कुण्डल के ग्रामीणों द्वारा कुण्डल तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे-78 )का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने की मांग दौसा। सोमवार को कुण्डल क्षेत्र के काफी ग्रामीण कुण्डल तहसील मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 को तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर कुण्डल तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वह रोड़ आज भी अधुरा पड़ा हुआ है। उस पर डामर डालनी बाकी थी लेकिन एक दो लोगों की वजह से स्टे लगा दिया गया था जिससे उस समय कार्य रुक गया था जबकि 1984 में ग्रामीणों को मुआवजा राशि भी प्रदान कर दी गयी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि कुण्डल ग्राम पंचायत प्रशासन व तहसीलदार पर राजनीतिक दबाव बनाकर यह कार्य करवाया जा रहा है क्योंकि हमने कुण्डल तहसील मुख्यालय पहुंच कर आज तीसरी बार ज्ञापन दिया गया है लेकिन ग्राम पंचायत प्रशासन व तहसीलदार द्वारा अभी तक जो ज्ञापन दिए गए हैं उन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। जबकी जो सेटलमेंट से पहले पुराने नक्शे में वह बरसाती पानी का नाला निकला हुआ है और तहसीलदार व गिरदावर,पटवारी के द्वारा तीन-चार बार नाप कर चिन्ह लगा दिया गया है जिससे ग्रामीण लोग संतुष्ट नहीं है क्योंकि तीन - चार बार नापा है तो तीनों - चारों बार ही चिन्हित निशान अलग-अलग जगह लगाये गये है । ग्रामीणों ने कहना है कि इसमें कुण्डल तहसीलदार के द्वारा ग़लत तरीके से नाप करवाही गई है । इस मामले मे कुण्डल सरपंच फूली देवी ने बताया कि वहाँ पहले से ही पानी का नाला था वहां पर और बहुत सारे मकानों को नुकसान हो रहा हैं जो ठीक नही हैं। ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग -- प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ या लाभ इस प्रकार है -- 1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा। 2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा। 3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती, 4. उरवाडी, कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। 4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा। 5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा। 6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं। 7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं। 8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा। 9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महाविद्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं। 10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता। 11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। 12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा। *वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ*-- 1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो कि लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। 2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है, जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है। 3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। 4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे। 5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। 6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है। 7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, तारा प्रकाश शर्मा, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा, विमल बडाला, दिनेश शर्मा, रवि शर्मा, विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, शान्ति देवी, लडो देवी महवार, रोहिताश शर्मा, धर्मेन्द्र कोली, राकेश कोली, निक्की शर्मा, दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा, मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
कुण्डल के ग्रामीणों द्वारा कुण्डल तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे-78 )का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने की मांग दौसा। सोमवार को कुण्डल क्षेत्र के काफी ग्रामीण कुण्डल तहसील मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 को तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर कुण्डल तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वह रोड़ आज भी अधुरा पड़ा हुआ है। उस पर डामर डालनी बाकी थी लेकिन एक दो लोगों की वजह से स्टे लगा दिया गया था जिससे उस समय कार्य रुक गया था जबकि 1984 में ग्रामीणों को मुआवजा राशि भी प्रदान कर दी गयी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि कुण्डल ग्राम पंचायत प्रशासन व तहसीलदार पर राजनीतिक दबाव बनाकर यह कार्य करवाया जा रहा है क्योंकि हमने कुण्डल तहसील मुख्यालय पहुंच कर आज तीसरी बार ज्ञापन दिया गया है लेकिन ग्राम पंचायत प्रशासन व तहसीलदार द्वारा अभी तक
जो ज्ञापन दिए गए हैं उन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। जबकी जो सेटलमेंट से पहले पुराने नक्शे में वह बरसाती पानी का नाला निकला हुआ है और तहसीलदार व गिरदावर,पटवारी के द्वारा तीन-चार बार नाप कर चिन्ह लगा दिया गया है जिससे ग्रामीण लोग संतुष्ट नहीं है क्योंकि तीन - चार बार नापा है तो तीनों - चारों बार ही चिन्हित निशान अलग-अलग जगह लगाये गये है । ग्रामीणों ने कहना है कि इसमें कुण्डल तहसीलदार के द्वारा ग़लत तरीके से नाप करवाही गई है । इस मामले मे कुण्डल सरपंच फूली देवी ने बताया कि वहाँ पहले से ही पानी का नाला था वहां पर और बहुत सारे मकानों को नुकसान हो रहा हैं जो ठीक नही हैं। ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग -- प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ या लाभ इस प्रकार है -- 1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा। 2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा। 3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती, 4. उरवाडी, कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। 4. यह
मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा। 5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा। 6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं। 7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं। 8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा। 9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महाविद्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं। 10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता। 11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। 12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा। *वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ*-- 1. वर्तमान मार्ग एक
प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो कि लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। 2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है, जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है। 3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। 4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे। 5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। 6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है। 7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, तारा प्रकाश शर्मा, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा, विमल बडाला, दिनेश शर्मा, रवि शर्मा, विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, शान्ति देवी, लडो देवी महवार, रोहिताश शर्मा, धर्मेन्द्र कोली, राकेश कोली, निक्की शर्मा, दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा, मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
- दौसा। कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने सोमवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर प्रस्तावित MDR-48 को स्टेट हाईवे-78 में तब्दील कर सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क वर्ष 1979 में स्वीकृत हुई थी और 1984 में निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन डामरीकरण से पहले ही कार्य रुक गया, जो आज तक अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय अधिकांश भूमि का मुआवजा भी दिया जा चुका था, बावजूद इसके कुछ लोगों द्वारा स्टे लेने से निर्माण कार्य ठप हो गया। अब दोबारा कार्य शुरू कराने के प्रयासों में भी प्रशासन की ओर से उदासीनता बरती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे तीसरी बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन पर नाप-जोख में अनियमितता के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि गिरदावर और पटवारी द्वारा तीन-चार बार नाप की गई, लेकिन हर बार अलग-अलग स्थानों पर निशान लगाए गए, जिससे लोगों में असंतोष है। ग्रामीणों ने इसे गलत तरीके से की गई नाप बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, कुण्डल सरपंच फूली देवी ने बताया कि प्रस्तावित मार्ग के स्थान पर पहले से बरसाती नाला है, जिससे कई मकानों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में वर्तमान स्थिति को नजरअंदाज कर निर्माण करना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने गिनाए प्रस्तावित मार्ग के फायदे ग्रामीणों के अनुसार प्रस्तावित स्टेट हाईवे-78 गांव के नजदीक से गुजरते हुए स्थानीय आवागमन को सुगम बनाएगा और मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित करेगा। यह मार्ग खोर्रा खुर्द, चौबड़ीवाला, सौरतलाई, बगड़ेड़ा, भावती, उरवाड़ी, कोलेश्वर, चांदेरा, रेहड़िया सहित कई गांवों को जोड़ेगा। साथ ही नारायणी माता रोड, भानगढ़, भर्तहरी धाम जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा सड़क के जरिए स्कूल, पंचायत भवन, पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय और प्रस्तावित सीएचसी, पुलिस थाना व निर्माणाधीन तहसील भवन तक पहुंच सुगम होगी। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी नहीं पड़ेगा। वर्तमान मार्ग को बताया अनुपयुक्त ग्रामीणों ने वर्तमान स्टेट हाईवे-78 मार्ग को तकनीकी दृष्टि से अनुपयुक्त बताया। उनका कहना है कि यह मार्ग प्राकृतिक बरसाती नाले से होकर गुजरता है, जहां 8-10 गांवों का पानी आता है, जिससे बारिश के समय गांव में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। साथ ही सड़क संकरी और घुमावदार होने से हादसों की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, तारा प्रकाश शर्मा, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा, विमल बडाला, दिनेश शर्मा, रवि शर्मा, विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, शान्ति देवी, लडो देवी महवार, रोहिताश शर्मा, धर्मेन्द्र कोली, राकेश कोली, निक्की शर्मा, दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा, मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।4
- सीगपुरा के हीरामन बाबा के मेले में उमड़े लोगः भंडारी के साथ हुआ मेले का समापन, कई ग्राम पंचायत से श्रद्धालु पहुंचे सैथल उपखंड मुख्यालय ग्राम पंचायत बिशनपुरा के सिगपुरा गांव में स्थित हीरामन बाबा का प्राचीन देव स्थान है। यहां पंचमी पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। हर साल की तरह इस साल भी मेले का आयोजन हुआ। मेले में दूर-दूर से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आकर प्रसाद चढ़ाया। मंदिर की परिक्रमा लगाई और बाबा के दर्शन किए। हीरामन देव बाबा को अल सुबह से ही बाबा के भक्तों का आना शुरू हो गया, जो देर शाम तक अनवरत चला। साल में एक दिन लगने वाले इस मेले में करीबन हजार लोगों ने बाबा के दरबार में मत्था टेका।सेवक मुकेश कुमार गुर्जर ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि मंदिर की पांच परिक्रमा लगाने और भभूति लगाने से लोगों को पीलिया से मुक्ति मिल जाती है। यहां हर साल अमावस्या के बाद भाद्र भद्र पंचमी के दिन विशाल मेला लगता है और इसमें भारी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने हीरामन बाबा के चमत्कारी स्थान की मान्यता के चलते साल भर में ग्राम पंचायत बिशनपुरा कालीपहाडी बडोली सिण्डोली कुण्डल कालोता जौपाडा खानभाकरी के कई क्षेत्र से स्थानों से बड़ी संख्या में लोग आते है। हीरामन देव बाबा स्थान मेले का समापन के भंडारी का आयोजन हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी पाई । इस मौके पर गांव के पंच पटेल मौजूद रहे।4
- यह कलश व शोभायात्रा यात्रा हीरामल महाराज के स्थान से रवाना होकर गांव की नगर परिक्रमा कर वापस हीरामल बाबा के स्थान पर पहुंची जहां पर ग्रामीणों के द्वारा कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया इस दौरान रात्रि में बाहर के कलाकारों के द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी इस दौरान महिलाएंओ ने कलश यात्रा में कलश लेकर डीजे की धुन पर नृत्य करती हुई कलश यात्रा में भाग लिया इस दौरान श्रद्धालुओं ने महाराज को ढोक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया इस दौरान हीरामल बाबा के स्थान पर फूल बंगला झांकी सजाई गई और इसी कार्यक्रम के साथ आज मेले का आयोजन किया जाएगा जिसमें आसपास के गांवों के श्रद्धालु हीरामल बाबा के मेले में पहुंचेंगे इस दौरान गुडला रेवडमल,श्रीनारायण सैनी,नानगराम, कंचन सैनी,सत्यनारायण, जगदीश, महादेव सैनी, सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे2
- 🚨 बड़ी खबर | जयपुर 🚨 घाट गेट स्थित अंकुर सिनेमा के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई जब रॉन्ग साइड से आ रहा एक ट्रैक्टर अचानक पलट गया। हादसे के बाद मौके पर ट्रैफिक जाम लग गया और राहगीरों में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर तेज़ रफ्तार में गलत दिशा से आ रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से वह सड़क पर पलट गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। 🚧 क्रेन की मदद से हटाया गया ट्रैक्टर सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और क्रेन की सहायता से पलटे हुए ट्रैक्टर को हटाकर सड़क को साफ किया गया, जिसके बाद ट्रैफिक धीरे-धीरे सामान्य हुआ। ⚠️ बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन? सड़क की खराब हालत? रॉन्ग साइड चलाने वाला ड्राइवर? या फिर प्रशासन की लापरवाही? स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में सड़क की हालत काफी खराब है और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी आम बात हो गई है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। 👉 प्रशासन से मांग की जा रही है कि सड़क सुधार और ट्रैफिक नियमों की सख्ती से पालना करवाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें। #Jaipur #RoadAccident #TrafficJam #BreakingNews1
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- ताल्लुका सचिव भाग्यश्री मीणा ने बताया कि माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिरकरण जयपुर के निर्देश पर पूरे प्रदेश में "Transformative Tuesdays" - Legal Literacy & Sensitization Programme" अभियान की भगुरूवात की गई जिसके तहत आज दिनांक 07.04.2026 को राजगढ़ मुख्यालय पर स्थित विभिन्न विद्यालयों में साइबर सुरक्षा को लेकर विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन न्यायिक अधिकारीगण द्वारा किया गया। राजगढ़ स्थित पीएम प्यारेलाल गुप्ता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजगढ़ में डॉ श्री लेखपाल शर्मा अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश महोदय, राजगढ़ की उपस्थिति में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त शिविर में डॉ शर्मा ने साइबर बुलिंग, ओटीपी स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, इंटरनेट के सही इस्तेमाल और साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों के प्रति उपस्थित बच्चों को जागरूक किया। बच्चों को बताया कि साईबर सिक्योरिटी को लेकर विद्यालय में "कोर्ट वाली दीदी" के नाम से विशेष शिकायत बॉक्स रखे गये है। अगर बच्चे डर या झिझक के कारण अपनी परेशानी नहीं बता पाते। अब छात्र अपनी शिकायत या संदिग्ध मैसेज का स्क्रीनशॉट लिखकर इस बॉक्स में डाल सकेंगे। जिसपर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इन शिकायतों की जांच कर तुरंत सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। इसी के साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ढ़िगावड़ा में श्री नवीन कुमार झरवाल, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संख्या 01, राजगढ़, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजगढ़ में श्रीमती रचना मीना अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संख्या 02 एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, अलेई राजगढ़ में श्री शान्तनु सिंह खंगारोत सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, राजगढ़ की उपस्थिति में साइबर सुरक्षा को लेकर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया और बच्चों को साइबर सुरक्षा से संबंधित कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए जागरूक किया गया। उक्त कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालयों के प्राचार्य, अध्यापकगण व न्यायिक कर्मचारीगण का विशेष सहयोग रहा।4
- श्री श्याम महिला शक्ति फाउंडेशन की कार्यकारिणी का विस्तार । विभिन्न पदों पर महिलाओ को दी नियुक्तियां श्री श्याम महिला शक्ति फाउंडेशन के द्वारा आज कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए नई नियुक्तियां दी गयी। जिसमे राष्ट्रीय व जिला स्तर की नियुक्तियां शामिल रही। संस्था के संस्थापक श्री सोहन लाल गजरा एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती भगवानी देवी (उर्फ कविता गजरा) के नेतृत्व में एक भव्य बैठक आयोजित की गई। जिसमे सस्था द्वारा श्रीगंगानगर मे निकाली गयी ध्वजा यात्रा मे टीम द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की गयी। साथ ही बैठक मे विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गईं, जिनमें डॉ. अर्चना रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, वैशाली पाठक को राष्ट्रीय सचिव, साक्षी धवन को श्रीगंगानगर जिला अध्यक्ष तथा सिमरन कथूरिया को श्रीगंगानगर जिला सचिव के पद पर नियुक्त किया गया। इस दौरान सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण भाव से करेंगे। कार्यक्रम में कार्यकारिणी सदस्यों का भी चयन किया गया, जिनमें प्रवीण नागपाल, कृष्णा बंसल, उमेश, पूनम, ममता, सोनिया, पूजा पारीक, अमन, कमलेश, वर्षा रानी, निधि कामरा एवं नीतू शामिल रहे। सभी सदस्यों को नियुक्ति पत्र, प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने संस्था के प्रति निस्वार्थ सेवा एवं पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।4
- दौसा। सोमवार को कुण्डल क्षेत्र के काफी ग्रामीण कुण्डल तहसील मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 को तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर कुण्डल तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वह रोड़ आज भी अधुरा पड़ा हुआ है। उस पर डामर डालनी बाकी थी लेकिन एक दो लोगों की वजह से स्टे लगा दिया गया था जिससे उस समय कार्य रुक गया था जबकि 1984 में ग्रामीणों को मुआवजा राशि भी प्रदान कर दी गयी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि कुण्डल ग्राम पंचायत प्रशासन व तहसीलदार पर राजनीतिक दबाव बनाकर यह कार्य करवाया जा रहा है क्योंकि हमने कुण्डल तहसील मुख्यालय पहुंच कर आज तीसरी बार ज्ञापन दिया गया है लेकिन ग्राम पंचायत प्रशासन व तहसीलदार द्वारा अभी तक जो ज्ञापन दिए गए हैं उन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। जबकी जो सेटलमेंट से पहले पुराने नक्शे में वह बरसाती पानी का नाला निकला हुआ है और तहसीलदार व गिरदावर,पटवारी के द्वारा तीन-चार बार नाप कर चिन्ह लगा दिया गया है जिससे ग्रामीण लोग संतुष्ट नहीं है क्योंकि तीन - चार बार नापा है तो तीनों - चारों बार ही चिन्हित निशान अलग-अलग जगह लगाये गये है । ग्रामीणों ने कहना है कि इसमें कुण्डल तहसीलदार के द्वारा ग़लत तरीके से नाप करवाही गई है । इस मामले मे कुण्डल सरपंच फूली देवी ने बताया कि वहाँ पहले से ही पानी का नाला था वहां पर और बहुत सारे मकानों को नुकसान हो रहा हैं जो ठीक नही हैं। ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग -- प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ या लाभ इस प्रकार है -- 1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा। 2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा। 3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती, 4. उरवाडी, कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। 4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा। 5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा। 6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं। 7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं। 8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा। 9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महाविद्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं। 10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता। 11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। 12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा। *वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ*-- 1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो कि लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। 2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है, जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है। 3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। 4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे। 5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। 6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है। 7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, तारा प्रकाश शर्मा, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा, विमल बडाला, दिनेश शर्मा, रवि शर्मा, विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, शान्ति देवी, लडो देवी महवार, रोहिताश शर्मा, धर्मेन्द्र कोली, राकेश कोली, निक्की शर्मा, दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा, मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।4