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महोबा का 'पानी वाला दूध' पड़ा महंगा: बेनकाब हुई हेडमास्टर, BSA ने थमाया नोटिस, 2 दिन में माँगा जवाब #Apkiawajdigital विशेष रिपोर्ट: महोबा से ताज़ा अपडेट ​महोबा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के धिकवाहा प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील के नाम पर बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। वायरल वीडियो में 10 लीटर पानी की बाल्टी में मात्र एक लीटर दूध मिलाकर बच्चों को परोसने की घिनौनी हकीकत सामने आने के बाद, बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने त्वरित कार्रवाई की है। ​BSA का कड़ा रुख जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्कूल की हेडमास्टर को 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से पूछा गया है कि "मानकों की अनदेखी कर बच्चों को गुणवत्ताहीन दूध क्यों परोसा जा रहा था?" प्रशासन ने हेडमास्टर को जवाब देने के लिए मात्र 2 दिन (48 घंटे) का समय दिया है। ​क्या था पूरा मामला? बीते दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें स्कूल के भीतर बाल्टी भर पानी में दूध के पैकेट उड़ेल कर एक 'सफेद घोल' तैयार किया जा रहा था। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इस वीडियो को साझा कर सरकार को घेरा था और पूछा था कि क्या यही यूपी के नौनिहालों का भविष्य है ? ​कार्यवाही की चेतावनी सूत्रों के अनुसार, यदि 2 दिन के भीतर हेडमास्टर का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया जा सकता है। साथ ही, स्कूल के अन्य स्टाफ और मिड-डे मील के जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ​खबर के मुख्य बिंदु (Quick Glance): ​दोषी: धिकवाहा प्राथमिक विद्यालय की हेडमास्टर। ​कार्रवाई: BSA द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी। ​समय सीमा: 2 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण अनिवार्य। ​आरोप: मिड-डे मील मानकों का घोर उल्लंघन और बच्चों के पोषण के साथ धोखाधड़ी। ​प्रशासनिक प्रतिक्रिया: ​"मिड-डे मील में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों का पोषण हमारी प्राथमिकता है। इस मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" — बेसिक शिक्षा अधिकारी, महोबा

3 hrs ago
user_ApkiAwajDigital
ApkiAwajDigital
Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

महोबा का 'पानी वाला दूध' पड़ा महंगा: बेनकाब हुई हेडमास्टर, BSA ने थमाया नोटिस, 2 दिन में माँगा जवाब #Apkiawajdigital विशेष रिपोर्ट: महोबा से ताज़ा अपडेट ​महोबा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के धिकवाहा प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील के नाम पर बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। वायरल वीडियो में 10 लीटर पानी की बाल्टी में मात्र एक लीटर दूध मिलाकर बच्चों को परोसने की घिनौनी हकीकत सामने आने के बाद, बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने त्वरित कार्रवाई की है। ​BSA का कड़ा रुख जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्कूल की हेडमास्टर को 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से पूछा गया है कि "मानकों की अनदेखी कर बच्चों को गुणवत्ताहीन दूध क्यों परोसा जा रहा था?" प्रशासन ने हेडमास्टर को जवाब देने के लिए मात्र 2 दिन (48 घंटे) का समय दिया है। ​क्या था पूरा मामला? बीते दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें स्कूल के भीतर बाल्टी भर पानी में दूध के पैकेट उड़ेल कर एक 'सफेद घोल' तैयार किया जा रहा था। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इस वीडियो को साझा कर सरकार को घेरा था और पूछा था कि क्या यही यूपी के नौनिहालों का भविष्य है ? ​कार्यवाही की चेतावनी सूत्रों के अनुसार, यदि 2 दिन के भीतर हेडमास्टर का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया जा सकता है। साथ ही, स्कूल के अन्य स्टाफ और मिड-डे मील के जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ​खबर के मुख्य बिंदु (Quick Glance): ​दोषी: धिकवाहा प्राथमिक विद्यालय की हेडमास्टर। ​कार्रवाई: BSA द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी। ​समय सीमा: 2 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण अनिवार्य। ​आरोप: मिड-डे मील मानकों का घोर उल्लंघन और बच्चों के पोषण के साथ धोखाधड़ी। ​प्रशासनिक प्रतिक्रिया: ​"मिड-डे मील में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों का पोषण हमारी प्राथमिकता है। इस मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" — बेसिक शिक्षा अधिकारी, महोबा

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • “बांदा में ई-रिक्शा चोर गैंग का पर्दाफाश — पुलिस मुठभेड़ जैसी घेराबंदी में 2 गिरफ्तार, चोरी का रिक्शा बरामद!” उत्तर प्रदेश के बांदा से बड़ी खबर सामने आ रही है… जहाँ कोतवाली नगर पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया है… पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया ई-रिक्शा भी बरामद कर लिया है। पूरा मामला काशीराम कॉलोनी इलाके का है… जहाँ पीड़ित साकिब ने पुलिस को सूचना दी थी कि 9 फरवरी की रात उसके घर के बाहर खड़ा ई-रिक्शा अज्ञात चोर चोरी कर ले गए… जिसके बाद कोतवाली नगर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत… 12 फरवरी की देर रात गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कनवारा बाईपास के पास घेराबंदी कर दो संदिग्धों को पकड़ लिया। कड़ाई से पूछताछ में दोनों आरोपियों ने ई-रिक्शा चोरी की वारदात कबूल कर ली… उनकी निशानदेही पर चोरी किया गया ई-रिक्शा मौके से बरामद कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान नौसाद और सुघर सिंह के रूप में हुई है… दोनों के खिलाफ थाना कोतवाली नगर में संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है, फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित मामलों और साथियों की भी जांच में जुटी हुई है…।
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    “बांदा में ई-रिक्शा चोर गैंग का पर्दाफाश — पुलिस मुठभेड़ जैसी घेराबंदी में 2 गिरफ्तार, चोरी का रिक्शा बरामद!”
उत्तर प्रदेश के बांदा से बड़ी खबर सामने आ रही है… जहाँ कोतवाली नगर पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया है… पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया ई-रिक्शा भी बरामद कर लिया है।
पूरा मामला काशीराम कॉलोनी इलाके का है… जहाँ पीड़ित साकिब ने पुलिस को सूचना दी थी कि 9 फरवरी की रात उसके घर के बाहर खड़ा ई-रिक्शा अज्ञात चोर चोरी कर ले गए… जिसके बाद कोतवाली नगर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई थी।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत… 12 फरवरी की देर रात गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कनवारा बाईपास के पास घेराबंदी कर दो संदिग्धों को पकड़ लिया।
कड़ाई से पूछताछ में दोनों आरोपियों ने ई-रिक्शा चोरी की वारदात कबूल कर ली… उनकी निशानदेही पर चोरी किया गया ई-रिक्शा मौके से बरामद कर लिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान नौसाद और सुघर सिंह के रूप में हुई है… दोनों के खिलाफ थाना कोतवाली नगर में संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है,
फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित मामलों और साथियों की भी जांच में जुटी हुई है…।
    user_LK Tiwari Ram G
    LK Tiwari Ram G
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बांदा। जन समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से चित्रांश टीवी पर एक विशेष कार्यक्रम “रविवार जन संवाद – जनता की आवाज़” की शुरुआत होने जा रही है। कार्यक्रम का संचालन श्रीकांत श्रीवास्तव द्वारा किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांव, कस्बे और शहरों की आम जनता की समस्याओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित किसी भी प्रकार की जन समस्या को इस मंच के माध्यम से उठाया जाएगा, ताकि संबंधित प्रशासन तक जनता की आवाज़ पहुंचाई जा सके। कार्यक्रम की विशेषता यह होगी कि इसमें ना पक्ष होगा, ना विपक्ष — केवल जनता का पक्ष रखा जाएगा।
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    बांदा। जन समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से चित्रांश टीवी पर एक विशेष कार्यक्रम “रविवार जन संवाद – जनता की आवाज़” की शुरुआत होने जा रही है। कार्यक्रम का संचालन श्रीकांत श्रीवास्तव द्वारा किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांव, कस्बे और शहरों की आम जनता की समस्याओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित किसी भी प्रकार की जन समस्या को इस मंच के माध्यम से उठाया जाएगा, ताकि संबंधित प्रशासन तक जनता की आवाज़ पहुंचाई जा सके।
कार्यक्रम की विशेषता यह होगी कि इसमें ना पक्ष होगा, ना विपक्ष — केवल जनता का पक्ष रखा जाएगा।
    user_Shrikant Shrivastav
    Shrikant Shrivastav
    पत्रकार Banda, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
  • रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा प्रकरण बांदा। जिले में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 5 वर्षीय मासूम बच्ची को अपना पैर गंवाना पड़ा। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला? पीड़ित परिवार: ग्राम पडुई (थाना कोतवाली नगर), जनपद बांदा निवासी अनिल कुमार घटना की तारीख: 23 दिसंबर 2025 घटना: छत से गिरने के कारण बच्ची मानवी की बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। प्रारंभिक इलाज: रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा में भर्ती कराया गया। आरोप क्या हैं? पिता का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर विनीत सिंह ने पैर को अत्यधिक कसकर बांध दिया। कथित रूप से रक्त संचार रुकने से नसें प्रभावित हुईं। समय पर उचित उपचार न मिलने से स्थिति बिगड़ती गई। 29 दिसंबर को ऑपरेशन के दौरान बच्ची को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ (केजीएमयू) रेफर किया गया। वहां पैर काटने की सलाह दी गई। बाद में परिवार ने ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज कराया। हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन हुआ, लेकिन संक्रमण बढ़ने के कारण अंततः बच्ची का पैर काटना पड़ा। प्रशासनिक कार्रवाई 12 फरवरी 2026 को पीड़ित पिता ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी। डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक लापरवाही में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। परिवार का आरोप है कि 15 दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने पर न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी गई है। यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सकीय जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।
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    रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा प्रकरण
बांदा। जिले में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 5 वर्षीय मासूम बच्ची को अपना पैर गंवाना पड़ा। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित परिवार: ग्राम पडुई (थाना कोतवाली नगर), जनपद बांदा निवासी अनिल कुमार
घटना की तारीख: 23 दिसंबर 2025
घटना: छत से गिरने के कारण बच्ची मानवी की बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई।
प्रारंभिक इलाज: रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा में भर्ती कराया गया।
आरोप क्या हैं?
पिता का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर विनीत सिंह ने पैर को अत्यधिक कसकर बांध दिया।
कथित रूप से रक्त संचार रुकने से नसें प्रभावित हुईं।
समय पर उचित उपचार न मिलने से स्थिति बिगड़ती गई।
29 दिसंबर को ऑपरेशन के दौरान बच्ची को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ (केजीएमयू) रेफर किया गया।
वहां पैर काटने की सलाह दी गई।
बाद में परिवार ने ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज कराया।
हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन हुआ, लेकिन संक्रमण बढ़ने के कारण अंततः बच्ची का पैर काटना पड़ा।
प्रशासनिक कार्रवाई
12 फरवरी 2026 को पीड़ित पिता ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी।
डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक लापरवाही में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
परिवार का आरोप है कि 15 दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
न्याय न मिलने पर न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी गई है।
यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सकीय जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।
    user_भारतसूत्र Live TV
    भारतसूत्र Live TV
    Social Media Manager बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • वकील हत्या का सामने आया वीडियो,सीसीटीवी में कैद, सीसीटीवी में दिख रहा है वकील ने की सरकारी बाबू की पिटाई, पिटाई के बाद सरकारी बाबू ने निकाली पिस्टल मामला रामपुर #PublicNews #folowersシ゚ आपका अपना अंकित कुमार मिश्रा 🙏
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    वकील हत्या का सामने आया वीडियो,सीसीटीवी में कैद, सीसीटीवी में दिख रहा है वकील ने की सरकारी बाबू की पिटाई, पिटाई के बाद सरकारी बाबू ने निकाली पिस्टल मामला रामपुर #PublicNews  #folowersシ゚
आपका अपना अंकित कुमार मिश्रा 🙏
    user_Adv Ankit Kumar Mishra
    Adv Ankit Kumar Mishra
    Lawyer अतर्रा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सुमेरपुर हाईवे पर दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत, चालक गंभीर घायल सुमेरपुर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर देर रात करीब 10:30 बजे पेट्रोल पंप के पास दो ट्रकों की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दोनों ट्रकों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस की मदद से तत्काल अस्पताल भिजवाया। क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया गया। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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    सुमेरपुर हाईवे पर दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत, चालक गंभीर घायल
सुमेरपुर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर देर रात करीब 10:30 बजे 
पेट्रोल पंप के पास दो ट्रकों की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दोनों ट्रकों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस की मदद से तत्काल अस्पताल भिजवाया। 
क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया गया।
मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।
    user_ISLAM
    ISLAM
    Local News Reporter मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • इस योजना का उद्देश्य है कि जिन ग्रामीण परिवारों के पास पक्का घर नहीं है, उन्हें सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देकर पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए।
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    इस योजना का उद्देश्य है कि जिन ग्रामीण परिवारों के पास पक्का घर नहीं है, उन्हें सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देकर पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए।
    user_Dilip Kumar Bharti
    Dilip Kumar Bharti
    Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • #Apkiawajdigital विशेष रिपोर्ट: कचहरी परिसर से ​वाराणसी: शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 धर्म नगरी वाराणसी का कचहरी परिसर शुक्रवार को उस वक्त छावनी में तब्दील हो गया, जब जिला जज को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी, जिसके बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल पूरी कचहरी को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। ​दक्षिण भारतीय संदिग्ध की आशंका प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, धमकी भरा ईमेल भेजने वाले व्यक्ति के दक्षिण भारतीय होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि करने और आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक करने में जुटी है। सुरक्षा एजेंसियों को जैसे ही इनपुट मिला, पूरे परिसर में 'हाई अलर्ट' घोषित कर दिया गया। ​चप्पे-चप्पे की तलाशी और अदालती कार्यवाही स्थगित मौके पर डीसीपी वरुणा सहित कई थानों की फोर्स, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता (BDDS) पहुँच चुका है। अधिवक्ता चैंबरों से लेकर अदालतों के कमरों तक की सघन चेकिंग की जा रही है। सुरक्षा कारणों से आज होने वाली सभी सुनवाइयों को टाल दिया गया है और वादकारियों को अगली तारीखें दी जा रही हैं। ​अधिवक्ताओं और वादकारियों में अफरा-तफरी अचानक परिसर खाली करने के अनुरोध से कचहरी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने और परिसर से बाहर निकलने की अपील कर रही है। समाचार लिखे जाने तक चेकिंग अभियान जारी है और किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की सूचना नहीं है। ​अपडेट्स एक नज़र में: ​दिन/दिनांक: शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 ​मुख्य घटना: जिला जज को बम की धमकी वाला ईमेल मिला। ​एक्शन: डीसीपी वरुणा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और बम स्क्वायड मौके पर। ​प्रभाव: अदालती कार्यवाही ठप, सभी मामलों में दी गई अगली तारीख।
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    #Apkiawajdigital
विशेष रिपोर्ट: कचहरी परिसर से
​वाराणसी: शुक्रवार, 13 फरवरी 2026
धर्म नगरी वाराणसी का कचहरी परिसर शुक्रवार को उस वक्त छावनी में तब्दील हो गया, जब जिला जज को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी, जिसके बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल पूरी कचहरी को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
​दक्षिण भारतीय संदिग्ध की आशंका
प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, धमकी भरा ईमेल भेजने वाले व्यक्ति के दक्षिण भारतीय होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि करने और आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक करने में जुटी है। सुरक्षा एजेंसियों को जैसे ही इनपुट मिला, पूरे परिसर में 'हाई अलर्ट' घोषित कर दिया गया।
​चप्पे-चप्पे की तलाशी और अदालती कार्यवाही स्थगित
मौके पर डीसीपी वरुणा सहित कई थानों की फोर्स, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता (BDDS) पहुँच चुका है। अधिवक्ता चैंबरों से लेकर अदालतों के कमरों तक की सघन चेकिंग की जा रही है। सुरक्षा कारणों से आज होने वाली सभी सुनवाइयों को टाल दिया गया है और वादकारियों को अगली तारीखें दी जा रही हैं।
​अधिवक्ताओं और वादकारियों में अफरा-तफरी
अचानक परिसर खाली करने के अनुरोध से कचहरी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने और परिसर से बाहर निकलने की अपील कर रही है। समाचार लिखे जाने तक चेकिंग अभियान जारी है और किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की सूचना नहीं है।
​अपडेट्स एक नज़र में:
​दिन/दिनांक: शुक्रवार, 13 फरवरी 2026
​मुख्य घटना: जिला जज को बम की धमकी वाला ईमेल मिला।
​एक्शन: डीसीपी वरुणा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और बम स्क्वायड मौके पर।
​प्रभाव: अदालती कार्यवाही ठप, सभी मामलों में दी गई अगली तारीख।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बांदा से बड़ी खबर “5 साल की मासूम का कटा पैर! मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पर गम्भीर लापरवाही का आरोप, डीएम से FIR की गुहार” बांदा — जिले के मेडिकल कॉलेज से इलाज में कथित गम्भीर चिकित्सीय लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहाँ एक 5 वर्षीय बच्ची इलाज के बाद जीवन भर के लिए विकलांग हो गई। पीड़ित पिता अनिल कुमार, निवासी ग्राम पडुई, थाना कोतवाली नगर, जिला बांदा ने जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर विनीत सिंह के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, दिनांक 23 दिसम्बर 2025 को उनकी 5 साल की पुत्री मानवी छत से गिरकर घायल हो गई थी, जिससे उसके बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। परिजन बच्ची को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बांदा लेकर पहुंचे, जहाँ आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर द्वारा पैर को गलत तरीके से अत्यधिक खींचकर कसकर बांध दिया गया और समय पर समुचित उपचार नहीं किया गया। परिजनों का कहना है कि लापरवाही के चलते बच्ची के पैर की नसों ने काम करना बंद कर दिया। हालत बिगड़ने पर 29 दिसम्बर को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर बताकर लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ के केजीएमयू में डॉक्टरों ने पैर काटने की बात कही। बाद में ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज कराया गया, जहाँ हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन तो हुआ, लेकिन पहले से फैले इंफेक्शन के कारण अंततः मासूम का पैर काटना पड़ा। पीड़ित पिता का आरोप है कि यह सब मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर की गम्भीर चिकित्सीय लापरवाही का परिणाम है, जिससे उनकी बेटी हमेशा के लिए दिव्यांग हो गई। अब पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से डॉक्टर के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बाइट : अनिल कुमार पीड़ित पिता
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    बांदा से बड़ी खबर
“5 साल की मासूम का कटा पैर! मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पर गम्भीर लापरवाही का आरोप, डीएम से FIR की गुहार”
बांदा — जिले के मेडिकल कॉलेज से इलाज में कथित गम्भीर चिकित्सीय लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहाँ एक 5 वर्षीय बच्ची इलाज के बाद जीवन भर के लिए विकलांग हो गई।
पीड़ित पिता अनिल कुमार, निवासी ग्राम पडुई, थाना कोतवाली नगर, जिला बांदा ने जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर विनीत सिंह के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, दिनांक 23 दिसम्बर 2025 को उनकी 5 साल की पुत्री मानवी छत से गिरकर घायल हो गई थी, जिससे उसके बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। परिजन बच्ची को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बांदा लेकर पहुंचे, जहाँ आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर द्वारा पैर को गलत तरीके से अत्यधिक खींचकर कसकर बांध दिया गया और समय पर समुचित उपचार नहीं किया गया।
परिजनों का कहना है कि लापरवाही के चलते बच्ची के पैर की नसों ने काम करना बंद कर दिया। हालत बिगड़ने पर 29 दिसम्बर को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर बताकर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
लखनऊ के केजीएमयू में डॉक्टरों ने पैर काटने की बात कही। बाद में ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज कराया गया, जहाँ हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन तो हुआ, लेकिन पहले से फैले इंफेक्शन के कारण अंततः मासूम का पैर काटना पड़ा।
पीड़ित पिता का आरोप है कि यह सब मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर की गम्भीर चिकित्सीय लापरवाही का परिणाम है, जिससे उनकी बेटी हमेशा के लिए दिव्यांग हो गई।
अब पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से डॉक्टर के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बाइट : अनिल कुमार पीड़ित पिता
    user_LK Tiwari Ram G
    LK Tiwari Ram G
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बांदा । जनपद के ग्राम पडुई थाना कोतवाली नगर निवासी अनिल कुमार ने मेडिकल कॉलेज बांदा के एक चिकित्सक पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। आरोप है कि इलाज में हुई लापरवाही के चलते उनकी 5 वर्षीय पुत्री मानवी को अपना पैर गंवाना पड़ा, जिससे वह जीवन भर के लिए विकलांग हो गई। पीड़ित के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 को मानवी छत से गिर गई थी, जिससे उसके बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। परिजन उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज बांदा में भर्ती कराए। आरोप है कि वहां तैनात डॉक्टर विनीत सिंह ने इलाज के दौरान पैर को नीचे से अत्यधिक कसकर खींचकर बांध दिया और समय पर उचित उपचार नहीं किया। इससे बच्ची के पैर की नसों ने काम करना बंद कर दिया। बताया गया कि 29 दिसंबर 2025 को जब बच्ची को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया तो हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। परिजन बच्ची को केजीएमयू लखनऊ ले गए, जहां पैर काटने की बात कही गई। इसके बाद ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में इलाज कराया गया। वहां हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन किया गया, लेकिन पहले से फैले संक्रमण के कारण अंततः बच्ची का पैर काटना पड़ा। पीड़ित पिता का कहना है कि यह पूरी घटना गंभीर चिकित्सीय एवं आपराधिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने जिलाधिकारी से डॉक्टर विनीत सिंह के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
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    बांदा । जनपद के ग्राम पडुई थाना कोतवाली नगर निवासी अनिल कुमार ने मेडिकल कॉलेज बांदा के एक चिकित्सक पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। आरोप है कि इलाज में हुई लापरवाही के चलते उनकी 5 वर्षीय पुत्री मानवी को अपना पैर गंवाना पड़ा, जिससे वह जीवन भर के लिए विकलांग हो गई। पीड़ित के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 को मानवी छत से गिर गई थी, जिससे उसके बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। परिजन उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज बांदा में भर्ती कराए। आरोप है कि वहां तैनात डॉक्टर विनीत सिंह ने इलाज के दौरान पैर को नीचे से अत्यधिक कसकर खींचकर बांध दिया और समय पर उचित उपचार नहीं किया। इससे बच्ची के पैर की नसों ने काम करना बंद कर दिया। बताया गया कि 29 दिसंबर 2025 को जब बच्ची को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया तो हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। परिजन बच्ची को केजीएमयू लखनऊ ले गए, जहां पैर काटने की बात कही गई। इसके बाद ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में इलाज कराया गया। वहां हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन किया गया, लेकिन पहले से फैले संक्रमण के कारण अंततः बच्ची का पैर काटना पड़ा। पीड़ित पिता का कहना है कि यह पूरी घटना गंभीर चिकित्सीय एवं आपराधिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने जिलाधिकारी से डॉक्टर विनीत सिंह के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
    user_Shrikant Shrivastav
    Shrikant Shrivastav
    पत्रकार Banda, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
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