अहमदाबाद के जमालपुर में 1501वां जश्ने ईद-ए-मिलादुन्नबी, जुलुस बड़ी शानो शौकत से निकाला गया अहमदाबाद का दिल अकीदत, मोहब्बत और इंसानियत की रोशनी से सराबोर नजर आया। पैगंबर हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के यौम-ए-पैदाइश के मुबारक मौके पर शहर में जश्ने ईद-ए-मिलादुन्नबी का ऐतिहासिक जुलूस बेमिसाल शानो-शौकत, अनुशासन और सामाजिक भाईचारे के साथ निकाला गया। ईद-ए-मिलादुन्नबी सेंट्रल कमेटी के नेतृत्व में निकले इस विशाल जुलूस ने न केवल मजहबी रवायत को जिंदा रखा, बल्कि सर्वधर्म सद्भाव, खिदमत-ए-खल्क, तालीम और पुलिस-प्रशासन के सटीक समन्वय की एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी गूंज पूरे राज्य में सुनाई दे रही है। गंगा-जमुनी तहज़ीब का ऐतिहासिक मंजर जुलूस की शुरुआत जमालपुर दरवाजा स्थित ऐतिहासिक हैबतखान मस्जिद के मैदान से हुई, जहां शहर की सदियों पुरानी मिली-जुली संस्कृति का शानदार नजारा देखने को मिला। अहमदाबाद के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के महंत पूज्य श्री दिलीपदास जी महाराज, गुजरात पुलिस कमिश्नर, और ईद-ए-मिलादुन्नबी सेंट्रल कमेटी के चेयरमैन तसनीम आलम बावासाहेब तिरमीज़ी समेत कमेटी के वरिष्ठ धर्मगुरुओं और पदाधिकारियों ने मंच साझा किया। सभी गणमान्य हस्तियों ने एक साथ हरी झंडी दिखाकर जुलूस का विधिवत आगाज किया। मंदिर के महंत और इस्लामिक धर्मगुरुओं का एक साथ खड़े होकर अमन का पैगाम देना पूरे देश के लिए एकता और सौहार्द का बड़ा संदेश बन गया। हरी झंडी मिलने के बाद जुलूस अपने तयशुदा ऐतिहासिक मार्ग पर आगे बढ़ा। हैबतखान मस्जिद से शुरू होकर यह कारवां जमालपुर चकला, खमासा पुलिस चौकी, होप मार्केट, जे.एल. हाईस्कूल, भद्र प्लाजा, कारंज, निशात होटल, खास बाजार, तीन दरवाजा, कोयला गली, पत्थरकुंवा, रिलीफ रोड, लाल दरवाजा, बिजली घर और दिनबाई टावर से गुजरते हुए मिर्जापुर के कुरेश चौक पर जाकर संपन्न हुआ। रास्ते भर नात-ए-पाक और दुरूदो-सलाम के तराने गूंजते रहे। पूरे आयोजन में कमेटी के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया—डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहा और केवल अनुमत छोटे-मध्यम वाहनों को ही शामिल किया गया। गुजरात पुलिस का चाक-चौबंद सुरक्षा चक्र इस विशाल जनसैलाब के बीच शांति और व्यवस्था बनाए रखने में गुजरात पुलिस की भूमिका बेहद काबिल-ए-तारीफ रही। पुलिस कमिश्नर की सीधी निगरानी में पूरे रूट को सुरक्षा छावनी में तब्दील किया गया था। संवेदनशील चौराहों पर भारी पुलिस बल, क्राइम ब्रांच, अर्धसैनिक बलों के जवान, ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी गई। सेंट्रल कमेटी के वॉलिंटियर्स ने पुलिस जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भीड़ को पूरी तरह अनुशासित रखा। खिदमत-ए-खल्क — रास्ते भर सजीं राहत और लंगर की गाड़ियां पैगंबर-ए-इस्लाम की तालीमात के मुताबिक, इस मुबारक दिन पर खिदमत का जज्बा अपने चरम पर दिखा। जुलूस मार्ग पर खिदमतगारों ने हर आने-जाने वाले का दिल खोलकर इस्तकबाल किया: जुलूस में शामिल अकीदतमंदों और आम राहगीरों के लिए ताजे फल, लंगर के पैकेट, ठंडे पानी की बोतलें और तरह-तरह के फ्रूट जूस व शरबत का निरंतर वितरण होता रहा। नन्हे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरने के लिए खिलौने, गुब्बारे और गिफ्ट्स बांटे गए। तालीम की अनूठी पहल — 'इल्म' से संवरेगा बच्चों का मुस्तकबिल इस साल के जुलूस की सबसे खास और ऐतिहासिक विशेषता रही—शिक्षा और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने की अनोखी मुहिम। कई सजी हुई गाड़ियों से बच्चों के मानसिक और शैक्षणिक विकास से जुड़ी सामग्री दिल खोलकर बांटी गई: स्कूली छात्रोंके लिए नोटबुक, ड्राइंग बुक्स, पेन, पेंसिल बॉक्स और पूरी स्टेशनरी किट्स दी गईं। बच्चों का दिमाग तेज करने और लॉजिकल सोच को बढ़ावा देने के लिए माइंड-पज़ल्स, सुडोकू, ब्रेन-टीज़र गेम्स और ज्ञानवर्धक कॉमिक्स/किताबें तकसीम की गईं। आयोजकों का स्पष्ट संदेश था कि पैगंबर साहब के जन्मदिन का सबसे सच्चा जश्न नई पीढ़ी को शिक्षित, समझदार और हुनरमंद बनाना है। जब जुलूस मिर्जापुर के कुरेश चौक पहुंचा, तो वहां सेंट्रल कमेटी के चेयरमैन तसनीम आलम बावासाहेब तिरमीज़ी की मौजूदगी में उपस्थित जनसमूह ने प्रशासन, पुलिस और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। अहमदाबाद में संपन्न हुआ ईद-ए-मिलादुन्नबी का यह जुलूस महज एक मजहबी रवायत नहीं, बल्कि अमन, तालीम, सुरक्षा और आपसी मोहब्बत का एक संपूर्ण संगम साबित हुआ। मंदिर के महंत की मौजूदगी से लेकर पुलिस की सतर्कता तक, और लंगर की मिठास से लेकर बच्चों को बांटी गई किताबों तक—इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि शहर की साझा संस्कृति आज भी उतनी ही मजबूत और अटूट है। बीबीसी लाईव न्यूज रिपोर्टर शेख मोहम्मद रशीद
अहमदाबाद के जमालपुर में 1501वां जश्ने ईद-ए-मिलादुन्नबी, जुलुस बड़ी शानो शौकत से निकाला गया अहमदाबाद का दिल अकीदत, मोहब्बत और इंसानियत की रोशनी से सराबोर नजर आया। पैगंबर हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के यौम-ए-पैदाइश के मुबारक मौके पर शहर में जश्ने ईद-ए-मिलादुन्नबी का ऐतिहासिक जुलूस बेमिसाल शानो-शौकत, अनुशासन और सामाजिक भाईचारे के साथ निकाला गया। ईद-ए-मिलादुन्नबी सेंट्रल कमेटी के नेतृत्व में निकले इस विशाल जुलूस ने न केवल मजहबी रवायत को जिंदा रखा, बल्कि सर्वधर्म सद्भाव, खिदमत-ए-खल्क, तालीम और पुलिस-प्रशासन के सटीक समन्वय की एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी गूंज पूरे राज्य में सुनाई दे रही है। गंगा-जमुनी तहज़ीब का ऐतिहासिक मंजर जुलूस की शुरुआत जमालपुर दरवाजा स्थित ऐतिहासिक हैबतखान मस्जिद के मैदान से हुई, जहां शहर की सदियों पुरानी मिली-जुली संस्कृति का शानदार नजारा देखने को मिला। अहमदाबाद के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के महंत पूज्य श्री दिलीपदास जी महाराज, गुजरात पुलिस कमिश्नर, और ईद-ए-मिलादुन्नबी सेंट्रल कमेटी के चेयरमैन तसनीम आलम बावासाहेब तिरमीज़ी समेत कमेटी के वरिष्ठ धर्मगुरुओं और पदाधिकारियों ने मंच साझा किया। सभी गणमान्य हस्तियों ने एक साथ हरी झंडी दिखाकर जुलूस का विधिवत आगाज किया। मंदिर के महंत और इस्लामिक धर्मगुरुओं का एक साथ खड़े होकर अमन का पैगाम देना पूरे देश के लिए एकता और सौहार्द का बड़ा संदेश बन गया। हरी झंडी मिलने के बाद जुलूस अपने तयशुदा ऐतिहासिक मार्ग पर आगे बढ़ा। हैबतखान मस्जिद से शुरू होकर यह कारवां जमालपुर चकला, खमासा पुलिस चौकी, होप मार्केट, जे.एल. हाईस्कूल, भद्र प्लाजा, कारंज, निशात होटल, खास बाजार, तीन दरवाजा, कोयला गली, पत्थरकुंवा, रिलीफ रोड, लाल दरवाजा, बिजली घर और दिनबाई टावर से गुजरते हुए मिर्जापुर के कुरेश चौक पर जाकर संपन्न हुआ। रास्ते भर नात-ए-पाक और दुरूदो-सलाम के तराने गूंजते रहे। पूरे आयोजन में कमेटी के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया—डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहा और केवल अनुमत छोटे-मध्यम वाहनों को ही शामिल किया गया। गुजरात पुलिस का चाक-चौबंद सुरक्षा चक्र इस विशाल जनसैलाब के बीच शांति और व्यवस्था बनाए रखने में गुजरात पुलिस की भूमिका बेहद काबिल-ए-तारीफ रही। पुलिस कमिश्नर की सीधी निगरानी में पूरे रूट को सुरक्षा छावनी में तब्दील किया गया था। संवेदनशील चौराहों पर भारी पुलिस बल, क्राइम ब्रांच, अर्धसैनिक बलों के जवान, ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी गई। सेंट्रल कमेटी के वॉलिंटियर्स ने पुलिस जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भीड़ को पूरी तरह अनुशासित रखा। खिदमत-ए-खल्क — रास्ते भर सजीं राहत और लंगर की गाड़ियां पैगंबर-ए-इस्लाम की तालीमात के मुताबिक, इस मुबारक दिन पर खिदमत का जज्बा अपने चरम पर दिखा। जुलूस मार्ग पर खिदमतगारों ने हर आने-जाने वाले का दिल खोलकर इस्तकबाल किया: जुलूस में शामिल अकीदतमंदों और आम राहगीरों के लिए ताजे फल, लंगर के पैकेट, ठंडे पानी की बोतलें और तरह-तरह के फ्रूट जूस व शरबत का निरंतर वितरण होता रहा। नन्हे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरने के लिए खिलौने, गुब्बारे और गिफ्ट्स बांटे गए। तालीम की अनूठी पहल — 'इल्म' से संवरेगा बच्चों का मुस्तकबिल इस साल के जुलूस की सबसे खास और ऐतिहासिक विशेषता रही—शिक्षा और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने की अनोखी मुहिम। कई सजी हुई गाड़ियों से बच्चों के मानसिक और शैक्षणिक विकास से जुड़ी सामग्री दिल खोलकर बांटी गई: स्कूली छात्रोंके लिए नोटबुक, ड्राइंग बुक्स, पेन, पेंसिल बॉक्स और पूरी स्टेशनरी किट्स दी गईं। बच्चों का दिमाग तेज करने और लॉजिकल सोच को बढ़ावा देने के लिए माइंड-पज़ल्स, सुडोकू, ब्रेन-टीज़र गेम्स और ज्ञानवर्धक कॉमिक्स/किताबें तकसीम की गईं। आयोजकों का स्पष्ट संदेश था कि पैगंबर साहब के जन्मदिन का सबसे सच्चा जश्न नई पीढ़ी को शिक्षित, समझदार और हुनरमंद बनाना है। जब जुलूस मिर्जापुर के कुरेश चौक पहुंचा, तो वहां सेंट्रल कमेटी के चेयरमैन तसनीम आलम बावासाहेब तिरमीज़ी की मौजूदगी में उपस्थित जनसमूह ने प्रशासन, पुलिस और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। अहमदाबाद में संपन्न हुआ ईद-ए-मिलादुन्नबी का यह जुलूस महज एक मजहबी रवायत नहीं, बल्कि अमन, तालीम, सुरक्षा और आपसी मोहब्बत का एक संपूर्ण संगम साबित हुआ। मंदिर के महंत की मौजूदगी से लेकर पुलिस की सतर्कता तक, और लंगर की मिठास से लेकर बच्चों को बांटी गई किताबों तक—इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि शहर की साझा संस्कृति आज भी उतनी ही मजबूत और अटूट है। बीबीसी लाईव न्यूज रिपोर्टर शेख मोहम्मद रशीद
- ટીંટોઇ પોલીસ સ્ટેશનની શી ટીમ દ્વારા રક્ષાબંધન પર્વની અનોખી ઉજવણી,સિનિયર સિટીઝનના હાથે રાખડી બાંધી ઉજવણી કરાઈ ટીંટોઇ પોલીસ સ્ટેશનની શી ટીમ દ્વારા રક્ષાબંધન પર્વની અનોખી ઉજવણી,સિનિયર સિટીઝનના હાથે રાખડી બાંધી ઉજવણી કરાઈ અરવલ્લી: ટીંટોઇ પોલીસ સ્ટેશનની શી ટીમ દ્વારા રક્ષાબંધન પર્વ નિમિત્તે સિનિયર સિટીઝન સાથે મુલાકાત કરી રક્ષાબંધનની ઉજવણી કરવામાં આવી હતી.શી ટીમના સભ્યોએ સિનિયર સિટીઝનો સાથે આત્મીય મુલાકાત કરી તેમના ખબર-અંતર પૂછ્યા હતા. આ પ્રસંગે સિનિયર સિટીઝનના હાથે રાખડી બંધાવી રક્ષાબંધન પર્વની ઉજવણી કરવામાં આવી હતી અને મીઠાઈ વહેંચવા માં આવી હતી પોલીસ અને સિનિયર સિટીઝન વચ્ચેનો સંબંધ વધુ મજબૂત બને તથા વડીલોને સુરક્ષા અને સહયોગની લાગણી અનુભવાય તે હેતુથી આ કાર્યક્રમનું આયોજન કરવામાં આવ્યું હતું. સિનિયર સિટીઝનોએ પણ પોલીસની આ પહેલને આવકારી આનંદ વ્યક્ત કર્યો હતો.4
- ઢોલ-નગારાના તાલે ગુંજી અકોટાની ગલીઓ, પટેલ ચાલના રાજાનું ભવ્ય આગમન! ઢોલ-નગારાના તાલે ગુંજી અકોટાની ગલીઓ, પટેલ ચાલના રાજાનું ભવ્ય આગમન! વડોદરા શહેરના અકોટા વિસ્તારમાં શ્રી વેરાઈ માતા યુવક મંડળ દ્વારા પટેલ ચાલના રાજાનું ભવ્ય અને ઉત્સાહભેર આગમન કરવામાં આવ્યું હતું. ગણપતિ બાપ્પાના આગમન પ્રસંગે યુવકો દ્વારા ઢોલ-નગારાના તાલ સાથે ભવ્ય શોભાયાત્રા યોજાઈ હતી. વિસ્તારના ભક્તોમાં ભારે ઉત્સાહ જોવા મળ્યો હતો. ગણપતિ બાપ્પાના જયઘોષથી સમગ્ર અકોટા વિસ્તાર ગુંજી ઉઠ્યો હતો. ભક્તોએ બાપ્પાના દર્શન કરી સુખ, શાંતિ અને સમૃદ્ધિ માટે પ્રાર્થના કરી હતી.1
- लारी-गल्ला कारोबार भी चले, गाड़ी वालों को रास्ता मिले और जनता भी न हो परेशान—VMC के नियमों से बने शहर में बेहतर व्यवस्था” #DastakIndia24news #crimealertdigitalnews #cockroachJanatanews #highlightsシ゚ #highlightseveryonefollowers #highlightsfollowers #highlightseveryonefbreels #followersnonfollowers #followersシ゚ #unfollowers1
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- લીંબડી સબજેલના જેલરે રક્ષાબંધન પર્વ નિમિત્તે સહાનુભૂતિ દાખવી1
- રક્ષાબંધન પર્વને લઈ વડોદરા મધ્યસ્થ સેન્ટ્રલ જેલમાં પોતાના ભાઈઓ અને બહેનો દ્વારા રાખી બાંધવામાં આવી4
- ગાંભોઈ પોલીસ સ્ટેશનના PI અને હેડ કોન્સ્ટેબલ સામે ₹2.50 લાખ લેવાના આક્ષેપ! સોશિયલ મીડિયામાં વીડિયો વાયરલ, મામલો ચર્ચામાં ગાંભોઈ પોલીસ સ્ટેશનના PI અને હેડ કોન્સ્ટેબલ સામે ₹2.50 લાખ લેવાના આક્ષેપ! સોશિયલ મીડિયામાં વીડિયો વાયરલ, મામલો ચર્ચામાં નોંધ: વાયરલ વીડિયોમાં કરાયેલા આક્ષેપોની અરવલ્લી સિટી ન્યૂઝ દ્વારા કોઈ સત્તાવાર પુષ્ટિ કરવામાં આવતી નથી.1
- આંતરરાષ્ટ્રીય હિન્દુ પરિષદના પ્રવિણભાઇ તોગડિયાએ લીબડી શું કહ્યું1
- Post by Husenbhai multani4