया गया। कार्यक्रम में इस वर्ष की थीम “Give To Gain” (दान से लाभ) पर विशेष चर्चा की गई। मुख्य वक्ता कंचन देवी एवं पीएलवी नेहा चौहान ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और उदारता की भावना आवश्यक है। शिविर में उपस्थित महिलाओं और नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही ‘न्याय आपके द्वार’ अभियान के अंतर्गत मिलने वाली 11 मूलभूत आवश्यक सेवाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान दहेज प्रथा को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए सभी ने संकल्प लिया कि न तो दहेज लेंगे और न ही देंगे। साथ ही बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसके विरुद्ध होने वाली कानूनी कार्रवाई की भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि आज महिलाएं सेना, अंतरिक्ष, चिकित्सा और राजनीति जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, इसलिए समाज को उनके सम्मान, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक होना चाहिए। इस विधिक जागरूकता शिविर से करीब 70 नागरिक लाभान्वित हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी से विधिक सेवा केंद्र की निशुल्क सेवाओं का लाभ उठाने और एक जागरूक नागरिक बनने की अपील की गई।2
- दोस्तो अगर आपको समाचार का शोक है तो आईरा चैनल को फॉलो करे, वादा करता हू आपको अखबार पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।1
- 12 मार्च को घड़साना में न्याय की हुंकार, सुदेश कुमारी के लिए होगा बड़ा आंदोलन बहन सुदेश कुमारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 12 मार्च को घड़साना में बड़ा और निर्णायक आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन की ताकत से प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया जाएगा। अब अन्याय के खिलाफ चुप बैठने का समय नहीं है, बल्कि एकजुट होकर संघर्ष करने का समय है। साथियों, यह लड़ाई सिर्फ एक परिवार की नहीं बल्कि हम सभी की लड़ाई है। हमें सुदेश कुमारी के परिवार का सदस्य बनकर इस आंदोलन में उतरना होगा। हमारी एकजुटता और संघर्ष ही इस अन्याय के खिलाफ सबसे बड़ी ताकत है। अगर हम सब मजबूती से खड़े रहे तो न्याय की यह लड़ाई जरूर जीती जाएगी और दोषियों को उनके किए की सजा मिलेगी। ✊🔥 #खानुवाली #रावला #घडसाना #अनूपगढ #गंगानगर #JusticeForSudeshKumari #वायरलपोस्ट2025 #justiceforsudesh #बेटी_को_न्याय_दो #चिकित्सामंत्री #dmsriganganagar #वायरलन्यूज़ #खबरें24 #खबरकाअसर #राजस्थानन्यूज़ #गोपीबेनीवाल1
- प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी । सरदारशहर जर्जर भवन में चल रही नगर परिषद, बढ़ती आबादी के बीच जगह की कमी से जूझ रहा प्रशासनः नगरपालिका से नगर परिषद बनने के बाद बढ़ा कामकाज, लेकिन पुराने भवन में ही सीमित संसाधनों के साथ चल रहा संचालन शहर की नगरपालिका को करीब तीन वर्ष पहले नगर परिषद का दर्जा दिया गया था। नगर परिषद बनने के बाद शहर का दायरा, विकास कार्यों की संख्या और प्रशासनिक जिम्मेदारियां लगातार बढ़ी हैं। इसके बावजूद परिषद का मौजूदा भवन अब भी पुराने ढांचे और सीमित संसाधनों के साथ संचालित हो रहा है। भवन में जगह की कमी के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों को कई तरह की व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद परिसर में विभिन्न शाखाओं के अधिकारी सीमित स्थान में बैठकर अपना कार्य करने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार परिषद भवन में बेसमेंट, भूमि शाखा तथा निर्माण शाखा के अधिकारी परिषद में बने एक ही बड़े हाल में बैठकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। वहीं तकनीकी शाखा से जुड़े करीब छह अधिकारी भी इसी परिसर में कार्यरत हैं, जिनके लिए अलग-अलग कक्षों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कार्य व्यवस्था प्रभावित होती नजर आती है। दिन-प्रतिदिन बढ़ती जनसंख्या और नगर परिषद बनने के बाद कामकाज के विस्तार के चलते परिषद में आने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पट्टे, निर्माण स्वीकृति, नामांतरण सहित अन्य कार्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक परिषद पहुंचते हैं। ऐसे में एक ही स्थान पर कई शाखाओं के संचालन के कारण भीड़ का दबाव बढ़ जाता है। कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों को इधर-उधर बैठकर ही अपना काम निपटाना पड़ता है। परिषद भवन की स्थिति को लेकर यह भी चर्चा सामने आती रही है कि भवन काफी पुराना और जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। सूत्रों के मुताबिक भवन को पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा जर्जर घोषित किए जाने की बात भी कही जाती है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। इसके बावजूद कर्मचारी और अधिकारी इसी भवन में बैठकर रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्य करने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब सरदारशहर को नगर परिषद का दर्जा मिल चुका है तो उसी अनुरूप परिषद के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त और पर्याप्त स्थान वाला भवन भी होना चाहिए। इससे न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, बल्कि आमजन को भी अपने कार्यों के लिए अलग-अलग शाखाओं में व्यवस्थित सुविधा मिल सकेगी। शहर के जानकारों का मानना है कि यदि परिषद के लिए नया भवन बनाया जाता है या वर्तमान भवन का विस्तार किया जाता है तो इससे प्रशासनिक कार्यों की गति बेहतर होगी और आमजन को भी राहत मिल सकेगी। फिलहाल सीमित स्थान और बढ़ते कामकाज के बीच नगर परिषद प्रशासन को व्यवस्थाओं को संतुलित करते हुए काम करना पड़ रहा है।3