बीमार दुर्गा को 10 KM तक डोली में बैठाकर पहुंचाया अस्पताल बीमार दुर्गा को 10 KM तक डोली में बैठाकर पहुंचाया अस्पताल,जातौली गांव में आजतक न तो सड़क पहुंची और न ही मोबाइल नेटवर्क.. बागेश्वर जिला मुख्यालय से लगभग 70 किमी दूर कपकोट ब्लाक की ग्राम पंचायत वाछम के दूरस्थ तोक जातौली में जब 50 वर्षीय दुर्गा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ी तो गांव वालों के सामने सबसे बड़ा सवाल था, उन्हें अस्पताल तक कैसे पहुंचाया जाए, गांव में सड़क नहीं, मोबाइल नेटवर्क नहीं। ऐसे में ग्रामीणों ने लकड़ी के दो डंडों पर तिरपाल तथा दरी बांधकर अस्थायी डोली तैयार की। फिर मजबूत कंधों ने जिम्मेदारी संभाली, बारिश की फुहारें, फिसलन भरे रास्ते तथा हर कदम पर उफनते गधेरे, मानो प्रकृति ही ग्रामीणों के धैर्य की परीक्षा ले रही थी। लगभग 10 किमी के दुर्गम पैदल रास्ते को पार करते हुए बीमार महिला को खाती मोटर मार्ग तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खाती में भर्ती कराया गया। सड़क और संचार सुविधाओं के अभाव में हर आपातकाल उनके लिए जिंदगी और मौत की जंग बन जाता है। दुर्गा देवी को डोली में ढोने की यह घटना एक बार फिर पहाड़ के दूरस्थ गांवों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत उजागर कर गई।
बीमार दुर्गा को 10 KM तक डोली में बैठाकर पहुंचाया अस्पताल बीमार दुर्गा को 10 KM तक डोली में बैठाकर पहुंचाया अस्पताल,जातौली गांव में आजतक न तो सड़क पहुंची और न ही मोबाइल नेटवर्क.. बागेश्वर जिला मुख्यालय से लगभग 70 किमी दूर कपकोट ब्लाक की ग्राम पंचायत वाछम के दूरस्थ तोक जातौली में जब 50 वर्षीय दुर्गा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ी तो गांव वालों के सामने सबसे बड़ा सवाल था, उन्हें अस्पताल तक कैसे पहुंचाया जाए, गांव में सड़क नहीं, मोबाइल नेटवर्क नहीं। ऐसे में ग्रामीणों ने लकड़ी के दो डंडों पर तिरपाल तथा दरी बांधकर अस्थायी डोली तैयार की। फिर मजबूत कंधों ने जिम्मेदारी संभाली, बारिश की फुहारें, फिसलन भरे रास्ते तथा हर कदम पर उफनते गधेरे, मानो प्रकृति ही ग्रामीणों के धैर्य की परीक्षा ले रही थी। लगभग 10 किमी के दुर्गम पैदल रास्ते को पार करते हुए बीमार महिला को खाती मोटर मार्ग तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खाती में भर्ती कराया गया। सड़क और संचार सुविधाओं के अभाव में हर आपातकाल उनके लिए जिंदगी और मौत की जंग बन जाता है। दुर्गा देवी को डोली में ढोने की यह घटना एक बार फिर पहाड़ के दूरस्थ गांवों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत उजागर कर गई।
- बीमार दुर्गा को 10 KM तक डोली में बैठाकर पहुंचाया अस्पताल बीमार दुर्गा को 10 KM तक डोली में बैठाकर पहुंचाया अस्पताल,जातौली गांव में आजतक न तो सड़क पहुंची और न ही मोबाइल नेटवर्क.. बागेश्वर जिला मुख्यालय से लगभग 70 किमी दूर कपकोट ब्लाक की ग्राम पंचायत वाछम के दूरस्थ तोक जातौली में जब 50 वर्षीय दुर्गा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ी तो गांव वालों के सामने सबसे बड़ा सवाल था, उन्हें अस्पताल तक कैसे पहुंचाया जाए, गांव में सड़क नहीं, मोबाइल नेटवर्क नहीं। ऐसे में ग्रामीणों ने लकड़ी के दो डंडों पर तिरपाल तथा दरी बांधकर अस्थायी डोली तैयार की। फिर मजबूत कंधों ने जिम्मेदारी संभाली, बारिश की फुहारें, फिसलन भरे रास्ते तथा हर कदम पर उफनते गधेरे, मानो प्रकृति ही ग्रामीणों के धैर्य की परीक्षा ले रही थी। लगभग 10 किमी के दुर्गम पैदल रास्ते को पार करते हुए बीमार महिला को खाती मोटर मार्ग तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खाती में भर्ती कराया गया। सड़क और संचार सुविधाओं के अभाव में हर आपातकाल उनके लिए जिंदगी और मौत की जंग बन जाता है। दुर्गा देवी को डोली में ढोने की यह घटना एक बार फिर पहाड़ के दूरस्थ गांवों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत उजागर कर गई।1
- गरुड़ से हरिद्वार के लिए कांवड़ यात्रा रवाना, दिवेश्वर मंदिर में होगा जलाभिषेक गरुड़ से हरिद्वार के लिए कांवड़ यात्रा रवाना, दिवेश्वर मंदिर में होगा जलाभिषेक1
- PM मोदी पर टिप्पणी के बाद बड़ा एक्शन! रुचिका सिंह पर केस | Zero FIR से मचा सियासी बवाल | Delhi Police 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद मामला कानूनी और राजनीतिक बहस का विषय बन गया। नोएडा में दर्ज हुई शिकायत, Zero FIR, दिल्ली पुलिस की जांच, भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई और इस पूरे विवाद पर उठ रहे सवाल—इस वीडियो में जानिए हर पहलू विस्तार से। क्या सार्वजनिक मंच पर ऐसी भाषा अभिव्यक्ति की आजादी है या कानून का उल्लंघन? आखिर Zero FIR क्या होती है? रुचिका सिंह कौन हैं? विपक्ष और समर्थकों की दलीलें क्या हैं? जानिए इस वायरल मामले की पूरी इनसाइड स्टोरी। 📌 वीडियो पसंद आए तो Like करें 👍 📌 Comment में अपनी राय जरूर दें। 📌 ऐसी ही बड़ी और निष्पक्ष खबरों के लिए G Express को Subscribe करें।1
- जनपद में मादक पदार्थों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एनकॉर्ड समिति की बैठक, जागरूकता बढ़ाने के निर्देश अल्मोड़ा। अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र की अध्यक्षता में गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय एनकॉर्ड (एनसीओआरडी) समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद में मादक पदार्थों की रोकथाम, तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण, नशामुक्ति और पुनर्वास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को मानस हेल्पलाइन 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग नशे के खिलाफ अभियान से जुड़ सकें। उन्होंने मादक पदार्थों की गतिविधियों से जुड़े संभावित हॉटस्पॉट का चिह्नीकरण कर वहां नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार, परामर्श और पुनर्वास के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2026 में जनवरी से जून तक मादक पदार्थों से जुड़े 27 अभियोग दर्ज किए गए, जिनमें 52 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान लगभग 1.33 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि मादक पदार्थों की रोकथाम केवल प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज, परिवार, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ जनजागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा नशामुक्ति एवं पुनर्वास संबंधी गतिविधियों को लगातार संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में उप जिलाधिकारी संजय कुमार, क्षेत्राधिकारी बलवंत सिंह रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी चंदन सिंह बिष्ट सहित समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- आदर्श चम्पावत की दिशा में एक और सशक्त पहल: जिलाधिकारी ने महिला समूह की फूड कैंटीन का किया शुभारंभ। चम्पावत, 31 जुलाई 2026 सूवि। महिला उद्यमिता को मिला बढ़ावा, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ा महत्वपूर्ण कदम मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की "आदर्श चम्पावत" की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में जनपद में महिला सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने विकास भवन परिसर में महिला समूह द्वारा संचालित फूड कैंटीन का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत डाड़ाबीस्ट निवासी श्रीमती रितु कुलेठा को अनटायड फंड से 65,000 रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई, जिसके माध्यम से उन्होंने फूड कैंटीन की स्थापना कर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। जिलाधिकारी ने रिबन काटकर कैंटीन का शुभारंभ किया तथा महिला उद्यमी को शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आज आत्मनिर्भर भारत की मजबूत पहचान बन रही हैं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने महिलाओं से सकारात्मक कार्यों के माध्यम से समाज में प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया। अपर परियोजना निदेशक (एपीडी) श्रीमती विम्मी जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाकर स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए विभाग हरसंभव सहयोग प्रदान करता रहेगा। कार्यक्रम में विकास भवन के अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े कार्मिक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। महिला समूहों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन के सहयोग से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। *केलपाल बाबा स्वयं सहायता समूह बना प्रेरणा का उदाहरण* राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित केलपाल बाबा स्वयं सहायता समूह भी महिला उद्यमिता की प्रेरक मिसाल बनकर उभरा है। समूह की सदस्य श्रीमती पार्वती सफलतापूर्वक "पार्वती टिफिन सर्विस" का संचालन कर रही हैं। इसके साथ ही वे विभिन्न कार्यक्रमों एवं आयोजनों के लिए कैटरिंग एवं पार्टी ऑर्डर की सेवाएं भी प्रदान कर रही हैं। समूह को आजीविका गतिविधियों के विस्तार हेतु रिवॉल्विंग फंड से 25,000 रुपये तथा सीआईएफ (CIF) फंड से 75,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इस सहयोग से समूह की आय में निरंतर वृद्धि हुई है तथा स्थानीय स्तर पर अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और सामुदायिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में जनपद चम्पावत की यह पहल मुख्यमंत्री की "आदर्श चम्पावत" की परिकल्पना को धरातल पर साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी कदम है।4
- सड़क पर लैंडस्लाइडजोन को पैदल पार करते वक्त कपकोट विधायक बाल-बाल बचे. सड़क पर लैंडस्लाइडजोन को पैदल पार करते वक्त कपकोट विधायक बाल-बाल बचे. जनपद बागेश्वर के कपकोट विकासखंड अंतर्गत दुर्गम ग्राम पंचायत बघर एवं ढोक्टी गांव की मानसूनी बरसात के चलते बंद मोटर मार्ग का संबंधित विभाग एवं पीएमजीएसवाई के अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त मार्गों का जायजा लेने पहुंचे हुए थे। उसी दौरान सड़क पर लैंडस्लाइड जोन को पैदल स्वयं पार करते कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया बाल-बाल बचे अगर उनका नियंत्रण बिगड़ता सीधे वो नीचे नदी में गिरते. निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंद मोटरमार्ग को शीघ्र पुनर्स्थापित कर यातायात के लिए सुचारु करने के निर्देश दिए। कपकोट के विभिन्न इलाकों में लगातार हो रही भारी मानसूनी वर्षा के कारण मार्ग कई स्थानों पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे आमजन को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं पुनर्स्थापना कार्य प्रारंभ करते हुए मार्ग को जल्द से जल्द आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए। हमारा संकल्प है कि क्षेत्र की जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और प्रभावित मार्गों को शीघ्र पुनः संचालित किया जाए। आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में जनसुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाकर राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि क्षेत्रवासियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।1
- तड़के आग से दहला नैनीताल का पालिका बाजार, सिलेंडर ब्लास्ट के बाद मची अफरा-तफरी नैनीताल। मल्लीताल स्थित न्यू पालिका बाजार में शनिवार तड़के करीब पांच बजे एक फास्ट फूड की दुकान में भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट के कारण लगी यह आग कुछ ही मिनटों में विकराल हो गई और दुकान में रखा गैस सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। इससे आसपास के दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि दुकान के अंदर सो रहे कर्मचारियों ने पीछे की खिड़की से भागकर अपनी जान बचाई। आग बुझाने के प्रयास में कर्मचारी साहिल झुलस गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। एफएसओ देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। दमकल विभाग की तत्परता से पूरा बाजार जलने से बच गया और बड़ी जनहानि टल गई।1