होली पर्व पर फाग कार्यक्रम में दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता हमीरपुर। रंगों के पर्व होली को लेकर चारों तरफ फाग कार्यक्रमों की धूम रही। मौदहा कस्बे सहित आसपास के अनेक गांवों में जगह-जगह फाग व फगुआ गायन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों ने गुलाल उड़ाकर और पारंपरिक गीतों के साथ होली का उत्साह मनाया। इसी क्रम में मौदहा क्षेत्र के ग्राम गुसियारी में ग्राम प्रधान असरार अहमद खान ने हिंदू मुस्लिम एकता के दृष्टिगत अपने आवास पर एक फाग कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान गांव के फगुआ गायकों ने पारंपरिक बुंदेलखंडी फाग गीत गाए, जिससे माहौल पूरी तरह होलीमय हो गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने मिलकर फूलों व गुलाल से होली खेली। ग्राम प्रधान ने कार्यक्रम में आए लोगों के लिए ठंडाई और जलपान की व्यवस्था भी की थी। इस आयोजन में हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने मिलकर फाग का आनंद लिया, जिससे आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश हुई। बुंदेलखंड क्षेत्र में फगुआ गायन की परंपरा काफी पुरानी है। होली के अवसर पर गांव-गांव में फाग मंडलियां पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ फगुआ गाकर लोगों को होली की शुभकामनाएं देती हैं। इस परंपरा को आज भी लोग बड़े उत्साह के साथ निभा रहे हैं।
होली पर्व पर फाग कार्यक्रम में दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता हमीरपुर। रंगों के पर्व होली को लेकर चारों तरफ फाग कार्यक्रमों की धूम रही। मौदहा कस्बे सहित आसपास के अनेक गांवों में जगह-जगह फाग व फगुआ गायन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों ने गुलाल उड़ाकर और पारंपरिक गीतों के साथ होली का उत्साह मनाया। इसी क्रम में मौदहा क्षेत्र के ग्राम गुसियारी में ग्राम प्रधान असरार अहमद खान ने हिंदू मुस्लिम एकता के दृष्टिगत अपने आवास पर एक फाग कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान गांव के फगुआ गायकों ने पारंपरिक बुंदेलखंडी फाग गीत गाए, जिससे माहौल पूरी तरह होलीमय हो गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने मिलकर फूलों व गुलाल से होली खेली। ग्राम प्रधान ने कार्यक्रम में आए लोगों के लिए ठंडाई और जलपान की व्यवस्था भी की थी। इस आयोजन में हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने मिलकर फाग का आनंद लिया, जिससे आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश हुई। बुंदेलखंड क्षेत्र में फगुआ गायन की परंपरा काफी पुरानी है। होली के अवसर पर गांव-गांव में फाग मंडलियां पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ फगुआ गाकर लोगों को होली की शुभकामनाएं देती हैं। इस परंपरा को आज भी लोग बड़े उत्साह के साथ निभा रहे हैं।
- हमीरपुर - फिल्मी गाने में नाचते हुए युवक युवती ने बनाई रील, होली के रंग में रंगे हुए युवक युवती बिना जान की परवाह किए रेलवे ट्रैक पर बना रहे रील, सख्त मनाही के बाद भी रेलवे पर रील बनाने से बाज नहीं आ रहे रीलबाज युवक युवती, सुमेरपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है वायरल वीडियो।3
- हमीरपुर। रंगों के पर्व होली को लेकर चारों तरफ फाग कार्यक्रमों की धूम रही। मौदहा कस्बे सहित आसपास के अनेक गांवों में जगह-जगह फाग व फगुआ गायन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों ने गुलाल उड़ाकर और पारंपरिक गीतों के साथ होली का उत्साह मनाया। इसी क्रम में मौदहा क्षेत्र के ग्राम गुसियारी में ग्राम प्रधान असरार अहमद खान ने हिंदू मुस्लिम एकता के दृष्टिगत अपने आवास पर एक फाग कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान गांव के फगुआ गायकों ने पारंपरिक बुंदेलखंडी फाग गीत गाए, जिससे माहौल पूरी तरह होलीमय हो गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने मिलकर फूलों व गुलाल से होली खेली। ग्राम प्रधान ने कार्यक्रम में आए लोगों के लिए ठंडाई और जलपान की व्यवस्था भी की थी। इस आयोजन में हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने मिलकर फाग का आनंद लिया, जिससे आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश हुई। बुंदेलखंड क्षेत्र में फगुआ गायन की परंपरा काफी पुरानी है। होली के अवसर पर गांव-गांव में फाग मंडलियां पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ फगुआ गाकर लोगों को होली की शुभकामनाएं देती हैं। इस परंपरा को आज भी लोग बड़े उत्साह के साथ निभा रहे हैं।1
- मौदहा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम उरदना में पुरानी रंजिश को लेकर दबंगों ने एक परिवार पर हमला कर दिया। आरोप है कि श्याम बाबू, रोहित उर्फ तुर्रा, राहुल, सुरेश, रामप्रकाश समेत करीब एक दर्जन लोगों ने लाठी-डंडों और तमंचे के साथ घर पर धावा बोल दिया और महिलाओं सहित परिवार के लोगों के साथ मारपीट की। पीड़ित प्रमोद कुशवाहा के अनुसार हमलावरों ने तीन माह के दुधमुंहे बच्चे को भी जमीन पर पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन बच्चे को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल लाए, जहां से हालत नाजुक होने पर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 🚨1
- *पारम्परिक होली मेला एवं होली मिलन समारोह सम्पन्न, लोगों में दिखा विशेष उत्साह* *होली के पावन पर्व के अवसर पर गुरुवार की शाम कालपी के यमुना तट स्थित श्री बाँके बिहारी धाम में पारम्परिक होली मेला एवं होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। मेले में आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्साह से सराबोर कर दिया वहीं भक्तजन भक्ति में झूमते थिरकते दिखे*2
- गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत सहायता के लिए दौड़ पड़े। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में कृषि कार्य से जुड़ा सामान लदा हुआ था। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि चालक को हल्की चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आटा–इटौरा मार्ग पर कई जगह सड़क किनारे गहरी खाइयां बनी हुई हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मार्ग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। पुलिस को सूचना दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है। अपील: वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें और खराब मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें।2
- थाना रुरा पुलिस ने आबकारी एक्ट में मामले अभियुक्त अजीत कुमार पुत्र शिवलाल उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम मिथलेशपुर थाना अकबरपुर को सिठमरा गांव के पास से गिरफ्तार किया।वहीं गुरुवर को थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि अभियुक्त के कब्जे से 18 अदद क्वाटर ट्रेटा देशी शराब जानेमन ब्राण्ड नाजायज बरामद होने के सम्बन्ध में आबकारी अधिनियम पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गयी ।1
- कर्मचंदपुर–इटौरा मार्ग बना ‘खतरे का सफर’, ओवरलोड रिक्शा कभी भी करा सकते हैं बड़ा हादसा कदौरा क्षेत्र। कर्मचंदपुर से इटौरा मार्ग तक इन दिनों सफर करना लोगों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा और ऑटो अपनी निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां भरकर फर्राटा भर रहे हैं। हालत यह है कि एक रिक्शा में जहां चार से पांच यात्रियों की अनुमति है, वहां आठ से दस लोग बैठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग पहले ही संकरा है, ऊपर से तेज रफ्तार और ओवरलोड सवारी मिलकर किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। जरा सी असावधानी दर्जनों जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। सवारी की जान जोखिम में सुबह और दोपहर के समय , लेकिन मजबूरी में उन्हें इन्हीं साधनों का सहारा लेना पड़ता है। नियमों की खुलेआम अनदेखी यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। न तो नियमित चेकिंग हो रही है और न ही ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी जुर्माना लगाया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग स्थानीय नागरिकों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि कर्मचंदपुर–इटौरा मार्ग पर विशेष अभियान चलाकर ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही स्कूल समय में सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। प्रशासन को चेतना होगा, वरना हादसे के बाद सिर्फ अफसोस ही हाथ लगेगा।1
- हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत सुमेरपुर कस्बे में संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने देश की आजादी के एक संघर्षी शूर बाबा पृथ्वी सिंह आजाद की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बाबा पृथ्वी सिंह वास्तव में मातृभूमि के सच्चे सपूत थे। इनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। इनका पंजाब के लालडू में चौधरी शादीराम के घर 15 सितंबर 1892 में जन्म हुआ था। मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद लाला लाजपत राय के जीवन चरित्र तथा एक कविता से इनकी वैचारिकी बदल गयी। ये 15 वर्ष की उम्र में ही आन्दोलन में कूद पड़े। ये कई देशों की यात्रा पर गये। वहां से देश की आजादी के लिए पहल की। ये गदर पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। इन्हें जिन्दा शहीद भी कहा गया। ये उस समय युवा क्रांतिकारियों के प्रेरणा श्रोत थे। आजादी के बाद भी ये लगभग साढ़े चार दशकों तक जीवित रहे। कालांतर में 5 मार्च 1989 को ये नहीं रहे। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, महावीर प्रजापति इलेक्ट्रीशियन, रिचा, रामनारायन सोनकर, विकास, प्रेम, सागर, प्रिन्स, पंकज सिंह, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।1