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गौवंशीय पशु तस्करी के आरोप में तीन गिरफ्तार, पुलिस ने प्रेस वार्ता कर दी जानकारी सिमडेगा: कुरडेग थाना क्षेत्र में गौवंशीय पशुओं की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 की रात करीब 1:30 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर पिकअप वैन के माध्यम से गौवंशीय पशुओं को ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कुरडेग-सिमडेगा मुख्य मार्ग पर छापेमारी की।पुलिस को देखते ही तस्कर वाहन छोड़कर भागने लगे। हालांकि पुलिस बल की तत्परता से तीन लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि अन्य अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। भागने के दौरान पशु जंगल की ओर चले गए, जिससे उनका पता नहीं चल सका। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. आयूब (30 वर्ष), मो. शहबाज अंसारी (23 वर्ष) एवं केशव यादव (44 वर्ष) के रूप में की गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक अल्टो कार (संख्या JH01BH 6595) और एक पिकअप वैन संख्या JH01FB 4373 को जब्त किया है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गौवंशीय पशुओं की खरीद-बिक्री का काम करते हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

2 hrs ago
user_Satyam kumar keshri
Satyam kumar keshri
सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
2 hrs ago

गौवंशीय पशु तस्करी के आरोप में तीन गिरफ्तार, पुलिस ने प्रेस वार्ता कर दी जानकारी सिमडेगा: कुरडेग थाना क्षेत्र में गौवंशीय पशुओं की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 की रात करीब 1:30 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर पिकअप वैन के माध्यम से गौवंशीय पशुओं को ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कुरडेग-सिमडेगा मुख्य मार्ग पर छापेमारी की।पुलिस को देखते ही तस्कर वाहन छोड़कर भागने लगे। हालांकि पुलिस बल की तत्परता से तीन लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि अन्य अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। भागने के दौरान पशु जंगल की ओर चले गए, जिससे उनका पता नहीं चल सका। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. आयूब (30 वर्ष), मो. शहबाज अंसारी (23 वर्ष) एवं केशव यादव (44 वर्ष) के रूप में की गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक अल्टो कार (संख्या JH01BH 6595) और एक पिकअप वैन संख्या JH01FB 4373 को जब्त किया है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गौवंशीय पशुओं की खरीद-बिक्री का काम करते हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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  • सिमडेगा: कुरडेग थाना क्षेत्र में गौवंशीय पशुओं की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 की रात करीब 1:30 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर पिकअप वैन के माध्यम से गौवंशीय पशुओं को ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कुरडेग-सिमडेगा मुख्य मार्ग पर छापेमारी की।पुलिस को देखते ही तस्कर वाहन छोड़कर भागने लगे। हालांकि पुलिस बल की तत्परता से तीन लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि अन्य अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। भागने के दौरान पशु जंगल की ओर चले गए, जिससे उनका पता नहीं चल सका। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. आयूब (30 वर्ष), मो. शहबाज अंसारी (23 वर्ष) एवं केशव यादव (44 वर्ष) के रूप में की गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक अल्टो कार (संख्या JH01BH 6595) और एक पिकअप वैन संख्या JH01FB 4373 को जब्त किया है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गौवंशीय पशुओं की खरीद-बिक्री का काम करते हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    सिमडेगा: कुरडेग थाना क्षेत्र में गौवंशीय पशुओं की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 की रात करीब 1:30 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर पिकअप वैन के माध्यम से गौवंशीय पशुओं को ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कुरडेग-सिमडेगा मुख्य मार्ग पर छापेमारी की।पुलिस को देखते ही तस्कर वाहन छोड़कर भागने लगे। हालांकि पुलिस बल की तत्परता से तीन लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि अन्य अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। भागने के दौरान पशु जंगल की ओर चले गए, जिससे उनका पता नहीं चल सका।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. आयूब (30 वर्ष), मो. शहबाज अंसारी (23 वर्ष) एवं केशव यादव (44 वर्ष) के रूप में की गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक अल्टो कार (संख्या JH01BH 6595) और एक पिकअप वैन संख्या JH01FB 4373 को जब्त किया है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गौवंशीय पशुओं की खरीद-बिक्री का काम करते हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_Satyam kumar keshri
    Satyam kumar keshri
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • Sahil bhai ka talent cricket bat banaa Diya 😍
    1
    Sahil bhai ka talent cricket bat banaa Diya 😍
    user_Lugun Babu from simdega Jharkhand
    Lugun Babu from simdega Jharkhand
    Video Creator ठेठईटांगर, सिमडेगा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • Post by Alex Shivansh
    1
    Post by Alex Shivansh
    user_Alex Shivansh
    Alex Shivansh
    Security Guard गुमला, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
  • एक 22 वर्षीय आदिवासी छात्र के साथ थाना परिसर में पुलिसकर्मियों द्वारा की गई गाली-गलौच और मारपीट की घटना बेहद चिंताजनक और निंदनीय है। आख़िर ऐसा क्या हुआ था उस थाने के भीतर, जिसकी वजह से कानून के रक्षक ही एक छात्र के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने लगे? क्या एक आम नागरिक, वह भी एक आदिवासी छात्र, न्याय की उम्मीद भी नहीं कर सकता? सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस घटना के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। आखिर यह सब किसके संरक्षण में हो रहा है, जो जिम्मेदार लोगों पर हाथ डालने से परहेज़ किया जा रहा है? यह सिर्फ एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरे समाज के विश्वास पर चोट है। प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि कानून और न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।
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    एक 22 वर्षीय आदिवासी छात्र के साथ थाना परिसर में पुलिसकर्मियों द्वारा की गई गाली-गलौच और मारपीट की घटना बेहद चिंताजनक और निंदनीय है।
आख़िर ऐसा क्या हुआ था उस थाने के भीतर, जिसकी वजह से कानून के रक्षक ही एक छात्र के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने लगे? क्या एक आम नागरिक, वह भी एक आदिवासी छात्र, न्याय की उम्मीद भी नहीं कर सकता?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस घटना के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। आखिर यह सब किसके संरक्षण में हो रहा है, जो जिम्मेदार लोगों पर हाथ डालने से परहेज़ किया जा रहा है?
यह सिर्फ एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरे समाज के विश्वास पर चोट है। प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि कानून और न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    Jashpur, Chhattisgarh•
    23 hrs ago
  • गुमला : उपायुक्त गुमला, श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 17 अप्रैल को होटल जयपुर, लोहरदगा रोड, गुमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।इस प्रशिक्षण शिविर में होटल संचालकों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, मध्याह्न भोजन के रसोइयों एवं पलाश कैफे की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 150 से अधिक खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।कार्यक्रम में एफएसएसएआई के सूचीबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने खाद्य विशेषता, खाद्य संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोगों के कारण एवं रोकथाम, फूड ग्रेड रंगों के सुरक्षित उपयोग, स्वच्छ पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, स्वच्छता मानकों का पालन, कार्यस्थल की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड एवं “गोल्डन रूल्स ऑफ फूड सेफ्टी” के बारे में विस्तार से समझाया गया।इस दौरान विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पानी की जांच प्रत्येक 6 माह (छह महीने) में अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके।कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों को अखबार, प्रिंटेड पेपर या हानिकारक प्लास्टिक में परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।तंबाकू निषेध पर विशेष जागरूकता सत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो के द्वारा कोटपा एक्ट (COTPA Act, 2003) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री निषेध तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सभी को तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया गया।नागरिक क्लब सोसायटी द्वारा प्रतिभागियों के बीच एप्रन, कैप एवं ग्लव्स का वितरण कर स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य संचालन को बढ़ावा दिया गया।खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला, श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी ने “ईट राइट इंडिया”, फोर्टिफाइड फूड एवं “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” जैसे अभियानों की जानकारी देते हुए संतुलित एवं सुरक्षित आहार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर एवं आवश्यक लेबलिंग के बिना पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी, फूड सेफ्टी ट्रेनर डॉ. राकेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिन्हा, संतोष पाठक, जितेंद्र कुमार, रवि कुमार, प्रियांशु कुमार, सूरज कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो एवं ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट का सराहनीय योगदान रहा।
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    गुमला : उपायुक्त गुमला, श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 17 अप्रैल को होटल जयपुर, लोहरदगा रोड, गुमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।इस प्रशिक्षण शिविर में होटल संचालकों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, मध्याह्न भोजन के रसोइयों एवं पलाश कैफे की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 150 से अधिक खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।कार्यक्रम में एफएसएसएआई के सूचीबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने खाद्य विशेषता, खाद्य संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोगों के कारण एवं रोकथाम, फूड ग्रेड रंगों के सुरक्षित उपयोग, स्वच्छ पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, स्वच्छता मानकों का पालन, कार्यस्थल की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड एवं “गोल्डन रूल्स ऑफ फूड सेफ्टी” के बारे में विस्तार से समझाया गया।इस दौरान विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पानी की जांच प्रत्येक 6 माह (छह महीने) में अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके।कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों को अखबार, प्रिंटेड पेपर या हानिकारक प्लास्टिक में परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।तंबाकू निषेध पर विशेष जागरूकता सत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो के द्वारा कोटपा एक्ट (COTPA Act, 2003) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री निषेध तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सभी को तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया गया।नागरिक क्लब सोसायटी द्वारा प्रतिभागियों के बीच एप्रन, कैप एवं ग्लव्स का वितरण कर स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य संचालन को बढ़ावा दिया गया।खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला, श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी ने “ईट राइट इंडिया”, फोर्टिफाइड फूड एवं “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” जैसे अभियानों की जानकारी देते हुए संतुलित एवं सुरक्षित आहार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर एवं आवश्यक लेबलिंग के बिना पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी, फूड सेफ्टी ट्रेनर डॉ. राकेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिन्हा, संतोष पाठक, जितेंद्र कुमार, रवि कुमार, प्रियांशु कुमार, सूरज कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो एवं ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट का सराहनीय योगदान रहा।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
  • गुमला : उपायुक्त गुमला, श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 17 अप्रैल को होटल जयपुर, लोहरदगा रोड, गुमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में होटल संचालकों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, मध्याह्न भोजन के रसोइयों एवं पलाश कैफे की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 150 से अधिक खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में एफएसएसएआई के सूचीबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने खाद्य विशेषता, खाद्य संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोगों के कारण एवं रोकथाम, फूड ग्रेड रंगों के सुरक्षित उपयोग, स्वच्छ पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, स्वच्छता मानकों का पालन, कार्यस्थल की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड एवं “गोल्डन रूल्स ऑफ फूड सेफ्टी” के बारे में विस्तार से समझाया गया। इस दौरान विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पानी की जांच प्रत्येक 6 माह (छह महीने) में अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके। कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों को अखबार, प्रिंटेड पेपर या हानिकारक प्लास्टिक में परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। तंबाकू निषेध पर विशेष जागरूकता सत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो के द्वारा कोटपा एक्ट (COTPA Act, 2003) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री निषेध तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सभी को तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया गया। नागरिक क्लब सोसायटी द्वारा प्रतिभागियों के बीच एप्रन, कैप एवं ग्लव्स का वितरण कर स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य संचालन को बढ़ावा दिया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला, श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी ने “ईट राइट इंडिया”, फोर्टिफाइड फूड एवं “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” जैसे अभियानों की जानकारी देते हुए संतुलित एवं सुरक्षित आहार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर एवं आवश्यक लेबलिंग के बिना पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी, फूड सेफ्टी ट्रेनर डॉ. राकेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिन्हा, संतोष पाठक, जितेंद्र कुमार, रवि कुमार, प्रियांशु कुमार, सूरज कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो एवं ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट का सराहनीय योगदान रहा।
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    गुमला : उपायुक्त गुमला, श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 17 अप्रैल को होटल जयपुर, लोहरदगा रोड, गुमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण शिविर में होटल संचालकों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, मध्याह्न भोजन के रसोइयों एवं पलाश कैफे की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 150 से अधिक खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में एफएसएसएआई के सूचीबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने खाद्य विशेषता, खाद्य संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोगों के कारण एवं रोकथाम, फूड ग्रेड रंगों के सुरक्षित उपयोग, स्वच्छ पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, स्वच्छता मानकों का पालन, कार्यस्थल की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड एवं “गोल्डन रूल्स ऑफ फूड सेफ्टी” के बारे में विस्तार से समझाया गया।
इस दौरान विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पानी की जांच प्रत्येक 6 माह (छह महीने) में अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके।
कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों को अखबार, प्रिंटेड पेपर या हानिकारक प्लास्टिक में परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
तंबाकू निषेध पर विशेष जागरूकता सत्र
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो के द्वारा कोटपा एक्ट (COTPA Act, 2003) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री निषेध तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सभी को तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया गया।
नागरिक क्लब सोसायटी द्वारा प्रतिभागियों के बीच एप्रन, कैप एवं ग्लव्स का वितरण कर स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य संचालन को बढ़ावा दिया गया।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला, श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी ने “ईट राइट इंडिया”, फोर्टिफाइड फूड एवं “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” जैसे अभियानों की जानकारी देते हुए संतुलित एवं सुरक्षित आहार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर एवं आवश्यक लेबलिंग के बिना पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी, फूड सेफ्टी ट्रेनर डॉ. राकेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिन्हा, संतोष पाठक, जितेंद्र कुमार, रवि कुमार, प्रियांशु कुमार, सूरज कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो एवं ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट का सराहनीय योगदान रहा।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    5 hrs ago
  • सिसई प्रखंड अंतर्गत छारदा रोड स्थित नया बने श्री श्री 108 अंबिकेश्वर शिव मंदिर स्थापना सह नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जोरों पर तैयारी किया जा रहा हैं। रोहित शर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह 7 बजे मंदिर प्रांगण से 1100 कलश का भव्य कलश यात्रा कंश नदी तक निकाला जाएगा। उन्होंने सभी भक्तों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करने के लिए सादर आमंत्रित किया हैं।
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    सिसई प्रखंड अंतर्गत छारदा रोड स्थित नया बने श्री श्री 108 अंबिकेश्वर शिव मंदिर स्थापना सह नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जोरों पर तैयारी किया जा रहा हैं। रोहित शर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह 7 बजे मंदिर प्रांगण से 1100 कलश का भव्य कलश यात्रा कंश नदी तक निकाला जाएगा। उन्होंने सभी भक्तों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करने के लिए सादर आमंत्रित किया हैं।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
  • सिमडेगा:- अवैध खनन और बालू तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिमडेगा पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े दो तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। डीएसपी मुख्यालय रणवीर सिंह ने बताया कि कुरडेग थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि छत्तीसगढ़ की ओर से अवैध बालू लदे ट्रैक्टर के साथ दो तस्कर कुरडेग की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ भलमंडा गांव के पास छापेमारी की। इस दौरान दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया तथा मौके से अवैध बालू लदा ट्रैक्टर भी जब्त कर लिया गया। इस मामले में जिला खनन पदाधिकारी के आवेदन पर कुरडेग थाना में दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। डीएसपी ने कहा कि जिले में अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
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    सिमडेगा:- अवैध खनन और बालू तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिमडेगा पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े दो तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। डीएसपी मुख्यालय रणवीर सिंह ने बताया कि कुरडेग थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि छत्तीसगढ़ की ओर से अवैध बालू लदे ट्रैक्टर के साथ दो तस्कर कुरडेग की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ भलमंडा गांव के पास छापेमारी की। इस दौरान दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया तथा मौके से अवैध बालू लदा ट्रैक्टर भी जब्त कर लिया गया। इस मामले में जिला खनन पदाधिकारी के आवेदन पर कुरडेग थाना में दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। डीएसपी ने कहा कि जिले में अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
    user_Satyam kumar keshri
    Satyam kumar keshri
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    2 hrs ago
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