जयपुर जिले के मनोहरपुर गांधी चौक में सांडों की भिड़ंत से मची अफरा-तफरी, ग्रामीणों ने की आवारा पशुओं को पकड़ने की मांगमनोहरपुर। स्थानीय गांधी चौक पर उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब मुख्य बाजार के बीचों-बीच दो निराश्रित सांड अचानक आपस में भिड़ गए। सांडों की इस खतरनाक लड़ाई को देखकर चौक पर मौजूद राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे, जिससे बाजार में कुछ देर के लिए पूरी तरह दहशत का माहौल बन गया।वार्डों में बढ़ा निराश्रित पशुओं का आतंकस्थानीय नागरिकों के अनुसार, नगरपालिका क्षेत्र में निराश्रित और आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये पशु दिनभर विभिन्न वार्डों, गलियों और मुख्य बाजारों में घूमते रहते हैं। इससे न केवल सड़कों पर गंदगी फैल रही है, बल्कि मुख्य चौराहों पर अक्सर जाम और गंभीर हादसों का खतरा भी बना रहता है।पूर्व में भी चला था अभियान, फिर भी जस की तस स्थितिग्रामीणों ने बताया कि नगरपालिका प्रशासन ने पूर्व में भी निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया था। कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन ठोस और स्थायी समाधान न होने के कारण आवारा पशुओं की संख्या दोबारा बढ़ गई है। वर्तमान में स्थिति फिर से चिंताजनक हो चुकी है।ग्रामीणों ने की दोबारा कार्रवाई की मांगगांधी चौक पर हुई इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में गहरा रोष है। लोगों ने नगरपालिका प्रशासन से बेहद नाराजगी जताते हुए मांग की है कि बाजार और आवासीय वार्डों से इन निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए तुरंत एक बार फिर सघन अभियान चलाया जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
जयपुर जिले के मनोहरपुर गांधी चौक में सांडों की भिड़ंत से मची अफरा-तफरी, ग्रामीणों ने की आवारा पशुओं को पकड़ने की मांगमनोहरपुर। स्थानीय गांधी चौक पर उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब मुख्य बाजार के बीचों-बीच दो निराश्रित सांड अचानक आपस में भिड़ गए। सांडों की इस खतरनाक लड़ाई को देखकर चौक पर मौजूद राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे, जिससे बाजार में कुछ देर के लिए पूरी तरह दहशत का माहौल बन गया।वार्डों में बढ़ा निराश्रित पशुओं का आतंकस्थानीय नागरिकों के अनुसार, नगरपालिका क्षेत्र में निराश्रित और आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये पशु दिनभर विभिन्न वार्डों, गलियों और मुख्य बाजारों में घूमते रहते हैं। इससे न केवल सड़कों पर गंदगी फैल रही है, बल्कि मुख्य चौराहों पर अक्सर जाम और गंभीर हादसों का खतरा भी बना रहता है।पूर्व में भी चला था अभियान, फिर भी जस की तस स्थितिग्रामीणों ने बताया कि नगरपालिका प्रशासन ने पूर्व में भी निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया था। कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन ठोस और स्थायी समाधान न होने के कारण आवारा पशुओं की संख्या दोबारा बढ़ गई है। वर्तमान में स्थिति फिर से चिंताजनक हो चुकी है।ग्रामीणों ने की दोबारा कार्रवाई की मांगगांधी चौक पर हुई इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में गहरा रोष है। लोगों ने नगरपालिका प्रशासन से बेहद नाराजगी जताते हुए मांग की है कि बाजार और आवासीय वार्डों से इन निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए तुरंत एक बार फिर सघन अभियान चलाया जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
- जयपुर जिले के मनोहरपुर गांधी चौक में सांडों की भिड़ंत से मची अफरा-तफरी, ग्रामीणों ने की आवारा पशुओं को पकड़ने की मांगमनोहरपुर। स्थानीय गांधी चौक पर उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब मुख्य बाजार के बीचों-बीच दो निराश्रित सांड अचानक आपस में भिड़ गए। सांडों की इस खतरनाक लड़ाई को देखकर चौक पर मौजूद राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे, जिससे बाजार में कुछ देर के लिए पूरी तरह दहशत का माहौल बन गया।वार्डों में बढ़ा निराश्रित पशुओं का आतंकस्थानीय नागरिकों के अनुसार, नगरपालिका क्षेत्र में निराश्रित और आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये पशु दिनभर विभिन्न वार्डों, गलियों और मुख्य बाजारों में घूमते रहते हैं। इससे न केवल सड़कों पर गंदगी फैल रही है, बल्कि मुख्य चौराहों पर अक्सर जाम और गंभीर हादसों का खतरा भी बना रहता है।पूर्व में भी चला था अभियान, फिर भी जस की तस स्थितिग्रामीणों ने बताया कि नगरपालिका प्रशासन ने पूर्व में भी निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया था। कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन ठोस और स्थायी समाधान न होने के कारण आवारा पशुओं की संख्या दोबारा बढ़ गई है। वर्तमान में स्थिति फिर से चिंताजनक हो चुकी है।ग्रामीणों ने की दोबारा कार्रवाई की मांगगांधी चौक पर हुई इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में गहरा रोष है। लोगों ने नगरपालिका प्रशासन से बेहद नाराजगी जताते हुए मांग की है कि बाजार और आवासीय वार्डों से इन निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए तुरंत एक बार फिर सघन अभियान चलाया जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।1
- पांवटा क्षेत्र में कोटपुतली -बहरोड जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने वाई सीएलजी सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि Y-CLG का गठन युवाओं को पुलिस के साथ जोड़ने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा तभी अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी तथा पुलिस और जनता की भागीदारी से ही समाज सुरक्षित रह सकेगा। उन्होंने ये बात जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को कोटपूतली-बहरोड़ जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित नवगठित Y-CLG सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए कही। बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच आपसी समन्वय बढ़ाकर जिले में शांति और कानून व्यवस्था को मजबूत करना रहा।बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय कोटपुतली नाजिम अली खान, अनीता पु नि प्रभारी एएचटीयू, संतलाल शर्मा स.उप.नि. प्रभारी जिला विशेष शाखा, कविता स.उप.नि. एंटी रोमियो स्क्वाड , मुकेश रानी हैड कांस. सहित जिले के पुलिस अधिकारी और मनोनीत Y-CLG सदस्य मौजूद रहे।बैठक का मुख्य उद्देश्य नव गठित Y-CLG सदस्यों के माध्यम से पुलिस और आम जनता विशेषकर युवाओं के बीच की दूरी को कम करना, जिले की शांति व्यवस्था को मजबूत करना, युवाओं में अनुशासन और कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधियों पर रोक लगाना रहा। साथ ही पुलिस और जनता के बीच सेतु का काम करना, अपराध रोकथाम में सहयोग, नशा मुक्त समाज का निर्माण करना, कानून व्यवस्था में सहयोग करना, यातायात और सामाजिक सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने में सहायता करना तथा युवाओं को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायता करने सहित अनेक प्रकार के सहयोग की अपेक्षा की गई है। पुलिस अधिकारियों ने Y-CLG सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्र में पुलिस के सहयोगी बनकर काम करने के लिए प्रेरित किया, ताकि कोटपूतली-बहरोड़ को अपराध मुक्त और सुरक्षित जिला बनाया जा सके।बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने जिले में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग का संकल्प लिया1
- विराटनगर क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र के सामने गहरा गड्ढा, मासूमों की सुरक्षा खतरे में; ग्रामीणों ने की तुरंत कार्रवाई की मांग बीलवाड़ी। स्थानीय आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र बीलवाड़ी-2 के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने अचानक एक गहरा खड्डा हो जाने से बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना हुआ है। यह स्थिति उस समय और भी संवेदनशील हो जाती है जब नन्हे-मुन्ने बच्चे आंगनबाड़ी पहुंचते हैं। गनीमत रही कि समय रहते इस पर ध्यान चला गया और कोई मासूम इसकी चपेट में नहीं आया, अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। ग्रामीणों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए इस खड्डे को तुरंत भरवाया जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे को टाला जा सके।1
- जाजोद राउमावि में हेड बॉय-हेड गर्ल का चुनाव नो बैग डे पर छात्रों ने मतदान प्रक्रिया से चुने प्रतिनिधि जाजोद की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को हेड बॉय और हेड गर्ल का चुनाव संपन्न हुआ। नो बैग डे गतिविधियों के तहत आयोजित इस चुनाव में कक्षा 8 से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने मतदान प्रक्रिया में भाग लिया। किरण गुर्जर को हेड गर्ल और भवानी शंकर को हेड बॉय चुना गया। शनिवारीय बालसभा में 'नो बैग डे' के अवसर पर छात्रों को संपूर्ण मतदान प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव दिया गया। विद्यालय के उत्सव प्रभारी विष्णु कुमार जोशी ने बताया कि इस गतिविधि का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया, जिसमें वास्तविक मतदान प्रक्रिया का पालन किया गया। प्रधानाचार्य सुमन तोबड़िया के मार्गदर्शन में शिक्षकों के एक दल का गठन किया गया, जिसने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाया। चुनाव दल में खुशी मीणा को पीठासीन अधिकारी (PRO) बनाया गया, जबकि आशीष बराला, चीनू शर्मा, पूजा गुर्जर और कृष्णा जितरवाल ने मतदान अधिकारी के रूप में कार्य किया। मतदान समाप्त होने के बाद वोटों की गिनती की गई, जिसमें किरण गुर्जर को हेड गर्ल और भवानी शंकर को हेड बॉय घोषित किया गया। प्रधानाचार्य सुमन तोबड़िया ने विजेता विद्यार्थियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों छात्र विद्यालय के विकास में सहयोग करेंगे और नई योजनाएं बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। अन्य उम्मीदवार योगिता शर्मा और अंकित बराला ने विजेताओं को बधाई दी। स्टाफ सेक्रेटरी फूलचंद कुड़ी ने विजेताओं को माला पहनाकर और मुंह मीठा करवाकर शुभकामनाएं दीं। इस पूरी प्रक्रिया में स्टाफ सदस्यों बाबूलाल मीणा, महेंद्र कुमार मलिंडा, गजानंद जाट, रामनिवास दूधवाल, मोहन सिंह देवन्दा, सुरेन्द्र सिंह, मुकेश स्वामी, मुरारी लाल जाट, जितेंद्र कुमार, गुड्डी मीणा, अनीता, हंसा जांगिड़, झाबर मल, चंपा कुमारी, मानसिंह और राजेंद्र कुमार ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।1
- पीपलखेड़ा गांव से मानवता को शर्मसार और सरकारी दावों की खुली पोल बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार बारिश में किया तिरपाल के नीचे कामां से खबर संवाददाता नरेंद्र सिंह शेखावत पीपलखेड़ा गांव से मानवता को शर्मसार और सरकारी दावों की खुली पोल बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार बारिश में किया तिरपाल के नीचे कामां - पहाड़ी क्षेत्र में स्थित पीपलखेड़ा गांव से मानवता को शर्मसार और सरकारी दावों की पोल खोलती हुई एक विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में एक बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार तिरपाल के नीचे करना पड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने साल बाद भी गांवों में एक व्यवस्थित श्मशान घाट और टीनशेड तक नसीब नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द श्मशान घाट में पक्के शेड का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी बेबसी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों के अनुसार पीपलखेड़ा गांव में एक बुजुर्ग महिला के निधन के बाद परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर पहुंचे थे कि इसी दौरान अचानक तेज बारिश और भीषण तूफान शुरू हो गया था। श्मशान घाट पर पक्का शेड (टीनशेड) न होने के कारण अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। श*व और चिता को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल का इंतजाम किया था। ग्रामीणों ने जलती चिता के ऊपर तिरपाल तानकर उसे बचाने का भरसक प्रयास किया था पर तूफान और मूसलाधार बारिश के आगे उनकी हर कोशिश नाकाम साबित हुई थी तथा चिता और श*व को भीगने से नहीं बचाया जा सका था। ग्रामीणों के अनुसार जब तिरपाल के सहारे भी अंतिम संस्कार संभव नहीं हो सका, तो मजबूरन परिजनों और ग्रामीणों को भारी मन से बारिश रुकने का लंबा इंतजार करना पड़ा था तथा इस दौरान शव यात्रा में शामिल हुए लोग भी खुले आसमान के नीचे पूरी तरह भीग रहे थे। घटना के बाद से पीपलखेड़ा और आस-पास के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने साल बाद भी गांवों में एक व्यवस्थित श्मशान घाट और टीनशेड तक नसीब नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द श्मशान घाट में पक्के शेड का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी बेबसी का सामना न करना पड़े।1
- अजमेर जेल से सामने आया मामला सिर्फ जेल प्रशासन की लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे जेल सिस्टम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है #Rajasthan #RajasthanGovernment #AjmerJail #Ajmer1
- जयपुर उत्तर में महिला और साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान, 1500 महिलाओं-बालिकाओं से किया संवाद जयपुर। महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव को लेकर जयपुर उत्तर पुलिस की ओर से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। डीजीपी /आईजीपी पुलिस सम्मेलन-2024 की सिफारिश संख्या-12 के क्रम में आयोजित इस अभियान के तहत आमजन को महिला सुरक्षा हेल्पलाइन और साइबर हेल्पलाइन सहित विभिन्न सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में जलमहल की पाल, थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करण शर्मा, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर (SIUCAW) सुरेन्द्र सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त आमेर सुरेन्द्र सिंह राणावत और एवं कर्मचारी मौजूद रहे। थानाधिकारी ब्रह्मपुरी हेमन्त सिंह सहित पुलिस अधिकारी कार्यक्रम में सुरक्षा सखी, छात्र-छात्राएं, सीएलजी एवं मोहल्ला समिति के सदस्यों समेत करीब 1500 लोग शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों ने करीब 1500 महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद कर उन्हें सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी।1
- SMS अस्पताल में मरीज हित में बड़े फैसले, ₹2.5 करोड़ से अधिक के IT उपकरणों की खरीद को मंजूरी जयपुर, 8 अगस्त। राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की कार्यकारिणी समिति की बैठक शनिवार को एसएमएस अस्पताल, जयपुर में आयोजित हुई। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ अस्पताल की डिजिटल, प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम के तहत ₹2.5 करोड़ से अधिक के IT उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई। साथ ही अस्पताल में IT हार्डवेयर की खरीद और अपग्रेडेशन के प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए। अस्पताल के रिकॉर्ड होंगे डिजिटल SMS अस्पताल में उपलब्ध रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप देने का निर्णय लिया गया है। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के साथ जरूरत पड़ने पर मरीजों से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद के लिए विभिन्न DDC, पंजीयन डेस्क और मरीज इंटरफेस काउंटरों पर 100 टू-वे माइक्रोफोन सिस्टम लगाए जाएंगे। ‘अपना घर’ और निजी बीमा लाभार्थी वर्ग में शामिल मरीजों को उपचार सुविधाओं का लाभ व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए ‘अपना घर’ और ‘प्राइवेट इंश्योरेंस’ को नए लाभार्थी वर्ग के रूप में शामिल करने की मंजूरी दी गई है। यूनिट हेड्स को वित्तीय अधिकार अस्पताल की छोटी और तत्काल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सभी यूनिट हेड्स को वित्तीय अधिकार दिए गए हैं। RTTP के वित्तीय नियमों के अनुसार एक बार में ₹10 हजार तक और एक वर्ष में अधिकतम ₹50 हजार तक का व्यय किया जा सकेगा। इससे छोटी जरूरतों के लिए निर्णय लेने में तेजी आएगी। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद को मंजूरी मरीजों को अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एडवांस्ड एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन की खरीद को मंजूरी दी गई। इसके अलावा न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, PMR और पैलिएटिव मेडिसिन समेत विभिन्न विभागों के ऑपरेशन थिएटर और डायग्नोस्टिक उपकरणों से जुड़े प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए। ट्रॉमा इंस्टीट्यूट में PM राहत काउंटर ट्रॉमा एंड ऑर्थोपेडिक इंस्टीट्यूट में PM राहत काउंटर के संचालन के लिए आवश्यक ऑपरेशनल और वित्तीय व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई। इससे ट्रॉमा सेवाओं को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। सुरक्षा और सफाई कर्मचारियों के लिए हाई-रिस्क अलाउंस अस्पताल की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था में लगे कार्मिकों के लिए हाई-रिस्क अलाउंस के रूप में 25 प्रतिशत वेतन वृद्धि के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। वहीं, अस्पताल परिसर स्थित निजी अस्पताल कॉटेज के किराये में 10 प्रतिशत वृद्धि करने का निर्णय लिया गया। बैठक में अधिवक्ताओं के एम्पैनलमेंट एवं पारिश्रमिक, खरीद प्रक्रिया, मानव संसाधन, वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और मरीज सुविधाओं से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए। इन फैसलों से एसएमएस अस्पताल में मरीज-केंद्रित सेवाओं, डिजिटल हेल्थ, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और प्रशासनिक दक्षता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।1