अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। वैश्विक आपूर्ति में रुकावट के खतरे के बीच ब्रेंट क्रूड 3.3 से 4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 78.5-79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इस वैश्विक संकट का सीधा असर भारत और विशेष रूप से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों पर पड़ने की आशंका है, जहां परिवहन, कृषि और उद्योग पूरी तरह से तेल की कीमतों से प्रभावित होते हैं। सड़क परिवहन पर अत्यधिक निर्भर छत्तीसगढ़ में डीजल महंगा होने से ट्रक और बस ऑपरेटरों का खर्च बढ़ेगा, जिससे माल ढुलाई और किराए में बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा, जिससे ट्रैक्टर, सिंचाई पंप और थ्रेशर चलाने की इनपुट लागत बढ़ जाएगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलने के बावजूद किसानों का मुनाफा घट सकता है। इसके अलावा, सब्जी, दूध और अनाज जैसी दैनिक आवश्यकताओं की ढुलाई महंगी होने से आम जनता को भारी महंगाई का सामना करना पड़ेगा और राज्य सरकार पर सब्सिडी का बोझ भी बढ़ सकता है। राज्य के स्टील, सीमेंट, छोटे-मध्यम उद्योगों और डीजल जनरेटर पर चलने वाली चावल मिलों पर भी बढ़ी हुई परिवहन लागत का बुरा असर पड़ेगा। इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा केंद्र के साथ समन्वय करके पेट्रोलियम उत्पादों पर राहत देने की मांग की जा रही है, साथ ही सोलर पंप, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और आम जनता को अनावश्यक यात्राएं टालकर सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ के अनुसार, यदि यह तनाव लंबा चलता है तो पूरे देश और राज्य में महंगाई का दबाव और अधिक बढ़ सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। वैश्विक आपूर्ति में रुकावट के खतरे के बीच ब्रेंट क्रूड 3.3 से 4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 78.5-79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इस वैश्विक संकट का सीधा असर भारत और विशेष रूप से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों पर पड़ने की आशंका है, जहां परिवहन, कृषि और उद्योग पूरी तरह से तेल की कीमतों से प्रभावित होते हैं। सड़क परिवहन पर अत्यधिक निर्भर छत्तीसगढ़ में डीजल महंगा होने से ट्रक और बस ऑपरेटरों का खर्च बढ़ेगा, जिससे माल ढुलाई और किराए में बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा, जिससे ट्रैक्टर, सिंचाई पंप और थ्रेशर चलाने की इनपुट लागत बढ़ जाएगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलने के बावजूद किसानों का मुनाफा घट सकता है। इसके अलावा, सब्जी, दूध और अनाज जैसी दैनिक आवश्यकताओं की ढुलाई महंगी होने से आम जनता को भारी महंगाई का सामना करना पड़ेगा और राज्य सरकार पर सब्सिडी का बोझ भी बढ़ सकता है। राज्य के स्टील, सीमेंट, छोटे-मध्यम उद्योगों और डीजल जनरेटर पर चलने वाली चावल मिलों पर भी बढ़ी हुई परिवहन लागत का बुरा असर पड़ेगा। इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा केंद्र के साथ समन्वय करके पेट्रोलियम उत्पादों पर राहत देने की मांग की जा रही है, साथ ही सोलर पंप, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और आम जनता को अनावश्यक यात्राएं टालकर सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ के अनुसार, यदि यह तनाव लंबा चलता है तो पूरे देश और राज्य में महंगाई का दबाव और अधिक बढ़ सकता है।
- अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर की दान राशि में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर गरियाबंद के तिरंगा चौक पर सोमवार दोपहर करीब 2 बजे कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और दान राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। प्रदर्शन के दौरान हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी कर रहे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने कहा कि यदि राम मंदिर की दान राशि में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं श्री राम मंदिर निर्माण के लिए ₹1,11,111 का चंदा दिया है और भाजपा को बताना चाहिए कि उस राशि का हिसाब क्या है। उन्होंने देशभर के श्रद्धालुओं के दान का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की। वहीं, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और यदि दान राशि में कोई भी अनियमितता हुई है, तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की पुरजोर मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।2
- धमतरी जिले में नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय (भा.पु.से.) ने विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर निवर्तमान पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार (भा.पु.से.) ने उन्हें विभागीय प्रक्रिया के तहत कार्यभार सौंपा और जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा, संवेदनशील मामलों, विशेष अभियानों तथा सामुदायिक पुलिसिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। पदभार ग्रहण समारोह में उपस्थित समस्त राजपत्रित अधिकारियों, एसडीओपी और अन्य पुलिस कर्मचारियों ने नवपदस्थ एसपी का आत्मीय स्वागत करते हुए पूर्ण निष्ठा और टीम भावना के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाया। पदभार संभालने के बाद पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धमतरी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों पर त्वरित नियंत्रण, पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना और पुलिस-जनता के बीच विश्वास व संवाद को मजबूत करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को अनुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए विभाग की गरिमा बनाए रखने की हिदायत दी। इसके पश्चात, पुलिस अधीक्षक ने एसपी कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने शाखा प्रभारियों से लंबित मामलों, अभिलेखों के रखरखाव और दैनिक कार्यों की जानकारी ली और शिकायतों का संवेदनशीलता व त्वरित कार्रवाई के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार चतुर्वेदी, एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा, डीएसपी सुश्री मोनिका मरावी, डीएसपी सुश्री मीना साहू और रक्षित निरीक्षक श्री दीपक शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।2
- बालाघाट जिले की लांजी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बोलेगांव में इलाज के अभाव और गरीबी के चलते एक महिला तीसरे चरण के कैंसर की गंभीर स्थिति में पहुंच गई। बताया गया है कि पैसों की तंगी के कारण इलाज में लापरवाही बरती गई और स्थानीय झोलाछाप डॉक्टरों से उपचार कराया गया, जिसके कारण महिला की बीमारी इस खतरनाक स्तर तक बढ़ गई। जब इस बात की खबर स्थानीय ग्रामीणों को लगी, तो उन्होंने आपस में चंदा इकट्ठा किया और महिला को इलाज के लिए रायपुर एम्स भेजा। इस प्रयास में स्थानीय सिविल अस्पताल लांजी के बीएमओ डॉ. अक्षय उपराड़े और उनके चिकित्सकीय स्टाफ ने भी तत्परता दिखाई और महिला को तुरंत वहां से रेफर कर दिया।1
- कबीरधाम जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला अध्यक्ष नवीन जायसवाल के नेतृत्व में कवर्धा में जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पूरे मामले की उच्चस्तरीय तथा न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई। धरने को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति कर सत्ता हासिल की, आज उन्हीं के शासनकाल में रामलला का चढ़ावा भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस विषय में सच्चाई सामने लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की। पूर्व विधायक ममता चंद्राकर और पूर्व जिला अध्यक्ष महेश चंद्रवंशी ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की श्रद्धा का केंद्र है और इस विषय पर भाजपा नेताओं की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सीमा अनंत, जिला महामंत्री मनीष शर्मा और शहर अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर ने भी राम मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि चढ़ावे में अनियमितता सीधे तौर पर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर कहा कि यह केवल चोरी या अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था और विश्वास का विषय है। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश सचिव वीरेन्द्र जांगड़े, प्रदेश सचिव जगमोहन साहू, ब्लॉक अध्यक्ष मणिकांत त्रिपाठी, घनश्याम साहू, सौखी साहू, छवि वर्मा, जिला महामंत्री गोपाल चंद्रवंशी, सूरज वर्मा, कृष्ण कन्नू आमदे, जलेश्वर यादव, प्रशांत परिहार, धनेश पाली, आकाश केशवानी और भुनेश्वर पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- बलौदाबाजार की राधा विहार कॉलोनी में सोमवार को बीमारी से पीड़ित एक गौवंश की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासी और कांग्रेस नेता मनोज तिवारी ने तत्काल नगर पालिका प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मृत गौवंश को नियमानुसार वहां से हटाकर उसका अंतिम संस्कार कराया। समय पर हुई इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था बनी रही और संभावित संक्रमण की आशंका भी टल गई। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की है। वहीं कांग्रेस नेता मनोज तिवारी ने बताया कि उन्होंने अपना मानवीय दायित्व निभाते हुए तुरंत इसकी जानकारी नगर पालिका को दी, जिसके बाद प्रशासन ने आवश्यक कदम उठाए।1
- राजनांदगांव जिले के 7 परीक्षा केंद्रों में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर प्रारंभिक परीक्षा-2024 का शांतिपूर्ण आयोजन किया गया। यह परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अभ्यर्थियों के प्रवेश, पहचान सत्यापन, बैठक व्यवस्था, पेयजल, बिजली, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने केंद्राध्यक्षों और ड्यूटी में तैनात अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने गोपनीयता बनाए रखने, प्रतिबंधित सामग्री की निगरानी करने और किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा।1
- धमतरी के वार्डवासी स्मार्ट मीटर लगने के बाद अचानक बढ़े हुए बिजली बिलों से बेहद परेशान हैं। इस समस्या को लेकर कांग्रेस पार्षदों और स्थानीय लोगों ने कलेक्टर जनदर्शन पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। जनता और जनप्रनिधियों का आरोप है कि नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली के बिल कई गुना बढ़कर आ रहे हैं, जिससे आम लोगों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया है। नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने बताया कि जून और जुलाई महीने के बिजली बिलों से जनता काफी त्रस्त है। पहले जहां लोगों का बिल ₹700-800 आता था, वहीं अब वह ₹2000 से ₹2500 तक पहुंच गया है। उपनेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार भोली-भाली जनता को ठगने का काम कर रही है; एक तरफ महतारी वंदन के नाम पर ₹1000 दिए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ बिजली बिल बढ़ाकर ₹3000 से ₹4000 वसूले जा रहे हैं। वहीं, पार्षद सुमन मेश्राम ने आरोप लगाया कि जब से भाजपा सरकार आई है, वह आम जनता की जेब पर डाका डालने का काम कर रही है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने मांग की है कि पुरानी और नई स्मार्ट मीटर की रीडिंग का मिलान कर सत्यापन कराया जाए और गलत बिल वालों को तुरंत राहत दी जाए। बढ़ते बिलों की मार झेल रहे महिमा सागर वार्ड की निवासी रमली बाई ने बताया कि उनके दो कमरे के कच्चे मकान का बिजली बिल पिछले महीने ₹470 आया था, जो इस महीने बढ़कर ₹2100 हो गया है। उन्होंने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए कहा कि वे मजदूरी करने वाले लोग इतना भारी बिल कहां से पटा पाएंगे। इसी तरह, डाक बंगला वार्ड के गैरेज कर्मी सतीश यादव ने बताया कि उनके तीन कमरे के कच्चे मकान का बिल पहले ₹300-400 आता था, लेकिन इस बार सीधे ₹1800 आया है, जिससे घर का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। कलेक्टर के प्रतिनिधि ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि गलत बिल पाए जाने पर उसमें सुधार किया जाएगा। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आम जनता के साथ बिजली कार्यालय के सामने उग्र प्रदर्शन और सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में पार्षद पूर्णिमा गजानंद रजक, उमा भागी ध्रुव, रामेश्वरी कोसरे, योगेश लाल सहित भागवत साहू, राजेश साहू, काशी राम नायक, नरोत्तम देवांगन, पुन्नी बाई, सुशीला दीवान, उषा पाठक, शिव कुमार और कामता प्रसाद जैसे कई वार्डवासी मौजूद रहे।3
- मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में लांजी के शासकीय माध्यमिक शाला कालीमाटी में नया सत्र शुरू होने के बाद भी शौचालय की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। स्कूल में बालक एवं बालिका शौचालयों की हालत ठीक न होने के कारण छात्र-छात्राओं को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनाकर बेटियों के सम्मान की रक्षा का दावा किया जाता है, वहीं दूसरी ओर इस सरकारी स्कूल में बेटे-बेटियों को प्रतिदिन शर्मसार होना पड़ता है। स्कूल में पीने के शुद्ध पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और शौचालय पूरी तरह गंदे पड़े हैं, जबकि दूसरी तरफ बिजली का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है और चौबीसों घंटे पंखे चलते रहते हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी स्कूल में बच्चों को शिक्षा तो मिल रही है, लेकिन वे जरूरी बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं। सरकार स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन स्कूली बच्चों के लिए स्वच्छता आज भी दूर की कौड़ी बनी हुई है। गंदे शौचालयों के इस्तेमाल से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य परिणामों को अच्छी तरह जानने के बावजूद शिक्षा विभाग इस घोर लापरवाही की लगातार अनदेखी कर रहा है।1
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाजार चौक हिर्री माइंस के पास एक कार और स्कूटी के बीच हुए एक्सीडेंट का विवाद शांत कराने गए दो लोगों की गैरेज संचालक और उसके साथियों ने मिलकर पिटाई कर दी। घटना 12 जुलाई 2026 की रात करीब 9:00 बजे की है, जब इंद्रपुरी हिर्री माइंस निवासी और होंडा शोरूम में काम करने वाले संजय सिंह बाजार चौक के पास राशन दुकान के पास खड़े थे। सड़क पर हुए हादसे के बाद दोनों पक्षों को आपस में विवाद करते देख जब संजय सिंह उन्हें समझाने पहुंचे, तो मोटरसाइकिल गैरेज संचालक नरेश साहू ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान गैरेज में मौजूद शौर्य साहू और प्रत्युत साहू ने भी आकर संजय सिंह पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए रामचंद्र यादव को भी तीनों आरोपियों ने मिलकर पीटा और जमीन पर ढकेल दिया। इस मारपीट में संजय सिंह की दाहिनी आंख, दाढ़ी और गले के नीचे चोट व खरोच आने से खून बहने लगा, वहीं रामचंद्र यादव के दोनों घुटनों में भी गंभीर चोटें आईं और खून निकला। घटना को संजय सिंह की पत्नी निशा कौर, उनके भाई अजय सिंह, संदीप ध्रुव और अनुज ध्रुव ने देखा और बीच-बचाव कराया। पीड़ित संजय सिंह ने रविवार की रात 11:00 बजे चकरभाठा थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नरेश साहू, शौर्य साहू और प्रत्युत साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।1